श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र बेणेश्वरधाम के चहुंमुखी विकास के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष व पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जिला कलक्टर देशलदान के साथ बोर्ड के पदाधिकारियों, सदस्यों और अधिकारियों के साथ यह बैठक की। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने धाम पर पूर्व में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की और उपस्थित सदस्यों से नए कार्यों के लिए प्रस्ताव लिए। बैठक में शिवालय ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने सुझाव दिया कि धाम पर केवल मेले से पहले ही साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, जबकि इसके बाद न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था रहती है। उन्होंने एक अस्थायी पुलिस चौकी में पुलिस जवानों की तैनाती का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौशाला के लिए जमीन आवंटन, घाटों और मिट्टी कटाव की रिंगवाल, हाई-लेवल पुल के तीसरे पिलर की ऊंचाई चौक के लेवल तक आने से पार्किंग जाम होने की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। अन्य सुझावों में वाल्मीकि मंदिर के लिए सीढ़ियों के साथ कैमरे, पेयजल के लिए अलग टंकी, वन विभाग द्वारा छायादार पौधरोपण, बिना टेंडर के करोड़ों के कार्य को नए सिरे से करने और वालाई मार्ग पर बाईपास बनाने की बात शामिल थी। वहीं, दौलपुरा प्रशासक के प्रतिनिधि देवीलाल मीणा ने धाम पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग की। प्रदेश सरकार ने अपने वित्तीय बजट में बेणेश्वरधाम के विकास के लिए ₹130 करोड़ का बजट जारी किया है, जिससे धाम पर व्यापक विकास कार्य होंगे। इस बजट के तहत धर्मशाला, वाहन पार्किंग, भोजनशाला (जिसमें 10 रसोई घर होंगे), ₹2 लाख की लागत से 21 फीट ऊंची संत मावजी की प्रतिमा, और संत मावजी महाराज की जीवनशैली से जुड़ी 15 से 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। इसके अलावा, बेणेश्वर प्रवेशद्वार (बांसवाड़ा मार्ग पर), कॉबन स्टोन की सड़क, फ़ूड कोर्ट, शिवजी का व्यू पॉइंट, शॉपिंग एरिया, विश्राम स्थल और सुविधा घर जैसी तमाम सुविधाएं आने वाले श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक के बाद संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलक्टर देशलदान, सीईओ हनुमान सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने महंत अच्युतानंद महाराज के सानिध्य में व्यू पॉइंट का निरीक्षण किया। इस दौरान पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज ने बेणेश्वरधाम के आबर्दरा घाट की महिमा के साथ-साथ सोम, माही और जाखम नदियों तथा भगवान निष्कलंक के अवतार को लेकर जानकारी दी।
श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र बेणेश्वरधाम के चहुंमुखी विकास के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष व पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जिला कलक्टर देशलदान के साथ बोर्ड के पदाधिकारियों, सदस्यों और अधिकारियों के साथ यह बैठक की। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने धाम पर पूर्व में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की और उपस्थित सदस्यों से नए कार्यों के लिए प्रस्ताव लिए। बैठक में शिवालय ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने सुझाव दिया कि धाम पर केवल मेले से पहले ही साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, जबकि इसके बाद न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था रहती है। उन्होंने एक अस्थायी पुलिस चौकी में पुलिस जवानों की तैनाती का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौशाला के लिए जमीन आवंटन, घाटों और मिट्टी कटाव की रिंगवाल, हाई-लेवल पुल के तीसरे पिलर की ऊंचाई चौक के लेवल तक आने से पार्किंग जाम होने की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। अन्य सुझावों में वाल्मीकि मंदिर के लिए सीढ़ियों के साथ कैमरे, पेयजल के लिए अलग टंकी, वन विभाग द्वारा छायादार पौधरोपण, बिना टेंडर के करोड़ों के कार्य को नए सिरे से करने और वालाई मार्ग पर बाईपास बनाने की बात शामिल थी। वहीं, दौलपुरा प्रशासक के प्रतिनिधि देवीलाल मीणा ने धाम पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग की। प्रदेश सरकार ने अपने वित्तीय बजट में बेणेश्वरधाम के विकास के लिए ₹130 करोड़ का बजट जारी किया है, जिससे धाम पर व्यापक विकास कार्य होंगे। इस बजट के तहत धर्मशाला, वाहन पार्किंग, भोजनशाला (जिसमें 10 रसोई घर होंगे), ₹2 लाख की लागत से 21 फीट ऊंची संत मावजी की प्रतिमा, और संत मावजी महाराज की जीवनशैली से जुड़ी 15 से 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। इसके अलावा, बेणेश्वर प्रवेशद्वार (बांसवाड़ा मार्ग पर), कॉबन स्टोन की सड़क, फ़ूड कोर्ट, शिवजी का व्यू पॉइंट, शॉपिंग एरिया, विश्राम स्थल और सुविधा घर जैसी तमाम सुविधाएं आने वाले श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक के बाद संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलक्टर देशलदान, सीईओ हनुमान सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने महंत अच्युतानंद महाराज के सानिध्य में व्यू पॉइंट का निरीक्षण किया। इस दौरान पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज ने बेणेश्वरधाम के आबर्दरा घाट की महिमा के साथ-साथ सोम, माही और जाखम नदियों तथा भगवान निष्कलंक के अवतार को लेकर जानकारी दी।
- श्रद्धालुओं के आस्था के केंद्र बेणेश्वरधाम के चहुंमुखी विकास के लिए शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बोर्ड के अध्यक्ष व पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज की अध्यक्षता में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने जिला कलक्टर देशलदान के साथ बोर्ड के पदाधिकारियों, सदस्यों और अधिकारियों के साथ यह बैठक की। इस दौरान संभागीय आयुक्त ने धाम पर पूर्व में हुए विकास कार्यों की समीक्षा की और उपस्थित सदस्यों से नए कार्यों के लिए प्रस्ताव लिए। बैठक में शिवालय ट्रस्ट के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने सुझाव दिया कि धाम पर केवल मेले से पहले ही साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम किए जाते हैं, जबकि इसके बाद न तो नियमित साफ-सफाई होती है और न ही सुरक्षा की कोई व्यवस्था रहती है। उन्होंने एक अस्थायी पुलिस चौकी में पुलिस जवानों की तैनाती का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने गौशाला के लिए जमीन आवंटन, घाटों और मिट्टी कटाव की रिंगवाल, हाई-लेवल पुल के तीसरे पिलर की ऊंचाई चौक के लेवल तक आने से पार्किंग जाम होने की आशंका को लेकर चिंता व्यक्त की। अन्य सुझावों में वाल्मीकि मंदिर के लिए सीढ़ियों के साथ कैमरे, पेयजल के लिए अलग टंकी, वन विभाग द्वारा छायादार पौधरोपण, बिना टेंडर के करोड़ों के कार्य को नए सिरे से करने और वालाई मार्ग पर बाईपास बनाने की बात शामिल थी। वहीं, दौलपुरा प्रशासक के प्रतिनिधि देवीलाल मीणा ने धाम पर बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग की। प्रदेश सरकार ने अपने वित्तीय बजट में बेणेश्वरधाम के विकास के लिए ₹130 करोड़ का बजट जारी किया है, जिससे धाम पर व्यापक विकास कार्य होंगे। इस बजट के तहत धर्मशाला, वाहन पार्किंग, भोजनशाला (जिसमें 10 रसोई घर होंगे), ₹2 लाख की लागत से 21 फीट ऊंची संत मावजी की प्रतिमा, और संत मावजी महाराज की जीवनशैली से जुड़ी 15 से 20 मिनट की डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाई जाएगी। इसके अलावा, बेणेश्वर प्रवेशद्वार (बांसवाड़ा मार्ग पर), कॉबन स्टोन की सड़क, फ़ूड कोर्ट, शिवजी का व्यू पॉइंट, शॉपिंग एरिया, विश्राम स्थल और सुविधा घर जैसी तमाम सुविधाएं आने वाले श्रद्धालुओं और मेलार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक के बाद संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, जिला कलक्टर देशलदान, सीईओ हनुमान सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने महंत अच्युतानंद महाराज के सानिध्य में व्यू पॉइंट का निरीक्षण किया। इस दौरान पीठाधीश्वर अच्युतानंद महाराज ने बेणेश्वरधाम के आबर्दरा घाट की महिमा के साथ-साथ सोम, माही और जाखम नदियों तथा भगवान निष्कलंक के अवतार को लेकर जानकारी दी।1
- सलूम्बर जिले से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जिसमें गरीबों की आवाज़ को सरकार तक पहुंचाया गया है। इस आवाज़ के माध्यम से यह मांग की गई है कि सरकार गरीब और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक मदद और सहायता सुनिश्चित करे।1
- राजस्थान के डूंगरपुर जिले में गनोड़ा के पास स्थित बेणेश्वर धाम, जिसे वागड़ का सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल और 'वागड़ का महामोक्षधाम' माना जाता है, वहां पवित्र त्रिवेणी (सोम, माही, जाखम) नदी में विभिन्न शुभ कार्य किए जाते हैं। यहाँ पूरे भारत के आदिवासी समुदाय के लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करते हैं, जिसे वे गंगा जी के समान पवित्र मानते हैं। माघ पूर्णिमा के मेले के दौरान त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान कर पापों से मुक्ति पाने का विशेष महत्व है। इसके अतिरिक्त, भक्त रातभर भगवान विष्णु और संत मावजी महाराज के भजन-कीर्तन करते हैं, बड़े धार्मिक अनुष्ठान और शांति यज्ञ आयोजित किए जाते हैं, तथा खंडित शिवलिंग और राधा-कृष्ण के स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। इस स्थान को 'वागड़ का महामोक्षधाम' इसलिए कहा जाता है क्योंकि मुख्य मंदिर परिसर से दूर नदी का एक खाली और सूखा स्थान स्थानीय स्तर पर श्मशान घाट के रूप में मान्य है। हिंदू धर्म में त्रिवेणी संगम को महातीर्थ माना जाता है, और वागड़ क्षेत्र (डूंगरपुर, बांसवाड़ा) के आदिवासी और स्थानीय निवासी दृढ़ता से मानते हैं कि यदि मृत देह का दाह संस्कार सीधे इसी पवित्र त्रिवेणी के किनारे किया जाए, तो आत्मा को तत्काल मोक्ष मिलता है और वह सीधे भगवान विष्णु के चरणों में पहुँचती है। हालांकि, इस महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर आज भी श्रद्धालुओं को घाट पर चेंजिंग रूम और पानी की पाइपलाइन जैसी मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। इन समस्याओं को नज़रअंदाज़ करना महिलाओं की सुरक्षा और उनके स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ है, जिस पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।1
- डूंगरपुर में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के निर्देशन में जिला विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान, टीम ने लगभग ₹2.5 लाख की अनुमानित कीमत की 31 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसे एक ईको गाड़ी से अवैध रूप से गुजरात तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। जिला विशेष टीम को पुलिस थाना बिछीवाड़ा क्षेत्र से गुजरात में अवैध शराब तस्करी की विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही, टीम तुरंत पालीसोडा रोड पर रवाना हुई और नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान, सूचना के अनुसार एक ईको गाड़ी (नंबर जीजे 01 आरएन 2906) आती हुई दिखी। गाड़ी के चालक ने नाकाबंदी देख तुरंत गाड़ी मोड़ी और भागने लगा। इस पर, बैकअप टीम ने टायर ब्रेकर का उपयोग कर गाड़ी के टायर पंचर कर दिए। बावजूद इसके, चालक ने पंचर गाड़ी को लगभग 1 किलोमीटर तक भगाया और मुख्य मार्ग से अंदर ले जाकर एक मकान के पास छोड़कर फरार हो गया। बाद में टीम ने गाड़ी की तलाशी ली, जिसमें विभिन्न ब्रांड की कुल 31 कार्टन अंग्रेजी शराब पाई गई। पुलिस अब इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी कागजात के खेल का पर्दाफाश किया है और अवैध क्वार्ट्ज खनिज से भरे एक डम्पर को जब्त किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के आदेशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक प्रभुलालजी के निर्देशन में अंजाम दी गई। जिला विशेष टीम को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर, आसपुर थानाधिकारी मदनलाल मय जाप्ता ने आसपुर सर्कल के मौझा कतिसौर में धर्मकाटा के पास नाकेबंदी की, जहां जी जे 03 बी जेड 8001 नंबर का एक डम्पर खड़ा मिला, जो पूरी तरह से अवैध क्वार्ट्ज खनिज पत्थर से भरा हुआ था। पुलिस ने डम्पर चालक से खनिज के वैध दस्तावेजों के बारे में पूछताछ की, जिस पर उसने बोडिगामा साबला की एक रवानगी पर्ची दिखाई। आसपुर पुलिस और जिला विशेष टीम ने जब इस पर्ची की गहनता से पड़ताल की, तो यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि यह क्वार्ट्ज खनिज रंगथौर गांव से बिना किसी स्वीकृत लीज के, अवैध रूप से खनन कर चुराया गया था। इस गंभीर धोखाधड़ी और खनिज चोरी के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डम्पर को मौके पर ही जब्त कर लिया। इसके साथ ही डम्पर चालक हितेश मीणा (उम्र 28 वर्ष), निवासी बटिकडा, थाना दोवडा को गिरफ्तार कर लिया गया है और आरोपी के पास से साक्ष्य के तौर पर एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2), 318(4), 338, 61(2) और MMDR एक्ट की धारा 4/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है, और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी गई है।2
- डूंगरपुर जिला विशेष टीम (DST) ने अवैध शराब तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गुजरात तस्करी की जा रही 31 कार्टन अंग्रेजी शराब जब्त की है। डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींव सिंह के सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई में जब्त की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र से एक इको गाड़ी में अवैध अंग्रेजी शराब भरकर गुजरात तस्करी के लिए ले जाई जा रही है। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए DST टीम तुरंत सक्रिय हुई और पालीसोडा रोड पर मजबूत नाकाबंदी की। कुछ ही देर में एक संदिग्ध इको कार आती दिखाई दी, जिसे देखकर तस्कर ने गाड़ी को मोड़कर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद बैकअप टीम ने तुरंत 'टायर ब्रेकर' का इस्तेमाल कर गाड़ी के टायर पंक्चर कर दिए। इसके बावजूद चालक पंक्चर गाड़ी को लगभग एक किलोमीटर तक दौड़ाते हुए मुख्य मार्ग से अंदर एक मकान के पास छोड़कर फरार हो गया। पुलिस टीम ने लावारिस हालत में मिली गाड़ी की सघन तलाशी ली, जिसमें से विभिन्न ब्रांड की कुल 31 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस ने 'ऑपरेशन पृथ्वी' के तहत भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध क्वार्ट्ज पत्थर से भरे एक डम्पर को जब्त कर लिया है और उसके चालक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खींवसिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक वृत्त आसपुर प्रभुलाल के निर्देशन में की गई। पुलिस ने जालसाजी, धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व चोरी की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जिला विशेष टीम को आसपुर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन की मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। इस पर आसपुर थानाधिकारी मदनलाल मय जाब्ता ने आसपुर सर्किल के कतीसौर गाँव के पास धर्मकांटे के समीप खड़े एक संदिग्ध डम्पर की घेराबंदी कर जांच की। जांच में डम्पर बेशकीमती खनिज क्वार्ट्ज पत्थर से ओवरलोड भरा पाया गया। चालक ने बोडिगामा साबला की एक वैध लीज लोकेशन की फर्जी रवानगी पर्ची (ई-रवाना) पेश की। आसपुर थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने तकनीकी व धरातलीय स्तर पर गहन जांच की, जिसमें सामने आया कि क्वार्ट्ज खनिज को ग्राम रंगथौर स्थित बिना स्वीकृत लीज वाले स्थान से अवैध रूप से खनन किया गया था। आरोपियों द्वारा राज्य सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाते हुए खनिज चोरी की जा रही थी और सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी ई-रवाना पर्ची तैयार कर निर्धारित परिवहन रूट का उल्लंघन किया जा रहा था। पुलिस ने इसे गंभीर वित्तीय और पर्यावरणीय अपराध मानते हुए डम्पर और अवैध खनिज को जब्त कर लिया। इस मामले में डम्पर चालक हितेश पुत्र उमियाशंकर परमार मीणा, निवासी बटिकडा थाना दोवड़ा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अनुसंधान और अग्रिम साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोबाइल फोन भी जब्त किया है। इस सफल कार्रवाई को आसपुर थानाधिकारी मदनलाल, सउनि बलभद्र सिंह, कांस्टेबल कल्याण सिंह व अर्जुनलाल तथा जिला विशेष टीम के कांस्टेबल मगन, जितेन्द्र, भव्यराज सिंह, आशीष, आदित्य एवं जितेन्द्र की टीम ने अंजाम दिया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य भू-माफियाओं और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी है, जिससे सरकार को राजस्व का चूना लगाने की यह बड़ी साजिश नाकाम हो सके।1
- डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला विशेष टीम (डीएसटी) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। डीएसटी टीम ने बिछीवाड़ा थाना क्षेत्र में नाकेबंदी कर गुजरात ले जाई जा रही लगभग ₹2.5 लाख रुपये कीमत की अवैध अंग्रेजी शराब के 31 कार्टन और एक ईको गाड़ी जब्त की है। डीएसटी टीम को मुखबिर के जरिए विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बिछीवाड़ा क्षेत्र से एक ईको गाड़ी में अवैध शराब भरकर गुजरात ले जाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने पालीसोडा रोड पर आपातकालीन नाकेबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध ईको गाड़ी आती हुई दिखाई दी, जिसके चालक ने पुलिस की नाकेबंदी को देखकर गाड़ी को मोड़कर भगाने का प्रयास किया। मुस्तैद बैकअप टीम ने तुरंत टायर ब्रेकर का उपयोग कर गाड़ी के टायरों को पंचर कर दिया। टायर पंचर होने के बावजूद चालक गाड़ी को करीब एक किलोमीटर तक मुख्य मार्ग से अंदर की तरफ सुनसान इलाके में भगा ले गया और एक मकान के पास गाड़ी छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस टीम द्वारा लावारिस हालत में मिली ईको गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें से विभिन्न नामी ब्रांड्स के कुल 31 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। टीम ने वाहन और शराब को जब्त कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए बिछीवाड़ा थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। इस कार्यवाही के दौरान टीम में कांस्टेबल मगन लाल, जितेन्द्र, आशीष और जितेन्द्र शामिल रहे। पुलिस अब फरार चालक की तलाश में जुटी है।1