Shuru
Apke Nagar Ki App…
*यही है झारखंड की सरकार। *1.58 लाख करोड़ का यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, *इसे 'लूट का बजट' कहना गलत नहीं होगा, *क्योंकि बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का बेरुखा रवैया इसकी विफलता की कहानी खुद बयां कर रहा था।
भरोसा सच का
*यही है झारखंड की सरकार। *1.58 लाख करोड़ का यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, *इसे 'लूट का बजट' कहना गलत नहीं होगा, *क्योंकि बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का बेरुखा रवैया इसकी विफलता की कहानी खुद बयां कर रहा था।
More news from झारखंड and nearby areas
- 2050 तक प्रगति का सपना देखने वाले इस राज्य में, ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है, जो दिल दहला देने वाली है। व्यवस्थागत विफलताओं और सरकारी उदासीनता ने उनके संघर्षों को और बढ़ा दिया है, जबकि अधिकारी विदेश यात्रा करके आलीशान घर बनवा रहे हैं और उनकी मदद के लिए बनाई गई योजनाएँ अधूरी ही रह गई हैं। बसंत का मौसम आने ही वाला है, लेकिन सर्दी का दर्द अभी भी बना हुआ है। ये बच्चे झारखंड का भविष्य हैं - जब प्राथमिकताएँ गलत जगह पर हैं, तो हम उन्हें कैसे कष्ट सहने दे सकते हैं? आइए आत्मचिंतन करें और कार्रवाई के लिए प्रयास करें। उनकी सर्दी सिर्फ ठंडी ही नहीं थी - यह इस बात की कड़वी याद दिलाती है कि अभी भी बहुत कुछ बदलने की ज़रूरत है।1
- मुर्गा रोस्टैड करते हुए अपने दोस्तो के साथ1
- स्वच्छ भारत अभियान को ठेंगा: हजारीबाग पोस्ट ऑफिस में गंदगी का अंबार, परेशान हो रहे उपभोक्ता। #HazaribaghNews #JharkhandNews #HazaribaghPostOffice #SachTakJharkhandNews #SwachhBharatAbhiyan (व्यंग्य के तौर पर) #PublicProblem #GroundReport #Hazaribagh #Jharkhand #GroundZero #LocalNews #HazaribaghUpdate #SystemFail #DirtyIndia #PostOfficeCondition #GovernmentNegligence #PublicAwareness #SachTakNews #JharkhandVoice #SonuMehtaReporting1
- Post by Jharkhand News Feed1
- रामगढ़ : श्री श्री राम नवमी पूजा महासमिति रामगढ़ के अध्यक्ष बने राजेश ठाकुर1
- ये एक मजबूत ईंट है जिसको आप अपने सपनों के घर में इसको उपयोग करके अपने घर को मजबूत ओर टिकाऊ बना सकते हो 82101137121
- खराब मौसम बना काल: चतरा में एयर एंबुलेंस हादसे में सात की मौत1
- *1.58 लाख करोड़ का यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, *इसे 'लूट का बजट' कहना गलत नहीं होगा, *क्योंकि बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री का बेरुखा रवैया इसकी विफलता की कहानी खुद बयां कर रहा था।1