रावतभाटा के भैंसरोड़गढ़ कस्बे में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक किराना दुकान, आटा चक्की और गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना 6 जून की मध्यरात्रि करीब साढ़े 12 से 1 बजे के बीच हुई, जिससे पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग इतनी विकराल थी कि दुकान में रखे किराना सामान, दालें, चावल, तेल के टिन, स्टेशनरी सामग्री, आटा चक्की और एक मोटरसाइकिल सहित गोदाम में रखा समस्त सामान नष्ट हो गया। लगभग 25 क्विंटल गेहूं भी आग की भेंट चढ़ गया। आग की चपेट में आने से दुकान और मकान की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे दीवारों में दरारें आ गई हैं। घटना के समय इमरान अहमद और उनके परिवार के सदस्य दुकान के पीछे स्थित कमरे में सो रहे थे, जिन्हें आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इमरान अहमद ने यह भी बताया कि अग्निकांड के समय उनके पड़ोसी इशांक मोहम्मद व फारूक मोहम्मद और उनके घर के दरवाजों की कुंदियां बाहर से बंद थीं, जिससे उन्हें यह एक साजिश लग रही है और उन्होंने दुकान जलाने का आरोप लगाया है। पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें लगभग 30 से 35 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नुकसान का सर्वे करवाने, उचित मुआवजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में भैंसरोड़गढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। व्यापारी ने पंचायत समिति परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आग लगने के कारणों का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। व्यापारी परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा है कि उनका पूरा परिवार इसी व्यवसाय पर निर्भर है और आगजनी की इस घटना से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
रावतभाटा के भैंसरोड़गढ़ कस्बे में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक किराना दुकान, आटा चक्की और गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना 6 जून की मध्यरात्रि करीब साढ़े 12 से 1 बजे के बीच हुई, जिससे पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग इतनी विकराल थी कि दुकान में रखे किराना सामान, दालें, चावल, तेल के टिन, स्टेशनरी सामग्री, आटा चक्की और एक मोटरसाइकिल सहित गोदाम में रखा समस्त सामान नष्ट हो गया। लगभग 25 क्विंटल गेहूं भी आग की भेंट चढ़ गया। आग की चपेट में आने से दुकान और मकान की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे दीवारों में दरारें आ गई हैं। घटना के समय इमरान अहमद और उनके परिवार के सदस्य दुकान के पीछे स्थित कमरे में सो रहे थे, जिन्हें आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इमरान अहमद ने यह भी बताया कि अग्निकांड के समय उनके पड़ोसी इशांक मोहम्मद व फारूक मोहम्मद और उनके घर के दरवाजों की कुंदियां बाहर से बंद थीं, जिससे उन्हें यह एक साजिश लग रही है और उन्होंने दुकान जलाने का आरोप लगाया है। पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें लगभग 30 से 35 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नुकसान का सर्वे करवाने, उचित मुआवजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में भैंसरोड़गढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। व्यापारी ने पंचायत समिति परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आग लगने के कारणों का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। व्यापारी परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा है कि उनका पूरा परिवार इसी व्यवसाय पर निर्भर है और आगजनी की इस घटना से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
- रावतभाटा के भैंसरोड़गढ़ कस्बे में शुक्रवार देर रात एक भीषण अग्निकांड में एक किराना दुकान, आटा चक्की और गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना 6 जून की मध्यरात्रि करीब साढ़े 12 से 1 बजे के बीच हुई, जिससे पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग इतनी विकराल थी कि दुकान में रखे किराना सामान, दालें, चावल, तेल के टिन, स्टेशनरी सामग्री, आटा चक्की और एक मोटरसाइकिल सहित गोदाम में रखा समस्त सामान नष्ट हो गया। लगभग 25 क्विंटल गेहूं भी आग की भेंट चढ़ गया। आग की चपेट में आने से दुकान और मकान की बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे दीवारों में दरारें आ गई हैं। घटना के समय इमरान अहमद और उनके परिवार के सदस्य दुकान के पीछे स्थित कमरे में सो रहे थे, जिन्हें आसपास के लोगों और रिश्तेदारों ने सुरक्षित बाहर निकाला। इमरान अहमद ने यह भी बताया कि अग्निकांड के समय उनके पड़ोसी इशांक मोहम्मद व फारूक मोहम्मद और उनके घर के दरवाजों की कुंदियां बाहर से बंद थीं, जिससे उन्हें यह एक साजिश लग रही है और उन्होंने दुकान जलाने का आरोप लगाया है। पीड़ित व्यापारी इमरान अहमद के अनुसार, इस अग्निकांड में उन्हें लगभग 30 से 35 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नुकसान का सर्वे करवाने, उचित मुआवजा दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में भैंसरोड़गढ़ पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है। व्यापारी ने पंचायत समिति परिसर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर आग लगने के कारणों का पता लगाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग की है। व्यापारी परिवार ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा है कि उनका पूरा परिवार इसी व्यवसाय पर निर्भर है और आगजनी की इस घटना से उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।1
- कोटा जिले के रामगंजमंडी में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े एक वारदात को अंजाम दिया। यह घटना रामगंजमंडी के बाजार नंबर 4 स्थित मालगोदाम चौराहे पर हुई, जहाँ बाइक पर सवार तीन बदमाश एक युवती के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हो गए। यह घटना रामगंजमंडी में बदमाशों के बढ़ते हौसलों को दिखाती है।1
- कोटा में स्थित घटोत्कच सर्किल अपनी रात्रि की मनमोहक छटा के लिए प्रसिद्ध है। इसकी छवि रात के समय इतनी अजब और निराली होती है कि जो भी व्यक्ति यहाँ आता है, वह इस स्थान का दीवाना होकर जाता है।1
- कोटा के राजकीय पशु चिकित्सालय, मोखापाड़ा में भर्ती घायल और मृत पशुओं को आवारा कुत्तों द्वारा नोचे जाने के गंभीर मामले में समाजसेवी हिम्मत सिंह ने कैथूनीपोल थाने में अस्पताल के जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। यह कार्रवाई गौसेवकों द्वारा अस्पताल परिसर में कुत्तों को घायल पशुओं का मांस नोचते देखने के बाद की गई। हिम्मत सिंह के अनुसार, यह घटना 8 जून की सुबह सामने आई, जब गौसेवकों ने अस्पताल परिसर में इस भयावह दृश्य को देखा। शिकायत करने पर अस्पताल के कर्मचारियों ने इसे रोज की घटना बताते हुए स्टाफ की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद हिम्मत सिंह खुद अस्पताल पहुंचे, अपनी नाराजगी व्यक्त की और कैथूनीपोल थानाधिकारी अमरेश सिंह को एक परिवाद सौंपकर तत्काल मुकदमा दर्ज करने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस दौरान, हिम्मत सिंह ने अस्पतालों और गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी पुरानी मांग को फिर से दोहराया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे साधु-संतों, गौसेवकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर एक बड़ा जनआंदोलन शुरू करेंगे। मुकदमा दर्ज कराने के समय प्रमुख रूप से अमर धामोंनिया, नरेंद्र गुर्जर, पीयूष खंडेलवाल, संजीव शर्मा, शुभम गुप्ता, गोलू जैन, करन शर्मा, अमित कुमार सहित कई अन्य सामाजिक सदस्य मौजूद रहे।1
- सनातन धर्म में कर्णभेदन संस्कार को सोलह प्रमुख संस्कारों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण विधान माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, ये संस्कार केवल शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन की शुभ दिशा निर्धारित करने के लिए भी किए जाते हैं। बालक और बालिका दोनों के लिए कर्णभेदन को एक आवश्यक संस्कार बताया गया है, जो किसी भी तरह से केवल आभूषण धारण करने तक सीमित नहीं है। इस संस्कार के माध्यम से बालक-बालिका रोगों से सुरक्षित रहते हैं और उनमें शुभ संस्कारों को ग्रहण करने की क्षमता बढ़ती है। शास्त्रों में कन्या के लिए पहले बायां कान और फिर दायां कान छेदने का निर्देश दिया गया है। जिस प्रकार खेत में बीज बोने से पहले भूमि को तैयार किया जाता है, उसी प्रकार जीवन में शुभ संस्कारों के बीज बोने के लिए बाल्यावस्था में ही इन संस्कारों का पालन किया जाता है। कन्या के कानों का कर्णभेदन शुभ विचारों, अच्छे संस्कारों और मंगलमय जीवन की कामना का प्रतीक है। कर्णभेदन संस्कार के लिए शुभ समय निर्धारित किया गया है: जन्म के 6वें, 7वें या 8वें महीने में, अथवा 1वें, 3वें, 5वें या 7वें वर्ष में। इसके लिए अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती जैसे नक्षत्र शुभ माने गए हैं। शुभ तिथियों में द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी एवं त्रयोदशी शामिल हैं, जबकि सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को इस संस्कार के लिए शुभ वार बताया गया है। भाग्येश गौतम, कोटा, राजस्थान से इस बात पर जोर देते हैं कि जब जन्म, नामकरण, अन्नप्राशन और विवाह जैसे संस्कार महत्वपूर्ण हैं, तो कर्णभेदन संस्कार को केवल फैशन मानकर उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जिस घर में बेटी के संस्कारों का सम्मान होता है, वहाँ लक्ष्मी और सौभाग्य दोनों का वास होता है, क्योंकि संस्कारों से ही संस्कृति जीवित रहती है और संस्कृति से ही समाज का निर्माण होता है।1
- कोटा शहर के रेलवे स्टेशन के पटरी पार क्षेत्र में सोमवार सुबह सड़क पर एक मगरमच्छ दौड़ता हुआ दिखाई देने से लोगों में दहशत फैल गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और राहगीरों ने जब मगरमच्छ को सड़क पर घूमते देखा, तो अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग और संबंधित अधिकारियों को दी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में शहर के कई इलाकों में मगरमच्छ आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंचते देखे गए हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर नदी में छोड़ दिया।1
- Post by Mahendar.merotha2