कहानी अंचल की शिक्षा वीरता की, आंचल के सियाचीन ग्लेशियर शहीद *शौर्य चक्र* सम्मानित के के लघु पुत्र सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में दसवीं 93.2% लाकर अंचल को किया गौरवान्वित। हर्षवर्धन सिंह तोमर ने ग्वालियर के प्रगति विद्या पीठ में अध्यनरत रहते हुए उपलब्धि हासिल की,। अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर (शौर्य चक्र) सम्मानित के लघु सुपुत्र हैं हर्षवर्धन सिंह तोमर। कभी अंचल को उपेक्षा की दृष्टि से देखा जाता था आज निकल रहे अव्वल दर्जे के शिक्षा वीर अंबाह हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए है जिसमें चंबल अंचल के पैतृक गाँव रुअर तहसील -अंबाह निवासी अमर शहीद हव. विवेक सिंह तोमर "शौर्य चक्र" सम्मानित के छोटे बेटे हर्षवर्धन सिंह तोमर ने लगभग 94%परसेंट लाकर प्रगति विद्यापीठ ग्वालियर के साथ-साथ अंचल का नाम भी गौरवान्वित किया है इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं और उज्जवल भविष्य की बधाई देते हुए उनके चाचा विकास सिंह तोमर (इंजीनियर) ने कहा कि कभी अंचल को हीनता और शिक्षा में पिछड़ेपन के लिए कम पढ़े लिखे लोगों का क्षेत्र कहा जाता था लेकिन आज पूरे अंचल को वीरों की भूमि और शिक्षा के क्षेत्र में लगन और मेहनत के चलते युवाओं के द्वारा गौरवान्वित किया जा रहा है साथ-साथ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही आमूलचूल उपलब्धियां के लिए सभी युवा साथियों को शुभकामनाएं प्रेषित करना चाहता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। साथ ही साथ दैनिक भास्कर ग्वालियर संस्करण ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छायाचित्र को स्थान प्रदान किया है। परीक्षा में अच्छे परिणाम को लेकर शुरुआत से ही मेहनत करनी चाहिए यह नहीं की परीक्षा के समय ही अधिक मेहनत करें एक निर्धारित समय सीमा तय करके हर रोज हमें पढ़ाई के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए उसी के उपरांत एक अच्छे परिणाम की अपेक्षा की जा सकती है,, हर्षवर्धन सिंह तोमर प्रतिभाशाली छात्र
कहानी अंचल की शिक्षा वीरता की, आंचल के सियाचीन ग्लेशियर शहीद *शौर्य चक्र* सम्मानित के के लघु पुत्र सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में दसवीं 93.2% लाकर अंचल को किया गौरवान्वित। हर्षवर्धन सिंह तोमर ने ग्वालियर के प्रगति विद्या पीठ में अध्यनरत रहते हुए उपलब्धि हासिल की,। अंचल के वीर सपूत अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर (शौर्य चक्र) सम्मानित के लघु सुपुत्र हैं हर्षवर्धन
सिंह तोमर। कभी अंचल को उपेक्षा की दृष्टि से देखा जाता था आज निकल रहे अव्वल दर्जे के शिक्षा वीर अंबाह हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित किए है जिसमें चंबल अंचल के पैतृक गाँव रुअर तहसील -अंबाह निवासी अमर शहीद हव. विवेक सिंह तोमर "शौर्य चक्र" सम्मानित के छोटे बेटे हर्षवर्धन सिंह तोमर
ने लगभग 94%परसेंट लाकर प्रगति विद्यापीठ ग्वालियर के साथ-साथ अंचल का नाम भी गौरवान्वित किया है इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं और उज्जवल भविष्य की बधाई देते हुए उनके चाचा विकास सिंह तोमर (इंजीनियर) ने कहा कि कभी अंचल को हीनता और शिक्षा में पिछड़ेपन के लिए कम पढ़े लिखे लोगों का क्षेत्र कहा जाता था लेकिन आज
पूरे अंचल को वीरों की भूमि और शिक्षा के क्षेत्र में लगन और मेहनत के चलते युवाओं के द्वारा गौरवान्वित किया जा रहा है साथ-साथ में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही आमूलचूल उपलब्धियां के लिए सभी युवा साथियों को शुभकामनाएं प्रेषित करना चाहता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। साथ ही साथ दैनिक भास्कर ग्वालियर संस्करण ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन
के लिए छायाचित्र को स्थान प्रदान किया है। परीक्षा में अच्छे परिणाम को लेकर शुरुआत से ही मेहनत करनी चाहिए यह नहीं की परीक्षा के समय ही अधिक मेहनत करें एक निर्धारित समय सीमा तय करके हर रोज हमें पढ़ाई के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए उसी के उपरांत एक अच्छे परिणाम की अपेक्षा की जा सकती है,, हर्षवर्धन सिंह तोमर प्रतिभाशाली छात्र
- पोरसा में हाई सेकेंडरी टॉपर श्रुति तोमर का हुआ भव्य स्वागत1
- अंबाह। मुरैना से अंबाह पोरसा की ओर जीगनी के पास बनाया जा रहा है बाईपास इस समय मौत का बाईपास बन रहा है यह कहा जाए तो अतिशयोक्ति ना होगी, संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं जिससे रात्रि के समय में यात्रियों को कुछ नहीं दिखा ई देता और चल रहे निर्माण कार्य के सरिया व पत्थर और बाउंड्री से टकरा जाती है जिसके कारण कभी-कभी इसका में खामियाजा यात्रियों को अपनी जान देकर उठाना पड़ता है शुक्रवार दिन रात भी बारात का आगमन कर रही एक शिफ्ट गाड़ी पल के बाउंड्री वॉल से टकराने के कारण उसमें बैठे यात्रीगण घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए वहां से गुजर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हवलदार धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम जो ग्वालियर से आ रही थी तुरंत उपचार हेतु परिजनों की गाड़ी में घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजने में सहयोग किया उसके उपरांत 112 पुलिस गाड़ी से अन्य घायल को भेजा गया।2
- अंबाह। मुरैना से अंबाह पोरसा की ओर जीगनी के पास बनाया जा रहा है बाईपास इस समय मौत का बाईपास बन रहा है यह कहा जाए तो अतिशयोक्ति ना होगी, संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं जिससे रात्रि के समय में यात्रियों को कुछ नहीं दिखा ई देता और चल रहे निर्माण कार्य के सरिया व पत्थर और बाउंड्री से टकरा जाती है जिसके कारण कभी-कभी इसका में खामियाजा यात्रियों को अपनी जान देकर उठाना पड़ता है शुक्रवार दिन रात भी बारात का आगमन कर रही एक शिफ्ट गाड़ी पल के बाउंड्री वॉल से टकराने के कारण उसमें बैठे यात्रीगण घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए वहां से गुजर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हवलदार धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम जो ग्वालियर से आ रही थी तुरंत उपचार हेतु परिजनों की गाड़ी में घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजने में सहयोग किया उसके उपरांत 112 पुलिस गाड़ी से अन्य घायल को भेजा गया।1
- Post by Banti shrivas1
- धौलपुर। 31 मार्च 2026 को शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार द्वारा शिविरा जारी की गई जिसमें जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 20 जून 2026 तक रखे गए तथा संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश भी दो से घटाकर एक कर दिया गया! जिससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है! राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत द्वारा 7 अप्रैल 2026 को संपूर्ण राजस्थान में जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया था! लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है! संघठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ रणजीत मीना ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अवकाश कटौती आदेश वापस नहीं लेता है और पूर्व कि भांति 17 मई से 30 जून तक अवकाश घोषित नहीं करता है तो 30 अप्रैल 2026 के बाद बड़ा आन्दोलन किया जाएगा तथा शिक्षा मंत्री का विरोध किया जायेगा। प्रदेश मुख्य संरक्षक गिरिराज शर्मा , प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रभान चौधरी और प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक संघों के साथ हुई बैठक में संगठन द्वारा अवकाश कटौती का विरोध किया था प्रदेश के शिक्षकों द्वारा SIR जैसे बेहद जटिल कार्य को शिक्षकों ने तय समय में करके सरकार और विभाग की छवि को बनाया था। प्रदेश के शिक्षकों ने तय समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया फिर बोर्ड परीक्षा कराई उसके बाद लोकल परीक्षाएं आयोजित कराने में अपनी भूमिका निभाई फिर तय समय में परिणाम जारी किया यहां तक कि नए शैक्षणिक सत्र को भी 1 अप्रेल से प्रारंभ कराया उसके बावजूद विभाग द्वारा अवकाश कटौती किया जाना पूरी तरह से गलत है। प्रदेश का शिक्षक विभाग की इस कारगुज़ारी से अपने आप को लज्जित महसूस कर रहा है और संगठन को बड़े आंदोलन के लिए निवेदन कर रहा है संगठन ने भी तय किया है कि विभाग इसी प्रकार हट लगाकर अपनी मनमानी करता है और अवकाश कटौती आदेश में संशोधन नहीं करता है तो प्रदेश की राजधानी में एक बड़े आंदोलन की तैयारी है साथ ही जहां जहां शिक्षा मंत्री जाएंगे उनका विरोध किया जाएगा। राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत को लगभग एक दर्जन संगठन इस आंदोलन के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं।1
- Post by Baleno1
- गौवंश तस्करी में आरोपी को 5 साल का कठोर कारावास धौलपुर। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय धौलपुर ने करीब 4 साल पुराने गौ तस्करी के एक मामले में आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामला धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र की बरैठा पुलिस चौकी का है, जहां 27 अगस्त 2021 को गौवंश यानी सांडों से भरा एक कंटेनर पकड़ा था। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय धौलपुर के अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को बरैठा पुलिस चौकी पर गौवंश से भरा हुआ एक कंटेनर पकड़ा था। बरैठा पुलिस चौकी के तत्कालीन एएसआई अजय सिंह को सूचना मिली कि धौलपुर से आगरा की तरफ एक कंटेनर जा रहा है, जिसमें अवैध रूप से गौवंश भरा हुआ है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एएसआई अजय सिंह ने नाकाबंदी की और गौवंश से भरे उस कंटेनर को रुकवाकर चैक किया गया। कंटेनर में 32 सांड यानी बैल ठूंस ठूंसकर भरे हुए थे। कंटेनर में चालक सहित 4 लोग मौजूद थे। गौवंश को लेकर चालक से लाइसेंस मांगा गया, जो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और अन्य तीन लोगों को सवारी होना बताया। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर चालक नवाब मौहम्मद पुत्र शकूर मौहम्मद उर्फ अब्दुल शकूर निवासी देशवालियों का मौहल्ला वार्ड नंबर 21 टोडाराय सिंह जिला टोंक राजस्थान को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ जांच अनुसंधान कर कोर्ट में चालान पेश किया। इसी प्रकरण में 18 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राकेश गोयल ने कंटेनर चालक नवाब मौहम्मद पुत्र शकूर मौहम्मद उर्फ अब्दुल शकूर को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।2
- पोरसा में आध्यात्मिक का वातावरण1