पोरसा में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण: ध्वज फहराकर भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश पोरसा। नगर में आज गहन आध्यात्मिक माहौल के बीच एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति, ज्ञान और साधना की अनूठी अनुभूति प्राप्त की। कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें मुख्य रूप से बीके रेखा बहन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव के पावन ध्वज फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर बीके रेखा बहन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धर्म मार्ग पर चलना चाहिए तथा अपने घर पर भगवान का प्रतीक ध्वज फहराना चाहिए। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित कर न केवल स्वयं का, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में भजन मंडली की ओर से गीता बहन एवं उनकी टीम ने भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। “जय शिव शंभु”, “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर हो गए। इस दौरान विधिवत हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी भक्तजनों ने आहुति देकर अपने व्यर्थ चिंतन, नकारात्मकता और बुराइयों का त्याग करने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूरे श्रद्धा भाव से यज्ञ में भाग लिया। साथ ही, रामचरितमानस का पाठ भी किया गया, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। बीके रेखा बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान शिव का आशीर्वाद सदा सभी पर बना रहे, यही उनकी मंगलकामना है। उन्होंने सभी को नियमित प्रभु चिंतन और ध्यान करने की प्रेरणा दी, जिससे जीवन में शांति, सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस आयोजन में युवा, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे एवं मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम और भी सफल एवं प्रभावशाली बन गया। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी दिया। पोरसा में आध्यात्मिक का वातावरण
पोरसा में आध्यात्मिक उत्साह का वातावरण: ध्वज फहराकर भक्ति के मार्ग पर चलने का संदेश पोरसा। नगर में आज गहन आध्यात्मिक माहौल के बीच एक भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति, ज्ञान और साधना की अनूठी अनुभूति प्राप्त की। कार्यक्रम का आयोजन प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, गांधीनगर के तत्वावधान में किया गया, जिसमें मुख्य रूप से बीके रेखा बहन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव के पावन ध्वज फहराने के साथ हुई। इस अवसर पर बीके रेखा बहन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को धर्म मार्ग पर चलना चाहिए तथा अपने घर पर भगवान का प्रतीक ध्वज फहराना चाहिए। उन्होंने बताया कि आध्यात्मिक ज्ञान अर्जित कर न केवल स्वयं का, बल्कि पूरे परिवार का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में भजन मंडली की ओर से गीता बहन एवं उनकी टीम ने भक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। “जय शिव शंभु”, “हर-हर महादेव” और “ॐ नमः शिवाय” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में भावविभोर हो गए। इस दौरान विधिवत हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें सभी भक्तजनों ने आहुति देकर अपने व्यर्थ चिंतन, नकारात्मकता और बुराइयों का त्याग करने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूरे श्रद्धा भाव से यज्ञ में भाग लिया। साथ ही, रामचरितमानस का पाठ भी किया गया, जिससे आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। बीके रेखा बहन ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान शिव का आशीर्वाद सदा सभी पर बना रहे, यही उनकी मंगलकामना है। उन्होंने सभी को नियमित प्रभु चिंतन और ध्यान करने की प्रेरणा दी, जिससे जीवन में शांति, सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। इस आयोजन में युवा, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे एवं मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम और भी सफल एवं प्रभावशाली बन गया। पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच, एकता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश भी दिया। पोरसा में आध्यात्मिक का वातावरण
- पोरसा में हाई सेकेंडरी टॉपर श्रुति तोमर का हुआ भव्य स्वागत1
- अंबाह। मुरैना से अंबाह पोरसा की ओर जीगनी के पास बनाया जा रहा है बाईपास इस समय मौत का बाईपास बन रहा है यह कहा जाए तो अतिशयोक्ति ना होगी, संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं जिससे रात्रि के समय में यात्रियों को कुछ नहीं दिखा ई देता और चल रहे निर्माण कार्य के सरिया व पत्थर और बाउंड्री से टकरा जाती है जिसके कारण कभी-कभी इसका में खामियाजा यात्रियों को अपनी जान देकर उठाना पड़ता है शुक्रवार दिन रात भी बारात का आगमन कर रही एक शिफ्ट गाड़ी पल के बाउंड्री वॉल से टकराने के कारण उसमें बैठे यात्रीगण घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए वहां से गुजर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हवलदार धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम जो ग्वालियर से आ रही थी तुरंत उपचार हेतु परिजनों की गाड़ी में घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजने में सहयोग किया उसके उपरांत 112 पुलिस गाड़ी से अन्य घायल को भेजा गया।2
- अंबाह। मुरैना से अंबाह पोरसा की ओर जीगनी के पास बनाया जा रहा है बाईपास इस समय मौत का बाईपास बन रहा है यह कहा जाए तो अतिशयोक्ति ना होगी, संबंधित निर्माण एजेंसी के द्वारा सड़क पर संकेतक नहीं लगाए गए हैं जिससे रात्रि के समय में यात्रियों को कुछ नहीं दिखा ई देता और चल रहे निर्माण कार्य के सरिया व पत्थर और बाउंड्री से टकरा जाती है जिसके कारण कभी-कभी इसका में खामियाजा यात्रियों को अपनी जान देकर उठाना पड़ता है शुक्रवार दिन रात भी बारात का आगमन कर रही एक शिफ्ट गाड़ी पल के बाउंड्री वॉल से टकराने के कारण उसमें बैठे यात्रीगण घायल हो गए जिन्हें उपचार के लिए वहां से गुजर अमर शहीद सम्मान सेवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष हवलदार धर्मेंद्र सिंह तोमर की टीम जो ग्वालियर से आ रही थी तुरंत उपचार हेतु परिजनों की गाड़ी में घायलों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजने में सहयोग किया उसके उपरांत 112 पुलिस गाड़ी से अन्य घायल को भेजा गया।1
- Post by Banti shrivas1
- धौलपुर। 31 मार्च 2026 को शिक्षा विभाग राजस्थान सरकार द्वारा शिविरा जारी की गई जिसमें जिसमें ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई से 20 जून 2026 तक रखे गए तथा संस्था प्रधान द्वारा घोषित अवकाश भी दो से घटाकर एक कर दिया गया! जिससे शिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है! राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत द्वारा 7 अप्रैल 2026 को संपूर्ण राजस्थान में जिला कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया था! लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं आया है! संघठन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ रणजीत मीना ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और छात्र छात्राओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए अवकाश कटौती आदेश वापस नहीं लेता है और पूर्व कि भांति 17 मई से 30 जून तक अवकाश घोषित नहीं करता है तो 30 अप्रैल 2026 के बाद बड़ा आन्दोलन किया जाएगा तथा शिक्षा मंत्री का विरोध किया जायेगा। प्रदेश मुख्य संरक्षक गिरिराज शर्मा , प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रभान चौधरी और प्रदेश उपाध्यक्ष गंगाराम गुर्जर ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक संघों के साथ हुई बैठक में संगठन द्वारा अवकाश कटौती का विरोध किया था प्रदेश के शिक्षकों द्वारा SIR जैसे बेहद जटिल कार्य को शिक्षकों ने तय समय में करके सरकार और विभाग की छवि को बनाया था। प्रदेश के शिक्षकों ने तय समय में पाठ्यक्रम पूरा कराया फिर बोर्ड परीक्षा कराई उसके बाद लोकल परीक्षाएं आयोजित कराने में अपनी भूमिका निभाई फिर तय समय में परिणाम जारी किया यहां तक कि नए शैक्षणिक सत्र को भी 1 अप्रेल से प्रारंभ कराया उसके बावजूद विभाग द्वारा अवकाश कटौती किया जाना पूरी तरह से गलत है। प्रदेश का शिक्षक विभाग की इस कारगुज़ारी से अपने आप को लज्जित महसूस कर रहा है और संगठन को बड़े आंदोलन के लिए निवेदन कर रहा है संगठन ने भी तय किया है कि विभाग इसी प्रकार हट लगाकर अपनी मनमानी करता है और अवकाश कटौती आदेश में संशोधन नहीं करता है तो प्रदेश की राजधानी में एक बड़े आंदोलन की तैयारी है साथ ही जहां जहां शिक्षा मंत्री जाएंगे उनका विरोध किया जाएगा। राजस्थान शिक्षक संघ एकीकृत को लगभग एक दर्जन संगठन इस आंदोलन के लिए अपना समर्थन दे रहे हैं।1
- Post by Baleno1
- गौवंश तस्करी में आरोपी को 5 साल का कठोर कारावास धौलपुर। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय धौलपुर ने करीब 4 साल पुराने गौ तस्करी के एक मामले में आरोपी को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मामला धौलपुर जिले के मनियां थाना क्षेत्र की बरैठा पुलिस चौकी का है, जहां 27 अगस्त 2021 को गौवंश यानी सांडों से भरा एक कंटेनर पकड़ा था। अपर जिला एवं सेशन न्यायालय धौलपुर के अपर लोक अभियोजक मुकेश सिकरवार ने बताया कि 27 अगस्त 2021 को बरैठा पुलिस चौकी पर गौवंश से भरा हुआ एक कंटेनर पकड़ा था। बरैठा पुलिस चौकी के तत्कालीन एएसआई अजय सिंह को सूचना मिली कि धौलपुर से आगरा की तरफ एक कंटेनर जा रहा है, जिसमें अवैध रूप से गौवंश भरा हुआ है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन एएसआई अजय सिंह ने नाकाबंदी की और गौवंश से भरे उस कंटेनर को रुकवाकर चैक किया गया। कंटेनर में 32 सांड यानी बैल ठूंस ठूंसकर भरे हुए थे। कंटेनर में चालक सहित 4 लोग मौजूद थे। गौवंश को लेकर चालक से लाइसेंस मांगा गया, जो संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और अन्य तीन लोगों को सवारी होना बताया। इसके बाद पुलिस ने कंटेनर चालक नवाब मौहम्मद पुत्र शकूर मौहम्मद उर्फ अब्दुल शकूर निवासी देशवालियों का मौहल्ला वार्ड नंबर 21 टोडाराय सिंह जिला टोंक राजस्थान को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने चालक के खिलाफ जांच अनुसंधान कर कोर्ट में चालान पेश किया। इसी प्रकरण में 18 अप्रैल 2026 को सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश राकेश गोयल ने कंटेनर चालक नवाब मौहम्मद पुत्र शकूर मौहम्मद उर्फ अब्दुल शकूर को 5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।2
- पोरसा में आध्यात्मिक का वातावरण1