जानिए क्या है पूरा मामला, संज्ञान मे लें कर विधिक कार्यवाही हो प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र से सामने आई हालिया घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगम नगरी, जो इन दिनों कुंभ की तैयारियों और सुरक्षा दावों को लेकर चर्चा में है, वहां के एक थाने के नाक के नीचे सरेआम गुंडई का नंगा नाच देखने को मिला। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जब समाज का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सरेआम मारपीट और पुलिस की सुस्ती खबरों के मुताबिक, घूरपुर में बेखौफ दबंगों ने एक पत्रकार को निशाना बनाया और उनके साथ सरेआम मारपीट की। हमलावर इस कदर निडर थे कि उन्हें न तो कानून का भय था और न ही पुलिस की मौजूदगी का। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय पुलिस और थानेदार की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि जब क्षेत्र में अराजकता फैली थी, तब थानेदार 'कुंभकर्णी नींद' में मस्त थे। व्यवस्था पर उठते सवाल यह घटना केवल एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में पनप रहे अपराध और पुलिस के बीच के गठजोड़ या पुलिस की शिथिलता का प्रमाण है। * पत्रकारों पर हमला: लोकतंत्र के सजग प्रहरी पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की कोशिश है। * पुलिस की निष्क्रियता: घटना के समय और उसके बाद पुलिस का सुस्त रवैया अपराधियों के हौसले बुलंद करता है। * कानून का इकबाल: जब थानेदार ही जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लें, तो अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाता है। निष्कर्ष प्रयागराज पुलिस प्रशासन को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर कड़े एक्शन की जरूरत है ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास बहाल हो सके। अगर रक्षक ही 'नींद' का बहाना बनाकर भक्षक बने घूम रहे गुंडों को खुली छूट देंगे, तो घूरपुर जैसे इलाके अपराध का गढ़ बन जाएंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला, संज्ञान मे लें कर विधिक कार्यवाही हो प्रयागराज के घूरपुर थाना क्षेत्र से सामने आई हालिया घटना ने कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगम नगरी, जो इन दिनों कुंभ की तैयारियों और सुरक्षा दावों को लेकर चर्चा में है, वहां के एक थाने के नाक के नीचे सरेआम गुंडई का नंगा नाच देखने को मिला। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जब समाज का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकार ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? सरेआम मारपीट और पुलिस की सुस्ती खबरों के मुताबिक, घूरपुर में बेखौफ दबंगों ने एक पत्रकार को निशाना बनाया और उनके साथ सरेआम मारपीट की। हमलावर इस कदर निडर थे कि उन्हें न तो कानून का भय था और न ही पुलिस की मौजूदगी का। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय पुलिस और थानेदार की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि जब क्षेत्र में अराजकता फैली थी, तब थानेदार 'कुंभकर्णी नींद' में मस्त थे। व्यवस्था पर उठते सवाल यह घटना केवल एक मारपीट का मामला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में पनप रहे अपराध और पुलिस के बीच के गठजोड़ या पुलिस की शिथिलता का प्रमाण है। * पत्रकारों पर हमला: लोकतंत्र के सजग प्रहरी पर हमला सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की कोशिश है। * पुलिस की निष्क्रियता: घटना के समय और उसके बाद पुलिस का सुस्त रवैया अपराधियों के हौसले बुलंद करता है। * कानून का इकबाल: जब थानेदार ही जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लें, तो अपराधियों में कानून का डर खत्म हो जाता है। निष्कर्ष प्रयागराज पुलिस प्रशासन को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर कड़े एक्शन की जरूरत है ताकि जनता का पुलिस पर विश्वास बहाल हो सके। अगर रक्षक ही 'नींद' का बहाना बनाकर भक्षक बने घूम रहे गुंडों को खुली छूट देंगे, तो घूरपुर जैसे इलाके अपराध का गढ़ बन जाएंगे।
- Breaking News सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दबदबा गाना चलवाया!! अखिलेश यादव ने कहा कि कल को दिल्ली वाले आएं और कहें कि समाजवादियों ने गाना बनवा दिया इसलिए हमने पहले से फील्डिंग सेट कर रखी हैं!!1
- प्रयागराज: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेंगी,जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा हैं।1
- Post by शुरू शुरू पब्लिक न्यूज़1
- चंद्रा सेवा ट्रस्ट असहाय लोगों को केवल 2 रुपये में भोजन उपलब्ध कराने का लिया संकल्प।1
- कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।1
- Post by T B NEWS1
- Post by रंजना हडिया प्रयागराज मोबाइल नंबर,84169043591
- फूलपुर ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा सिलोखरा बलवंत कुमार पुत्र जोखू लाल गौड का आरोप है कि मैं ग्राम सभा की जानकारी के लिए जन सूचना विभाग से जानकारी लेना चाहता था कि प्रधान निधि के अकाउंट स्टेटमेंट में कितना धनरास आया कितना ग्राम सभा में विकास हुआ सिर्फ मेरी यही एक गलती है लेकिन ग्राम प्रधान व उनके गुरुगो द्वारा हमें वह हमारे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और यही नहीं हमारे खिलाफ फर्जी तरीके से कई धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत कर दिए हैं ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया चमचा श्याम बहादुर जायसवाल ग्राम सभा सिलोखरा यह दोनों लोग मिलकर के हमें वह हमारे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और फर्जी तरीके से कई धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर दिए ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया ने हमारा जाति प्रमाण पत्र तहसील फूलपुर से बनवा दिया जिसमें हमारा पिछड़ी जात का होना चाहिए लेकिन अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनवा दिया माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन से निवेदन के साथ अवगत कराना चाहता हूं कि इस मामले को गंभीरता पूर्वक जांच कराई जाए और ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए क्योंकि हमारे पास 5-6 कैमरा मकान है लेकिन हमने ग्राम प्रधान के यहां आवास लेने नहीं गए लेकिन ग्राम प्रधान ने हमारा फर्जी तरीके से जाति प्रमाण पत्र बनवाया और हमें यह कहा कि आप आवास लेने हमारे पास आए थे लेकिन हमने उनके पास नहीं गए नाजायज हमें परेशान किया जा रहा है हमारे ग्राम सभा में ना तो पंचायत भवन में खुली मीटिंग होती है ना कोई योजना की जानकारी ग्रामीणों को दी जाती है ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया और इनका एक चमचा श्याम बहादुर जयसवाल यही दो लोग मिलकर के पूरे ग्राम सभा का कहां से नहस कर रहे हैं ग्राम सभा में जो विकास कार्य है धन आता है उसको अपने खास लोगों का कार्य करते हैं ग्राम सभा में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है मनरेगा का पैसा जो लोग दिल्ली या मुंबई रहते हैं उनके खाते में हर माह पैसा भेजने का कार्य करते हैं जो लोग मनरेगा का कार्य करते हैं उनका कोई पैसा नहीं मिलता है व।बैंक का चक्कर लगाते हैं ग्रामसभा में सफाई कर्मी भी नदारत रहते हैं ग्राम प्रधान की मनमानी से ग्राम वासियों को जीना हुआ दुश्वार महोदय जी से प्रार्थना है कि इस मामले को उच्च अधिकारियों द्वारा ग्राम सभा की जांच कराई जाए और दोषी ग्राम प्रधान को जेल के सलाखों में भेजा जाए जिससे पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिल सके पीड़ित व्यक्ति को इतना परेशान कर दिए हैं कि वह अपने घर पर नहीं रह रहा है पीड़ित व्यक्ति के तीन बच्चे छोटे-छोटे हैं और हार्ड का ऑपरेशन भी कराया है पीड़ित व्यक्ति के ऊपर जो भी धारा में मुकदमा पंजीकृत किया है वह मुकदमा ग्राम प्रधान अपना वापस ले ले और पीड़ित व्यक्ति को न्याय चाहिए नहीं तो हम लोग परिवार सहित अपना जान दे देंगे जिम्मेदार ग्राम प्रधान पन्नालाल कनौजिया होंगे1