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कौशांबी में ज़मीन विवाद पर सियासी घमासान, पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप, दोनों पक्ष आमने-सामने कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।

12 hrs ago
user_Aman kesharwani
Aman kesharwani
JOURNALIST चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

कौशांबी में ज़मीन विवाद पर सियासी घमासान, पूर्व विधायक पर गंभीर आरोप, दोनों पक्ष आमने-सामने कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।

More news from Kaushambi and nearby areas
  • कौशांबी...सुने अजय कुमार की जुबानी, अजय कुमार ने किया सनसनीखेज खुलासा।पूर्व विधायक संजय गुप्ता के ऊपर लगाया गया आरोप सरासर गलत, इनका कोई लेना देना नहीं, मकान से। गौरतलब हो कि एक मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है,जहां एक मकान पर जबरन कब्जा करने और फर्जी कागजात बनाने का आरोप है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीते 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी।इसमें चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था। ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS
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    कौशांबी...सुने अजय कुमार की जुबानी, अजय कुमार ने किया सनसनीखेज खुलासा।पूर्व विधायक संजय गुप्ता के ऊपर लगाया गया आरोप सरासर गलत, इनका कोई लेना देना नहीं, मकान से।
गौरतलब हो कि एक मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है,जहां एक मकान पर जबरन कब्जा करने और फर्जी कागजात बनाने का आरोप है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीते 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी।इसमें चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर Manjhanpur, Kaushambi•
    1 hr ago
  • लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान यह वह सरकार है जो विरोध स्वीकार ही नहीं सकती और अपना राग गाते रहते हैं- अखिलेश इतनी झूठी सरकार हमने आपने नहीं देखी होगी- अखिलेश विकसित भारत राम जी योजना में इनका बजट कम हो गया-अखिलेश भाजपा की सरकार में जितनी भी पानी की टंकियां बन रही हैं, वह भ्रष्टाचार का भार सह नहीं पा रही हैं, जिसकी वजह से टूट रही हैं-अखिलेश केवल मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों का फॉर्म 7 से नोटिस देकर वोट कटवा रहे हैं- अखिलेश Gen Z बड़े जागरूक नौजवान लोग हैं, उन्होंने CM का मतलब ‘corrupt mouth’ निकाला है-अखिलेश जो मुख्यमंत्री बिष्ट जी हैं, उनके अन रजिस्टर्ड संघी साथियों ने वंदे मातरम् कभी नहीं गाया- अखिलेश न आज़ादी के पहले गाया, न आज़ादी के बाद-अखिलेश JPNIC जिसने बनाया वो बीजेपी में चला गया- अखिलेश पहले बीजेपी से मैं कहूंगा, जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालो- अखिलेश यह सरकार विरोध सहन नहीं करती- अखिलेश झूठ और भ्रष्टाचार की सरकार चल रही हैं - अखिलेश गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है-अखिलेश नई योजनाओं का बजट कम किया जा रहा है- अखिलेश हमारी आवाज़ दबाई जा रही है, लोकतंत्र खतरे में है- अखिलेश यादव
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    लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का बड़ा बयान 
यह वह सरकार है जो विरोध स्वीकार ही नहीं सकती और अपना राग गाते रहते हैं- अखिलेश 
इतनी झूठी सरकार हमने आपने नहीं देखी होगी- अखिलेश 
विकसित भारत राम जी योजना में इनका बजट कम हो गया-अखिलेश 
भाजपा की सरकार में जितनी भी पानी की टंकियां बन रही हैं, वह भ्रष्टाचार का भार सह नहीं पा रही हैं, जिसकी वजह से टूट रही हैं-अखिलेश 
केवल मुसलमानों, पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और गरीबों का फॉर्म 7 से नोटिस देकर वोट कटवा रहे हैं- अखिलेश 
Gen Z बड़े जागरूक नौजवान लोग हैं, उन्होंने CM का मतलब ‘corrupt mouth’ निकाला है-अखिलेश 
जो मुख्यमंत्री बिष्ट जी हैं, उनके अन रजिस्टर्ड संघी साथियों ने वंदे मातरम् कभी नहीं गाया- अखिलेश
न आज़ादी के पहले गाया, न आज़ादी के बाद-अखिलेश 
JPNIC जिसने बनाया वो बीजेपी में चला गया- अखिलेश 
पहले बीजेपी से मैं कहूंगा, जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालो- अखिलेश 
यह सरकार विरोध सहन नहीं करती- अखिलेश
झूठ और भ्रष्टाचार की सरकार चल रही हैं - अखिलेश 
गरीबों और पिछड़ों पर अन्याय हो रहा है-अखिलेश 
नई योजनाओं का बजट कम किया जा रहा है- अखिलेश
हमारी आवाज़ दबाई जा रही है, लोकतंत्र खतरे में है- अखिलेश यादव
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    पत्रकार Prayagraj, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • Post by Journalist Satish Chandra
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    Post by Journalist Satish Chandra
    user_Journalist Satish Chandra
    Journalist Satish Chandra
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • तोहे #खोजी कहा मैया #पतवार बिना डुबे #मझधार बिचे #नेइया #देवी गीत #वायरल गीत #वायरल_विडिओ #viralvideo #trendingreels #dharmendra_halchal #pryagraj #गायक_धर्मेंद्र_हलचल #Devigeet
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    तोहे #खोजी कहा मैया #पतवार बिना डुबे #मझधार बिचे #नेइया #देवी गीत 
#वायरल गीत #वायरल_विडिओ #viralvideo #trendingreels #dharmendra_halchal #pryagraj 
#गायक_धर्मेंद्र_हलचल #Devigeet
    user_विकलांग धर्मेद्र हलचल
    विकलांग धर्मेद्र हलचल
    सच को साबित करना जिंदगी है मेरी Allahabad, Prayagraj•
    4 hrs ago
  • कौशाम्बी न्यूज
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    कौशाम्बी न्यूज
    user_Journalist Shubham Pandey
    Journalist Shubham Pandey
    Local News Reporter मंझनपुर, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेंगी,जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा हैं।
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    प्रयागराज: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाएं शुरू हो गईं हैं। कक्षा 10 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 11 मार्च तक चलेंगी,जबकि कक्षा 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित होंगी। केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा हैं।
    user_अजय सरोज~पत्रकार
    अजय सरोज~पत्रकार
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।
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    कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद में ज़मीन विवाद को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित शिव शंकर केसरवानी ने भाजपा के पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें “पेशेवर भू-माफिया” करार दिया है। पीड़ित का आरोप है कि पूर्व विधायक के राजनीतिक प्रभाव के चलते प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है और शिकायतों के बावजूद किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पीड़ित ने मामले में सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थानीय स्तर पर यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वहीं, आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व विधायक संजय कुमार गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायत करने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है और पहले भी कई बार इस प्रकार की शिकायतें कर चुका है। पूर्व विधायक के अनुसार, जिस मकान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, वह उनकी दादी द्वारा कराए गए वरासत के बाद उनके चाचा के नाम दर्ज है, जहां उनके चाचा निवास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है और न ही यह मामला उनके विधायक कार्यकाल से जुड़ा है। उनके मुताबिक, पूर्व में हुई जांच में सभी आरोप निराधार पाए जा चुके हैं।
फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस विवाद पर क्या कदम उठाता है।
    user_Aman kesharwani
    Aman kesharwani
    JOURNALIST चैल, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मेरी बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी परेशान हैं यह एक राजनीतिक साजिश है... पूर्व विधायक संजय गुप्ता मकान से कब्जा छुड़वाने के लिए पीड़ित मुख्यमंत्री से मिला,पूर्व विधायक समेत सात पर मुकदमा प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व विधायक ने विपक्षियों पर साधा निशाना, कहा जल्द होगा सच्चाई का खुलासा ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी....कौशांबी में मुख्यमंत्री के आदेश पर पूर्व भाजपा विधायक समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे परेशान होकर पीड़िता राजदुलारी और उनके बेटे शंकर केसरवानी ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से तीसरी बार मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इस पर पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसे विपक्षियों की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि मेरी लोकप्रियता से विपक्षी बौखलाया हुआ है। गौरतलब हो कि यह मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है,जहां एक मकान पर जबरन कब्जा करने और फर्जी कागजात बनाने का आरोप है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीते 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था।पीड़िता राजदुलारी, जो स्वर्गीय उमाशंकर की पत्नी हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनके पति की मृत्यु के बाद पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी और उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग किया। उन्होंने नगर पालिका पर दबाव डालकर उनके मकान पर विपक्षियों का नाम दर्ज करवा दिया और जबरन कब्जा कर लिया।इस मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़िता पहले 8 दिसंबर को और फिर 16 फरवरी को भी मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में गई थीं। सोमवार को बेटे शिवशंकर के साथ यह उनकी तीसरी मुलाकात थी, जिसमें उन्होंने फिर से न्याय की मांग की। इन आरोपों पर मंगलवार को चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने पत्रकार वार्ता कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव है और उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। संजय गुप्ता ने दावा किया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी परेशान हैं और इस 'ओछी राजनीति' के पीछे शामिल लोगों का पता लगा लिया गया है, जिसका खुलासा जल्द ही किया जाएगा।
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    मेरी बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी परेशान हैं यह एक राजनीतिक साजिश है... पूर्व विधायक संजय गुप्ता 
मकान से कब्जा छुड़वाने के लिए पीड़ित मुख्यमंत्री से मिला,पूर्व विधायक समेत सात पर मुकदमा
प्रेस कांफ्रेंस कर पूर्व विधायक ने विपक्षियों पर साधा निशाना, कहा जल्द होगा सच्चाई का खुलासा 
ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS 
कौशाम्बी....कौशांबी में मुख्यमंत्री के आदेश पर पूर्व भाजपा विधायक समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे परेशान होकर पीड़िता राजदुलारी और उनके बेटे शंकर केसरवानी ने सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री से तीसरी बार मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। इस पर पूर्व विधायक संजय गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसे विपक्षियों की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि मेरी लोकप्रियता से विपक्षी बौखलाया हुआ है।
गौरतलब हो कि यह मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है,जहां एक मकान पर जबरन कब्जा करने और फर्जी कागजात बनाने का आरोप है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर बीते 17 नवंबर को एफआईआर दर्ज
की गई थी। इसमें चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के तीन पूर्व चेयरमैन सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया था।पीड़िता राजदुलारी, जो स्वर्गीय उमाशंकर की पत्नी हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी कि उनके पति की मृत्यु के बाद पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी और उनकी पत्नी सुनीता केसरवानी ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव का दुरुपयोग किया। उन्होंने नगर पालिका पर दबाव डालकर उनके मकान पर विपक्षियों का नाम दर्ज करवा दिया और जबरन कब्जा कर लिया।इस मामले में कार्रवाई न होने पर पीड़िता पहले 8 दिसंबर को और फिर 16 फरवरी को भी मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में गई थीं। सोमवार को बेटे शिवशंकर के साथ यह उनकी तीसरी मुलाकात थी, जिसमें उन्होंने फिर से न्याय की मांग की।
इन आरोपों पर मंगलवार को चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता ने पत्रकार वार्ता कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि 2027 में विधानसभा चुनाव है और उन्हें राजनीति का शिकार बनाया जा रहा है। संजय गुप्ता ने दावा किया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से विपक्षी परेशान हैं और इस 'ओछी राजनीति' के पीछे शामिल लोगों का पता लगा लिया गया है, जिसका खुलासा जल्द ही किया जाएगा।
    user_जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    जर्नलिस्ट सुनील साहू PRIME 18 NEWS वैधयत ख़बर
    रिपोर्टर Manjhanpur, Kaushambi•
    1 hr ago
  • यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कल से शुरू होंगी.. हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं के लिए इस बार खास तैयारी की गईं हैं.. परीक्षा दो पाली में आयोजित होगी. पहली पाली सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर 11:45 बजे खत्म होगी जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी. परीक्षा के लिए कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें 596 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 3984 स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय हैं. हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 53,37,778 है.. इसमें संस्थागत परीक्षार्थी 52,42,235 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 95,543 हैं. हाईस्कूल के 27,61,696 परीक्षार्थी हैं जिसमें संस्थागत परीक्षार्थी 27,50,862 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 10,834 हैं. इंटरमीडिएट के 25,76,082 परीक्षार्थी हैं जिसमें संस्थागत परीक्षार्थी 24,91,373 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 84,709 हैं. खास बात ये है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षा में इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से कम है.. सूबे के 18 जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं. आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा संवेदनशील घोषित किए गए हैं.. 222 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 683 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं. सभी 8033 परीक्षा केंद्र पर वॉइस रिकॉर्डर युक्त दो सीसीटीवी कैमरे, राउटर, डीवीआर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन दिया गया है. हर परीक्षा केंद्र के लिए एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट रहेगा.. 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 427 जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं.. नकल रोकने के लिए 69 मंडलीय तथा 440 जनपदीय सचल दलों का गठन किया गया है.. 75 जनपद स्तरीय और 18 वरिष्ठ अधिकारियों को मंडल स्तरीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया है.. लखनऊ में शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय और प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय में एक-एक कंट्रोल रूम बनाया गया है.. सभी 75 जनपदों में भी जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है. इस बार परीक्षा में सभी विषय के प्रश्नपत्रों के अलावा रिजर्व सेट्स की भी व्यवस्था की गई है. उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली की आशंका रोकने के लिए इस बार चार रंग की उत्तर पुस्तिकाएं रहेंगी. उत्तर पुस्तिकाओं में माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो भी अंकित रहेगा..
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    यूपी बोर्ड की परीक्षाएं कल से शुरू होंगी.. 
हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाओं के लिए इस बार खास तैयारी की गईं हैं..
परीक्षा दो पाली में आयोजित होगी. पहली पाली सुबह 8:30 बजे से शुरू होकर 11:45 बजे खत्म होगी जबकि दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी.
परीक्षा के लिए कुल 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमें 596 राजकीय माध्यमिक विद्यालय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय और 3984 स्ववित्त पोषित माध्यमिक विद्यालय हैं.
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 53,37,778 है.. इसमें संस्थागत परीक्षार्थी 52,42,235 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 95,543 हैं.
हाईस्कूल के 27,61,696 परीक्षार्थी हैं जिसमें संस्थागत परीक्षार्थी 27,50,862 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 10,834 हैं.
इंटरमीडिएट के 25,76,082 परीक्षार्थी हैं जिसमें संस्थागत परीक्षार्थी 24,91,373 और व्यक्तिगत परीक्षार्थी 84,709 हैं.
खास बात ये है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षा में इस बार छात्राओं की संख्या छात्रों से कम है..
सूबे के 18 जिले संवेदनशील घोषित किए गए हैं. आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशांबी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा संवेदनशील घोषित किए गए हैं..
222 परीक्षा केंद्र अति संवेदनशील और 683 परीक्षा केंद्र संवेदनशील हैं.
सभी 8033 परीक्षा केंद्र पर वॉइस रिकॉर्डर युक्त दो सीसीटीवी कैमरे, राउटर, डीवीआर और हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन दिया गया है. 
हर परीक्षा केंद्र के लिए एक केंद्र व्यवस्थापक, एक वाह्य केंद्र व्यवस्थापक और एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट रहेगा.. 1210 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 427 जोनल मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं..
नकल रोकने के लिए 69 मंडलीय तथा 440 जनपदीय सचल दलों का गठन किया गया है.. 75 जनपद स्तरीय और 18 वरिष्ठ अधिकारियों को मंडल स्तरीय पर्यवेक्षक के रूप में नामित किया गया है..
लखनऊ में शिक्षा निदेशक के शिविर कार्यालय और प्रयागराज में माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय में एक-एक कंट्रोल रूम बनाया गया है.. सभी 75 जनपदों में भी जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है. 
इस बार परीक्षा में सभी विषय के प्रश्नपत्रों के अलावा रिजर्व सेट्स की भी व्यवस्था की गई है. उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली की आशंका रोकने के लिए इस बार चार रंग की उत्तर पुस्तिकाएं रहेंगी. उत्तर पुस्तिकाओं में माध्यमिक शिक्षा परिषद का लोगो भी अंकित रहेगा..
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    पत्रकार Prayagraj, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
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