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*नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है। *नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है।

2 hrs ago
user_रोहित कुमार पाठक
रोहित कुमार पाठक
Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

*नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार

संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है। *नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए

पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है।

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    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • खबर अमरपाटन/रामनगर नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।* *नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।* *गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?* रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है। बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा। गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। *क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।* गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇
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    खबर अमरपाटन/रामनगर
नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।*

*नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।*
*गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?*
रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।
बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा।
गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें।
*क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।*
गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇
    user_वशीम शाह
    वशीम शाह
    Court reporter अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है। *नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर* रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है।
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    *नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर*
रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है।
*नादो में चरागाह भूमि पर कथित कब्जे, प्रशासन पहुंचा मौके पर*
रामनगर के ग्राम नादो में चरागाह भूमि पर कथित अवैध कब्जे पर मैहर कलेक्टर के संज्ञान के बाद रामनगर प्रशासनिक अमला मौके पर जांच के लिए पहुंचा। अधिकारियों के पहुंचते ही 50 से ज्यादा ग्रामीण भी मौके पर एकजुट हो गए। निरीक्षण के दौरान सरपंच पति गणेश द्विवेदी भी पहुंचे, जहां ग्रामीणों से नोकझोंक की स्थिति बनी। नायब तहसीलदार संजीव पांडेय एवं ललित धार्वे ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए,ग्रामीणों का आरोप है कि निजी स्वार्थ के लिए अवैध कब्जा शासकीय भूमि पर करवाया जा रहा है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रदीप सर की ट्रिगोनोमेट्री की क्लास brainmaster academy unchehra प्रदीप सर ने ट्रिगोनोमेट्री identity को आसान ट्रिक से याद करना सिखाया
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    प्रदीप सर की ट्रिगोनोमेट्री की क्लास
brainmaster academy unchehra
प्रदीप सर ने ट्रिगोनोमेट्री identity को आसान ट्रिक से याद करना सिखाया
    user_Pradeep sir
    Pradeep sir
    Teacher उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • UPI भुगतानों पर नए नियम से मचेगी हलचल: ₹2,000 से अधिक के ट्रांजेक्शन पर लगेगा 0.4% चार्ज ​भोपाल / विशेष रिपोर्ट (मध्य भारत न्यूज़): ​डिजिटल इंडिया और डिजिटल लेन-देन के दौर में आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हालिया दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ट्रांजेक्शन पर 0.4% का इंटरचेंज शुल्क (MDR) लागू किया जा रहा है। ​इस नए फैसले से जहाँ डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के रखरखाव और वित्तीय संस्थानों को राहत मिलने की बात कही जा रही है, वहीं व्यापारी वर्ग और आम लोगों में इसके प्रभाव को लेकर चर्चा गर्म है। ​क्या होंगे मुख्य बदलाव? ​पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पूरी तरह मुफ्त: एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खाते में किए जाने वाले आम ट्रांसफर (P2P) पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। आम नागरिक बिना किसी शुल्क के अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को पैसे भेज सकेंगे। ​व्यापारिक भुगतानों पर असर: ₹2,000 से ऊपर के व्यापारी भुगतानों (P2M) पर 0.4% शुल्क का प्रावधान किया गया है, जिसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव दुकानदारों और मर्चेंट्स पर पड़ सकता है। ​क्या बढ़ेगा आम जनता का बोझ? ​विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि यह शुल्क मर्चेंट लेन-देन पर केंद्रित है, फिर भी बड़े ट्रांजेक्शन करने वाले छोटे व्यापारियों के मुनाफे पर इसका असर देखने को मिल सकता है। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर यह चार्ज दुकानदारों से वसूलते हैं, तो अंततः इसका भार उपभोक्ताओं की जेब पर आ सकता है। ​आपकी राय महत्वपूर्ण है: क्या यह फैसला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सही कदम है, या इससे आम आदमी और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।
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    UPI भुगतानों पर नए नियम से मचेगी हलचल: ₹2,000 से अधिक के ट्रांजेक्शन पर लगेगा 0.4% चार्ज
​भोपाल / विशेष रिपोर्ट (मध्य भारत न्यूज़):
​डिजिटल इंडिया और डिजिटल लेन-देन के दौर में आम उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। हालिया दिशानिर्देशों के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के कुछ UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ट्रांजेक्शन पर 0.4% का इंटरचेंज शुल्क (MDR) लागू किया जा रहा है।
​इस नए फैसले से जहाँ डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम के रखरखाव और वित्तीय संस्थानों को राहत मिलने की बात कही जा रही है, वहीं व्यापारी वर्ग और आम लोगों में इसके प्रभाव को लेकर चर्चा गर्म है।
​क्या होंगे मुख्य बदलाव?
​पर्सन-टू-पर्सन (P2P) पूरी तरह मुफ्त: एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के खाते में किए जाने वाले आम ट्रांसफर (P2P) पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। आम नागरिक बिना किसी शुल्क के अपने रिश्तेदारों या दोस्तों को पैसे भेज सकेंगे।
​व्यापारिक भुगतानों पर असर: ₹2,000 से ऊपर के व्यापारी भुगतानों (P2M) पर 0.4% शुल्क का प्रावधान किया गया है, जिसका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव दुकानदारों और मर्चेंट्स पर पड़ सकता है।
​क्या बढ़ेगा आम जनता का बोझ?
​विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि यह शुल्क मर्चेंट लेन-देन पर केंद्रित है, फिर भी बड़े ट्रांजेक्शन करने वाले छोटे व्यापारियों के मुनाफे पर इसका असर देखने को मिल सकता है। कई व्यापारियों का कहना है कि यदि बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर यह चार्ज दुकानदारों से वसूलते हैं, तो अंततः इसका भार उपभोक्ताओं की जेब पर आ सकता है।
​आपकी राय महत्वपूर्ण है:
क्या यह फैसला डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सही कदम है, या इससे आम आदमी और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।
    user_MADHYA BHARAT NEWS
    MADHYA BHARAT NEWS
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *फुहारा बना सवालों का केंद्र नवरात्रि से पहले प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज* एक बार छोड़कर आज तक नहीं चला, जिम्मेदार बताएं क्यों? मैहर। मां शारदा की नगरी में नवरात्रि मेला आरंभ होने की तैयारियों के बीच शहर की सुंदरता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित फुहारा अब व्यवस्था की उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहा है। सिविल लाइन देवी जी रोड स्थित इस फुहारे को नगर पालिका द्वारा नगरवासियों एवं मां शारदा के भक्तजनों के लिए सौंदर्यपूर्ण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बनाया गया था । नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का आरोप है कि निर्माण के बाद यह महज शोपीस बनकर रह गया है। द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर फुहारे की स्थिति का निरीक्षण किया और सवाल उठाया कि जब यह सार्वजनिक धन से निर्मित किया गया है तो इसका नियमित संचालन क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार निर्माण के बाद केवल एक बार इसे चलाया गया और उसके पश्चात आज तक यह बंद पड़ा है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थान ऐसा है जहां से नगर के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं और आसपास अधिकारियों के आवास भी हैं। इसके बावजूद यदि इतनी प्रमुख जगह पर निर्मित फुहारा लंबे समय से बंद पड़ा है तो यह नगर व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि सबकी नजर के सामने है तो फिर दिखाई क्यों नहीं दे रहा? प्रभात द्विवेदी ने कहा कि पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी के हैं बावजूद यदि नगर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की ऐसी स्थिति है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने फुहारे के निर्माण उसकी लागत तकनीकी व्यवस्था संचालन तथा वर्तमान में बंद होने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। द्विवेदी ने कहा कि यदि निर्माण के बाद कोई सार्वजनिक सुविधा उपयोग में ही न आए तो उसके निर्माण की उपयोगिता और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी संदर्भ में द्विवेदी ने कहा कि नवरात्रि मेला प्रारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में शहर की सुंदरता स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। यदि फुहारा तकनीकी खराबी विद्युत व्यवस्था जलापूर्ति अथवा किसी अन्य कारण से बंद है तो नगर पालिका को तत्काल कारण स्पष्ट करते हुए उसे दुरुस्त कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से निर्मित सुविधाएं केवल उद्घाटन और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका नियमित संचालन और रखरखाव ही उस निर्माण की वास्तविक सार्थकता है। प्रभात द्विवेदी ने मांग की कि नवरात्रि से पहले फुहारे को तत्काल चालू कराया जाए तथा इसके निर्माण एवं लंबे समय से बंद रहने के पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के ऐसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और नगरवासियों के धन तथा सुविधाओं से जुड़े प्रश्नों पर जिम्मेदारों से जवाब मांगती रहेगी। *फुहारा बना सवालों का केंद्र नवरात्रि से पहले प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज* एक बार छोड़कर आज तक नहीं चला, जिम्मेदार बताएं क्यों? मैहर। मां शारदा की नगरी में नवरात्रि मेला आरंभ होने की तैयारियों के बीच शहर की सुंदरता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित फुहारा अब व्यवस्था की उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहा है। सिविल लाइन देवी जी रोड स्थित इस फुहारे को नगर पालिका द्वारा नगरवासियों एवं मां शारदा के भक्तजनों के लिए सौंदर्यपूर्ण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बनाया गया था । नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का आरोप है कि निर्माण के बाद यह महज शोपीस बनकर रह गया है। द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर फुहारे की स्थिति का निरीक्षण किया और सवाल उठाया कि जब यह सार्वजनिक धन से निर्मित किया गया है तो इसका नियमित संचालन क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार निर्माण के बाद केवल एक बार इसे चलाया गया और उसके पश्चात आज तक यह बंद पड़ा है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थान ऐसा है जहां से नगर के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं और आसपास अधिकारियों के आवास भी हैं। इसके बावजूद यदि इतनी प्रमुख जगह पर निर्मित फुहारा लंबे समय से बंद पड़ा है तो यह नगर व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि सबकी नजर के सामने है तो फिर दिखाई क्यों नहीं दे रहा? प्रभात द्विवेदी ने कहा कि पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी के हैं बावजूद यदि नगर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की ऐसी स्थिति है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने फुहारे के निर्माण उसकी लागत तकनीकी व्यवस्था संचालन तथा वर्तमान में बंद होने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। द्विवेदी ने कहा कि यदि निर्माण के बाद कोई सार्वजनिक सुविधा उपयोग में ही न आए तो उसके निर्माण की उपयोगिता और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी संदर्भ में द्विवेदी ने कहा कि नवरात्रि मेला प्रारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में शहर की सुंदरता स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। यदि फुहारा तकनीकी खराबी विद्युत व्यवस्था जलापूर्ति अथवा किसी अन्य कारण से बंद है तो नगर पालिका को तत्काल कारण स्पष्ट करते हुए उसे दुरुस्त कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से निर्मित सुविधाएं केवल उद्घाटन और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका नियमित संचालन और रखरखाव ही उस निर्माण की वास्तविक सार्थकता है। प्रभात द्विवेदी ने मांग की कि नवरात्रि से पहले फुहारे को तत्काल चालू कराया जाए तथा इसके निर्माण एवं लंबे समय से बंद रहने के पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के ऐसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और नगरवासियों के धन तथा सुविधाओं से जुड़े प्रश्नों पर जिम्मेदारों से जवाब मांगती रहेगी।
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    *फुहारा बना सवालों का केंद्र नवरात्रि से पहले प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज* 

एक बार छोड़कर आज तक नहीं चला, जिम्मेदार बताएं क्यों?

मैहर। मां शारदा की नगरी में नवरात्रि मेला आरंभ होने की तैयारियों के बीच शहर की सुंदरता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित फुहारा अब व्यवस्था की उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहा है। सिविल लाइन देवी जी रोड स्थित इस फुहारे को नगर पालिका द्वारा नगरवासियों एवं मां शारदा के भक्तजनों के लिए सौंदर्यपूर्ण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बनाया गया था । नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का आरोप है कि निर्माण के बाद यह महज शोपीस बनकर रह गया है।
द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर फुहारे की स्थिति का निरीक्षण किया और सवाल उठाया कि जब यह सार्वजनिक धन से निर्मित किया गया है तो इसका नियमित संचालन क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार निर्माण के बाद केवल एक बार इसे चलाया गया और उसके पश्चात आज तक यह बंद पड़ा है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थान ऐसा है जहां से नगर के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं और आसपास अधिकारियों के आवास भी हैं। इसके बावजूद यदि इतनी प्रमुख जगह पर निर्मित फुहारा लंबे समय से बंद पड़ा है तो यह नगर व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि सबकी नजर के सामने है तो फिर दिखाई क्यों नहीं दे रहा?
प्रभात द्विवेदी ने कहा कि पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी के हैं बावजूद यदि नगर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की ऐसी स्थिति है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने फुहारे के निर्माण उसकी लागत तकनीकी व्यवस्था संचालन तथा वर्तमान में बंद होने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। द्विवेदी ने कहा कि यदि निर्माण के बाद कोई सार्वजनिक सुविधा उपयोग में ही न आए तो उसके निर्माण की उपयोगिता और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी संदर्भ में द्विवेदी ने कहा कि नवरात्रि मेला प्रारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में शहर की सुंदरता स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। यदि फुहारा तकनीकी खराबी विद्युत व्यवस्था जलापूर्ति अथवा किसी अन्य कारण से बंद है तो नगर पालिका को तत्काल कारण स्पष्ट करते हुए उसे दुरुस्त कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से निर्मित सुविधाएं केवल उद्घाटन और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका नियमित संचालन और रखरखाव ही उस निर्माण की वास्तविक सार्थकता है।
प्रभात द्विवेदी ने मांग की कि नवरात्रि से पहले फुहारे को तत्काल चालू कराया जाए तथा इसके निर्माण एवं लंबे समय से बंद रहने के पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के ऐसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और नगरवासियों के धन तथा सुविधाओं से जुड़े प्रश्नों पर जिम्मेदारों से जवाब मांगती रहेगी।
*फुहारा बना सवालों का केंद्र नवरात्रि से पहले प्रभात द्विवेदी ने उठाई आवाज* 
एक बार छोड़कर आज तक नहीं चला, जिम्मेदार बताएं क्यों?
मैहर। मां शारदा की नगरी में नवरात्रि मेला आरंभ होने की तैयारियों के बीच शहर की सुंदरता और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निर्मित फुहारा अब व्यवस्था की उदासीनता पर सवाल खड़े कर रहा है। सिविल लाइन देवी जी रोड स्थित इस फुहारे को नगर पालिका द्वारा नगरवासियों एवं मां शारदा के भक्तजनों के लिए सौंदर्यपूर्ण वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बनाया गया था । नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी का आरोप है कि निर्माण के बाद यह महज शोपीस बनकर रह गया है।
द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर फुहारे की स्थिति का निरीक्षण किया और सवाल उठाया कि जब यह सार्वजनिक धन से निर्मित किया गया है तो इसका नियमित संचालन क्यों नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार निर्माण के बाद केवल एक बार इसे चलाया गया और उसके पश्चात आज तक यह बंद पड़ा है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह स्थान ऐसा है जहां से नगर के अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं और आसपास अधिकारियों के आवास भी हैं। इसके बावजूद यदि इतनी प्रमुख जगह पर निर्मित फुहारा लंबे समय से बंद पड़ा है तो यह नगर व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यदि सबकी नजर के सामने है तो फिर दिखाई क्यों नहीं दे रहा?
प्रभात द्विवेदी ने कहा कि पार्षद से लेकर प्रधानमंत्री तक भारतीय जनता पार्टी के हैं बावजूद यदि नगर की प्रमुख सड़कों और सार्वजनिक स्थलों की ऐसी स्थिति है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने फुहारे के निर्माण उसकी लागत तकनीकी व्यवस्था संचालन तथा वर्तमान में बंद होने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। द्विवेदी ने कहा कि यदि निर्माण के बाद कोई सार्वजनिक सुविधा उपयोग में ही न आए तो उसके निर्माण की उपयोगिता और खर्च की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
इसी संदर्भ में द्विवेदी ने कहा कि नवरात्रि मेला प्रारंभ होने जा रहा है। ऐसे समय में शहर की सुंदरता स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। यदि फुहारा तकनीकी खराबी विद्युत व्यवस्था जलापूर्ति अथवा किसी अन्य कारण से बंद है तो नगर पालिका को तत्काल कारण स्पष्ट करते हुए उसे दुरुस्त कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से निर्मित सुविधाएं केवल उद्घाटन और फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उनका नियमित संचालन और रखरखाव ही उस निर्माण की वास्तविक सार्थकता है।
प्रभात द्विवेदी ने मांग की कि नवरात्रि से पहले फुहारे को तत्काल चालू कराया जाए तथा इसके निर्माण एवं लंबे समय से बंद रहने के पूरे मामले की पारदर्शी जांच कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनहित के ऐसे मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और नगरवासियों के धन तथा सुविधाओं से जुड़े प्रश्नों पर जिम्मेदारों से जवाब मांगती रहेगी।
    user_प्रकाश कुमार सोनी
    प्रकाश कुमार सोनी
    Court reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • *नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।* *गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?* रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है। बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा। गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। *क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।* गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇 *नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।* *गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?* रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है। बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा। गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें। *क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।* गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇
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    *नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।*

*गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?*

रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।
           बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा।
          गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें।
            *क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।*
        गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇
*नव दिन से हाथी का कहर, वन विभाग की रणनीति कार्यशैली पर सवाल।*
*गोरसरी में ब्रम्हमूर्त पर हाथी ने गिराया घर, ग्रामीणों में दहशत आखिर कब थमेगा तांडव?*
रामनगर मैहर-- मैहर जिले के रामनगर अमरपाटन क्षेत्र में जंगली हाथी की दस्तक को नव दिन बीत चुके हैं। लेकिन हाथी का जंगल क्षेत्र के गांवों और आबादी वाले इलाकों में पहुंचना लगातार अभी भी जारी है। बुधवार ब्रम्हमूर्त समय गोरसरी में हाथी ने पिंटू कोल का घर को गिरा दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल व्याप्त हो चुका है।
बीतते दिन के साथ नव दिनों से हाथी जंगल और गांवों के बीच घूम रहा है। लेकिन सवाल यह है कि वन विभाग की निगरानी और रोकथाम की रणनीति आखिर कारगर क्यों साबित नहीं हो रही है। लगातार हाथी की लोकेशन सामने आने के बावजूद वह आबादी तक पहुंचकर घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन विभाग का अमला सिर्फ हाथ मल रहा।
गोरसरी में सुबह घर गिराए जाने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता को चिता समान बढ़ा दी है। ग्रामीणों बुद्ध जीवियों बिजली आपूर्ति से शहरी क्षेत्र वाशियो का कहना है कि यदि समय रहते इंतजाम नहीं किए गए तो अगली घटना केवल मकान या फसल के नुकसान तक सीमित रहेगी इसकी कोई गारंटी नहीं है। हाथी का मूवमेंट लगातार जारी है आखिर वन विभाग कब बनाएगा रणनीति जिससे इंसान और हाथी दोनों सुरक्षित रहें।
*क्या E-5 जंगली हाथी द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के पश्चात वन विभाग द्वारा रणनीति, कूटनीति, राजनीति, समाजनीति, अर्थनीति, से काम होगा।*
गणेश चतुर्थी के सात दिन पूर्व गजानन महाराज बाणसागर जलासय से जलक्रीड़ा कर 05 किलोमीटर तैरते हुए रामनगर की धरा पर आए। नव दिन का सफर अभी तक तय कर चुके हैं। क्या ग्यारह दिन बीतने के पश्चात ही गजानन महाराज की क्रिया प्रतिक्रिया में बदलाव होगा।👇
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • "बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब फूटा, पुल में लगा गेट क्षतिग्रस्त,, सतना। उचेहरा जनपद पंचायत उचेहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब सुबह फूट गया। तालाब के पुल में पानी की निकासी के लिए लगा गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकलने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के बाद तालाब में जलभराव बढ़ने से पुल में लगे गेट पर पानी का दबाव बढ़ गया। गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी के तेज बहाव से आसपास के क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासनिक अमले को दी है। काफी पुराना तालाब होने के कारण हनुमान सागर ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत माना जाता है। ग्रामीणों ने मौके का तत्काल निरीक्षण कर गेट और तालाब की स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यक सुरक्षा एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है।
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    "बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब फूटा, पुल में लगा गेट क्षतिग्रस्त,,
सतना। उचेहरा जनपद पंचायत उचेहरा अंतर्गत ग्राम पंचायत बांधी मौहार का पुराना हनुमान सागर तालाब  सुबह फूट गया। तालाब के पुल में पानी की निकासी के लिए लगा गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी तेज बहाव के साथ बाहर निकलने लगा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के बाद तालाब में जलभराव बढ़ने से पुल में लगे गेट पर पानी का दबाव बढ़ गया। गेट क्षतिग्रस्त होने के बाद पानी के तेज बहाव से आसपास के क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना  प्रशासनिक अमले को दी है।
काफी पुराना तालाब होने के कारण हनुमान सागर ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत माना जाता है। ग्रामीणों ने मौके का तत्काल निरीक्षण कर गेट और तालाब की स्थिति का जायजा लेने तथा आवश्यक सुरक्षा एवं सुधार कार्य कराने की मांग की है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
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