मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से नारायणपुर को 11.31 करोड़ की सड़क सौगात, गढ़बेंगाल से मानसरोवर बखरूपारा तक होगा सुदृढ़ीकरण नारायणपुर में विकास को नई रफ्तार मिलती नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130D के तहत शहर के महत्वपूर्ण मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 11.31 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति दी है, जिसे क्षेत्र के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। नारायणपुर जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130D, यानी कोंडागांव–नारायणपुर–कुतुल मार्ग के अंतर्गत गढ़बेंगाल चौक से मानसरोवर बखरूपारा तक लगभग 2 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 11.31 करोड़ रुपये की प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत किलोमीटर 45.200 से 47.200 तक सड़क के एकमुश्त सुधार कार्य के लिए दी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस परियोजना में सड़क को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के पीछे नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की सक्रिय पहल को प्रमुख माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 07 जनवरी 2026 को उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग की जर्जर स्थिति से अवगत कराया था और शीघ्र सुदृढ़ीकरण की मांग की थी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि इस परियोजना को अब स्वीकृति मिल गई है। देश में आधारभूत ढांचे के विकास को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई गति मिली है, वहीं छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी समन्वित प्रयास का असर अब नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस संबंध में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयासों से नारायणपुर सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के सुदृढ़ीकरण से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि कोंडागांव–नारायणपुर–कुतुल मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। निर्धारित योजना के अनुसार इस परियोजना का प्रारंभिक कार्य वर्ष 2025-26 में शुरू किया जाएगा, जबकि 2026-27 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र में व्यापार, आवागमन, पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। नारायणपुर में स्वीकृत यह सड़क परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। बेहतर सड़क सुविधा से न केवल लोगों का आवागमन आसान होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और विकास को भी मजबूती मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।
मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से नारायणपुर को 11.31 करोड़ की सड़क सौगात, गढ़बेंगाल से मानसरोवर बखरूपारा तक होगा सुदृढ़ीकरण नारायणपुर में विकास को नई रफ्तार मिलती नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130D के तहत शहर के महत्वपूर्ण मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 11.31 करोड़ रुपये की बड़ी स्वीकृति दी है, जिसे क्षेत्र के लिए एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है। नारायणपुर जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग-130D, यानी कोंडागांव–नारायणपुर–कुतुल मार्ग के अंतर्गत गढ़बेंगाल चौक से मानसरोवर बखरूपारा तक लगभग 2 किलोमीटर सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए 11.31 करोड़ रुपये की प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। यह स्वीकृति वार्षिक योजना 2025-26 के अंतर्गत किलोमीटर 45.200 से 47.200 तक सड़क के एकमुश्त सुधार कार्य के लिए दी गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस परियोजना में सड़क को आधुनिक तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाया जाएगा, जिससे शहर के भीतर यातायात व्यवस्था अधिक सुगम और व्यवस्थित हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के पीछे नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप की सक्रिय पहल को प्रमुख माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 07 जनवरी 2026 को उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इस मार्ग की जर्जर स्थिति से अवगत कराया था और शीघ्र सुदृढ़ीकरण की मांग की थी। उनके प्रयासों का ही परिणाम है कि इस परियोजना को अब स्वीकृति मिल गई है। देश में आधारभूत ढांचे के विकास को नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई गति मिली है, वहीं छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विशेषकर दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इसी समन्वित प्रयास का असर अब नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। इस संबंध में मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि डबल इंजन सरकार के संयुक्त प्रयासों से नारायणपुर सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों को अभूतपूर्व गति मिली है। उन्होंने बताया कि इस सड़क के सुदृढ़ीकरण से न केवल शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि कोंडागांव–नारायणपुर–कुतुल मार्ग से आवागमन करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। निर्धारित योजना के अनुसार इस परियोजना का प्रारंभिक कार्य वर्ष 2025-26 में शुरू किया जाएगा, जबकि 2026-27 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क के बेहतर होने से क्षेत्र में व्यापार, आवागमन, पर्यटन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। नारायणपुर में स्वीकृत यह सड़क परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित हो सकती है। बेहतर सड़क सुविधा से न केवल लोगों का आवागमन आसान होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और विकास को भी मजबूती मिलेगी। क्षेत्रवासियों ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के प्रति आभार जताया है।
- Post by Ashish parihar Parihar1
- जगदलपुर शहर की सड़कों पर रात के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए जगदलपुर यातायात पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक श्री शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में, शहर के विभिन्न मार्गों पर स्थित बिजली और अन्य खंभों पर रेडियम पट्टी (रिफ्लेक्टिव स्टिकर) लगाने का कार्य किया गया। दुर्घटनाओं को रोकने की कवायद अक्सर देखा गया है कि रात के समय या धुंध में सड़क किनारे या चौक-चौराहों पर लगे खंभे वाहन चालकों को स्पष्ट दिखाई नहीं देते। इस कारण तेज रफ्तार वाहनों के खंभों से टकराने की आशंका बनी रहती है, जो कई बार जानलेवा साबित होती है। इसी जोखिम को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने शहर के मुख्य चौक, तिराहा और मार्गों के 'स्टार्टिंग पॉइंट्स' को चिह्नित कर वहां लगे खंभों पर चमकदार रेडियम पट्टियां चिपकाई हैं। कैसे काम करेगी यह तकनीक? बेहतर विजिबिलिटी: वाहनों की लाइट पड़ते ही ये रेडियम पट्टियां दूर से चमकने लगती हैं। सावधानी का संकेत: खंभों की स्थिति स्पष्ट होने से चालक समय रहते वाहन को नियंत्रित कर सकते हैं। ब्लैक स्पॉट पर फोकस: टीम ने उन जगहों को प्राथमिकता दी है जहाँ पूर्व में मोड़ या अंधेरा होने के कारण हादसे हो चुके है इस पहल का उद्देश्य सड़क मार्ग से आवागमन करने वाले हर नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना और "जीरो एक्सीडेंट" के लक्ष्य को प्राप्त करना है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन के इस संवेदनशील कदम की सराहना की है।1
- छत्तीसगढ़ के बालोद शहर में गाली-गलौच, मारपीट और चाकू से जानलेवा हमला कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को बालोद पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, 28 मार्च 2026 की रात करीब 9:30 बजे गंजपारा शराब भट्ठी मेन रोड पर आरोपियों ने जयप्रकाश साहू से शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे न देने पर आरोपियों ने गाली-गलौच करते हुए चाकू और लकड़ी के डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में जयप्रकाश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बीच-बचाव करने आए गजेंद्र साहू को भी चोटें आईं। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल बालोद में भर्ती कराया गया, जहां से जयप्रकाश साहू की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भिलाई के शंकराचार्य अस्पताल रेफर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर आरोपियों की घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। • घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (CG 07 AH 4376) • लूटा गया पोको कंपनी का मोबाइल • लोहे का धारदार चाकू आरोपियों के नाम 1. पीयूष उपाध्याय (19 वर्ष) 2. पुष्पेंद्र यादव उर्फ सोनू गट्टा (21 वर्ष) 3. सागर देवांगन (20 वर्ष) पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले में पुलिस टीम की तत्परता से बड़ी वारदात का जल्द खुलासा संभव हो सका।1
- नक्सल विरोधी अभियान के तहत जिला पुलिस, डीआरजी एवं आईटीबीपी फोर्स ने संयुक्त कार्रवाई में माओवादियों द्वारा छुपाए गए हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया है। सर्चिंग के दौरान जंगल क्षेत्र से एक AK-47 रायफल (26 राउंड) एवं एक INSAS रायफल (20 राउंड) मैगजीन सहित कुल 46 जिंदा कारतूस जब्त किए गए। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मुखबिर सूचना के आधार पर की गई। बरामद हथियारों के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस के अनुसार लगातार चल रहे अभियानों से जिले में नक्सली गतिविधियां लगभग समाप्त हो चुकी हैं और 31 मार्च से पहले जिले को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।1
- आईपीएल के ताज़ा मुकाबले में Rohit Sharma ने शानदार बल्लेबाज़ी करते हुए Kolkata Knight Riders के खिलाफ 78 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस दौरान उन्होंने सिर्फ 23 गेंदों में अपनी फिफ्टी पूरी की, जो आईपीएल करियर की उनकी सबसे तेज़ अर्धशतक साबित हुई। इस धमाकेदार पारी के साथ रोहित ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वे अब आईपीएल में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं। उन्होंने KKR के खिलाफ कुल 1161 रन पूरे किए, जिससे उन्होंने Virat Kohli का रिकॉर्ड (पंजाब के खिलाफ 1159 रन) पीछे छोड़ दिया। यही नहीं, रोहित ने David Warner का भी बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया। KKR के खिलाफ सबसे ज्यादा रन (1093) बनाने का रिकॉर्ड अब उनके नाम हो गया है। 💥 एक और बड़ी उपलब्धि: इस मैच में रोहित शर्मा ने अपने T20 करियर में 550 छक्के पूरे कर लिए, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी का बड़ा प्रमाण है। 📊 निष्कर्ष: रोहित शर्मा की यह पारी न सिर्फ टीम के लिए अहम रही, बल्कि आईपीएल इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ गई। उनकी फॉर्म आने वाले मैचों में विरोधी टीमों के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है। 📢 स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ “मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ” #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- CG में रिश्वतखोर सब इंस्पेक्टर का वीडियो, reporter by ~Pradeep Singh Rajput..... Dainik News...... आज पुलिस के सब इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को, ACB की टीम ने 25000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा सब इंस्पेक्टर मुनाफ ने मानने से भी किया इनकार... लाख बहाने बनाए लेकिन एंटी करप्शन की टीम के आगे एक नहीं चली। जेब से 25 हज़ार रुपए कैश बरामद किए और केमिकल लगे नोटों को छूते ही पानी से हाथ धुलाने पर रंग बदल गया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है । ए एस आई ध्रुव प्रसाद यादव को भी रिश्वत लेते हुए गिरफ़्तार किया है ।1
- नारायणपुर में कृषि को नई दिशा देने और आदिवासी किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती और आधुनिक तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। नारायणपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत अखिल भारतीय समन्वित सोयाबीन अनुसंधान परियोजना के तहत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. दिबेंदु दास ने की। इस अवसर पर [thoughtful] डॉ. दिबेंदु दास ने नारायणपुर अंचल से पहुंचे आदिवासी किसानों को सोयाबीन फसल के महत्व, इसके पोषण और आर्थिक लाभों के साथ-साथ उन्नत किस्मों के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित [clears throat] डॉ. हरेंद्र कुमार टोंडे ने किसानों को सोयाबीन की उन्नत खेती की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने उत्तम बीज चयन, बीज उपचार की विधि, बुवाई का सही समय और तकनीक, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण, फसल कटाई का उचित समय और बीज भंडारण के वैज्ञानिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही फसल चक्र अपनाने से अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपाय भी बताए। इसी क्रम में [thoughtful] डॉ. आलिया अफरोज ने सोयाबीन फसल में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन के उपायों पर किसानों को प्रशिक्षित किया। वहीं श्री इंद्र कुमार ने फसल में होने वाले विभिन्न रोगों की पहचान और उनके नियंत्रण के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. ललित वर्मा, डॉ. अंकिता सिंह सहित कृषि विज्ञान केंद्र के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के बाद किसानों को प्रक्षेत्र भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने उन्नत तकनीकों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा, जिससे उनकी जानकारी और अधिक मजबूत हुई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आदिवासी किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित हुआ। इससे न केवल किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी मिली, बल्कि वे भविष्य में सोयाबीन उत्पादन बढ़ाकर अपनी आय में वृद्धि करने के लिए भी प्रेरित हुए। कृषि विज्ञान केंद्र का यह प्रयास क्षेत्र में कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।1
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- नमस्कार,मैं हूं योगेश कुमार साहू और आप देख रहे हैं द छत्तीसगढ़। आज छत्तीसगढ़ की अदालत ने एक ऐसे मामले में फैसला सुनाया है जिसने कानूनी और सामाजिक बहस को फिर से तेज कर दिया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि एक बालिग और शादीशुदा महिला की मर्जी और पूरी सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध रेप की श्रेणी में नहीं आते। कोर्ट ने इस आधार पर एक युवक को 4 साल पुराने रेप केस से पूरी तरह दोषमुक्त कर दिया। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को विस्तार से। दरअसल, मामला बेमेतरा जिले का है। वर्ष 2022 में एक शादीशुदा महिला ने आरोपी युवक के खिलाफ रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला बेमेतरा के एक एग्रीकल्चरल कॉलेज में मजदूरी का काम करती थी। वहीं गांव का ही एक युवक भी मजदूरी के लिए आता था। दोनों के बीच धीरे-धीरे बातचीत शुरू हुई। महिला की शिकायत के अनुसार, 19 जून 2022 को आरोपी ने उससे बात शुरू की और शादी का वादा करके उसे बहलाने की कोशिश की। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने बार-बार शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। 25 जुलाई 2022 की सुबह करीब 4 बजे, जब महिला शौच के लिए जा रही थी, तब आरोपी उससे मिला। उसने फिर शादी का भरोसा दिलाया और महिला को अपने घर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। उस समय महिला 3 महीने की गर्भवती थी। महिला ने बताया कि सामाजिक बदनामी के डर से उसने इस घटना की जानकारी किसी को नहीं बताई। बाद में जब पति ने पूछताछ की तो उसने सारी बात बता दी और फिर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की जांच की और आरोपी के खिलाफ चालान पेश किया। ट्रायल कोर्ट ने गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों का गहन अध्ययन किया। कोर्ट को यह साबित नहीं हो सका कि संबंध बिना सहमति के या जबरदस्ती बने थे। नतीजतन, ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया। इस फैसले के खिलाफ पीड़िता महिला ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई। हाईकोर्ट में विस्तृत सुनवाई हुई। कोर्ट ने गवाहों के बयानों, महिला के अपने कोर्ट बयान और उपलब्ध मेडिकल एवं अन्य सबूतों को ध्यान से देखा। हाईकोर्ट ने पाया कि: • गवाहों के बयानों से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने जान से मारने या चोट पहुंचाने की कोई धमकी देकर सहमति हासिल की थी। • ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे साबित हो कि महिला को यह भ्रम था कि वह कानूनी रूप से आरोपी की पत्नी है। • महिला के बयान से साफ जाहिर होता है कि संबंध सहमति से बने थे। • महिला पहले से शादीशुदा थी और उस समय गर्भवती भी थी। • यह भी साबित नहीं हुआ कि महिला नशे में थी, उसकी मानसिक स्थिति खराब थी या वह सहमति देने की स्थिति में नहीं थी। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में सख्त शब्दों में कहा: “एक बालिग और शादीशुदा महिला के साथ उसकी मर्जी और सहमति से बनाए गए शारीरिक संबंध रेप का जुर्म नहीं बनते।” कोर्ट ने महिला की याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के दोषमुक्त करने वाले फैसले को बरकरार रखा। आरोपी युवक को इस मामले से पूरी राहत मिल गई। दोस्तों, यह फैसला कानूनी रूप से सहमति की अहमियत को रेखांकित करता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 375 के तहत रेप की परिभाषा में सहमति का अभाव एक महत्वपूर्ण तत्व है। जब कोई महिला बालिग हो, समझदार हो और अपनी स्वतंत्र मर्जी से संबंध बनाती है, तो अदालतें इसे रेप नहीं मानतीं। हालांकि, झूठे वादे या धोखे से सहमति हासिल करने के मामलों में अलग व्याख्या हो सकती है, लेकिन इस केस में सबूत सहमति की ओर इशारा करते थे। यह मामला हमें याद दिलाता है कि कानून सबूतों और तथ्यों पर आधारित होता है, न कि सिर्फ आरोपों पर। साथ ही, समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ-साथ निर्दोष व्यक्तियों को भी न्याय मिलना चाहिए। योगेश कुमार साहू के साथ द छत्तीसगढ़ का यह विशेष रिपोर्ट आपको कैसा लगा? कमेंट में अपनी राय जरूर बताएं। क्या आपको लगता है कि सहमति वाले मामलों में अदालतों को और सख्त होना चाहिए या सबूतों को प्राथमिकता देनी चाहिए? कानून की सच्चाई हमेशा सबूतों में छुपी होती है, और न्याय तभी सार्थक होता है जब वह निष्पक्ष और तथ्यपरक हो। सतर्क रहें, जागरूक रहें।धन्यवाद, जय छत्तीसगढ़! द छत्तीसगढ़ – सच्चाई की आवाज।1