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उन्नाव में एक महिला ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने प्रेम संबंध के नाम पर उसे शादी का सपना दिखाकर पाँच साल तक शारीरिक शोषण किया। पीड़िता का दावा है कि इस दौरान आरोपी ने चोरी-छिपे किसी और से शादी कर ली। जब पीड़िता ने इस धोखे का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Shyam ji gupta
उन्नाव में एक महिला ने एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाया है कि उसने प्रेम संबंध के नाम पर उसे शादी का सपना दिखाकर पाँच साल तक शारीरिक शोषण किया। पीड़िता का दावा है कि इस दौरान आरोपी ने चोरी-छिपे किसी और से शादी कर ली। जब पीड़िता ने इस धोखे का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस थाने पहुँचकर शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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- Post by Ramakant1
- सावन के पावन महीने में उन्नाव का गोकुल बाबा मंदिर प्रांगण आस्था और भक्ति का भव्य केंद्र बनने जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता एवं शैवाचार्य संत श्री प्रशांत प्रभु महाराज जी के पावन सानिध्य में 2 अगस्त से 11 अगस्त 2026 तक एक विशाल श्री शिव महापुराण कथा, श्री वैभव लक्ष्मी महायज्ञ और दिव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दिव्य आयोजन की शुरुआत 2 अगस्त की शाम 4 बजे श्री हनुमान मंदिर से निकलने वाली भव्य कलश यात्रा से होगी। प्रतिदिन शाम 4 से रात 8 बजे तक शिव महापुराण कथा का श्रवण किया जा सकेगा, जबकि सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक श्री वैभव लक्ष्मी महायज्ञ संपन्न होगा। इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किए जाने के जन-जागरण को गति देना भी है। आयोजन के समापन दिवस, 11 अगस्त को दोपहर 1 बजे श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ति हेतु 1008 पार्थिव शिवलिंगों के रुद्राभिषेक के साथ एक विशेष अनुष्ठान किया जाएगा। उन्नाव स्थित श्री आदि गुरु वैदिक सेवा सनातन ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया गया है।1
- एपस्टीन फाइल के मुद्दे को कई बार दबाने और भटकाने की कोशिश की गई है। हालांकि, यह इतिहास का एक ऐसा मुद्दा है जिसे दुनिया आसानी से नहीं भूलेगी। इस हफ़्ते ट्रंप के तुर्की दौरे से पहले इस्तांबुल में एक पुल पर एक बैनर लगाया गया था, जिस पर लिखा था: "अपने बच्चों को छिपा लो, TRUMP आ रहा है!"1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने कानपुर के जिला अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन पत्रकारों के हितों की रक्षा और उन पर दर्ज होने वाले फर्जी मुकदमों के संबंध में 7 सूत्रीय मांगों को लेकर दिया गया है, जिसमें पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।1
- नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के पत्रकार हितों के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, बीते मंगलवार 7 जुलाई को कानपुर नगर के ससैया घाट पर एक विशाल पैदल मार्च का आयोजन किया गया। इस दौरान पत्रकारों, कलमकारों और मीडियाकर्मियों ने अपनी सुरक्षा एवं सम्मान की मांग को लेकर जिलाधिकारी कानपुर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार को संबोधित एक 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। यह अभियान नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष/चेयरमैन एम. डी. शर्मा के निर्देशन में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों और मीडियाकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पैदल मार्च के दौरान उन्होंने "पत्रकार एकता जिंदाबाद", "पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो", "पत्रकारों को पेंशन दो", "फर्जी मुकदमे बंद करो" और "स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा लागू करो" जैसे नारे लगाए। उपस्थित वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम कर रहे पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक संरक्षण प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ज्ञापन में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने, स्वास्थ्य बीमा एवं विशेष पत्रकार स्वास्थ्य कार्ड, पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना, जीवन एवं दुर्घटना बीमा, फर्जी मुकदमों एवं उत्पीड़न पर रोक, राष्ट्रीय मीडिया आयोग के गठन तथा सरकारी विज्ञापनों के समान एवं पारदर्शी वितरण सहित 7 प्रमुख मांगों को शामिल किया गया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. डी. शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पत्रकार हितों की इन संवैधानिक एवं न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो नेशनल मीडिया प्रेस क्लब अपने देशव्यापी आंदोलन को और व्यापक रूप देगा। उन्होंने कहा कि संगठन पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से लगातार संघर्ष करता रहेगा। ज्ञापन के समय उपस्थित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने पत्रकारों की इन संवैधानिक मांगों को सही बताते हुए कानूनी रूप से उनके साथ खड़े रहने और अधिकार दिलाने में पूर्ण सहयोग करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद, प्रशासन की ओर से प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया गया कि उक्त मांगों को नियमानुसार भारत सरकार तक प्रेषित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन सभी पत्रकारों और पदाधिकारियों द्वारा पत्रकार एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा तथा संगठन को मजबूत बनाने के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों सदस्य, पदाधिकारी, पत्रकार और अधिवक्तागण उपस्थित रहे।1
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- एक पोस्ट में मनुष्य की जिंदगी को प्रतीकात्मक रूप से दो पहियों पर टिकी बताया गया है, जिनमें से एक 'सरकार' है और दूसरी 'बीबी'। लेखक का कहना है कि जिस प्रकार सरकार अपनी मनमर्जी करती है और किसी और की नहीं सुनती, ठीक वैसा ही व्यवहार बीबी का भी होता है। इस तुलना के माध्यम से यह दर्शाया गया है कि आदमी दोनों तरफ से ऐसी स्थिति में फंसा है जहाँ उसे 'दोनों तरफ से मौत' का अनुभव होता है। यह टिप्पणी 'वाह रे भगवान' के साथ समाप्त होती है, जो मनुष्य की इस कथित लाचारी और स्थिति के प्रति एक तरह की हताशा व्यक्त करती है।1