रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– पवई में अवैध शराब तस्करी का वीडियो वायरल, गांव-गांव शराब पहुंचने के आरोप; जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ? एंकर– पवई। पवई क्षेत्र में कथित अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में शराब की खेप ले जाने और उसका वीडियो बनाए जाने की बात सामने आ रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पवई की शराब दुकान से कथित तौर पर गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है और क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से शराब बिक्री के ठिकाने संचालित हो रहे हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन स्थानों पर इस गतिविधि के संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पुलिस थाना और एसडीओपी कार्यालय से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पवई क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम शराब बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। पड़रिया कला में करीब छह और देवरी सरकार में दो स्थानों पर अवैध शराब बिक्री होने का दावा ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नशे के बढ़ते कारोबार से ग्रामीण चिंतित नज़र आने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। शराब और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण घरेलू विवाद, मारपीट और अन्य सामाजिक समस्याओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि वायरल वीडियो और अवैध शराब बिक्री के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो शराब की अवैध बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर पवई क्षेत्र में गांव-गांव अवैध शराब पहुंचने के आरोप सही हैं, तो इसकी निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी किसकी है? थाना और एसडीओपी कार्यालय के इतने करीब से कथित गतिविधियां संचालित होने के आरोपों की जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी ? यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों, स्थान और शराब की खेप से संबंधित तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– पवई में अवैध शराब तस्करी का वीडियो वायरल, गांव-गांव शराब पहुंचने के आरोप; जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ? एंकर– पवई। पवई क्षेत्र में कथित अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में शराब की खेप ले जाने और उसका वीडियो बनाए जाने की बात सामने आ रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पवई की शराब दुकान से कथित तौर पर गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है और क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से शराब बिक्री के ठिकाने संचालित हो रहे हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन स्थानों पर इस गतिविधि के संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पुलिस थाना और एसडीओपी कार्यालय से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पवई क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम शराब बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। पड़रिया कला में करीब छह और देवरी सरकार में दो स्थानों पर अवैध शराब बिक्री होने का दावा ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नशे के बढ़ते कारोबार से ग्रामीण चिंतित नज़र आने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। शराब और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण घरेलू विवाद, मारपीट और अन्य सामाजिक समस्याओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि वायरल वीडियो और अवैध शराब बिक्री के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो शराब की अवैध बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर पवई क्षेत्र में गांव-गांव अवैध शराब पहुंचने के आरोप सही हैं, तो इसकी निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी किसकी है? थाना और एसडीओपी कार्यालय के इतने करीब से कथित गतिविधियां संचालित होने के आरोपों की जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी ? यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों, स्थान और शराब की खेप से संबंधित तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- *L&T कंपनी के कैंपस इंटरव्यू में यदुपति सिंघानिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के 32 प्रशिक्षार्थियों का चयन* अमानगंज (पन्ना)। *जेके सीमेंट * द्वारा संचालित *यदुपति सिंघानिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईटीआई)* में देश की प्रतिष्ठित *L&T (Larsen & Toubro)* कंपनी द्वारा *मेसन (Mason)*ट्रेड* के प्रशिक्षार्थियों के लिए विशेष कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया गया। इस भर्ती प्रक्रिया में संस्थान के *मेसन ट्रेड के 32 प्रशिक्षार्थियों का सफलतापूर्वक चयन हुआ* । संस्थान के प्राचार्य श्री मनीष कुमार बुनकर ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित प्रशिक्षार्थी वर्तमान में *बेंगलुरु* में कंपनी द्वारा आयोजित प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत उन्हें कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर फील्ड पोस्टिंग प्रदान की जाएगी। प्राचार्य श्री बुनकर ने चयनित प्रशिक्षार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल तकनीशियन तैयार करना है। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कैंपस प्लेसमेंट से प्रशिक्षार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो रहे हैं तथा संस्थान का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार बेहतर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों के सहयोग से आयोजित ऐसे प्लेसमेंट अभियान विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।1
- रिपोर्ट भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– पवई में अवैध शराब तस्करी का वीडियो वायरल, गांव-गांव शराब पहुंचने के आरोप; जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ? एंकर– पवई। पवई क्षेत्र में कथित अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में शराब की खेप ले जाने और उसका वीडियो बनाए जाने की बात सामने आ रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पवई की शराब दुकान से कथित तौर पर गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है और क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से शराब बिक्री के ठिकाने संचालित हो रहे हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन स्थानों पर इस गतिविधि के संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पुलिस थाना और एसडीओपी कार्यालय से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक पवई क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम शराब बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं। पड़रिया कला में करीब छह और देवरी सरकार में दो स्थानों पर अवैध शराब बिक्री होने का दावा ग्रामीणों द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। नशे के बढ़ते कारोबार से ग्रामीण चिंतित नज़र आने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गांवों में आसानी से शराब उपलब्ध होने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। शराब और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण घरेलू विवाद, मारपीट और अन्य सामाजिक समस्याओं के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने पुलिस और आबकारी विभाग से मांग की है कि वायरल वीडियो और अवैध शराब बिक्री के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो शराब की अवैध बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर पवई क्षेत्र में गांव-गांव अवैध शराब पहुंचने के आरोप सही हैं, तो इसकी निगरानी और रोकथाम की जिम्मेदारी किसकी है? थाना और एसडीओपी कार्यालय के इतने करीब से कथित गतिविधियां संचालित होने के आरोपों की जांच कब होगी और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी ? यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्तियों, स्थान और शराब की खेप से संबंधित तथ्यों की पुष्टि संबंधित पुलिस एवं आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- पवई में अवैध शराब तस्करी का वीडियो वायरल, जिम्मेदारों पर उठे सवाल एंकर- पवई। पवई क्षेत्र में कथित अवैध शराब के कारोबार को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। वायरल वीडियो में शराब की खेप ले जाने और उसका वीडियो बनाए जाने की बात सामने आ रही है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति से मोबाइल फोन छीनने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पवई की शराब दुकान से कथित तौर पर गांव-गांव शराब पहुंचाई जा रही है और क्षेत्र के कई गांवों में अवैध रूप से शराब बिक्री के ठिकाने संचालित हो रहे हैं। सबसे गंभीर सवाल यह है कि जिन स्थानों पर इस गतिविधि के संचालित होने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पुलिस थाना और एसडीओपी कार्यालय से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं।1
- मौसम ने दी फिर दस्तक क्षेत्र में हो रही जोरदार बारिश।। क़रीब 25 दिनों से क्षेत्र में बारिश नहीं हो रही थी जिसकी वजह से किसानों की फैसले सूखने की कगार पर थी लेकिन आज दिनांक मौसम ने फिर दस्तक दी और क्षेत्र में जोरदार बारिश होने लगी जिससे किसानों के चेहरे में खुशी देखने को मिली1
- बांदा के किसानों के लिए बड़ी खबर | कृषि मशीनें किराये पर मिल रहीं | Banda Breaking News Today | Agriculture Update बांदा जिले में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल और अन्य कृषि मशीनें किराये पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे छोटे और मध्यम किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने में सुविधा मिलती है और खेती की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।1
- ग्राम पंचायत पुरवा बम्होरी में मचा हुआ दलदल 10 साल से यहां के रहने वाले लोग बहुत ज्यादा परेशान रहते है मंत्री ना विधायक ना सरपंच ग्राम पंचायत पुरवा बम्होरी में मचा हुआ दलदल पुरवा बम्होरी में विकास तो होता लेकिन दिखाई नहीं जाता पंचायत रुपया का पहले से ही समाप्त होता है1
- सतना- रैगांव की पूर्व विधायक उषा चौधरी की गाड़ी का यातायात पुलिस ने हटाया हूटर, पूर्व विधायक लिखा नेम प्लेट भी हटाया , सिविल लाइन चौराहे में यातायात पुलिस ने की कार्यवाही1
- फिजूलखर्ची पर प्रहार, पन्ना में बदला इतिहास! तेरहवीं का भोज बंद, अब जरूरतमंदों की मदद बनेगी समाज की नई परंपरा उपशीर्षक: क्षत्रिय महासभा का ऐतिहासिक संकल्प, डॉ. विजय परमार ने दिवंगत माताजी की तेरहवीं पर मृत्युभोज न कर पेश की मिसाल पन्ना। पन्ना में सामाजिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। क्षत्रिय महासभा ने मृत्युभोज (तेरहवीं) जैसी वर्षों पुरानी कुप्रथा को समाप्त करने का संकल्प लेते हुए समाज को नई दिशा देने का निर्णय लिया है। इस अभियान की शुरुआत शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. विजय परमार ने अपनी पूज्य माताजी स्वर्गीय सरला कुमारी सिंह के निधन के उपरांत तेरहवीं भोज का आयोजन न करके की। इसके स्थान पर समाजहित और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता देने का संदेश दिया गया। महासभा का मानना है कि तेरहवीं भोज पर होने वाला अनावश्यक खर्च यदि शिक्षा, स्वास्थ्य, गरीब परिवारों की सहायता और सामाजिक कल्याण के कार्यों में लगाया जाए, तो इससे समाज को वास्तविक लाभ मिलेगा। इस पहल को समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सामाजिक प्रबुद्धजनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया है और उम्मीद जताई है कि अन्य परिवार भी इस पहल से प्रेरणा लेकर फिजूलखर्ची छोड़ समाज सेवा को बढ़ावा देंगे।3