लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली कर्मियों में उबाल, मानदेय वृद्धि लागू करने की मांग तेज त्योहारों से पहले कार्रवाई पर विरोध, संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग; बहाली और छंटनी पर रोक की उठाई मांग लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली कर्मियों में उबाल, मानदेय वृद्धि लागू करने की मांग तेज त्योहारों से पहले कार्रवाई पर विरोध, संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग; बहाली और छंटनी पर रोक की उठाई मांग सन्त कबीर नगर । लेसा में “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर 56 संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को कार्य से हटाए जाने के निर्णय के खिलाफ बिजली कर्मियों में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। समिति के अनुसार, इससे पहले भी करीब 200 संविदा कर्मियों की छंटनी की जा चुकी है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इस तरह की छंटनी से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। दिलीप मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 1 अप्रैल से आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है, लेकिन इसका लाभ ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को मिलना अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया। साथ ही आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा संविदा कर्मियों को अलग रखने की मांग कर उनके साथ उत्पीड़न किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि पावर कॉर्पोरेशन, सभी डिस्कॉम और ऊर्जा निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों पर भी 1 अप्रैल से मानदेय वृद्धि का आदेश लागू किया जाए। इसके साथ ही “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर हो रही छंटनी पर तत्काल रोक लगाने और 18 मार्च को हटाए गए 56 कर्मियों समेत सभी निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की मांग की गई है। आउटसोर्स कर्मियों के लिए सेवा स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। आशीष कुमार ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज होगा और विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इधर, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 478 दिन पूरे होने पर विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। संत कबीर नगर में हुए प्रदर्शन में अनंत कुमार, अशोक पाल, नारायण चंद चौरसिया, सूरज प्रजापति, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, अशोक कुमार, चंद्रकेश मौर्य, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम्न कुमार, दिलीप सिंह और अमरनाथ यादव समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली कर्मियों में उबाल, मानदेय वृद्धि लागू करने की मांग तेज त्योहारों से पहले कार्रवाई पर विरोध, संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग; बहाली और छंटनी पर रोक की उठाई मांग लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली कर्मियों में उबाल, मानदेय वृद्धि लागू करने की मांग तेज त्योहारों से पहले कार्रवाई पर विरोध, संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग; बहाली और छंटनी पर रोक की उठाई मांग सन्त कबीर नगर । लेसा में “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर 56 संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को कार्य से हटाए जाने के निर्णय के खिलाफ बिजली कर्मियों में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। समिति के अनुसार, इससे पहले भी करीब 200 संविदा कर्मियों की छंटनी की जा चुकी है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इस तरह की छंटनी से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। दिलीप मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 1 अप्रैल से आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है, लेकिन इसका लाभ ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को मिलना अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया। साथ ही आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा संविदा कर्मियों को अलग रखने की मांग कर उनके साथ उत्पीड़न किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि पावर कॉर्पोरेशन, सभी डिस्कॉम और ऊर्जा निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों पर भी 1 अप्रैल से मानदेय वृद्धि का आदेश लागू किया जाए। इसके साथ ही “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर हो रही छंटनी पर तत्काल रोक लगाने और 18 मार्च को हटाए गए 56 कर्मियों समेत सभी निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की मांग की गई है। आउटसोर्स कर्मियों के लिए सेवा स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। आशीष कुमार ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज होगा और विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इधर, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 478 दिन पूरे होने पर विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। संत कबीर नगर में हुए प्रदर्शन में अनंत कुमार, अशोक पाल, नारायण चंद चौरसिया, सूरज प्रजापति, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, अशोक कुमार, चंद्रकेश मौर्य, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम्न कुमार, दिलीप सिंह और अमरनाथ यादव समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
- Post by Vipin Rai Journalist1
- बड़े भैया सांसद# परवीन निषाद बड़े भैया रवीन्द्र मणि निषाद चेयरमैन नीलमणि बड़े भैया पूर्व ब्लॉक प्रमुख Prince अगम सिंह राम कोमल निशाद अमरनाथ निषाद सुनील Nishad 22 तारीख को गोरखपुर अधिक से अधिक सांख्य में चलने की तैयारी1
- साइबर ठगी के शिकार पीड़ित को मिली राहत, 34,743 रुपये कराए गए वापस बेलहरकला साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई, हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत के बाद मिली सफलता संतकबीरनगर। पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में चलाए जा रहे “क्रैक साइबर क्राइम” अभियान के तहत साइबर सेल थाना बेलहरकला की टीम ने सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक पीड़ित को 34,743 रुपये की पूरी धनराशि वापस कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना बेलहरकला क्षेत्र के ग्राम सांथा निवासी चन्द्रशेखर पुत्र रामकेवल के मोबाइल पर 13 मार्च 2026 को क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर एक लिंक भेजा गया। लिंक पर क्लिक करने के बाद अज्ञात साइबर अपराधी ने उनके क्रेडिट कार्ड से 34,743 रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित द्वारा तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही साइबर सेल थाना बेलहरकला की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित माध्यमों से समन्वय स्थापित किया और पूरी धनराशि पीड़ित के खाते में वापस करा दी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक नन्दा प्रसाद, कांस्टेबल दीनानाथ, शैलेश यादव एवं महिला कांस्टेबल वैष्णवी शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की अपील: संतकबीरनगर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर विश्वास न करें। बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या नजदीकी साइबर सेल को सूचित करें।1
- संतकबीरनगर। आज दिनाँक 20.03.2026 को पुलिस अधीक्षक सन्तकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन संतकबीरनगर में महिला सशक्तिकरण जागरुकता रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया । "मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण" के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने हेतु बहुआयामी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं । पुलिस विभाग द्वारा जिले में इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इस मिशन का मुख्य लक्ष्य महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्त माहौल बनाना है, जहाँ वे बिना किसी डर के आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकें। नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देकर राज्य के समग्र विकास को गति देना इसका उद्देश्य है । इस दौरान क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार, क्षेत्राधिकारी यातायात/पुलिस लाईन प्रियम राजशेखर पाण्डेय, यातायात प्रभारी परमहंस, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी निरीक्षक * सरोज शर्मा, प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव, सहित पुलिस के अन्य अधि0/कर्मचारीगण मौजूद रहे । *मिशन शक्ति अभियान फेज 5.0 द्वितीय चरण की मुख्य विशेषताएँ* • हर पुलिस स्टेशन पर महिला बीट अधिकारियों को तैनात किया गया है जो सीधे महिलाओं और लड़कियों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुनेंगी और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी । • स्कूल और कॉलेज जैसे स्थानों पर एंटी-रोमियो स्क्वॉड को और अधिक सक्रिय किया जाएगा ताकि मनचलों पर सख्त कार्रवाई हो सके । • पुलिस की पैदल गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि सुरक्षा और निगरानी मजबूत हो। • महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा जागरुकता बढ़ाने के लिए बाइक रैलियाँ आयोजित की जा रही हैं । • मौजूदा महिला हेल्पलाइन जैसे 1090, 181 और 112 के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी । • यह मिशन 12 राज्य विभागों के समन्वय के साथ काम करेगा ताकि सुरक्षा, शिक्षा, कौशल विकास और वित्तीय सशक्तिकरण सहित कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग सुनिश्चित हो सके ।4
- आकाशवाणी , 20 3 2026 ई0, !! एक कहानी !! प्रेरणादायक है । कृपया वीडियो देखें और ज्ञान अर्जन करें।1
- Post by Ramnath chauhan1
- asp संतकबीरनगर द्वारा पुलिस लाईन सभागार में आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर एक्ट के लंबित मामलों के निस्तारण एवं ऑपरेशन दहन के तहत मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण के सम्बन्ध में की गयी समीक्षा गोष्ठी, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री सुशील कुमार सिंह* द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन सभागार में जनपद में आगामी त्योहारों के दृष्टिगत सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, गैंगस्टर एक्ट के लंबित मामलों के निस्तारण एवं ऑपरेशन दहन के तहत मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण के सम्बन्ध में की गयी समीक्षा गोष्ठी कर समस्त क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं, जिनके तहत संवेदनशील स्थलों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरती जाए। 01- त्योहारों के दृष्टिगत फ्लैग मार्च, फुट पेट्रोलिंग कर आमजन से संवाद स्थापित किया जाए । 02- सोशल मीडिया पर भ्रामक/आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, तथा ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए । 03- गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश । 04- गैंगस्टर एक्ट के वांछित/फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चला कर कार्यवाही की जाए । 05- अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके जब्तीकरण/कुर्की की कार्यवाही भी प्राथमिकता के आधार पर की जाए । 06- ऑपरेशन दहन के अंतर्गत जनपद के समस्त थानों के मालखानों में रखे गए मादक पदार्थों के विनिष्टीकरण/निस्तारण की कार्यवाही नियमानुसार कराई जाए । 07- मादक पदार्थों के निस्तारण की कार्यवाही सक्षम न्यायालय के आदेशों एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से की जा जाए । 08- जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी/ड्रोन कैमरों से निगरानी की व्यवस्था हेतु लोगो को जागरुक किया जाए । *आमजन से अपील की जाती है कि त्योहारों को आपसी भाईचारे एवं शांति के साथ मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें । पुलिस प्रशासन जनपदवासियों की सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।*1
- लेसा में 56 संविदा कर्मियों की छंटनी से बिजली कर्मियों में उबाल, मानदेय वृद्धि लागू करने की मांग तेज त्योहारों से पहले कार्रवाई पर विरोध, संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग; बहाली और छंटनी पर रोक की उठाई मांग सन्त कबीर नगर । लेसा में “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर 56 संविदा/आउटसोर्स कर्मियों को कार्य से हटाए जाने के निर्णय के खिलाफ बिजली कर्मियों में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और कर्मचारी विरोधी बताते हुए तत्काल निरस्त करने की मांग की है। समिति के अनुसार, इससे पहले भी करीब 200 संविदा कर्मियों की छंटनी की जा चुकी है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि आगामी त्योहारों के मद्देनजर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इस तरह की छंटनी से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। दिलीप मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा 1 अप्रैल से आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि का निर्णय लिया गया है, लेकिन इसका लाभ ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को मिलना अभी भी अनिश्चित है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया बताया। साथ ही आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा संविदा कर्मियों को अलग रखने की मांग कर उनके साथ उत्पीड़न किया जा रहा है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मांग की है कि पावर कॉर्पोरेशन, सभी डिस्कॉम और ऊर्जा निगमों में कार्यरत संविदा कर्मियों पर भी 1 अप्रैल से मानदेय वृद्धि का आदेश लागू किया जाए। इसके साथ ही “वर्टिकल व्यवस्था” के नाम पर हो रही छंटनी पर तत्काल रोक लगाने और 18 मार्च को हटाए गए 56 कर्मियों समेत सभी निष्कासित कर्मचारियों की बहाली की मांग की गई है। आउटसोर्स कर्मियों के लिए सेवा स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई है। आशीष कुमार ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन तेज होगा और विद्युत व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। इधर, पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 478 दिन पूरे होने पर विभिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन जारी रहा। संत कबीर नगर में हुए प्रदर्शन में अनंत कुमार, अशोक पाल, नारायण चंद चौरसिया, सूरज प्रजापति, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, अशोक कुमार, चंद्रकेश मौर्य, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम्न कुमार, दिलीप सिंह और अमरनाथ यादव समेत अन्य कर्मचारी शामिल रहे।1