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R N Shukla business advisor
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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- Sitapur- क्रिप्टो के नाम पर 50 करोड़ की ठगी, सीतापुर पुलिस ने 5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति की कुर्क!1
- सीतापुर जनपद की तहसील मिश्रिख, ब्लॉक गोंदलामऊ के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरेली के गांव प्रतापपुर में लगभग 2 करोड़ 77 लाख रुपये की लागत से पेयजल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत एलएनटी कंपनी द्वारा गांव में पानी की टंकी का निर्माण कराया गया और बोर्ड पर कई घरों में कनेक्शन दर्शाए गए हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज तक गांव के एक भी घर में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई और न ही किसी को पानी का कनेक्शन दिया गया। योजना को शुरू हुए लगभग 5 वर्ष पूरे होने को हैं, फिर भी ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस योजना से लगभग 5000 की आबादी वाले करीब 6 गांवों को पानी मिलना था, लेकिन अब तक किसी भी गांव में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। इससे क्षेत्र के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन के जॉइंट खुले पड़े हैं और सड़कें खुदी हुई हैं, जिससे कभी भी मार्ग दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि एलएनटी कंपनी की लापरवाही के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी है। जब इस संबंध में कंपनी के मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने बजट की कमी का हवाला देते हुए कहा कि “बजट नहीं होगा तो हम अपने घर से थोड़ी बनाएंगे।” ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी आज तक चालू नहीं हो सकी। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारियों ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीण रानी, रामचंद्र, रवि कुमार, अभिषेक और मोहित कुमार ने बताया कि यदि जल्द ही इस योजना को पूरा नहीं किया गया तो गांव के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- सीतापुर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगों ने पीटीसी सीतापुर में तैनात दरोगा नारायण सिंह को ही अपना शिकार बना लिया। ठगों ने खुद को CBI और जांच एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर उन्हें 20 फरवरी से 25 फरवरी तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। ठगों ने दरोगा को यह कहकर डराया कि उनके खिलाफ पाकिस्तान के अफजल फौजी से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। इस डर का फायदा उठाकर ठगों ने उनसे दो बार में करीब 15 लाख रुपये RTGS के जरिए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित दरोगा ने 7 मार्च को दिल्ली साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामला सीतापुर साइबर सेल को भेजा गया। जांच के दौरान साइबर टीम ने ठगों के खातों में ट्रांसफर की गई रकम में से 95 हजार रुपये पर होल्ड लगवा दिया है। पुलिस अब तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साइबर ठगों की तलाश में जुटी हुई है।1
- अविश्वास प्रस्ताव पर धौरहरा सांसद आनन्द भदौरिया का संबोधन खामनेई की शहादत को भी किया सलाम1
- भूटान भारत से पेट्रोल ख़रीद कर, भूटान अपने देश में 62 रु प्रति लीटर बेचता है, ...और भारत में पेट्रोल की क़ीमत कितनी है रु 95 से रु 108 प्रति लीटर, फिर भी मोदी हैं तो मुमिकन है का स्लोगन 12 सालों से रटाया जा रहा है... ये देश हित नहीं, सरकार के साथ मिलकर विशेष लूट है चंद पूंजीपतियों की।1
- its sitapur Bus stand1
- अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पलिया पुलिस ने एक युवक को ब्राउन शुगर (स्मैक) के साथ गिरफ्तार किया है। आज बुधवार को पलिया पुलिस क्षेत्राधिकारी के मार्गदर्शन एवं थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के दौराम पुलिस टीम ने नगर के मोहल्ला माहिगिरान द्वितीय निवासी सदाकत अली पुत्र शराफत अली को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी के पास से 4.45 ग्राम ब्राउन शुगर (स्मैक) बरामद हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेज दिया गया है। थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रेमनारायण सरोज, उपनिरीक्षक आदित्य कुमार, कांस्टेबल अतुल त्रिपाठी, कांस्टेबल अनुज कुमार एवं कांस्टेबल अमन राय शामिल रहे। पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे इस अभियान के बाद भी पलिया क्षेत्र में नशे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।1
- लखीमपुर खीरी एमआरपी 1777, वसूली 2200 भारत गैस एजेंसी में ब्लैक का खेल! भारत गैस एजेंसी के कर्मचारियों पर कमर्शियल सिलेंडर की जमकर कालाबाजारी का आरोप है। जहां सिलेंडर की एमआरपी 1777 रुपये है, वहीं ग्राहकों से 2200 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। एजेंसी मालिक अतुल जायसवाल का कहना है कि अगर कोई कर्मचारी ज्यादा पैसे ले रहा है तो वीडियो दें, कार्रवाई होगी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या यह खेल कर्मचारियों तक सीमित है या इसके तार ऊपर तक जुड़े हैं।1