राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य श्री गोविंद भैया जी (वृंदावन) द्वारा "नानी बाई रो मायरो" कथा का भावपूर्ण वाचन गंगापुर सिटी के विजय पैलेस में राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य श्री गोविंद भैया जी (वृंदावन) द्वारा "नानी बाई रो मायरो" कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा में नरसी जी के पूर्व जन्म और उनके जीवन प्रसंगों कामार्मिक वर्णन करते हुए बताया गया कि एक पिता के लिए उसकी बेटी प्राणों से भी बढ़कर होती है। मायरा प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, कईयों की आंखों से आंसू छलक पड़े। भजनों के माध्यम से माहौल भक्तिमय बना रहा - "बाबुल थारी लाड़न बेटी नानी चालि सासरिए..." ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा महाराज जी एवं आयोजक हरिप्रसाद मंगल का सम्मान किया गया। कथा 6 से 8 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित हो रही है। 8 अप्रैल को सुबह 10 बजे बालाजी चौक से मायरा यात्रा निकाली जाएगी, जो मुख्य मार्गों से होती हुई विजय पैलेस पहुंचेगी। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण हेतु पधारने की अपील की है।
राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य श्री गोविंद भैया जी (वृंदावन) द्वारा "नानी बाई रो मायरो" कथा का भावपूर्ण वाचन गंगापुर सिटी के विजय पैलेस में राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य श्री गोविंद भैया जी (वृंदावन) द्वारा "नानी बाई रो मायरो" कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा में नरसी जी के पूर्व जन्म और उनके जीवन प्रसंगों कामार्मिक वर्णन करते हुए बताया गया कि एक पिता के लिए उसकी बेटी प्राणों से भी बढ़कर होती है। मायरा प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, कईयों की आंखों से आंसू छलक पड़े। भजनों
के माध्यम से माहौल भक्तिमय बना रहा - "बाबुल थारी लाड़न बेटी नानी चालि सासरिए..." ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा महाराज जी एवं आयोजक हरिप्रसाद मंगल का सम्मान किया गया। कथा 6 से 8 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित हो रही है। 8 अप्रैल को सुबह 10 बजे बालाजी चौक से मायरा यात्रा निकाली जाएगी, जो मुख्य मार्गों से होती हुई विजय पैलेस पहुंचेगी। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण हेतु पधारने की अपील की है।
- गंगापुर सिटी शहर में धार्मिक स्थल की जमीन पर अतिक्रमण की कोशिश का मामला सामने आया है, जिससे क्षेत्र में हलचल मच गई। बुधवार सुबह गंगापुर–जयपुर सड़क मार्ग पर ईदगाह से आगे स्थित श्री दाऊजी मंदिर की भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जेसीबी मशीन के जरिए काम शुरू किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब कुछ लोग जेसीबी लेकर मंदिर की भूमि पर पहुंचे और वहां साफ-सफाई व समतलीकरण का कार्य शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों ने जब यह गतिविधि देखी तो तुरंत तहसील प्रशासन और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही उदेई मोड़ थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हुई। हालांकि, पुलिस और प्रशासन के पहुंचने से पहले ही कथित अतिक्रमणकारियों को इसकी भनक लग गई और वे मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची टीम ने स्थिति का जायजा लिया और कार्य को तत्काल रुकवा दिया। तहसीलदार मुकेश शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मंदिर की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने भी कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही अतिक्रमण करने वालों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंदिर की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की1
- Post by Anil Kumar journalist1
- जनगणना 2026 में आदिवासियों के लिए पृथक कॉलम की मांग महापंचायत ने राज्यपाल के नाम एडीएम को सौंपा ज्ञापन, सटीक आंकड़ों की आवश्यकता बताई1
- ्करौली जिले के हिण्डौन उपखंड के सूरौठ कस्बे में बुधवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसा सूरौठ थाना क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास हुआ, जहां इंदिरा गाँधी निजी विद्यालय की बस एक बाईक को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में बाइक से अपने गांव भुकरावली से सरकारी स्कूल ड्यूटी पर जा रहे प्रधानाध्यापक 58 वर्षीय भूरसिंह मीणा की मौके पर ही मौत हो गई और बस में सवार कई स्कुली बच्चे जख्मी हो गए। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत मदद करते हुए बच्चों को दुर्घटनाग्रस्त बस से बाहर निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही सूरौठ पुलिस मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने मृतक शिक्षक के शव को हिंडौन के जिला अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया व हादसे में घायल एक दर्जन से अधिक स्कुली बच्चों का उपचार हेतु जिला अस्पताल हिण्डौन में भर्ती कराया। वही कुछ घायलों को नजदीकी अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है। तेज रफ्तार के चलते नियंत्रण खोने से हबस का संतुलन बिगड़ने के कारण हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सरकारी शिक्षक, जो मोटरसाइकिल से अपने स्कूल जा रहे थे, बस की चपेट में आ गए। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर पलट गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को संभाला। पुलिस के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। जबकि दुर्घटना में मृतक प्रधानाध्यापक भुकरावली गाँव निवासी 58 वर्षीय भूरसिंह मीणा, जो बाइक से अपने गांव से धधावली सरकारी स्कूल पढाने जा रहा था। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने सूरौठ कस्बा क्षेत्र के अधिकांश निजी स्कूल की खटारा बसों के धड़ल्ले से संचालन सहित आए दिन बच्चों की जान जोखिम में डालने के बावजूद भी शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना होने का आरोप लगाते हुए हादसे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।4
- सूरौठ इंदिरा गांधी स्कूल की बच्चों से भरी बस पलटने से कई बच्चे घायल एक टीचर की मौत भगवान सभी बच्चों रक्षा करें इस समय बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है मोटरसाइकिल पर सवार बच्चों को बचाने के चक्कर में हुआ बड़ा हादसा #Roxx Tighariya #tej news,# gaav kia avaj1
- खेड़ा मंडल के किसान बसों से हुए नांगल शेरपुर के लिए रवाना1
- परशुराम सर्किल पर हनुमान चालीसा पाठ लालसोट के परशुराम सर्किल पर मंगलवार शाम 7:15 बजे सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ हुआ। यह आयोजन अब हर मंगलवार को नियमित रहेगा। इसमें शिवशंकर जोशी (बल्या भाई) सहित कई लोग मौजूद रहे।2
- गंगापुर सिटी के विजय पैलेस में राष्ट्रीय कथा वाचक आचार्य श्री गोविंद भैया जी (वृंदावन) द्वारा "नानी बाई रो मायरो" कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा में नरसी जी के पूर्व जन्म और उनके जीवन प्रसंगों कामार्मिक वर्णन करते हुए बताया गया कि एक पिता के लिए उसकी बेटी प्राणों से भी बढ़कर होती है। मायरा प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावुक हो उठे, कईयों की आंखों से आंसू छलक पड़े। भजनों के माध्यम से माहौल भक्तिमय बना रहा - "बाबुल थारी लाड़न बेटी नानी चालि सासरिए..." ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। विभिन्न संस्थाओं द्वारा महाराज जी एवं आयोजक हरिप्रसाद मंगल का सम्मान किया गया। कथा 6 से 8 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित हो रही है। 8 अप्रैल को सुबह 10 बजे बालाजी चौक से मायरा यात्रा निकाली जाएगी, जो मुख्य मार्गों से होती हुई विजय पैलेस पहुंचेगी। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा श्रवण हेतु पधारने की अपील की है।2