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हरदोई के माधवगंज और शुक्लपुर भगतमाधवगंज में सड़क निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन इसी बीच स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को लेकर परेशानियाँ सामने आई हैं। जहाँ एक तरफ सड़क बनाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गांव के अंदर की मुख्य सड़कें खोदी हुई पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति मुश्किल खड़ी कर रही है क्योंकि आवागमन के रास्तों पर खुदाई के चलते साधनों का निकलना दूभर हो गया है।
जागरूक एकता मिशन हरदोई (priyanshu Gautam)
हरदोई के माधवगंज और शुक्लपुर भगतमाधवगंज में सड़क निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन इसी बीच स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं को लेकर परेशानियाँ सामने आई हैं। जहाँ एक तरफ सड़क बनाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ गांव के अंदर की मुख्य सड़कें खोदी हुई पड़ी हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह स्थिति मुश्किल खड़ी कर रही है क्योंकि आवागमन के रास्तों पर खुदाई के चलते साधनों का निकलना दूभर हो गया है।
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- हरदोई में बदहाल सड़कों और जलभराव की गंभीर समस्या के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा के प्रदेश सचिव रामज्ञान गुप्ता ने नघेटा रोड पर एक अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर धान की रोपाई की और कीचड़ के बीच भाजपा के झंडे लगाकर नगर की लचर व्यवस्था के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। रामज्ञान गुप्ता का आरोप है कि मामूली बारिश के बाद ही शहर तालाब में बदल जाता है, जिससे सड़कों पर चलना दूभर हो गया है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नघेटा रोड के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज, आरआर इंटर कॉलेज, बाल विद्या भवन, लखनऊ मार्ग, बिलग्राम चुंगी मार्ग, मंगली पुरवा, गंगा देवी कॉलेज रोड और बिलग्राम रोड को जलभराव से बुरी तरह प्रभावित बताया। उनका कहना है कि जल निकासी के लिए आवंटित बजट का सही उपयोग नहीं हुआ, जिसका परिणाम जनता को हर साल भुगतना पड़ता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलनिकासी और सड़क मरम्मत का कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर सुधीर गुप्ता 'मिन्ना', अवनीश यादव, धर्मेंद्र यादव 'दीपू', चंद्रप्रकाश गुप्ता, रामदत्त गुप्ता, शुभम गुप्ता, श्याम गुप्ता, दुर्गेश, रिंकू गुप्ता, हरिश्चंद्र, रमेश यादव और विनय सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- शाहाबाद, हरदोई में महिला लेखपाल प्रकरण को लेकर उपजिलाधिकारी शाहाबाद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने और उनके स्थानांतरण की मांग पर अधिवक्ताओं का आंदोलन गुरुवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में ज़ोरदार नारेबाजी कर प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें शाहाबाद से हटाया नहीं जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाया, कहा कि महिला लेखपाल द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बावजूद अब तक न तो मुकदमा दर्ज हुआ है और न ही कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई हुई है, जिससे न्याय व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और जिले की सभी तहसीलों को जाम कर दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरे प्रकरण की शिकायत की जाएगी तथा बार एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगा। यह विरोध तब शुरू हुआ जब महिला लेखपाल ने एसडीएम शाहाबाद के विरुद्ध कोतवाली में तहरीर दी थी। पहले दिन अधिवक्ताओं ने तहसील से कोतवाली तक प्रदर्शन कर मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी, जबकि दूसरे दिन बार एसोसिएशन ने एसडीएम न्यायालय के बहिष्कार का निर्णय लेते हुए चैंबर का घेराव किया था। वहीं, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का पहले ही खंडन कर दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित लेखपाल को केवल शासकीय कार्य और खतौनी फीडिंग के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया था, और लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी द्वारा मामले की जाँच के लिए एक टीम गठित की गई है, जो गंभीरता से जाँच कर रही है, लेकिन जाँच के निष्कर्षों के बारे में अभी तक कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करने या स्थानांतरण के संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया था। एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने पत्रकारों को अपनी बाइट में बताया कि उनके कार्यालय में आर. के. शाहाबाद ने शिकायत की थी कि आलमनगर पछोहा की खतौनी की फीडिंग नहीं हो पा रही है। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारी को बुलाया। उन्होंने बताया कि यह नई महिला लेखपाल हैं, जिनका बिलग्राम से यहाँ स्थानांतरण हुआ है। जब उनसे खतौनी फीडिंग न होने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह ऊपर कार्यालय में बैठती हैं, जबकि उन्हें भूलेख कार्यालय में अटैच किया गया था। लेखपाल ने अपनी आँखों में समस्या होने की बात कही, जिस पर एसडीएम ने उनसे डॉक्टर की रिपोर्ट मांगी, ताकि उन्हें क्षेत्र दिया जा सके। इसके बाद लेखपाल ने अपने पिताजी को फोन किया, और उनके पिताजी चार-पांच वकीलों के साथ उनके चैंबर में आकर बदतमीजी और अभद्रता करने लगे। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें एफआईआर करने और कई धाराएं बढ़वाने की धमकी दी गई है। एसडीएम ने पुष्टि की कि इस दौरान उनके सहकर्मी सप्लाई इंस्पेक्टर, पेशकार, सुरक्षाकर्मी और आर.के. शाहाबाद उपस्थित थे। तीसरे दिन प्रदर्शन के बीच अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी ने अपनी बाइट में कहा कि एसडीएम मामले को तोड़-मरोड़कर समाज के सामने पेश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले दिन जब एसडीएम के चैंबर में पीड़िता बेटी के पिता से बात हुई, तो उन्होंने तत्काल अश्लीलता को स्पष्ट रूप से इसलिए नहीं बताया क्योंकि कोई पिता सीधे समाज में अपनी और अपनी बेटी की बदनामी सार्वजनिक नहीं कराना चाहता। इसके बावजूद, पिता ने मौके पर कहा था कि एसडीएम ने उनकी बेटी को दो बार परेशान किया, जबकि उन्हें बताया गया था कि यह उनकी बेटी है, फिर भी एसडीएम अपनी आदत से बाज नहीं आए। अधिवक्ता एसडीएम के विरुद्ध कार्रवाई की मांग पर तीसरे दिन भी डटे हैं, और एसडीएम का भविष्य जाँच कमेटी की रिपोर्ट पर निर्भर करेगा, भले ही एसडीएम ने आरोपों को असत्य और निराधार बताया है।4
- उत्तर प्रदेश के हरदोई में सड़कों की बदहाली और गंभीर जलभराव की समस्या को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने एक 'अनोखा प्रदर्शन' किया। शहर में तालाब बनी सड़क पर जमा पानी में सपा कार्यकर्ताओं ने धान की पौध लगाई, जिसके जरिए उन्होंने सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव की गंभीर समस्या के प्रति अपना विरोध और नाराजगी व्यक्त की।1
- हरदोई के बालामऊ विधानसभा क्षेत्र में विकास को नई गति देते हुए, क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा और मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के सांसद अशोक रावत के संयुक्त प्रयासों से कोथावां ब्लॉक परिसर में करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को अपनी प्राथमिकता बताया और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में विधायक रामपाल वर्मा ने बालामऊ विधानसभा क्षेत्र के कोथावां ब्लॉक में ₹495.66 लाख की लागत से आठ त्वरित विकास योजनाओं की आधारशिला रखी। वहीं, सांसद अशोक रावत ने मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत ₹78.11 लाख की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र पंचायत के माध्यम से लगभग ₹1.52 करोड़ की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण भी संपन्न हुआ। इन परियोजनाओं के तहत, लंबे समय से जर्जर पड़े खड़ंजा मार्गों को आधुनिक इंटरलॉकिंग सड़कों में बदला जाएगा, कच्चे मार्गों को खड़ंजा मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा, और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए उन गांवों में पक्की नालियों का निर्माण होगा जहाँ यह सुविधा अब तक नहीं थी। साथ ही, विकासखंड कोथावां परिसर में भवन मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य भी कराए जाएंगे। जनप्रतिनिधियों ने बताया कि ये कार्य प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप गांव-गांव तक विकास पहुँचाने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। सड़क, नाली और भवन सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी और लोगों का जीवन स्तर ऊपर उठेगा। इन विकास कार्यों के शुभारंभ से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने विधायक रामपाल वर्मा और सांसद अशोक रावत का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी गति से विकास कार्य जारी रहने की उम्मीद जताई। इस अवसर पर भाजपा नेता उमेश श्रीवास्तव, गुड्डू सिंह, नरेंद्र सिंह, अमित सिंह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहबाद तहसील अंतर्गत बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के काजीवाडी गाँव की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मुख्य समस्या गाँव की सड़कों की है, जो पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं और आवागमन के लिए बेहद खराब हालत में हैं।1
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हरदोई जिले के संदर्भ में वायरल हो रही एक नाबालिग लड़की के साथ 32 लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने की खबर पूरी तरह से असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक है। हरदोई पुलिस ने इस कथित घटना का स्पष्ट रूप से खंडन किया है और स्पष्ट किया है कि जनपद में ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई है। इस भ्रामक खबर का प्रचार-प्रसार करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना बिलग्राम में मु0अ0स0 302/26 और धारा 353(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने भी अपनी बाइट के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की है। हरदोई पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे इस तरह की भ्रामक खबरों को प्रसारित न करें, अन्यथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।1
- हरदोई में सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक नाबालिग लड़की के साथ 32 लोगों द्वारा दुष्कर्म किए जाने की खबर वायरल हो रही है। हरदोई पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह असत्य, तथ्यहीन और भ्रामक करार देते हुए स्पष्ट किया है कि जनपद में ऐसी कोई घटना घटित नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यह खबर आमजन को भ्रमित करने के उद्देश्य से फर्जी तरीके से फैलाई जा रही है। इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भ्रामक खबर का प्रचार करने वाले व्यक्ति के खिलाफ थाना बिलग्राम में मु.अ.सं. 302/2026 और धारा 353(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने भी इस वायरल खबर का खंडन करते हुए जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक एवं सत्यापित सूचनाओं पर ही विश्वास करें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी यदि कोई व्यक्ति ऐसी झूठी खबरें फैलाता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने कुल 25 साइबर ठगों को गिरफ़्तार किया है।4
- हरदोई के बेनीगंज थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम हत्याहरण-पलिया मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में किसान नन्हक्के (43) की मौत हो गई। भूसे से लदी एक तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप ने बेलंदखेड़ा मजरा भैनगांव निवासी नन्हक्के को टक्कर मारकर कुचल दिया, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद पिकअप चालक वाहन समेत तुरंत मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे गांव में मातम का माहौल छा गया। जानकारी के अनुसार, नन्हक्के अपने परिवार का भरण-पोषण खेती-किसानी से करते थे और बुधवार रात वे हत्याहरण बाजार से घरेलू सामान खरीदकर अपने घर लौट रहे थे, तभी रात करीब आठ बजे गांव के मोड़ के पास यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि नन्हक्के शराब पीने के आदी थे, हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही चलेगा। स्थानीय ग्रामीणों ने यह भी बताया कि हत्याहरण-पलिया मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार लंबे समय से दुर्घटनाओं का कारण बनी हुई है, जिसके मद्देनजर उन्होंने इस मार्ग पर वाहनों की गति नियंत्रित करने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। यह भी बताया गया कि नन्हक्के वर्ष 2007 में हत्या के एक मुकदमे में जेल भी जा चुके थे और वर्तमान में जमानत पर बाहर थे, पर इस दुर्घटना का उस पुराने मामले से कोई संबंध नहीं बताया जा रहा है। थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश चन्द्र ने पुष्टि की है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और फरार पिकअप तथा उसके चालक की तलाश जारी है। वाहन की पहचान के लिए आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, और जल्द ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1