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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने कुल 25 साइबर ठगों को गिरफ़्तार किया है।
प्रशान्त मिश्रा(गोपाल)
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने कुल 25 साइबर ठगों को गिरफ़्तार किया है।
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- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ एक बड़ी कार्रवाई की है। एक विशेष अभियान चलाकर पुलिस ने कुल 25 साइबर ठगों को गिरफ़्तार किया है।4
- आज पचदेवरा थाना क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने किसानों को धान की रोपाई के लिए बड़ी राहत दी है। इस बारिश से पशु-पक्षियों को भी बहुत सुकून मिला है। पूरे क्षेत्र के निवासियों ने प्रकृति को हार्दिक शुभकामनाएं अर्पित की हैं, और किसानों ने भी भारी बारिश के कारण अपनी खुशी जाहिर की है।2
- फर्रुखाबाद के शुक्ररुल्लापुर में दिल्ली-फर्रुखाबाद मार्ग पर बना एक रेलवे ओवरब्रिज अपने निर्माण के मात्र दो साल के भीतर ही क्षतिग्रस्त हो गया है। यह ओवरब्रिज पहली बारिश का सामना भी नहीं कर पाया, जिससे इसका एक जॉइंट धंस गया और एक बड़ा हादसा होने से टल गया। करीब दो वर्ष पूर्व ₹27.49 करोड़ की लागत से सेतु निगम द्वारा निर्मित इस आरओबी में शुरुआत से ही खामियां बताई जा रही थीं, जिसके चलते पिछले दो वर्षों में इसकी लगभग तीन से चार बार मरम्मत हो चुकी है। इसकी गुणवत्ता को इतना खराब माना गया कि पीडब्ल्यूडी ने भी इसका हैंडओवर लेने से इनकार कर दिया था। वर्षा के दौरान ट्रैक के ऊपर बना ओवरब्रिज करीब चार इंच नीचे धंस गया है, और जॉइंट गैप में डाला जाने वाला एंगल भी क्षतिग्रस्त बताया जा रहा है। इस घटना के बाद, क्षतिग्रस्त ओवरब्रिज के कारण संबंधित मार्ग पर यातायात का डायवर्जन कर दिया गया है।4
- हरदोई पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है। पुलिस अधीक्षक महोदय के कुशल पर्यवेक्षण में, जनपदीय पुलिस द्वारा साइबर अपराधियों के विरुद्ध एक विशेष अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कुल 25 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।1
- फर्रुखाबाद के मदारवाड़ी मोहल्ले में लगातार मूसलाधार बारिश के चलते भीषण जलभराव हो गया है, जिसने सड़कों को गहरे पानी के 'वॉटर पार्क' या 'गोवा जैसे बीच' में बदल दिया है, जिससे पूरे शहर को 'शर्मिंदा' होना पड़ रहा है। पानी की गहराई कई जगहों पर घुटनों से ऊपर तक पहुँच गई है, जिसके कारण लोग अपनी बाइक और स्कूटर पर 'सर्फिंग' करने को मजबूर हैं। घरों और दुकानों के अंदर पानी घुस गया है, जिससे व्यापारियों का माल डूब रहा है, लेकिन नगर पालिका अभी भी 'संज्ञान' की 'गहरी नींद' में है। स्थिति इतनी विकट है कि लोग अपनी बाइक को 'जेट स्की' की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटो, बाइक और स्कूटर एक-दूसरे से होड़ करते हुए पानी में लहरें पैदा कर रहे हैं, और बच्चे-बूढ़े भी 'मजबूरी में' इस 'जल-क्रीड़ा' का 'आनंद' ले रहे हैं। एक स्थानीय युवक राहुल ने व्यंग्य करते हुए कहा कि नगर पालिका ने उन्हें 'फ्री वॉटर स्पोर्ट्स ट्रेनिंग' दे दी है और बच्चों को अब घर के बाहर ही स्विमिंग क्लास मिल रही है। दुकानदारों की हालत भी 'बेहाल' है, वे अब 'एक्वा-शॉपिंग' के लिए मजबूर हैं। एक दुकानदार ने तो 'मछली बेचने' की बात कही और ग्राहकों के ऑनलाइन डिलीवरी मांगने का जिक्र किया, क्योंकि वे 'तैरकर' नहीं आ पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब नगर पालिका के 'कागजी विकास' का परिणाम है। हर साल नाला सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद, नाले की जगह पानी घरों में घुस रहा है। सड़कों का ढलान उल्टा है, अवैध निर्माण नाले का रास्ता रोक रहे हैं, और सफाई कर्मचारी सिर्फ कागजों पर ही 'गोताखोरी' कर रहे हैं। जब अधिकारियों से इस 'जल-महोत्सव' के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हमेशा की तरह वही 'क्लासिक डायलॉग' दोहराया कि 'मामला संज्ञान में है, टीम भेज दी गई है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी'। जनता अब व्यंग्यात्मक रूप से पूछ रही है कि 'संज्ञान कब जागेगा', या यह भी 'मानसून के साथ ही सो जाएगा'? मदारवाड़ी के निवासियों ने नगर पालिका से 'मजेदार अपील' करते हुए मांग की है कि या तो असली नावें, या पंपिंग मशीनें उपलब्ध कराई जाएं, या कम से कम टैक्स माफ कर दिया जाए क्योंकि वे 'वॉटर पार्क का किराया' दे रहे हैं। उन्होंने विनम्र निवेदन किया है कि विकास की इस 'गंगा' को पूरे फर्रुखाबाद में फैला दिया जाए, ताकि पूरा शहर बिना टिकट के 'बीच रिसॉर्ट' का मजा ले सके। अंत में, उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि 'अगला तोहफा क्या होगा — सबमर्सिबल पंप या पर्सनल नाव?', और 'फ्री वॉटर पार्क' व 'कुंभकर्णी नगर पालिका' की 'जय हो' के नारे लगाए।1
- दुद्धी के हर्षित अस्पताल पर एक नवजात शिशु को कथित तौर पर रोके रखने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता का आरोप है कि अस्पताल ने अतिरिक्त पैसों की मांग की, जिसके कारण उन्होंने करीब दो घंटे तक बच्चे को परिजनों को नहीं सौंपा। यह घटना तब हुई जब बच्चे की माँ को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया था। पिता के अनुसार, पत्नी की नाजुक हालत बताने के बावजूद भी अस्पताल नहीं पसीजा और उनकी बात नहीं मानी गई। अस्पताल पर यह भी आरोप है कि पहले से ₹5000 जमा होने के बावजूद अतिरिक्त रकम की मांग की गई। बताया गया है कि इलाज के बाद भी नवजात की हालत में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ था। अंततः, ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप के बाद ही नवजात को उसके परिजनों को सौंपा जा सका। दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के इस मामले में एक शिकायत मिलने पर एडिशनल सीएमओ ने जांच का भरोसा दिया है, साथ ही यह भी कहा है कि अगर आरोप सही पाए गए तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- फर्रुखाबाद जनपद पुलिस ने एक पुलिसकर्मी के आवास से लाखों रुपये के जेवर और नकदी चुराने वाले दूधिया नितिन यादव को गिरफ्तार कर लिया है। जनपद कानपुर के शुभम त्रिवेदी, जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिपिक के पद पर तैनात हैं और पुलिस लाइन के टाइप 3 आवास संख्या 15 में रहते हैं, ने 7 जुलाई को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ड्यूटी से लौटने पर उन्होंने अपनी गोदरेज अलमारी खुली पाई। लॉकर से उनके मूल्यवान आभूषण, जिनमें 3 सोने की अंगूठी, 2 सोने की चेन, 1 सोने का मंगलसूत्र, 4 सोने के कंगन, 1 जोड़ी सोने के कुंडल और 10 हजार रुपये गायब थे। शुभम त्रिवेदी को आशंका थी कि उनके आवास पर दूध देने वाले फतेहगढ़ निवासी निकित यादव पुत्र राजवीर यादव ने ये आभूषण और रुपये चुराए हैं। पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए गहनता से जांच पड़ताल की। कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला ग्वालटोली निवासी दूधिया नितिन यादव पुत्र राजवीर उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने मीडिया को बताया कि चोरी की घटना का खुलासा करने के लिए पुलिस की टीमें लगाई गई थीं। पुलिस ने दूधिया नितिन यादव से पूछताछ कर 15 लाख रुपये कीमती सभी जेवरात 24 घंटे के अंदर बरामद कर लिए। नितिन यादव 3 दिन पहले ही शुभम त्रिवेदी के आवास पर दूध देने गया था और उसके ऊपर मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट के मुकदमे भी दर्ज हैं।4
- फर्रुखाबाद शहर में मानसून की बारिश के बीच नगर पालिका प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर हुई है। शहर के व्यस्ततम साहेबगंज चौराहे पर सड़क के बीचों-बीच नाली के ऊपर लगा लोहे का जाल टूट गया। इस घटना में गनीमत रही कि एक ई-रिक्शा पलटते-पलटते बचा, क्योंकि चालक ने समय रहते संतुलन बना लिया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई और चौराहे पर एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने स्थानीय लोगों और राहगीरों में भारी रोष पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि बरसात के मौसम में फर्रुखाबाद नगर में जलभराव एक स्थायी और गंभीर समस्या बन चुका है। जलभराव के समय सड़कें और नाले एक समान हो जाते हैं, जिससे ये टूटे हुए जाल किसी भी दिन जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लोगों को हैरानी है कि शहर के मुख्य चौराहों और मार्गों पर भी नगर पालिका द्वारा कोई उचित देखरेख या मरम्मत कार्य नहीं करवाया जा रहा है, और मानसून से पहले नालों की सफाई तथा जर्जर जालों को बदलने के जो दावे किए गए थे, वे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला और नगर पालिका प्रशासन से तत्काल प्रभाव से साहेबगंज चौराहे के टूटे जाल की मरम्मत करवाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में उचित व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो उसे किसी बड़े हादसे का गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।2