सीकर: राजस्थान बोर्ड 12वीं साइंस रिजल्ट में इस बार सीकर की बेटियों ने कमाल कर दिया। तीन छात्राओं ने एक जैसे 99.80प्रतिशत (500 में से 499 अंक) हासिल कर संयुक्त रूप से स्टेट टॉपर बनते हुए नया इतिहास रच दिया। खास बात तीनों का सिर्फ 1 नंबर हिंदी में कटा, वरना परफेक्ट स्कोर बन सकता था। स्टेट टॉपर रही इन 3 छात्रों में 2 छात्रा निकिता जांगिड़ और रिषिता तूनवाल एक स्कूल की स्टूडेंट हैं और आपस में पक्की वाली सहेली है। जबकि दिव्या भादू एक अन्य स्कूल की छात्रा हैं। छात्रा दिव्या परिणाम की खास बात यह रही कि कि इसके रिजल्ट की गूंज सीकर से लेकर सीमावर्ती इलाके बाड़मेर तक गई। मूल रूप से बाड़मेर के चौहाटन स्कूल की छात्रा दिव्या मौजूदा समय में सीकर के एक निजी स्कूल में पढ़ती है। सीकर स्थित एक निजी स्कूल में पढकर कक्षा 12वीं सांइस में संयुक्त रुप से टॉपर रहने वाली दिव्या भादू मूल निवासी बाड़मेर के चौहाटन इलाके की निवासी है। बाड़मेर से सीकर आकर पढ़ाई की। दिव्या के 500 में से 499 आएं। टॉपर दिव्या कहती हैं कि जब मैं 2 साल पहले बाड़मेर से सीकर आई, हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। स्कूल के बाद रोज 4-5 घंटे सेल्फ स्टडी की। अपनी सफलता के राज के बारे में दिव्या का कहना है कि 11वीं को सीरियस नहीं लोगे तो 12वीं में मुश्किल होगी। उसने बताया कि उसका टर्निंग पॉइंट तब रहा जब 10वीं में कम नंबर आए, उसे चैलेंज बनाकर टॉप किया। अब आईएएस बनना है। दिव्या के पिता ग्राम सेवक अधिकारी है। सीकर की निजी विद्यालय ब्राइट स्कूल, सीकर में निकिता जांगिड़ के भी 500 में से एक नंबर हिन्दी में कटने के कारण 499 अंक आए। निकिता कहती हैं कि हर दिन 14-15 घंटे पढ़ाई की, टाइम टेबल स्ट्रिक्ट रखा। मोबाइल सिर्फ डाउट सॉल्व करने के लिए इस्तेमाल किया। निकिता के अनुसार उसके सफलता के मंत्र में डिसिप्लिन + कंसिस्टेंसी का रहा जिसके चलते उसने टॉप किया। अब उसका भी लक्ष्य आईएएस बनने का हैं। 12वीं सांइस में संयुक्त रुप से स्टेट टॉपर रही सीकर के ब्राइट स्कूल सीकर की छात्रा ऋषिता तूनवाल के भी हिन्दी में एक नंबर कटने से 500 में से 499 नंबरे बनेे। ऋषिता कहती है कि हम और उसकी साथी निकिता (निकिता भी टॉपर रही) 10वीं से साथ पढ़ रहे हैं, साथ बैठते थे।डाउट्स साथ में डिस्कस करते और एक-दूसरे को मोटिवेट करते थे। सांइस में सयुंक्त रुप से टॉपर रही ऋषिता के अव्वल रहने के पीछे स्पेशल बात में वह कहती है सही दोस्त रखोंगे तो सही दिशा मिलेगी। अब उसका लक्ष्य आईएस बनने का है। अव्वल रही निकिता और ऋषिता दोनों दोस्त है। निकिता और ऋषिता की कहानी बताती है कि साथ पढ़ाई, साथ में बराबर मेहनत की जाएं टॉपर बनने में दोस्ती कभी आड़े नहीं आती। दोनों ने बताया कि वे प्रतिदिन दिन 14 से 15 घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल के अलावा वे एक्स्ट्रा क्लास भी साथ साथ लेती थी। घर आकर भी देर रात तक पढ़ाई करती थ। एग्जाम मे भी इस रूटीन को फॉलो किया। मोबाइल भी केवल केवल डाउट क्लियर करने के लिए लेती थी। निकिता के पिता हरफूल और ऋषिता के पिता बाबूलाल टीचर है। इन्हीं से दोनों को मोटिवेशन मिला और आज राजस्थान टॉप कर लिया।
सीकर: राजस्थान बोर्ड 12वीं साइंस रिजल्ट में इस बार सीकर की बेटियों ने कमाल कर दिया। तीन छात्राओं ने एक जैसे 99.80प्रतिशत (500 में से 499 अंक) हासिल कर संयुक्त रूप से स्टेट टॉपर बनते हुए नया इतिहास रच दिया। खास बात तीनों का सिर्फ 1 नंबर हिंदी में कटा, वरना परफेक्ट स्कोर बन सकता था। स्टेट टॉपर रही इन 3 छात्रों में 2 छात्रा निकिता जांगिड़ और रिषिता तूनवाल एक स्कूल की स्टूडेंट हैं और आपस में पक्की वाली सहेली है। जबकि दिव्या भादू एक अन्य स्कूल की छात्रा हैं। छात्रा दिव्या परिणाम की खास बात यह रही कि कि इसके रिजल्ट की गूंज सीकर से लेकर सीमावर्ती इलाके बाड़मेर तक गई। मूल रूप से बाड़मेर के चौहाटन स्कूल की छात्रा दिव्या मौजूदा समय में सीकर के एक निजी स्कूल में पढ़ती है। सीकर स्थित एक निजी स्कूल में पढकर कक्षा 12वीं सांइस में संयुक्त रुप से टॉपर रहने वाली दिव्या भादू मूल निवासी बाड़मेर के चौहाटन इलाके की निवासी है। बाड़मेर से सीकर आकर पढ़ाई की। दिव्या के 500 में से 499 आएं। टॉपर दिव्या कहती हैं कि जब मैं 2 साल पहले बाड़मेर से सीकर आई, हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की। स्कूल के बाद रोज 4-5 घंटे सेल्फ स्टडी की। अपनी सफलता के राज के बारे में दिव्या का कहना है कि 11वीं को सीरियस नहीं लोगे तो 12वीं में मुश्किल होगी। उसने बताया कि उसका टर्निंग पॉइंट तब रहा जब 10वीं में कम नंबर आए, उसे चैलेंज बनाकर टॉप किया। अब आईएएस बनना है। दिव्या के पिता ग्राम सेवक अधिकारी है। सीकर की निजी विद्यालय ब्राइट स्कूल, सीकर में निकिता जांगिड़ के भी 500 में से एक नंबर हिन्दी में कटने के कारण 499 अंक आए। निकिता कहती हैं कि हर दिन 14-15 घंटे पढ़ाई की, टाइम टेबल स्ट्रिक्ट रखा। मोबाइल सिर्फ डाउट सॉल्व करने के लिए इस्तेमाल किया। निकिता के अनुसार उसके सफलता के मंत्र में डिसिप्लिन + कंसिस्टेंसी का रहा जिसके चलते उसने टॉप किया। अब उसका भी लक्ष्य आईएएस बनने का हैं। 12वीं सांइस में संयुक्त रुप से स्टेट टॉपर रही सीकर के ब्राइट स्कूल सीकर की छात्रा ऋषिता तूनवाल के भी हिन्दी में एक नंबर कटने से 500 में से 499 नंबरे बनेे। ऋषिता कहती है कि हम और उसकी साथी निकिता (निकिता भी टॉपर रही) 10वीं से साथ पढ़ रहे हैं, साथ बैठते थे।डाउट्स साथ में डिस्कस करते और एक-दूसरे को मोटिवेट करते थे। सांइस में सयुंक्त रुप से टॉपर रही ऋषिता के अव्वल रहने के पीछे स्पेशल बात में वह कहती है सही दोस्त रखोंगे तो सही दिशा मिलेगी। अब उसका लक्ष्य आईएस बनने का है। अव्वल रही निकिता और ऋषिता दोनों दोस्त है। निकिता और ऋषिता की कहानी बताती है कि साथ पढ़ाई, साथ में बराबर मेहनत की जाएं टॉपर बनने में दोस्ती कभी आड़े नहीं आती। दोनों ने बताया कि वे प्रतिदिन दिन 14 से 15 घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल के अलावा वे एक्स्ट्रा क्लास भी साथ साथ लेती थी। घर आकर भी देर रात तक पढ़ाई करती थ। एग्जाम मे भी इस रूटीन को फॉलो किया। मोबाइल भी केवल केवल डाउट क्लियर करने के लिए लेती थी। निकिता के पिता हरफूल और ऋषिता के पिता बाबूलाल टीचर है। इन्हीं से दोनों को मोटिवेशन मिला और आज राजस्थान टॉप कर लिया।
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- Post by Ajay Juicer4
- बुधौल के भास्कर कोचिंग सेंटर में सामान्य समारोह आयोजित कर उत्कृष्ट छात्र छात्रों को किया गया सम्मानित आमस:- आमस प्रखंड क्षेत्र स्थित बुधौल में मंगलवार को भास्कर कोचिंग सेंटर में मैट्रिक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।संचालक सुबोध कुमार ने बताया कि हमारे कोचिंग से लगभग सतर प्रतिशत छात्र छात्रों ने प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए हैं।जिसमें सूरज कुमार 449 अंक,अमित कुमार 423 अंक,बिट्टू कुमार 422 अंक,नवीन कुमार 416 अंक,मिन्हाज आलम 416 अंक,अमन कुमार 392 अंक,आर्यन कुमार 389 अंक प्राप्त कर संस्थान के साथ साथ अपने माता पिता का नाम रौशन किया है।सभी छात्र छात्रों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।इस दौरान शिक्षक रवि कुमार ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अगर ईमानदारी से की गई मेहनत व कोशिश करने पर मेहनत कभी बेकार नहीं जाती है।वहीं शिक्षक सुनील कुमार ने कहा परिस्थित चाहे जैसी भी हो,इंसान को फोकस हमेशा लक्ष्य की तरफ होनी चाहिए तो सफलता जरूर मिलती है।इस मौके पर सभी शिक्षक और सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित थे।1
- रफीगंज प्रखंड के कोना गांव के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले छात्र अजय अकेला ने बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2025-26 में 423 अंक प्राप्त कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। परीक्षा परिणाम विगत रविवार को जारी हुआ, जिसमें अजय की सफलता से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अजय अकेला, सुरेंद्र पासवान के पुत्र हैं और उन्होंने उत्क्रमित उच्च विद्यालय खडोखर बलीगांव से दसवीं की पढ़ाई की। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की। अजय ने बताया कि वह रोजाना करीब 3 किलोमीटर की दूरी तय कर भादवा में कोचिंग पढ़ने जाते थे। अपनी सफलता का श्रेय अजय ने अपने पिता सुरेंद्र पासवान, माता किरण देवी, विद्यालय के शिक्षकों एवं कोचिंग संस्थान के शिक्षकों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षकों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं था। अजय का सपना है कि वह आगे चलकर बिहार पुलिस में दरोगा बनकर समाज और देश की सेवा करें। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों और शिक्षकों ने मेडल पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर उन्हें सम्मानित किया। अजय की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।1
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- गोह(औरंगाबाद) मंगलवार को गोह थाना क्षेत्र के NH 120 गया-दाउदनगर मुख्य पथ पर कैथी बेनी के समीप हाइवा की टक्कर से एक युवक का मौत हो गया। मृतक युवक की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के संसा गांव निवासी रामचंद्र भगत के 35 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार के रूप में हुई है, फिलहाल वह गोह में किराए के मकान में रहकर व्यवसाय करता है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सुजीत भोजपुर के मलिया बाग स्थित अपने रिश्तेदार के घर से वापस जैसे ही वह कैथी बेनी मोड़ के समीप पहुँचा की अनियंत्रित हाइवा ने जोरदार टक्कर मार दी, टक्कर इतनी जोरदार थी, कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। सूचना पर पहुँची डायल 112 की टीम ने घायल युवक को गोह पीएचसी में भर्ती कराया गया, जहाँ से प्रारंभिक इलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए गया मगध मेडिकल कॉलेज गयाजी रेफर कर दिया था, जहां के चिकित्सकों ने नब्ज टटोलते ही मृत घोषित कर दिया, मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, इधर पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है। मामले में थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Hindustan Express News1
- रफीगंज प्रखंड के ढोसिला पंचायत अंतर्गत पिपराही गांव में स्वच्छता अभियान के तहत मंगलवार को सराहनीय पहल की गई। वार्ड सदस्य अनीता कुमारी एवं वार्ड प्रतिनिधि सह अधिवक्ता (सिविल कोर्ट औरंगाबाद) बबलू यादव के नेतृत्व में 500 ग्रामीणों के बीच हरा एवं नीला डस्टबिन का वितरण किया गया। इस मौके पर बबलू यादव ने ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए दोनों प्रकार के डस्टबिन के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हरे डस्टबिन का उपयोग गीले कचरे के लिए तथा नीले डस्टबिन का उपयोग सूखे कचरे के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि सभी लोग सही तरीके से कचरे का निपटान करें, तो न केवल घर बल्कि पूरा गांव स्वच्छ और स्वस्थ रह सकता है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना की और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर कई स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।1