शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।
- शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए। शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय राजाखेड़ा की व्यवस्था पूरी तरह फेल, कहने को उप जिला अस्पताल लेकिन गर्भवती महिला के लिए स्ट्रेचर तक नहीं, गर्भवती महिला को परिजन पैरों से पकड़कर लटकाकर ले गए अंदर, महिला चिल्लाती रही, वीडियो वायरल मानवता हुई शर्मसार, स्टाफ देखता रहा तमाशा, मरीजों ने कहा - यहां जानवरों से भी बुरा बर्ताव राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय की लचर व्यवस्था की एक और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। कहने को तो यह उप जिला चिकित्सालय है, लेकिन यहां परेशान मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक की व्यवस्था नहीं हो पाती है। आज अस्पताल परिसर में एक गर्भवती महिला को लाया गया। आरोप है कि उसके लिए कोई स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं कराई गई। मजबूरी में उसके परिजन उसको पैरों से पकड़कर लटकाकर अस्पताल के अंदर ले गए। इस दौरान परेशान गर्भवती महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन अस्पताल के स्टाफ ने कोई मदद नहीं की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह है राजाखेड़ा की चिकित्सा व्यवस्था, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मरीजों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी अस्पताल के व्यवस्था में कोई सुधार नहीं बच्चे है औरतें आ रही है मगर व्यवस्थाएं लाचार की लाचारी जांच रूम के बाहर लाइन लंबी लगी रहती है क्योंकि मरीज की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है सफाई व्यवस्था से जुड़े सभी कर्मचारी मौज मार रहे हैं फिनायल तक को बेचकर खा जाते हैं फिनायल की एक बार भी छिड़काव नहीं होता है नहीं सफाई होती है शौचालय की हालत देखकर लोगों को उसकी तरफ जाने में भी शर्म आती है ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले में दोषी स्टाफ पर कार्रवाई हो और अस्पताल में तुरंत स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और डॉक्टरों की व्यवस्था दुरुस्त की जाए।1
- कागजों में मृत घोषित हुए मुरारी लाल, जीवित होने के बाद भी पेंशन का इंतजार शिकायत के बाद रिकॉर्ड में हुए जीवित, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुई पेंशन फतेहाबाद। काली नगर, फतेहाबाद निवासी मुरारी लाल शर्मा पुत्र स्वर्गीय राम लक्ष्मण शर्मा को कुछ माह पूर्व सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर मुरारी लाल ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की और स्वयं के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाए। लगातार शिकायत और प्रयासों के बाद विभागीय रिकॉर्ड में मुरारी लाल को जीवित दर्ज कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी पेंशन अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। पेंशन शुरू कराने के लिए उन्हें अब भी अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मुरारी लाल का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के बाद उनकी पेंशन बंद हो गई थी। अब रिकॉर्ड में जीवित दर्ज किए जाने के बावजूद पेंशन बहाल न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का शीघ्र संज्ञान लेकर पेंशन बहाल कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके और बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कागजों में मृत घोषित हुए मुरारी लाल, जीवित होने के बाद भी पेंशन का इंतजार शिकायत के बाद रिकॉर्ड में हुए जीवित, लेकिन अब तक शुरू नहीं हुई पेंशन फतेहाबाद। काली नगर, फतेहाबाद निवासी मुरारी लाल शर्मा पुत्र स्वर्गीय राम लक्ष्मण शर्मा को कुछ माह पूर्व सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। इसकी जानकारी होने पर मुरारी लाल ने संबंधित अधिकारियों से शिकायत की और स्वयं के जीवित होने का प्रमाण देने के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाए। लगातार शिकायत और प्रयासों के बाद विभागीय रिकॉर्ड में मुरारी लाल को जीवित दर्ज कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उनकी पेंशन अभी तक बहाल नहीं हो सकी है। पेंशन शुरू कराने के लिए उन्हें अब भी अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मुरारी लाल का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित होने के बाद उनकी पेंशन बंद हो गई थी। अब रिकॉर्ड में जीवित दर्ज किए जाने के बावजूद पेंशन बहाल न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का शीघ्र संज्ञान लेकर पेंशन बहाल कराने की मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके और बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।1
- डीएम के नहीं पहुंचने से मायूस हुए फरियादी, 37 शिकायतों में आठ का मौके पर निस्तारण फतेहाबाद : तहसील सभागार में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। जिलाधिकारी मनीष बंसल को फरियादियों की समस्याएं सुनने पहुंचना था, लेकिन उनके नहीं आने से कई फरियादी मायूस नजर आए। उनकी अनुपस्थिति में अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान और एसडीएम स्वाति शर्मा ने शिकायतें सुनीं। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित 37 शिकायतें पहुंचीं। इनमें सबसे अधिक 20 शिकायतें राजस्व विभाग की रहीं। आठ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण महज कागजों तक सीमित न रहे। संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच कर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। इस दौरान सीएमओ डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा रामायण यादव, तहसीलदार शिखर मिश्रा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।2
- तहसील के बगल की 21 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त 40 साल पुराने कब्जे पर चार घंटे चली कार्रवाई, बाजरा फसल गौशाला भेजी अंबाह। भूमाफिया के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत तहसीलदार नरेश शर्मा के नेतृत्व में नवीन तहसील परिसर से लगी 18 बीघा से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जमीन पर करीब 40 साल से कब्जा था और इसे बटाई पर दिए जाने की जानकारी सामने आई तहसील के बगल की 21 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त 40 साल पुराने कब्जे पर चार घंटे चली कार्रवाई, बाजरा फसल गौशाला भेजी अंबाह। भूमाफिया के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत तहसीलदार नरेश शर्मा के नेतृत्व में नवीन तहसील परिसर से लगी 18 बीघा से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जमीन पर करीब 40 साल से कब्जा था और इसे बटाई पर दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई में सर्वे क्रमांक 906, 907, 912 और 913 की भूमि को मुक्त कराया गया, जिसका बाजार मूल्य करीब 21 करोड़ रुपए बताया गया है। कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देशन और एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में करीब चार घंटे कार्रवाई चली। अतिक्रमण हटाने के दौरान खड़ी बाजरा फसल को नगर पालिका की गौशाला भेजा गया। मुक्त जमीन पर अब वृक्षारोपण कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान राजस्व अमले के साथ पुलिस बल मौजूद रहा।1
- *राधा-कृष्ण के रंग में रंगा श्वेता पब्लिक स्कूल, अंबाह* *राधाष्टमी पर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की मनमोहक प्रस्तुति* अंबाह। श्वेता पब्लिक स्कूल, अंबाह में राधाष्टमी पर्व हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की सुंदर वेशभूषा धारण कर कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों और सुंदर वेशभूषा ने सभी का मन मोह लिया। विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं एवं त्योहारों के महत्व से परिचित कराया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय का वातावरण राधा-कृष्ण की भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा। विद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सहभागिता एवं प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता, संस्कार एवं भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान विकसित करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। – श्वेता पब्लिक स्कूल, अंबाह4
- शिक्षक दिवस पर ओझा समाज विकास समिति अंबाह जिला मुरैना द्वारा किया गया शिक्षकों का सम्मान 5 सितम्बर 2026 को शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर ओझा समाज विकास समिति अंबाह द्वारा शिक्षकों का सम्मान समारोह किशोरी लाल जी की धर्मशाला में रखा गया जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और गुरुओं का किया सम्मान जिसमें सेवानिवृत एवं वर्तमान में कार्यरत सभी शिक्षकों का सम्मान किया गया ओझा समाज विकास समिति के मुरैना के जिला अध्यक्ष रमेश ओझा जी और उपाध्यक्ष नरेंद्र ओझा जी और कोषाध्यक्ष शिवम ओझा और संगठन मंत्री अन्य कमेटी के सभी पदाधिकारी गण मौजूद रहे4
- 🚨 ब्रांडेड बोतलों में 'मौत' का केमिकल! सतना में नकली शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ क्या आप भी घर बैठे महंगी और ब्रांडेड शराब मंगा रहे हैं? सावधान हो जाइए! जिस चमकदार बोतल को आप ओरिजिनल समझ रहे हैं, उसमें जहर भरा हो सकता है। सतना में आबकारी विभाग ने एक ऐसे खौफनाक सिंडिकेट को ध्वस्त किया है, जो 'मंकी शोल्डर' और 'रेड लेबल' जैसी महंगी बोतलों में जहरीला केमिकल भरकर लोगों की जिंदगी से खेल रहा था। 🔥 शातिर मास्टरमाइंड का फिल्मी पैंतरा इस काले कारोबार का मास्टरमाइंड जितेन्द्र कुमार साह उर्फ रवि (38) खुद कभी सामने नहीं आता था। वह सिर्फ फोन पर ऑर्डर लेता था और पुलिस से बचने के लिए एजेंट के जरिए एक बार में केवल 1-2 बोतलें ही भिजवाता था—ताकि पकड़े जाने पर सख्त कानूनी धाराओं से बच सके। 🕵️♂️ 'डिकॉय ऑपरेशन' से हुआ पर्दाफाश कलेक्टर सतीश कुमार एस और वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों के कड़े निर्देशों पर उप-निरीक्षक आशीष वारिया की टीम ने गुप्त 'Sting Operation' का जाल बिछाया। आबकारी टीम ने खुद आम ग्राहक बनकर डिलीवरी एजेंट को घेरा और मास्टरमाइंड सहित दो आरोपियों को दबोच लिया। ⚠️ जनहित में जारी: किसी भी अज्ञात या असत्यापित स्रोत से शराब न खरीदें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें! 📌 #SatnaNews #CrimeAlert #ExciseDepartment #SatnaPolice #FakeLiquorBust #Beware1
- तहसील के बगल की 21 करोड़ की जमीन अतिक्रमण मुक्त 40 साल पुराने कब्जे पर चार घंटे चली कार्रवाई, बाजरा फसल गौशाला भेजी अंबाह। भूमाफिया के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत तहसीलदार नरेश शर्मा के नेतृत्व में नवीन तहसील परिसर से लगी 18 बीघा से अधिक सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जमीन पर करीब 40 साल से कब्जा था और इसे बटाई पर दिए जाने की जानकारी सामने आई थी। कार्रवाई में सर्वे क्रमांक 906, 907, 912 और 913 की भूमि को मुक्त कराया गया, जिसका बाजार मूल्य करीब 21 करोड़ रुपए बताया गया है। कलेक्टर लोकेश जांगिड़ के निर्देशन और एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा के मार्गदर्शन में करीब चार घंटे कार्रवाई चली। अतिक्रमण हटाने के दौरान खड़ी बाजरा फसल को नगर पालिका की गौशाला भेजा गया। मुक्त जमीन पर अब वृक्षारोपण कराया जाएगा। कार्रवाई के दौरान राजस्व अमले के साथ पुलिस बल मौजूद रहा।1