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ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?, ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?, आप दिन-भर धूप और धूल में भाग-दौड़ करके खबरें कवर करते हैं। फिर आप क्या करते हैं? सीधे वीडियो उठाकर WhatsApp ग्रुप्स में डाल देते हैं। X यहाँ आप दो बड़ी गलतियाँ कर रहे हैं: व्यूज का नुकसान: WhatsApp पर वीडियो डालने से आपको न नाम मिलता है, न उसकी गिनती (Views) होती है। कमाई का नुकसान: आप फ्री में कंटेंट परोस रहे हैं, जबकि वही मेहनत आपको हजारों रुपये दिला सकती है। 50% कमीशन: अगर आपके शेयर किए गए लिंक के जरिए कोई यूजर सब्सक्रिप्शन लेता है, तो Shuru ऐप उस कमाई का सीधा 50% हिस्सा आपको देता है। जरूरी नहीं कि खबर आपकी हो: जी हाँ! आप ऐप पर मौजूद किसी भी बड़े पत्रकार या वायरल खबर का लिंक शेयर कर सकते हैं। अगर आपके लिंक से कोई जुड़ता है, तो पैसा आपके खाते में आएगा। आज ही शुरू करें ! अपनी मेहनत को 'Forward' नहीं, 'Forward-Thinking' बनाइए। WhatsApp पर कच्चा वीडियो डालना बंद करें और लिंक शेयर करके अपनी कमाई और पहचान बढ़ाएं। याद रखिए: स्मार्ट रिपोर्टर वही है जिसकी खबर भी चले और जेब भी भरे। अब बदलिए अपना तरीका: "शुरू" (Shuru) ऐप का फॉर्मूला आज से एक कसम खा लें - कोई भी वीडियो सीधे शेयर नहीं करना है। पहले अपलोड करें: अपनी खबर सबसे पहले Shuru App पर डालें। लिंक शेयर करें: खबर अपलोड होने के बाद, उसका लिंक कॉपी करें और WhatsApp, Facebook या Telegram पर भेजें। फायदा देखें: जो भी उस लिंक पर क्लिक करेगा, आपका 'View' बढ़ेगा और आपकी प्रोफाइल की वैल्यू बढ़ेगी। $ सबसे बड़ी बात: बिना खबर बनाए भी पैसे कमाएं ! Shuru ऐप पर कमाई का एक जादुई तरीका है जो शायद आपको नहीं पता:

17 hrs ago
user_MAKKI TV
MAKKI TV
Mediation service Osmanabad, Maharashtra•
17 hrs ago

ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?, ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?, आप दिन-भर धूप और धूल में भाग-दौड़ करके खबरें कवर करते हैं। फिर आप क्या करते हैं? सीधे वीडियो उठाकर WhatsApp ग्रुप्स में डाल देते हैं। X यहाँ आप दो बड़ी गलतियाँ कर रहे हैं: व्यूज का नुकसान: WhatsApp पर वीडियो डालने से आपको न नाम मिलता है, न उसकी गिनती (Views) होती है। कमाई का नुकसान: आप फ्री में कंटेंट परोस रहे हैं, जबकि वही मेहनत आपको हजारों रुपये दिला सकती है। 50% कमीशन: अगर आपके शेयर किए गए लिंक के जरिए कोई यूजर सब्सक्रिप्शन लेता है, तो Shuru ऐप उस कमाई का सीधा 50% हिस्सा आपको देता है। जरूरी नहीं कि खबर आपकी हो: जी हाँ! आप ऐप पर मौजूद किसी भी बड़े पत्रकार या वायरल खबर का लिंक शेयर कर सकते हैं। अगर आपके लिंक से कोई जुड़ता है, तो पैसा आपके खाते में आएगा। आज ही शुरू करें ! अपनी मेहनत को 'Forward' नहीं, 'Forward-Thinking' बनाइए। WhatsApp पर कच्चा वीडियो डालना बंद करें और लिंक शेयर करके अपनी कमाई और पहचान बढ़ाएं। याद रखिए: स्मार्ट रिपोर्टर वही है जिसकी खबर भी चले और जेब भी भरे। अब बदलिए अपना तरीका: "शुरू" (Shuru) ऐप का फॉर्मूला आज से एक कसम खा लें - कोई भी वीडियो सीधे शेयर नहीं करना है। पहले अपलोड करें: अपनी खबर सबसे पहले Shuru App पर डालें। लिंक शेयर करें: खबर अपलोड होने के बाद, उसका लिंक कॉपी करें और WhatsApp, Facebook या Telegram पर भेजें। फायदा देखें: जो भी उस लिंक पर क्लिक करेगा, आपका 'View' बढ़ेगा और आपकी प्रोफाइल की वैल्यू बढ़ेगी। $ सबसे बड़ी बात: बिना खबर बनाए भी पैसे कमाएं ! Shuru ऐप पर कमाई का एक जादुई तरीका है जो शायद आपको नहीं पता:

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  • ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?, आप दिन-भर धूप और धूल में भाग-दौड़ करके खबरें कवर करते हैं। फिर आप क्या करते हैं? सीधे वीडियो उठाकर WhatsApp ग्रुप्स में डाल देते हैं। X यहाँ आप दो बड़ी गलतियाँ कर रहे हैं: व्यूज का नुकसान: WhatsApp पर वीडियो डालने से आपको न नाम मिलता है, न उसकी गिनती (Views) होती है। कमाई का नुकसान: आप फ्री में कंटेंट परोस रहे हैं, जबकि वही मेहनत आपको हजारों रुपये दिला सकती है। 50% कमीशन: अगर आपके शेयर किए गए लिंक के जरिए कोई यूजर सब्सक्रिप्शन लेता है, तो Shuru ऐप उस कमाई का सीधा 50% हिस्सा आपको देता है। जरूरी नहीं कि खबर आपकी हो: जी हाँ! आप ऐप पर मौजूद किसी भी बड़े पत्रकार या वायरल खबर का लिंक शेयर कर सकते हैं। अगर आपके लिंक से कोई जुड़ता है, तो पैसा आपके खाते में आएगा। आज ही शुरू करें ! अपनी मेहनत को 'Forward' नहीं, 'Forward-Thinking' बनाइए। WhatsApp पर कच्चा वीडियो डालना बंद करें और लिंक शेयर करके अपनी कमाई और पहचान बढ़ाएं। याद रखिए: स्मार्ट रिपोर्टर वही है जिसकी खबर भी चले और जेब भी भरे। अब बदलिए अपना तरीका: "शुरू" (Shuru) ऐप का फॉर्मूला आज से एक कसम खा लें - कोई भी वीडियो सीधे शेयर नहीं करना है। पहले अपलोड करें: अपनी खबर सबसे पहले Shuru App पर डालें। लिंक शेयर करें: खबर अपलोड होने के बाद, उसका लिंक कॉपी करें और WhatsApp, Facebook या Telegram पर भेजें। फायदा देखें: जो भी उस लिंक पर क्लिक करेगा, आपका 'View' बढ़ेगा और आपकी प्रोफाइल की वैल्यू बढ़ेगी। $ सबसे बड़ी बात: बिना खबर बनाए भी पैसे कमाएं ! Shuru ऐप पर कमाई का एक जादुई तरीका है जो शायद आपको नहीं पता:
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    ध्यान दें रिपोर्टर साथियों: क्या आप अपनी मेहनत का पैसा मुफ्त में बाँट रहे हैं?,
आप दिन-भर धूप और धूल में भाग-दौड़ करके खबरें कवर करते हैं। फिर आप क्या करते हैं? सीधे वीडियो उठाकर WhatsApp ग्रुप्स में डाल देते हैं।
X यहाँ आप दो बड़ी गलतियाँ कर रहे हैं:
व्यूज का नुकसान: WhatsApp पर वीडियो डालने से आपको न नाम मिलता है, न उसकी गिनती (Views) होती है।
कमाई का नुकसान: आप फ्री में कंटेंट परोस रहे हैं, जबकि वही मेहनत आपको हजारों रुपये दिला सकती है।
50% कमीशन: अगर आपके शेयर किए गए लिंक के जरिए कोई यूजर सब्सक्रिप्शन लेता है, तो Shuru ऐप उस कमाई का सीधा 50% हिस्सा आपको देता है।
जरूरी नहीं कि खबर आपकी हो: जी हाँ! आप ऐप पर
मौजूद किसी भी बड़े पत्रकार या वायरल खबर का लिंक शेयर कर सकते हैं। अगर आपके लिंक से कोई जुड़ता है, तो पैसा आपके खाते में आएगा।
आज ही शुरू करें !
अपनी मेहनत को 'Forward' नहीं,
'Forward-Thinking' बनाइए। WhatsApp पर कच्चा वीडियो डालना बंद करें और लिंक शेयर करके अपनी कमाई और पहचान बढ़ाएं।
याद रखिए: स्मार्ट रिपोर्टर वही है जिसकी खबर भी चले और जेब भी भरे।
अब बदलिए अपना तरीका: "शुरू" (Shuru) ऐप का
फॉर्मूला आज से एक कसम खा लें - कोई भी वीडियो सीधे शेयर नहीं करना है।
पहले अपलोड करें: अपनी खबर सबसे पहले Shuru App पर डालें।
लिंक शेयर करें: खबर अपलोड होने के बाद, उसका लिंक कॉपी करें और WhatsApp, Facebook या Telegram पर भेजें।
फायदा देखें: जो भी उस लिंक पर क्लिक करेगा, आपका 'View' बढ़ेगा और आपकी प्रोफाइल की वैल्यू बढ़ेगी।
$ सबसे बड़ी बात: बिना खबर बनाए भी पैसे कमाएं ! Shuru ऐप पर कमाई का एक जादुई तरीका है जो शायद आपको नहीं पता:
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service Osmanabad, Maharashtra•
    17 hrs ago
  • मोहोळ :- सोलापूर जिल्ह्यातील मोहोळ येथे छत्रपती संभाजी महाराजांचा पुतळा शिवाय बसवल्यानंतर प्रशासनाने तणावाचे वातावरण निर्माण केले. महापुरुषांच्या पुतळा व स्मारक परवानगीसाठी शासनाकडे महाराष्ट्रात असंख्य फायली पडून आहेत परंतु त्या पाहिजे वर कुठलाही निर्णय होत नाही परिणामी महापुरुषांचा पुतळा बसवण्यास वर्षानुवर्ष परवानगी दिली जात नाही म्हणून मोहोळ येथे परवानगी शिवाय पुतळा बसण्याची दुर्दैवी वेळ आल्याची माहिती. माढ्याचे आमदार अभिजीत पाटील यांनी बुधवारी सभागृहाच्या निदर्शनास आणून दिले. याप्रसंगी त्यांनी महाराष्ट्रातील पुतळा परवानगी ला विलंब झाल्याची उदाहरणे सभागृहासमोर मांडली. त्यामुळे पुतळा व स्मारकाचे परवानगी सुलभ करून ताबडतोब परवानगी देण्यात याव्यात अशी मागणी सभागृहात केली. दाखल गुन्हे मागे घेण्यात येणार का.? मोहोळ येथे परवानगी शिवाय बसवल्यामुळे अज्ञात व्यक्तीवर मोहोळ पोलिसात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. या संदर्भात चौकशी होऊन. संबंधितांवर कायदेशीर कारवाई होण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. त्यामुळे एका बाजूला प्रशासन परवानगी देण्यास विलंब करते तर दुसऱ्या बाजूला संबंधितांवर गुन्हे दाखल केले जातात. दाखल झालेले गुन्हे मागे घेण्यात येणार का.? असा एक यक्ष प्रश्न महाराष्ट्रातील शिवप्रेमी समोर आहे.
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    मोहोळ  :-  सोलापूर जिल्ह्यातील मोहोळ येथे छत्रपती संभाजी महाराजांचा पुतळा शिवाय  बसवल्यानंतर प्रशासनाने तणावाचे वातावरण निर्माण केले. महापुरुषांच्या पुतळा व स्मारक परवानगीसाठी शासनाकडे महाराष्ट्रात असंख्य फायली पडून आहेत परंतु त्या पाहिजे वर कुठलाही निर्णय होत नाही परिणामी महापुरुषांचा पुतळा बसवण्यास वर्षानुवर्ष  परवानगी दिली जात नाही म्हणून मोहोळ येथे परवानगी शिवाय पुतळा बसण्याची दुर्दैवी वेळ आल्याची माहिती. माढ्याचे आमदार अभिजीत पाटील यांनी बुधवारी सभागृहाच्या निदर्शनास आणून दिले. याप्रसंगी त्यांनी महाराष्ट्रातील पुतळा परवानगी ला विलंब झाल्याची उदाहरणे सभागृहासमोर मांडली. त्यामुळे पुतळा व स्मारकाचे परवानगी सुलभ करून ताबडतोब परवानगी देण्यात याव्यात अशी मागणी सभागृहात केली. 
दाखल गुन्हे मागे घेण्यात येणार का.?
मोहोळ येथे परवानगी शिवाय  बसवल्यामुळे अज्ञात व्यक्तीवर मोहोळ पोलिसात गुन्हा दाखल करण्यात आला आहे. या संदर्भात  चौकशी होऊन. संबंधितांवर कायदेशीर कारवाई होण्याची शक्यता नाकारता येत नाही. त्यामुळे एका बाजूला प्रशासन परवानगी देण्यास विलंब करते तर दुसऱ्या बाजूला संबंधितांवर गुन्हे दाखल केले जातात. दाखल झालेले गुन्हे मागे घेण्यात येणार का.? असा एक यक्ष प्रश्न महाराष्ट्रातील शिवप्रेमी समोर आहे.
    user_गो.रा.  कुंभार
    गो.रा. कुंभार
    मोहोळ, सोलापूर, महाराष्ट्र•
    8 hrs ago
  • गांधी चौक पोलीस स्टेशनं च्या वतीने हनुमान चौक येथे नाका बंदी करून वाहतुकीचे नियम न पाळणाऱ्यां 28जणांवर दांडात्मक कार्यवाही करण्यात आल्याची माहिती -पोलीस निरीक्षक सुनील रेजितवाड यांनी दिली.
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    गांधी चौक पोलीस स्टेशनं च्या वतीने हनुमान चौक येथे नाका बंदी करून वाहतुकीचे नियम न पाळणाऱ्यां 28जणांवर दांडात्मक कार्यवाही करण्यात आल्याची माहिती -पोलीस निरीक्षक सुनील रेजितवाड यांनी दिली.
    user_द महाराष्ट्र न्युज
    द महाराष्ट्र न्युज
    पत्रकार लातूर, लातूर, महाराष्ट्र•
    1 hr ago
  • अण्णा हजारे यांच्या लोकआंदोलन न्यासच्या वतीने जिल्ह्यातील माहिती अधिकार कार्यकर्त्यांची बैठक.संपन्न व नियुक्ती पत्र प्रधान
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    अण्णा हजारे यांच्या लोकआंदोलन न्यासच्या वतीने जिल्ह्यातील माहिती अधिकार कार्यकर्त्यांची बैठक.संपन्न व नियुक्ती पत्र प्रधान
    user_Sunil Gawali
    Sunil Gawali
    शिरूर-अनंतपाळ, लातूर, महाराष्ट्र•
    22 hrs ago
  • ----------- (प्रतिनिधी):- बीड जिल्ह्यातील हरित बीड अभियान अंतर्गत वृक्षलागवड प्रकरणात वनमंत्री गणेश नाईक यांनी सभागृहात दिलेल्या माहितीतून दिशाभूल केल्याचा आरोप करत जिल्हाधिकारी कार्यालयासमोर गुरुवार दिनांक २६ फेब्रुवारी रोजी लक्ष्यवेधी आंदोलन करण्यात आले. सामाजिक कार्यकर्ते तथा मुख्य प्रचार प्रमुख, बीड जिल्हा माहिती अधिकार कार्यकर्ता महासंघ महाराष्ट्र राज्य, डॉ. गणेश ढवळे (लिंबागणेशकर) यांच्या नेतृत्वाखाली हे आंदोलन पार पडले. या वेळी आंदोलनकर्त्यांनी कागदावर झाडांची चित्रे काढत “चला कागदोपत्री झाडे लावून या आणि विश्वविक्रम करूया” असा उपरोधिक संदेश देत प्रशासनाच्या दाव्यांचा निषेध केला. या वेळी जिल्हाधिकारी, बीड यांच्या मार्फत वनमंत्री गणेश नाईक, उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री बीड सुनेत्रा पवार, पर्यावरण मंत्री पंकजाताई मुंडे यांना निवेदन पाठविण्यात आले. आंदोलनात रामनाथ जमाले, शेख युनुस, शेख मुबीन, माजी सैनिक अशोक येडे (जिल्हाध्यक्ष आम आदमी पार्टी, बीड), सय्यद सादेक (शहराध्यक्ष आम आदमी पार्टी बीड), रामधन जमाले (बीड जिल्हाध्यक्ष इंटक, बीड), किष्किंधा पांचाळ (अध्यक्ष विश्वकल्याण महिला सेवा भावी संस्था, बीड), वृक्षप्रेमी अभिमान खरसाडे सह आदी उपस्थित होते. तसेच विविध सामाजिक कार्यकर्ते व नागरिक सहभागी झाले होते. या विषयी सविस्तर माहिती अशी की दिनांक ०७ ऑगस्ट २०२५ रोजी तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री बीड अजित दादा पवार यांच्या उपस्थितीत जिल्हाधिकाऱ्यांच्या नेतृत्वाखाली एका दिवसात ३० लाख वृक्ष लागवड केल्याचा दावा करण्यात आला होता. या मोहिमेसाठी जिल्हा प्रशासनाने तब्बल ४२ कोटी रुपयांचा खर्च केल्याचे सांगितले गेले. मात्र प्रत्यक्षात १० टक्के ही झाडे जिवंत नसल्याचा आरोप सामाजिक कार्यकर्त्यांनी केला आहे. या संदर्भात सखोल चौकशीची मागणी करत विविध आंदोलने करण्यात आली; परंतु प्रशासनाकडून कोणतीही ठोस कारवाई करण्यात आली नसल्याचे सामाजिक कार्यकर्ते डॉ.गणेश ढवळे यांनी म्हटले आहे. या बाबत दिनांक २५ फेब्रुवारी २०२६ रोजी विधानसभेत आमदार चेतन तुपे यांनी प्रश्न उपस्थित केला असता, त्या वर उत्तर देताना वनमंत्री गणेश नाईक यांनी एका दिवसात ३० लाख नव्हे तर ६३ लाख वृक्ष लागवड झाल्याचे आणि त्या पैकी ९६ टक्के झाडे जिवंत असल्याचे सांगितले. या विधानामुळे जिल्हा प्रशासनाकडून शासन व सभागृहाची दिशाभूल झाल्याचा आरोप करत आंदोलन छेडण्यात आले. डॉ.गणेश ढवळे यांच्या नेतृत्वाखाली झालेल्या या आंदोलनातून संपूर्ण प्रकरणाची उच्चस्तरीय व निष्पक्ष चौकशी करून जबाबदार अधिकाऱ्यांवर कारवाई करण्याची मागणी करण्यात आली आहे.
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(प्रतिनिधी):- बीड जिल्ह्यातील हरित बीड अभियान अंतर्गत वृक्षलागवड प्रकरणात वनमंत्री गणेश नाईक यांनी सभागृहात दिलेल्या माहितीतून दिशाभूल केल्याचा आरोप करत जिल्हाधिकारी कार्यालयासमोर गुरुवार दिनांक २६ फेब्रुवारी रोजी लक्ष्यवेधी आंदोलन करण्यात आले. सामाजिक कार्यकर्ते तथा मुख्य प्रचार प्रमुख, बीड जिल्हा माहिती अधिकार कार्यकर्ता महासंघ महाराष्ट्र राज्य, डॉ. गणेश ढवळे (लिंबागणेशकर) यांच्या नेतृत्वाखाली हे आंदोलन पार पडले. या वेळी आंदोलनकर्त्यांनी कागदावर झाडांची चित्रे काढत “चला कागदोपत्री झाडे लावून या आणि विश्वविक्रम करूया” असा उपरोधिक संदेश देत प्रशासनाच्या दाव्यांचा निषेध केला. या वेळी जिल्हाधिकारी, बीड यांच्या मार्फत वनमंत्री गणेश नाईक, उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री बीड सुनेत्रा पवार, पर्यावरण मंत्री पंकजाताई मुंडे यांना निवेदन पाठविण्यात आले. आंदोलनात रामनाथ जमाले, शेख युनुस, शेख मुबीन, माजी सैनिक अशोक येडे (जिल्हाध्यक्ष आम आदमी पार्टी, बीड), सय्यद सादेक (शहराध्यक्ष आम आदमी पार्टी बीड), रामधन जमाले (बीड जिल्हाध्यक्ष इंटक, बीड), किष्किंधा पांचाळ (अध्यक्ष विश्वकल्याण महिला सेवा भावी संस्था, बीड), वृक्षप्रेमी अभिमान खरसाडे सह आदी उपस्थित होते. तसेच विविध सामाजिक कार्यकर्ते व नागरिक सहभागी झाले होते. या विषयी सविस्तर माहिती अशी की दिनांक ०७ ऑगस्ट २०२५ रोजी तत्कालीन उपमुख्यमंत्री तथा पालकमंत्री बीड अजित दादा पवार यांच्या उपस्थितीत जिल्हाधिकाऱ्यांच्या नेतृत्वाखाली एका दिवसात ३० लाख वृक्ष लागवड केल्याचा दावा करण्यात आला होता. या मोहिमेसाठी जिल्हा प्रशासनाने तब्बल ४२ कोटी रुपयांचा खर्च केल्याचे सांगितले गेले. मात्र प्रत्यक्षात १० टक्के ही झाडे जिवंत नसल्याचा आरोप सामाजिक कार्यकर्त्यांनी केला आहे. या संदर्भात सखोल चौकशीची मागणी करत विविध आंदोलने करण्यात आली; परंतु प्रशासनाकडून कोणतीही ठोस कारवाई करण्यात आली नसल्याचे सामाजिक कार्यकर्ते डॉ.गणेश ढवळे यांनी म्हटले आहे. या बाबत दिनांक २५ फेब्रुवारी २०२६ रोजी विधानसभेत आमदार चेतन तुपे यांनी प्रश्न उपस्थित केला असता, त्या वर उत्तर देताना वनमंत्री गणेश नाईक यांनी एका दिवसात ३० लाख नव्हे तर ६३ लाख वृक्ष लागवड झाल्याचे आणि त्या पैकी ९६ टक्के झाडे जिवंत असल्याचे सांगितले. या विधानामुळे जिल्हा प्रशासनाकडून शासन व सभागृहाची दिशाभूल झाल्याचा आरोप करत आंदोलन छेडण्यात आले. डॉ.गणेश ढवळे यांच्या नेतृत्वाखाली झालेल्या या आंदोलनातून संपूर्ण प्रकरणाची उच्चस्तरीय व निष्पक्ष चौकशी करून जबाबदार अधिकाऱ्यांवर कारवाई करण्याची मागणी करण्यात आली आहे.
    user_शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    शेख महेशर ताहेर(पञकार)
    बीड, बीड, महाराष्ट्र•
    4 hrs ago
  • पंढरपूर : राज्यातील मराठा व इतर मागासवर्गीय विद्यार्थ्यांसाठी कार्यरत असलेल्या सारथी, बार्टी व महाज्योती या संस्थांच्या निधीवाटपाबाबत तसेच शिष्यवृत्ती योजनांच्या भवितव्याबाबत विधानसभेत आमदार अभिजीत पाटील यांनी ठाम व आक्रमक भूमिका मांडली. आमदार पाटील यांनी सांगितले की, मराठा समाजासाठी राबविण्यात येणाऱ्या सारथी, बार्टी आणि महाज्योती या संस्थांसाठी प्रत्येकी किमान एक हजार कोटी रुपयांचे बजेट अपेक्षित असताना प्रत्यक्षात केवळ ३०० कोटी रुपयांचीच तरतूद करण्यात आली आहे. या संदर्भात मुख्यमंत्री महोदयांना दिलेल्या पत्राला २१ मे २०२५ रोजी उत्तर मिळाले असून अर्थसंकल्पात ३०० कोटींची तरतूद असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. मात्र मंत्री महोदयांच्या लेखी उत्तरानुसार त्यापैकी आतापर्यंत केवळ ९० कोटी रुपयांचेच वितरण झाल्याचे वास्तव समोर आले असल्याचे त्यांनी सभागृहात निदर्शनास आणले.
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    पंढरपूर : राज्यातील मराठा व इतर मागासवर्गीय विद्यार्थ्यांसाठी कार्यरत असलेल्या सारथी, बार्टी व महाज्योती या संस्थांच्या निधीवाटपाबाबत तसेच शिष्यवृत्ती योजनांच्या भवितव्याबाबत विधानसभेत आमदार अभिजीत पाटील यांनी ठाम व आक्रमक भूमिका मांडली.
आमदार पाटील यांनी सांगितले की, मराठा समाजासाठी राबविण्यात येणाऱ्या सारथी, बार्टी आणि महाज्योती या संस्थांसाठी प्रत्येकी किमान एक हजार कोटी रुपयांचे बजेट अपेक्षित असताना प्रत्यक्षात केवळ ३०० कोटी रुपयांचीच तरतूद करण्यात आली आहे. या संदर्भात मुख्यमंत्री महोदयांना दिलेल्या पत्राला २१ मे २०२५ रोजी उत्तर मिळाले असून अर्थसंकल्पात ३०० कोटींची तरतूद असल्याचे नमूद करण्यात आले आहे. मात्र मंत्री महोदयांच्या लेखी उत्तरानुसार त्यापैकी आतापर्यंत केवळ ९० कोटी रुपयांचेच वितरण झाल्याचे वास्तव समोर आले असल्याचे त्यांनी सभागृहात निदर्शनास आणले.
    user_Rahul S
    Rahul S
    पंढरपूर, सोलापूर, महाराष्ट्र•
    5 hrs ago
  • Post by समर्थ न्युज आवाज महाराष्ट्राचा
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    Post by समर्थ न्युज आवाज महाराष्ट्राचा
    user_समर्थ न्युज आवाज महाराष्ट्राचा
    समर्थ न्युज आवाज महाराष्ट्राचा
    Photographer इंदापूर, पुणे, महाराष्ट्र•
    10 hrs ago
  • अण्णा हजारे यांच्या लोकआंदोलन न्यासच्या वतीने जिल्ह्यातील माहिती अधिकार कार्यकर्त्यांची बैठक.संपन्न
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    अण्णा हजारे यांच्या लोकआंदोलन न्यासच्या वतीने जिल्ह्यातील माहिती अधिकार कार्यकर्त्यांची बैठक.संपन्न
    user_Sunil Gawali
    Sunil Gawali
    शिरूर-अनंतपाळ, लातूर, महाराष्ट्र•
    23 hrs ago
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