उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम गोशा कुतुब निवासी मंगू पुत्र सोनू का बताया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप है। हालांकि, आरोपी के नाम और निवास स्थान की सही पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि यदि वीडियो की सत्यता जांच में सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं जारी हैं, और संबंधित अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई अथवा मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी, और अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम गोशा कुतुब निवासी मंगू पुत्र सोनू का बताया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप है। हालांकि, आरोपी के नाम और निवास स्थान की सही पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि यदि वीडियो की सत्यता जांच में सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं जारी हैं, और संबंधित अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई अथवा मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी, और अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम गोशा कुतुब निवासी मंगू पुत्र सोनू का बताया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के प्रति आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप है। हालांकि, आरोपी के नाम और निवास स्थान की सही पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र के कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने मांग की है कि यदि वीडियो की सत्यता जांच में सही पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं जारी हैं, और संबंधित अधिकारियों द्वारा वायरल वीडियो की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। समाचार लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक कार्रवाई अथवा मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई थी, और अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है।1
- लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई किशोरी के पिता की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद की गई थी। पुलिस जांच में आरोपी की पहचान मो. कासिफ खान के रूप में हुई। आरोप है कि उसने किशोरी को अपने प्रभाव में ले लिया, उसे घर से दूर ले गया, और उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव भी बनाया। प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी मो. कासिफ खान को गिरफ्तार किया। मामले में विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, और पुलिस इस पूरे प्रकरण की आगे भी जांच कर रही है।1
- लखनऊ के गोसाईगंज पावर हाउस के अंतर्गत मोहम्मदपुर गढ़ी मजरा नारायणपुर गांव में पिछले लगभग पांच वर्षों से बिजली के खंभे नहीं लगाए गए हैं। इस गंभीर लापरवाही के कारण बिजली की तारें सड़क के किनारे और रास्तों में खतरनाक ढंग से झूल रही हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने का अंदेशा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग को कई बार लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी गुहार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में लटकती ये केबलें उनकी जान-माल के लिए बड़ा खतरा बनी हुई हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इन झूलती केबलों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से तत्काल बिजली के खंभे लगवाकर इस समस्या का स्थायी समाधान करने की पुरजोर मांग की है।1
- लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ है, जिसकी आवाज करीब 2 किलोमीटर तक सुनाई दी। इस भीषण धमाके के कारण पूरा घर उड़ गया और एक महिला तथा एक युवक घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत कार्य के लिए तुरंत मौके पर पहुंच गईं।1
- स्वास्थ्य मंत्री के गृह जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से डगमगाई हुई है, जहाँ बुलडोजर की कार्रवाई भी महज हवा हवाई साबित हुई है। बिलग्राम कस्बे में एक मृतक डॉक्टर की डिग्री का इस्तेमाल करके कई क्लीनिक और अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं, जिससे जिम्मेदार लोग खुलेआम जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। बिलग्राम तहसील क्षेत्र में, स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही और नाकामी के कारण अवैध क्लीनिकों और निजी अस्पतालों का जाल तेजी से फैल रहा है। बिलग्राम कस्बे से लेकर बिलग्राम-कन्नौज मार्ग पर म्योरा मोड़, छिबरामऊ, जफरपुर, मल्लावां कस्बा और सांडी जैसे सैकड़ों स्थानों पर बेखौफ निजी अस्पताल, क्लीनिक और सेवा सदन चल रहे हैं। ये संस्थान निर्धारित मानकों को ताक पर रखकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन कथित अस्पतालों के बाहर बड़े-बड़े बैनर लगाकर नामचीन डॉक्टरों और लंबी-चौड़ी डिग्रियों का प्रदर्शन किया जाता है, लेकिन हकीकत में इन स्थानों पर कोई भी योग्य, डिग्री या डिप्लोमा धारक डॉक्टर या स्टाफ मौजूद नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि बिना किसी विशेषज्ञ की मौजूदगी के, अप्रशिक्षित स्टाफ खुद ही डिलीवरी (प्रसव) जैसे संवेदनशील कार्यों को अंजाम दे रहा है। इन बंद कमरों के भीतर भ्रूण हत्या जैसे गंभीर और गैरकानूनी काले कारोबार का धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा है। सही इलाज न मिलने और तकनीकी खामियों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज आए दिन इन झोलाछाप डॉक्टरों के शिकार हो रहे हैं। इस काले कारोबार को चलाने के लिए इन अस्पताल संचालकों ने स्वास्थ्य विभाग में दलालों का एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर रखा है। ये दलाल गांवों से आने वाले डिलीवरी के मरीजों को सीधे अवैध अस्पतालों तक पहुंचाते हैं, जिसके बाद मरीजों के परिजनों से ऑपरेशन के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इस बड़ी कमाई का हिस्सा दलालों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों, कर्मचारियों तथा आशा कार्यकर्ताओं में बांट दिया जाता है। स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि इन कारनामों में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार डॉक्टर भी बराबर के हिस्सेदार हैं।2
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के संडीला में सुबह होते ही ऑटो चालकों द्वारा व्यस्त मार्गों पर अवैध रूप से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। सड़क पर ऑटो की लंबी कतारें लगने से अक्सर भारी जाम की स्थिति बन जाती है और आम लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह के समय सड़क पर वाहनों का दबाव अधिक रहता है, और ऐसे में ऑटो चालकों द्वारा सड़क के किनारे, और कई बार सड़क के बीच तक, वाहन खड़े कर सवारियां भरने से यातायात बाधित होता है। इस जाम की वजह से स्कूल जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और अन्य राहगीर समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। नागरिकों ने यह भी बताया है कि अवैध पार्किंग के कारण रोजाना जाम लगने से दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। नागरिकों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या की कई बार शिकायत की है, लेकिन स्थिति में कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी के कारण यह रोजाना की समस्या बन गई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और यातायात विभाग से मांग की है कि अवैध रूप से सड़क पर ऑटो खड़े करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।2
- सीतापुर जनपद के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र के सरैया मसूदपुर गांव में सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव के बाहर झील के पीछे एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ। इस घटना की सूचना फैलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 6 बजे कुछ ग्रामीण शौच के लिए झील की ओर गए थे, तभी उनकी नज़र झाड़ियों के पास पड़े एक युवती के शव पर पड़ी, जिसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद थाना प्रभारी निरीक्षक श्याम कनौजिया पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ कर युवती की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। प्रारंभिक जांच में युवती गोरे रंग की बताई जा रही है, जिसने काले रंग की शर्ट पहन रखी थी। ग्रामीणों के अनुसार, उसकी गर्दन पर चोट के निशान भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और हत्या की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है, और सीतापुर से फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि युवती की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच में जुटी हुई है। अज्ञात युवती का शव मिलने की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना दिया है।2