*मदनपुर पनियार में श्रीमद्भागवत कथा की बही भक्ति रसधारा, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा* *आचार्य रितेश जी महाराज सच्चा आश्रम प्रयागराज के श्रीमुख से सुनाई जा रही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन और अगले दिन महाप्रसाद वितरण* लंभुआ (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, प्रेम, धर्म और सदाचार का संदेश सुनने का अवसर मिल रहा है। कथा के आयोजन से गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से क्षेत्रवासियों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की गई है। कथा में सच्चा आश्रम, प्रयागराज के परम पूज्य कथाव्यास आचार्य रितेश जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, सत्य का साथ देने, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने तथा मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है। संगीतमयी कथा के माध्यम से भक्ति और अध्यात्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा को सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को सद्कर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी कृपा और धर्म की स्थापना से जुड़े प्रसंग श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, करुणा, प्रेम और सेवा का महत्व समझाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ मदनपुर पनियार में कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रसंगों के श्रवण के साथ आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। 18 अक्टूबर तक चलेगी कथा, 19 को हवन और 20 अक्टूबर को भंडारा आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हुआ है। आयोजित की जा रही है। कथा का समापन रविवार, 18 अक्टूबर को होगा। इसके बाद सोमवार, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत मंगलवार, 20 अक्टूबर को शाम चार बजे से विशाल भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, कथा के समापन के बाद होने वाले हवन-पूजन में श्रद्धालु शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर सकेंगे। वहीं, विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को महाप्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ क्षेत्र में भक्ति, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती कमला मिश्रा शामिल हैं। उनके पुत्र शशिकांत मिश्रा का भी आयोजन से जुड़ाव है। वहीं, मदनपुर पनियार स्थित कान्हा टेंट हाउस के स्वागतकर्ता दिवाकर मिश्रा की ओर से क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजन से जुड़े लोगों ने समस्त क्षेत्रवासियों, धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण करें। साथ ही हवन-पूजन, विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण में सहभागिता कर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। मदनपुर पनियार में आयोजित यह संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीहरि की भक्ति में रमने और धर्म, प्रेम, सेवा तथा सदाचार के संदेश को आत्मसात करने का अवसर है।
*मदनपुर पनियार में श्रीमद्भागवत कथा की बही भक्ति रसधारा, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा* *आचार्य रितेश जी महाराज सच्चा आश्रम प्रयागराज के श्रीमुख से सुनाई जा रही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन और अगले दिन महाप्रसाद वितरण* लंभुआ (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, प्रेम, धर्म और सदाचार का संदेश सुनने का अवसर मिल रहा है। कथा के आयोजन से गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से क्षेत्रवासियों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की गई है। कथा में सच्चा आश्रम, प्रयागराज के परम पूज्य कथाव्यास
आचार्य रितेश जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, सत्य का साथ देने, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने तथा मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है। संगीतमयी कथा के माध्यम से भक्ति और अध्यात्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा को सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को सद्कर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी कृपा और धर्म की स्थापना से जुड़े प्रसंग श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, करुणा, प्रेम और सेवा का महत्व समझाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ मदनपुर पनियार में
कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रसंगों के श्रवण के साथ आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। 18 अक्टूबर तक चलेगी कथा, 19 को हवन और 20 अक्टूबर को भंडारा आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हुआ है। आयोजित की जा रही है। कथा का समापन रविवार, 18 अक्टूबर को होगा। इसके बाद सोमवार, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत मंगलवार, 20 अक्टूबर को शाम चार बजे से विशाल भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, कथा के समापन के बाद होने वाले हवन-पूजन में श्रद्धालु शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर सकेंगे। वहीं, विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को महाप्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने
के साथ क्षेत्र में भक्ति, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती कमला मिश्रा शामिल हैं। उनके पुत्र शशिकांत मिश्रा का भी आयोजन से जुड़ाव है। वहीं, मदनपुर पनियार स्थित कान्हा टेंट हाउस के स्वागतकर्ता दिवाकर मिश्रा की ओर से क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजन से जुड़े लोगों ने समस्त क्षेत्रवासियों, धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण करें। साथ ही हवन-पूजन, विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण में सहभागिता कर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। मदनपुर पनियार में आयोजित यह संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीहरि की भक्ति में रमने और धर्म, प्रेम, सेवा तथा सदाचार के संदेश को आत्मसात करने का अवसर है।
- *मदनपुर पनियार में श्रीमद्भागवत कथा की बही भक्ति रसधारा, 20 अक्टूबर को होगा विशाल भंडारा* *आचार्य रितेश जी महाराज सच्चा आश्रम प्रयागराज के श्रीमुख से सुनाई जा रही भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन और अगले दिन महाप्रसाद वितरण* लंभुआ (सुल्तानपुर)। क्षेत्र के मदनपुर पनियार गांव में संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच आयोजित इस कथा में श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, प्रेम, धर्म और सदाचार का संदेश सुनने का अवसर मिल रहा है। कथा के आयोजन से गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से क्षेत्रवासियों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की गई है। कथा में सच्चा आश्रम, प्रयागराज के परम पूज्य कथाव्यास आचार्य रितेश जी महाराज अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म के मार्ग पर चलने, सत्य का साथ देने, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने तथा मानवीय मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी जा रही है। संगीतमयी कथा के माध्यम से भक्ति और अध्यात्म का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। श्रीमद्भागवत कथा को सनातन धर्म में विशेष महत्व प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को सद्कर्म, भक्ति और आध्यात्मिक चिंतन की ओर प्रेरित करता है। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्तों के प्रति उनकी कृपा और धर्म की स्थापना से जुड़े प्रसंग श्रद्धालुओं को जीवन में सत्य, करुणा, प्रेम और सेवा का महत्व समझाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ मदनपुर पनियार में कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं को धार्मिक प्रसंगों के श्रवण के साथ आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। 18 अक्टूबर तक चलेगी कथा, 19 को हवन और 20 अक्टूबर को भंडारा आयोजन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को हुआ है। आयोजित की जा रही है। कथा का समापन रविवार, 18 अक्टूबर को होगा। इसके बाद सोमवार, 19 अक्टूबर को हवन-पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठान के उपरांत मंगलवार, 20 अक्टूबर को शाम चार बजे से विशाल भंडारे एवं महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, कथा के समापन के बाद होने वाले हवन-पूजन में श्रद्धालु शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता कर सकेंगे। वहीं, विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं को महाप्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। आयोजन का उद्देश्य धार्मिक आस्था को मजबूत करने के साथ क्षेत्र में भक्ति, सद्भाव और सामाजिक सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना है। इस धार्मिक आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में श्रीमती कमला मिश्रा शामिल हैं। उनके पुत्र शशिकांत मिश्रा का भी आयोजन से जुड़ाव है। वहीं, मदनपुर पनियार स्थित कान्हा टेंट हाउस के स्वागतकर्ता दिवाकर मिश्रा की ओर से क्षेत्रवासियों एवं श्रद्धालुओं को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। आयोजन से जुड़े लोगों ने समस्त क्षेत्रवासियों, धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा का श्रवण करें। साथ ही हवन-पूजन, विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण में सहभागिता कर इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाएं। मदनपुर पनियार में आयोजित यह संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा श्रद्धालुओं के लिए भगवान श्रीहरि की भक्ति में रमने और धर्म, प्रेम, सेवा तथा सदाचार के संदेश को आत्मसात करने का अवसर है।4
- बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पर जयसिंहपुर में भारी हुंकार प्यार करता सम्मेलन में शामिल होने आए थे विधानसभा जयसिंहपुर बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पर जयसिंहपुर में भारी हुंकार प्यार करता सम्मेलन में शामिल होने आए थे विधानसभा जयसिंहपुर1
- नेपाल में बाढ का कहर बूढ़ी गंडक नदी उफान पर बीस से अधिक घर बाढ की चपेट में नेपाल में बाढ़ से मचा हड़कंप, सरकार ने जारी किया अलर्ट; लोगों को सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह नेपाल में बूढ़ी गंडक नदी में एक बार फिर बाढ़ आने से हालात चिंताजनक हो गए हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ पानी का बहाव बेहद तेज हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार, बाढ़ के पानी में 20 से अधिक घर बह गए हैं, जिससे प्रभावित लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार ने अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन की अपील: लोग नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखना और समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना बेहद जरूरी है। खबर को ज्यादा संक्षिप्त बनाएं स्थानीय पाठकों के लिए असरदार बनाएं1
- चाहे किसान हो, बटाईदार हो या उनके परिवार का कोई सदस्य, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत किसान की दुर्भाग्यवश दुर्घटना होने पर प्रभावित परिवार को ₹5 लाख की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है। —मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी चाहे किसान हो, बटाईदार हो या उनके परिवार का कोई सदस्य, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत किसान की दुर्भाग्यवश दुर्घटना होने पर प्रभावित परिवार को ₹5 लाख की सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है। —मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- *पट्टी क्षेत्र में 80 से अधिक स्थानों पर सजे दुर्गा पूजा पंडाल, गूंज रहे मां के जयकारे* *पट्टी नगर पंचायत के सभी वार्डों में सजे मां दुर्गा के पंडाल, दर्शन-पूजन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु* *बेलखरनाथ धाम समेत गांवों और बाजारों में नवरात्र की धूम, सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात* प्रतापगढ़। शारदीय नवरात्र के आगमन के साथ ही पट्टी तहसील क्षेत्र का माहौल भक्तिमय हो उठा है। गांवों से लेकर बाजारों तक मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं। जगह-जगह आकर्षक पूजा पंडाल सजाए गए हैं, जहां मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया जा रहा है। बाबा बेलखरनाथ धाम स्थित मां पार्वती मंदिर समेत क्षेत्र के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। पट्टी सर्किल क्षेत्र में 80 से अधिक स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। रविवार को नवरात्र के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना की गई। सोमवार को दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना हुई। श्रद्धालुओं ने मां को पुष्प, धूप-दीप और मिश्री का भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा पंडालों में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण आध्यात्मिक बना हुआ है। *गांवों से बाजारों तक सजे पूजा पंडाल* दिलीपपुर, दीवानगंज बाजार, रखहा, शीतलगंज, सोनाही, आसलपुर, करणपुर खूंझी, खूंझी कला, सराय गनई, पिपरी खालसा और मोलनापुर समेत विभिन्न गांवों और बाजारों में दुर्गा पूजा की तैयारियां की गई हैं। बाबा बेलखरनाथ धाम स्थित मां पार्वती मंदिर, महामाया धाम खूंझी कला और करणपुर खूंझी के काली मंदिर में भी श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिल रही है। पूजा समितियों की ओर से प्रतिदिन पूजन-अर्चन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न पूजा आयोजनों में विनय पांडेय, अमित जायसवाल, राजकुमार जायसवाल, विकास सिंह, सोनू साहू, सुधाकर सिंह, शिवशंकर जायसवाल, विनोद कुमार जायसवाल, लालता प्रसाद सोनी, आशीष गुप्ता, संतोष तिवारी, राजू मोदनवाल, सियाराम सोनी, संतोष कौशल, संतोष मिश्रा और संजय मिश्रा सहित स्थानीय श्रद्धालु सहयोग कर रहे हैं। पंडित श्याम शंकर दुबे समेत आचार्यों और पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं। *80 स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस मुस्तैद* नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। क्षेत्राधिकारी पट्टी प्रदीप सिंह ने बताया कि पट्टी सर्किल के पट्टी, कंधई, दिलीपपुर और आसपुर देवसरा थाना क्षेत्रों में लगभग 80 स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। सभी पूजा पंडालों पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने और पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। नवरात्र के साथ ही पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल है। श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना में जुटे हैं और पूजा समितियां पर्व को श्रद्धा, उल्लास तथा आपसी सौहार्द के साथ संपन्न कराने में लगी हैं।1
- मोदनवाल समाज को सशक्त बनाने की पहल: सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेशीय श्री कान्यकुब्ज वैश्य (हलवाई) मोदनवाल महासभा की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न मोदनवाल समाज को सशक्त बनाने की पहल: सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेशीय श्री कान्यकुब्ज वैश्य (हलवाई) मोदनवाल महासभा की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेशीय श्री कान्यकुब्ज वैश्य (हलवाई) मोदनवाल महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री चिरौंजीलाल ने सुल्तानपुर में एक बड़ा और दूरदर्शी बयान दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि मोदनवाल समाज को राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर अभूतपूर्व रूप से मजबूत करने के लिए जल्द ही वृहद स्तर पर 18 से 35 वर्ष के युवाओं (बेटे-बेटियों) का एक सामूहिक संगठन तैयार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला स्तर के सभी पदाधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सिविल लाइन स्थित अवन्तिका में हुई बैठक सोमवार को सुल्तानपुर के सिविल लाइन स्थित 'अवन्तिका' सभागार में उत्तर प्रदेशीय श्री कान्यकुब्ज वैश्य (हलवाई) मोदनवाल महासभा की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री चिरौंजीलाल एवं प्रदेश अध्यक्ष आलोक आर्य के गरिमामयी नेतृत्व में जिले व तहसील स्तर के तमाम पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री चिरौंजीलाल ने संगठन की जड़ों को और मजबूत करने तथा युवा मोर्चे के गठन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश व आवश्यक सुझाव दिए। उन्होंने याद दिलाया कि उनका यह समाज पिछले 35 वर्षों से पूरी निष्ठा और निरंतरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करता आ रहा है। हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने का संकल्प संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आलोक आर्य ने इस अवसर पर जोर देते हुए कहा कि मोदनवाल समाज भविष्य में हर क्षेत्र में अपनी अग्रणी और निर्णायक भूमिका सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसी उद्देश्य के तहत यह उच्चस्तरीय बैठक आहूत की गई थी, जिसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही एक विशाल संगठनात्मक ढांचे के रूप में सामने आएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेशीय श्री कान्यकुब्ज वैश्य (हलवाई) मोदनवाल महासभा का यह नया और सशक्त स्वरूप समाज सेवा में एक मील का पत्थर साबित होगा। प्रमुख रूप से इनकी रही मौजूदगी इस गरिमामयी आयोजन में मुख्य रूप से संतोष मोदनवाल (अमेठी) प्रदेश मंत्री,जिला अध्यक्ष अनिल कुमार मोदनवाल, जिला महामंत्री सतीश मोदनवाल,राहुल मोदनवाल (जयसिंहपुर),विजय मोदनवाल (धनपतगंज),श्यामबाबू मोदनवाल (नगर),रामचंदर मोदनवाल (लंभुआ),संजय मीडिया प्रभारीसहित मोदनवाल महासभा के तमाम गणमान्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे।1
- *ब्राह्मण,क्षत्रिय, पासी समाज, को गाली देने का मामला पकड़ रहा है तूल*, *गाली देने वाले सपा नेता के खिलाफ पासी समाज हुआ एकत्र पासी समाज जिंदाबाद के लगाए नारे*, *ब्रेकिंग प्रतापगढ़*, *ब्राह्मण,क्षत्रिय, पासी समाज, को गाली देने का मामला पकड़ रहा है तूल*, *गाली देने वाले सपा नेता के खिलाफ पासी समाज हुआ एकत्र पासी समाज जिंदाबाद के लगाए नारे*, *नवाबगंज में सपा नेता दिलीप यादव उर्फ भोले पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा हुआ दर्ज*, *जातिसूचक गाली-गलौज का कथित ऑडियो वायरल*, *नवाबगंज थाना क्षेत्र में दलित ब्लॉक प्रमुख, ब्राह्मण और पासी समाज के खिलाफ कथित अभद्र एवं जातिसूचक भाषा के इस्तेमाल से जुड़ा ऑडियो*, *वायरल होने के बाद पुलिस ने दिलीप यादव उर्फ भोले के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया*, *वायरल ऑडियो को लेकर क्षेत्र में नाराजगी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग*, *पुलिस ने बीएनएस की धारा 352 और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में दर्ज किया मुकदमा*, *सीओ कुंडा करेंगे मामले की विवेचना*1
- जंगल में दो जिराफो के बीच वर्चस्व की जंग एक हुआ बेहोश सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल जंगल में वर्चस्व की लड़ाई का हैरान कर देने वाला नजारा, दूसरे जिराफ ने दिखाई गजब की संवेदनशीलता जंगल में दो जिराफों के बीच वर्चस्व को लेकर जोरदार संघर्ष देखने को मिला। दोनों जिराफ अपनी लंबी गर्दन से एक-दूसरे पर लगातार वार करते नजर आए। संघर्ष इतना तीव्र था कि एक जिराफ जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया। हैरानी की बात यह रही कि दूसरा जिराफ हमला रोककर बेहोश पड़े जिराफ के पास ही खड़ा रहा। इस अनोखे दृश्य ने लोगों का ध्यान खींचा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है। जंगल की दुनिया में जीवों के बीच वर्चस्व की लड़ाई आम है, लेकिन इस घटना के दृश्य ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि, वीडियो कहां का है और जिराफ की हालत बाद में कैसी रही, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।1