logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक अजयपाल किला तक बनने वाली करीब 6.50 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पिछले ढाई वर्षों से वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अभाव में अधर में लटकी हुई है। यह सड़क श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मकर संक्रांति, अमावस्या और पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु किले तक पहुंचते हैं। वर्तमान में किले तक पहुंचने के लिए केवल प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में अजयपाल किले का उल्लेख कर इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बता चुके हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और 12 जनवरी 2024 को अनुबंध होने के बावजूद, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों से सड़क को स्वीकृति मिली थी, लेकिन ठेकेदार केपी राजा के अनुसार एनओसी नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता ने बताया कि यह मामला विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। वहीं, सीएमओ संजय बाल्मीकी ने जानकारी दी है कि वन विभाग व टाइगर रिजर्व की पत्रावली का जवाब भेजा जा रहा है, जिससे जल्द एनओसी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने शासन से जल्द अनुमति जारी कर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है, क्योंकि इस ढाई साल की देरी को आस्था और पर्यटन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

11 hrs ago
user_Raj singh
Raj singh
Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
11 hrs ago

धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक अजयपाल किला तक बनने वाली करीब 6.50 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पिछले ढाई वर्षों से वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अभाव में अधर में लटकी हुई है। यह सड़क श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मकर संक्रांति, अमावस्या और पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु किले तक पहुंचते हैं। वर्तमान में किले तक पहुंचने के लिए केवल प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में अजयपाल किले का उल्लेख कर इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बता चुके हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और 12 जनवरी 2024 को अनुबंध होने के बावजूद, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों से सड़क को स्वीकृति मिली थी, लेकिन ठेकेदार केपी राजा के अनुसार एनओसी नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता ने बताया कि यह मामला विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। वहीं, सीएमओ संजय बाल्मीकी ने जानकारी दी है कि वन विभाग व टाइगर रिजर्व की पत्रावली का जवाब भेजा जा रहा है, जिससे जल्द एनओसी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने शासन से जल्द अनुमति जारी कर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है, क्योंकि इस ढाई साल की देरी को आस्था और पर्यटन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक अजयपाल किला तक बनने वाली करीब 6.50 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पिछले ढाई वर्षों से वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अभाव में अधर में लटकी हुई है। यह सड़क श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मकर संक्रांति, अमावस्या और पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु किले तक पहुंचते हैं। वर्तमान में किले तक पहुंचने के लिए केवल प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में अजयपाल किले का उल्लेख कर इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बता चुके हैं। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और 12 जनवरी 2024 को अनुबंध होने के बावजूद, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों से सड़क को स्वीकृति मिली थी, लेकिन ठेकेदार केपी राजा के अनुसार एनओसी नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता ने बताया कि यह मामला विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। वहीं, सीएमओ संजय बाल्मीकी ने जानकारी दी है कि वन विभाग व टाइगर रिजर्व की पत्रावली का जवाब भेजा जा रहा है, जिससे जल्द एनओसी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने शासन से जल्द अनुमति जारी कर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है, क्योंकि इस ढाई साल की देरी को आस्था और पर्यटन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
    1
    धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रतीक अजयपाल किला तक बनने वाली करीब 6.50 करोड़ रुपये की सड़क परियोजना पिछले ढाई वर्षों से वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अभाव में अधर में लटकी हुई है। यह सड़क श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि मकर संक्रांति, अमावस्या और पूर्णिमा सहित अन्य धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु किले तक पहुंचते हैं। वर्तमान में किले तक पहुंचने के लिए केवल प्राचीन पत्थर की सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में अजयपाल किले का उल्लेख कर इसकी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता बता चुके हैं।

निविदा प्रक्रिया पूरी होने और 12 जनवरी 2024 को अनुबंध होने के बावजूद, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है। पूर्व मंत्री एवं पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह के प्रयासों से सड़क को स्वीकृति मिली थी, लेकिन ठेकेदार केपी राजा के अनुसार एनओसी नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो पाया।

नगर परिषद अध्यक्ष सीता सरोज गुप्ता ने बताया कि यह मामला विधानसभा में भी उठाया जा चुका है। वहीं, सीएमओ संजय बाल्मीकी ने जानकारी दी है कि वन विभाग व टाइगर रिजर्व की पत्रावली का जवाब भेजा जा रहा है, जिससे जल्द एनओसी मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने शासन से जल्द अनुमति जारी कर सड़क निर्माण शुरू कराने की मांग की है, क्योंकि इस ढाई साल की देरी को आस्था और पर्यटन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
    user_Raj singh
    Raj singh
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र में रोजगार का गहरा संकट सामने आया है, जहाँ कई योजनाएं उपलब्ध होने के बावजूद स्थानीय लोगों के हाथों को काम नहीं मिल पा रहा है। इस गंभीर स्थिति के चलते मजदूर अपने गृह जिले पन्ना को छोड़कर बेहतर रोजगार की तलाश में अन्य स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस विकट समस्या और मजदूरों के पलायन के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
    1
    पन्ना जिले के अमानगंज क्षेत्र में रोजगार का गहरा संकट सामने आया है, जहाँ कई योजनाएं उपलब्ध होने के बावजूद स्थानीय लोगों के हाथों को काम नहीं मिल पा रहा है। इस गंभीर स्थिति के चलते मजदूर अपने गृह जिले पन्ना को छोड़कर बेहतर रोजगार की तलाश में अन्य स्थानों की ओर पलायन करने पर मजबूर हो रहे हैं। यह एक बड़ा सवाल खड़ा करता है कि इस विकट समस्या और मजदूरों के पलायन के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।
    user_Sitaram rai
    Sitaram rai
    Video Creator सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पन्ना जिले में स्थित बृहस्पति कुंड में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नर्सिंग का छात्र प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान पानी में डूब गया। यह हादसा बृहस्पति कुंड के उस हिस्से में हुआ, जहाँ आम लोगों के लिए नहाना वर्जित है।
    1
    पन्ना जिले में स्थित बृहस्पति कुंड में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नर्सिंग का छात्र प्रतिबंधित क्षेत्र में नहाने के दौरान पानी में डूब गया। यह हादसा बृहस्पति कुंड के उस हिस्से में हुआ, जहाँ आम लोगों के लिए नहाना वर्जित है।
    user_Rupesh Jain
    Rupesh Jain
    में दैनिक भास्कर में संवाददाता हु Panna, Madhya Pradesh•
    12 hrs ago
  • पन्ना जिले के अमानगंज में नगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को नगर की बदहाल सड़कों और अधूरे पड़े विकास कार्यों के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष वसीम खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वार्ड क्रमांक 6 स्थित रेस्ट हाउस मोहल्ले में कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद, अमानगंज-पन्ना मुख्य मार्ग पर पुल के पास लंबे समय से मौजूद एक बड़े गड्ढे का प्रतीकात्मक रूप से तीसरा “जन्मदिन” भी मनाया गया। वसीम खान ने आरोप लगाया कि बारिश शुरू होने से पहले नगर परिषद को मीठे पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत कराने के लिए ज्ञापन दिया गया था, लेकिन सड़क खोदने के बाद न तो पाइपलाइन का काम पूरा हुआ और न ही सड़क की मरम्मत की गई। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य मार्ग के गहरे गड्ढे की भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय सांसद, विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगर परिषद अधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से बधाई दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क और गड्ढे की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस इसी स्थान पर धरना-प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन में जिला महासचिव रामभगत सोनी, दिनेश पांडे, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हक्कून दहायत, संगठन प्रभारी पीयूष देव सिंह, धर्मेंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र खटीक, अनिल विश्वकर्मा, महाकौशल चौधरी, सजल ताम्रकार, हबीब खान, मुन्ना चौधरी, राजू खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    1
    पन्ना जिले के अमानगंज में नगर कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को नगर की बदहाल सड़कों और अधूरे पड़े विकास कार्यों के खिलाफ एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। नगर कांग्रेस अध्यक्ष वसीम खान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने वार्ड क्रमांक 6 स्थित रेस्ट हाउस मोहल्ले में कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क पर धान की रोपाई कर प्रशासन के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद, अमानगंज-पन्ना मुख्य मार्ग पर पुल के पास लंबे समय से मौजूद एक बड़े गड्ढे का प्रतीकात्मक रूप से तीसरा “जन्मदिन” भी मनाया गया।

वसीम खान ने आरोप लगाया कि बारिश शुरू होने से पहले नगर परिषद को मीठे पानी की पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत कराने के लिए ज्ञापन दिया गया था, लेकिन सड़क खोदने के बाद न तो पाइपलाइन का काम पूरा हुआ और न ही सड़क की मरम्मत की गई। इससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य मार्ग के गहरे गड्ढे की भी कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय सांसद, विधायक, नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगर परिषद अधिकारी को प्रतीकात्मक रूप से बधाई दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क और गड्ढे की समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कांग्रेस इसी स्थान पर धरना-प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन में जिला महासचिव रामभगत सोनी, दिनेश पांडे, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हक्कून दहायत, संगठन प्रभारी पीयूष देव सिंह, धर्मेंद्र अग्रवाल, वीरेंद्र खटीक, अनिल विश्वकर्मा, महाकौशल चौधरी, सजल ताम्रकार, हबीब खान, मुन्ना चौधरी, राजू खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_भागीरथ विश्वकर्मा
    भागीरथ विश्वकर्मा
    Farmer Panna, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • पन्ना जिले के गुनौर स्थित जनशिक्षा केंद्र श्यामरडाडा अंतर्गत संकुल गुनौर के सरहजा माध्यमिक विद्यालय में एक बड़ा महुआ का पेड़ गिरने से विद्यालय परिसर में बना शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिसर में कोई छात्र-छात्रा या विद्यालय का कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने विद्यालय में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि परिसर में अभी भी कई पुराने और जर्जर पेड़ खड़े हैं। तेज बारिश और हवा चलने के दौरान इन पेड़ों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी अपील है कि विद्यालय परिसर में मौजूद सभी खतरनाक और जर्जर पेड़ों का शीघ्रता से निरीक्षण किया जाए और उन्हें कटाई-छंटाई या पूरी तरह से हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    1
    पन्ना जिले के गुनौर स्थित जनशिक्षा केंद्र श्यामरडाडा अंतर्गत संकुल गुनौर के सरहजा माध्यमिक विद्यालय में एक बड़ा महुआ का पेड़ गिरने से विद्यालय परिसर में बना शौचालय क्षतिग्रस्त हो गया है। गनीमत रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय परिसर में कोई छात्र-छात्रा या विद्यालय का कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

इस घटना ने विद्यालय में छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि परिसर में अभी भी कई पुराने और जर्जर पेड़ खड़े हैं। तेज बारिश और हवा चलने के दौरान इन पेड़ों के गिरने की आशंका बनी रहती है, जिससे भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनकी अपील है कि विद्यालय परिसर में मौजूद सभी खतरनाक और जर्जर पेड़ों का शीघ्रता से निरीक्षण किया जाए और उन्हें कटाई-छंटाई या पूरी तरह से हटाने की आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
    user_Ashok Vishwakarma
    Ashok Vishwakarma
    Court reporter देवेंद्रनगर, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    31 min ago
  • अजयगढ़ क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा रेलवे लाइन निर्माण के दौरान बनाई गई परिवर्तित सड़क अधूरी छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों को बरसात में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह अधूरी सड़क बारिश के चलते कीचड़ और जलभराव से भर गई है, जिससे पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर इस दलदली रास्ते में फंस रहे हैं, और स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों व मरीजों को विशेष रूप से कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे विभाग ने सड़क निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह कार्य आज भी अधूरा है। ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि रवि रावत ने बताया कि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात में सड़क पर फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं, और आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस को भी गांव तक पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रेलवे विभाग से तत्काल अधूरी परिवर्तित सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
    1
    अजयगढ़ क्षेत्र में रेलवे विभाग द्वारा रेलवे लाइन निर्माण के दौरान बनाई गई परिवर्तित सड़क अधूरी छोड़ दिए जाने से ग्रामीणों को बरसात में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यह अधूरी सड़क बारिश के चलते कीचड़ और जलभराव से भर गई है, जिससे पैदल चलना भी अत्यंत कठिन हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहन अक्सर इस दलदली रास्ते में फंस रहे हैं, और स्कूली बच्चों, किसानों, बुजुर्गों व मरीजों को विशेष रूप से कठिनाइयाँ झेलनी पड़ रही हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे विभाग ने सड़क निर्माण पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह कार्य आज भी अधूरा है। ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि रवि रावत ने बताया कि इस संबंध में रेलवे अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी गई हैं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात में सड़क पर फिसलकर कई लोग चोटिल हो चुके हैं, और आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस को भी गांव तक पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रेलवे विभाग से तत्काल अधूरी परिवर्तित सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
    user_Raj singh
    Raj singh
    Local News Reporter अजयगढ़, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पन्ना जिले में कलेक्टर ऊषा परमार ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जिसने प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी को दर्शाया। यह निरीक्षण विशेष रूप से अतिवर्षा के कारण वार्डों में उत्पन्न हुई जलभराव की संवेदनशील स्थिति के मद्देनजर आवश्यक था, ताकि मरीजों को संभावित संक्रमण और असुविधा से बचाया जा सके और त्वरित संज्ञान लिया जा सके। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने वार्डों में पानी भरने की समस्या का स्थायी समाधान निकालने और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए, क्योंकि अस्पताल में जलभराव मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके साथ ही, परिसर में निर्माणाधीन नए भवन के कार्य में तेजी लाने को कहा गया, जिससे अस्पताल में बेड और सुविधाओं का विस्तार हो सके और इसका सीधा लाभ आम जनता को मिल सके। अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए, चिकित्सालय परिसर की दुकानों को रैलिंग के भीतर ही सीमित रखने की हिदायत दी गई, जो सुव्यवस्थित यातायात और एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी, एसडीएम संजय नागवंशी और सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता की उपस्थिति ने प्रशासन की गंभीरता को उजागर किया। अब देखना यह होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तत्परता से लागू होते हैं ताकि मरीजों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
    4
    पन्ना जिले में कलेक्टर ऊषा परमार ने जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया, जिसने प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी को दर्शाया। यह निरीक्षण विशेष रूप से अतिवर्षा के कारण वार्डों में उत्पन्न हुई जलभराव की संवेदनशील स्थिति के मद्देनजर आवश्यक था, ताकि मरीजों को संभावित संक्रमण और असुविधा से बचाया जा सके और त्वरित संज्ञान लिया जा सके।

निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने वार्डों में पानी भरने की समस्या का स्थायी समाधान निकालने और जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था करने के सख्त निर्देश दिए, क्योंकि अस्पताल में जलभराव मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके साथ ही, परिसर में निर्माणाधीन नए भवन के कार्य में तेजी लाने को कहा गया, जिससे अस्पताल में बेड और सुविधाओं का विस्तार हो सके और इसका सीधा लाभ आम जनता को मिल सके। अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए, चिकित्सालय परिसर की दुकानों को रैलिंग के भीतर ही सीमित रखने की हिदायत दी गई, जो सुव्यवस्थित यातायात और एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी, एसडीएम संजय नागवंशी और सिविल सर्जन डॉ. आलोक गुप्ता की उपस्थिति ने प्रशासन की गंभीरता को उजागर किया। अब देखना यह होगा कि ये निर्देश जमीनी स्तर पर कितनी तत्परता से लागू होते हैं ताकि मरीजों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
    user_Media panna atul Raikwar
    Media panna atul Raikwar
    पन्ना, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.