मिशन AI से यूपी की तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ प्रदेश के विकास को नई दिशा और रफ्तार देने की तैयारी है। मिशन AI के माध्यम से तकनीक, शिक्षा, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। AI के जरिए सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के साथ-साथ उद्योगों, स्टार्टअप और शिक्षा क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने, रोजगार के नए अवसर तलाशने और अपने स्टार्टअप विकसित करने में मदद मिल सकती है। मिशन AI के तहत युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इससे प्रदेश के युवा बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में AI आधारित नवाचार को बढ़ावा मिलने से उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने, समस्याओं के बेहतर समाधान और रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी। सरकार और तकनीकी संस्थानों के प्रयासों से प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिशन AI से उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीक के नए अवसरों से जोड़ने और प्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
मिशन AI से यूपी की तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ प्रदेश के विकास को नई दिशा और रफ्तार देने की तैयारी है। मिशन AI के माध्यम से तकनीक, शिक्षा, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। AI के जरिए सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के साथ-साथ उद्योगों, स्टार्टअप और शिक्षा क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने, रोजगार के नए अवसर तलाशने और अपने स्टार्टअप विकसित करने में मदद मिल सकती है। मिशन AI के तहत युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इससे प्रदेश के युवा बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में AI आधारित नवाचार को बढ़ावा मिलने से उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने, समस्याओं के बेहतर समाधान और रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी। सरकार और तकनीकी संस्थानों के प्रयासों से प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिशन AI से उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीक के नए अवसरों से जोड़ने और प्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
- मिशन AI से यूपी की तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ प्रदेश के विकास को नई दिशा और रफ्तार देने की तैयारी है। मिशन AI के माध्यम से तकनीक, शिक्षा, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। AI के जरिए सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के साथ-साथ उद्योगों, स्टार्टअप और शिक्षा क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने, रोजगार के नए अवसर तलाशने और अपने स्टार्टअप विकसित करने में मदद मिल सकती है। मिशन AI के तहत युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इससे प्रदेश के युवा बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में AI आधारित नवाचार को बढ़ावा मिलने से उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने, समस्याओं के बेहतर समाधान और रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी। सरकार और तकनीकी संस्थानों के प्रयासों से प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिशन AI से उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीक के नए अवसरों से जोड़ने और प्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।1
- 47 आवासों की जांच या ‘दो दिन’ का अनंत इंतजार? तुम चाहे लखनऊ तक चले जाओ, हमारे आवास नहीं कटवा पाओगे 47 आवासों की जांच या ‘दो दिन’ का अनंत इंतजार? एक माह से जांच टीम रास्ते में! शिकायतकर्ता बोले—लखनऊ से दिल्ली तक जाएंगे, जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे! जालौन। सालाबाद गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 47 नामों की जांच का मामला अब ऐसा लग रहा है जैसे जांच टीम ने गांव जाने के लिए नहीं, बल्कि लंबी छुट्टी मनाने का प्लान बना लिया हो! 😂 करीब एक माह बीत गया, शिकायत हुई, अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, जांच टीम भी बनी—लेकिन मौके पर जांच का इंतजार आज भी जारी है। ऊपर से पिछले 15-20 दिनों से कानूनगो और लेखपाल की ओर से फोन आता रहा कि “जांच करने आ रहे हैं”… मगर जांच है कि आने का नाम ही नहीं ले रही! आखिरकार शिकायतकर्ता सीधे एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी के पास पहुंच गए और पूछा कि साहब, जांच आखिर हो कब रही है? एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं को बताया कि दो दिन के अंदर जांच करा दी जाएगी। अब शिकायतकर्ताओं की निगाहें घड़ी पर हैं—कहीं ये दो दिन भी सरकारी कैलेंडर के हिसाब से ‘थोड़े लंबे’ न निकल जाएं! 😂 “लखनऊ तक जाओगे तो हम दिल्ली तक जाएंगे!” शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर कहा जा रहा है—“तुम चाहे लखनऊ तक चले जाओ, हमारे आवास नहीं कटवा पाओगे।” अब शिकायतकर्ताओं ने भी जवाब दे दिया है—लखनऊ तक ही क्यों, जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक जाएंगे! उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे, लेकिन जांच कराकर रहेंगे। उनका साफ कहना है कि मामला किसी का हक छीनने का नहीं है—जो पात्र हैं, उन्हें आवास मिले और जो अपात्र हैं, उनके नाम सूची से हटाए जाएं। अब असली सवाल—जांच होगी या फिर ‘दो दिन’ फिर बढ़ेंगे? जब जांच टीम बनी थी तो सवाल यह है कि एक महीने तक टीम गांव क्यों नहीं पहुंची? जब कानूनगो-लेखपाल फोन करके जांच की बात कर रहे थे तो फिर मौके पर जांच क्यों नहीं हुई? और जब एसडीएम ने अब दो दिन का समय दिया है तो क्या इस बार सच में टीम गांव पहुंचेगी? अब ग्रामीण भी इंतजार में हैं और शिकायतकर्ता भी। फिलहाल 47 आवासों की जांच का मामला ऐसा हो गया है—आदेश आते हैं, फोन आते हैं, आश्वासन आते हैं… बस जांच टीम नहीं आती! 😂 अब देखना दिलचस्प होगा कि दो दिन में जांच होती है या ‘दो दिन’ फिर अगली तारीख में बदल जाते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे पात्रों का हक दिलाने और अपात्रों के नाम हटवाने के लिए हर स्तर तक जाने को तैयार हैं।1
- क्या महेंद्र कठेरिया को समाजवादी पार्टी से उरई जालौन विधानसभा से फिर मिल सकता है टिकट1
- कालपी रिपोर्ट कार्ड: विधायक विनोद चतुर्वेदी के 4 साल का हिसाब, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण पर जोर1
- ओबीसी जनगणना में अलग कॉलम और ड्रॉपडाउन सूची की मांग, कांग्रेस ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन रविन्द्र गौतम् ✍️ उरई। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए पृथक कॉलम जोड़ने और जातियों की पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन सौंपते हुए जिलाध्यक्ष दुलीचंद विश्वकर्मा ने कहा कि लोकसभा चुनाव-2024 के दौरान ओबीसी वर्ग की जातिगत जनगणना कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 14 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम का प्रावधान न करते हुए ओपन-एंडेड प्रश्न की व्यवस्था की गई है। नेताओं ने चिंता जताई कि ओपन-एंडेड व्यवस्था से जातियों के नाम अलग-अलग रूपों में दर्ज होंगे, जिससे आंकड़ों के बिखरने और ओबीसी सहित अन्य वंचित वर्गों की वास्तविक सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक स्थिति के सटीक आकलन के प्रभावित होने की पूरी संभावना है। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि जनगणना-2027 में व्यवस्थित और विश्वसनीय आंकड़े जुटाने के लिए ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ा जाए और पूर्व निर्धारित ड्रॉपडाउन सूची लागू की जाए, ताकि सटीक आंकड़ों के आधार पर वंचित वर्गों के लिए प्रभावी कल्याणकारी नीतियां बनाई जा सकें। इस दौरान ओबीसी प्रदेश महासचिव नरेंद्र प्रजापति, शहर अध्यक्ष प्रमोद राजपूत, कमल दोहरे, जमुनादास अहिरवार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद सेंगर और शहर अध्यक्ष राजकुमार पिपरिया सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं-बालिकाओं को किया जागरूक जालौन। मिशन शक्ति फेस-5 (द्वितीय चरण) के तहत थाना कोतवाली जालौन की एंटी रोमियो टीम ने मंगलवार को कस्बे में महिलाओं एवं बालिकाओं से सीधे संवाद कर उन्हें सुरक्षा, सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। अभियान के दौरान टीम ने महिलाओं एवं बालिकाओं को महिला सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी दी। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एम्बुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, महिला हेल्पलाइन 181, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 शामिल हैं। पुलिस टीम ने घरेलू हिंसा, साइबर अपराध, कानूनी प्रावधानों और महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा की। साथ ही शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया। थाना कोतवाली जालौन पुलिस ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए मिशन शक्ति अभियान लगातार जारी रहेगा तथा पुलिस 24 घंटे उनकी सहायता एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।1
- जालौन जिले में परिवहन विभाग के अधिकारी ने चलाया चैकिंग अभियान नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले में परिवहन विभाग द्वारा चलाए गए चैकिंग अभियान से जुड़ी खबर दिखाने जा रहे हैं एआरटीओ राजेश कुमार द्वारा आज़ जिले में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया और शासन के निर्देश पर जागरूक किया गया1
- Lucknow - ODOP योजना से यूपी बना रहा मजबूत ग्लोबल पहचान लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एक जिला, एक उत्पाद (ODOP) योजना प्रदेश के स्थानीय और पारंपरिक उत्पादों को नई पहचान दिला रही है। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को ग्लोबल बाजार तक पहुंच मिली है, वहीं महिला उद्यमियों और कारीगरों की आत्मनिर्भरता को भी नई मजबूती मिली है। ODOP के जरिए यूपी आज अपने विशिष्ट उत्पादों के साथ मजबूत वैश्विक पहचान बना रहा है।1