ब्रेकिंग न्यूज़ बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ यहाँ बलरामपुर जिले से चारो धाम (उत्तराखंड की चारधाम यात्रा - यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं पर आधारित एक समाचार (न्यूज़ रिपोर्ट) का प्रारूप दिया गया है: भक्ति का अनूठा संगम: बलरामपुर से चारो धाम यात्रा के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था, नम आँखों से दी गई विदाई बलरामपुर। जिले में आज उस समय भक्ति का एक अनूठा माहौल देखने को मिला, जब स्थानीय श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था पवित्र चारो धाम की यात्रा के लिए रवाना हुआ। 'जय भोलेनाथ' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोषों के बीच, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और तिलक लगाकर यात्रियों का स्वागत किया तथा उन्हें मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। भक्ति और उत्साह का माहौल बलरामपुर जिले से निकले इस जत्थे में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि वे उत्तराखंड की पावन भूमि पर स्थित यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर देश और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। यात्रियों का कहना था कि चारधाम की यह यात्रा आत्मिक शांति और जीवन की पूर्णता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों ने दी भावुक विदाई श्रद्धालुओं की रवानगी के समय रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड परिसर पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। अपनों को पवित्र सफर पर भेजते हुए कई परिजनों की आँखें नम हो गईं। स्थानीय लोगों ने यात्रियों को अंगवस्त्र और मिठाई भेंट कर विदा किया। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए यात्रियों ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। यात्रियों के लिए विशेष सलाह मौसम के बदलते मिजाज और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने और आपातकालीन स्थिति के लिए ई-स्वास्थ्य धाम ऐप जैसी डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि रास्ते में स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या न हो। बलरामपुर से रवाना हुआ यह दल अगले कुछ दिनों में अपनी यात्रा के पहले पड़ाव पर पहुँचेगा। पूरे जिले में इस धार्मिक यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल है और लोग यात्रियों की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ यहाँ बलरामपुर जिले से चारो धाम (उत्तराखंड की चारधाम यात्रा - यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) के लिए रवाना हुए श्रद्धालुओं पर आधारित एक समाचार (न्यूज़ रिपोर्ट) का प्रारूप दिया गया है: भक्ति का अनूठा संगम: बलरामपुर से चारो धाम यात्रा के लिए रवाना हुआ श्रद्धालुओं का जत्था, नम आँखों से दी गई विदाई बलरामपुर। जिले में आज उस समय भक्ति का एक अनूठा माहौल देखने को मिला, जब स्थानीय श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था पवित्र चारो धाम की यात्रा के लिए रवाना हुआ। 'जय भोलेनाथ' और 'हर-हर महादेव' के उद्घोषों के बीच, परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने फूल-मालाएं पहनाकर और तिलक लगाकर यात्रियों का स्वागत किया तथा उन्हें मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं। भक्ति और उत्साह का माहौल बलरामपुर जिले से निकले इस जत्थे में युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि वे उत्तराखंड की पावन भूमि पर स्थित यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर देश और समाज के कल्याण के लिए प्रार्थना करेंगे। यात्रियों का कहना था कि चारधाम की यह यात्रा आत्मिक शांति और जीवन की पूर्णता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। परिजनों ने दी भावुक विदाई श्रद्धालुओं की रवानगी के समय रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड परिसर पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। अपनों को पवित्र सफर पर भेजते हुए कई परिजनों की आँखें नम हो गईं। स्थानीय लोगों ने यात्रियों को अंगवस्त्र और मिठाई भेंट कर विदा किया। सुरक्षा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए यात्रियों ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। यात्रियों के लिए विशेष सलाह मौसम के बदलते मिजाज और पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी यात्रियों से सावधानी बरतने की अपील की है। तीर्थयात्रियों को उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने और आपातकालीन स्थिति के लिए ई-स्वास्थ्य धाम ऐप जैसी डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि रास्ते में स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या न हो। बलरामपुर से रवाना हुआ यह दल अगले कुछ दिनों में अपनी यात्रा के पहले पड़ाव पर पहुँचेगा। पूरे जिले में इस धार्मिक यात्रा को लेकर उत्साह का माहौल है और लोग यात्रियों की सुरक्षित वापसी की कामना कर रहे हैं।
- ब्रेकिंग न्यूज़ चित्रकूट देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान और भीषण बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी (DM) पुलकित गर्ग ने जनता को सुरक्षा, राहत और त्वरित मुआवजे का पूरा आश्वासन (भरोसा) दिया है। अगस्त-सितंबर 2026 के दौरान मंदाकिनी नदी का जलस्तर साल 2003 का रिकॉर्ड तोड़ते हुए 135.2 मीटर तक पहुंच गया, जिससे जिले के करीब 16 गांव और रामघाट जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस संकट की घड़ी में जिला अधिकारी ने स्वयं ग्राउंड जीरो पर उतरकर जनता को आश्वस्त किया है। इस घटनाक्रम पर तैयार की गई विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट नीचे दी गई है: चित्रकूट बाढ़ अपडेट: "संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़ा है प्रशासन" – DM पुलकित गर्ग चित्रकूट, 1 सितंबर 2026: चित्रकूट जिले में मूसलाधार बारिश और मंदाकिनी नदी के रौद्र रूप से उपजे बाढ़ के हालातों के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक (SP) अरुण कुमार सिंह खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्हें सुरक्षित रखने तथा हर संभव सरकारी मदद पहुंचाने का बड़ा आश्वासन दिया है। रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा पानी, राहत कार्य जारी जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने मीडिया से जानकारी साझा करते हुए बताया कि चित्रकूट में बाढ़ ने पिछले 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 2003 में जहां अधिकतम जलस्तर 134.5 मीटर दर्ज किया गया था, वहीं इस बार यह 135.2 मीटर तक पहुंच गया है। जनता को राहत देते हुए DM ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है। NDRF और SDRF की टीमों को तैनात कर अब तक 400 से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों (विशेषकर रामघाट के आसपास) से सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। जनता को दिए गए मुख्य आश्वासन और प्रशासनिक कदम: राशन और भोजन का पूरा भरोसा: जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया है कि किसी भी नागरिक को भोजन या पानी की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। प्रशासन द्वारा अब तक 3,000 से अधिक फूड पैकेट्स और ड्राई राशन किट बांटे जा चुके हैं और यह सिलसिला लगातार जारी है। उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर लोगों को भोजन पैकेट सौंपे। फसल नुकसान का तुरंत सर्वे और मुआवजा: बाढ़ के कारण किसानों की डूबी फसलों को लेकर जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि किसी भी किसान का नुकसान छिपने नहीं दिया जाएगा। उनके निर्देश पर राजस्व और लेखपालों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों (जैसे मानिकपुर के सकरोहा, जारो माफी, टिकरिया) में खेतों का मौका-मुआयना कर नुकसान का आकलन कर रही हैं ताकि नियमानुसार मुआवजा दिया जा सके। टूटे रास्तों और पुलियों की तत्काल मरम्मत: भारी बारिश के चलते टिकरिया के पास टूटी पुलिया और क्षतिग्रस्त मानिकपुर-सतना मुख्य मार्ग को लेकर DM ने पीडब्ल्यूडी (PWD) को युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए हैं ताकि आवागमन जल्द सामान्य हो सके। बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता: बाढ़ और जलभराव के जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने जिले के सभी प्री-प्राइमरी से कक्षा 8 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया है, जिससे बच्चों को किसी भी खतरे से बचाया जा सके। डीएम की जनता और समाजसेवियों से अपील जिलाधिकारी ने स्थानीय जनता से अपील की है कि वे अभी नदियों और जलभराव वाले घाटों से दूर रहें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। इसके साथ ही उन्होंने स्वैच्छिक संस्थाओं और समाजसेवियों से भी अनुरोध किया है कि वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए नकद धनराशि देने के बजाय सीधे राशन किट या लंच पैकेट वितरित करें ताकि जरूरतमंदों तक तुरंत सीधी मदद पहुंच सके।1
- बलरामपुर। थाना गैड़ास बुजुर्ग क्षेत्र के पीरग्यास गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में बंद कमरे के अंदर पति-पत्नी अचेत अवस्था में मिले। दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया। परिजन आनन-फानन में दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी दोनों को मृत घोषित कर दिया। बलरामपुर। थाना गैड़ास बुजुर्ग क्षेत्र के पीरग्यास गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में बंद कमरे के अंदर पति-पत्नी अचेत अवस्था में मिले। दरवाजा तोड़कर दोनों को बाहर निकाला गया। परिजन आनन-फानन में दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने पति-पत्नी दोनों को मृत घोषित कर दिया।1
- सीएमओ के औचक निरीक्षण में जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं उजागर अनुपस्थित कर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण श्रावस्ती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भंगहा सहित विभिन्न विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां जिला अस्पताल में मिली अव्यवस्थाओं पर सीएमओ ने नाराजगी जताई, वहीं सीएचसी भंगहा में बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही मिलने पर तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा के निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस का आयोजन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं मिला। ड्यूटी से अनुपस्थित पाई गई एएनएम, लैब टेक्नीशियन और काउंसलर से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश सीएमओ ने दिए। अस्पताल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती न होने के कारण परिसर में वाहन बेतरतीब खड़े मिले। इससे मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में परेशानी की स्थिति बनी हुई थी। सीएमओ ने सुरक्षा एवं पार्किंग व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रेरणा ऐप के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय बुधई पुरवा, सती चौरा और कम्पोजिट विद्यालय सिसवा का भ्रमण कर WIFS कार्यक्रम की समीक्षा की गई। निरीक्षण में बच्चों को साप्ताहिक आयरन एवं फोलिक एसिड की दवा नियमित रूप से खिलाए जाने की पुष्टि हुई। संबंधित रजिस्टर भी अद्यतन पाए गए। वहीं सीएचसी भंगहा के औचक निरीक्षण में PMSMA दिवस नियमानुसार संचालित मिला। सभी स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित पाए गए और स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती मिलीं। इस पर सीएमओ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं की सराहना की।निरीक्षण के दौरान सात माह की गर्भवती महिला सरिता शर्मा निवासी भंगहा, जिनका हीमोग्लोबिन 8 ग्राम था, को आयरन सुक्रोज चढ़ाया जा रहा था। सीएमओ ने महिला के स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए समय से आयरन की पांचों डोज पूरी कराने तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव अस्पताल में ही कराने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्ध तरीके से करें, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें1
- BIGBREKING न्यूज़ :- जनपद बलरामपुर तहसील उतरौला अन्तर्गत ग्राम पंचायत बासूपुर की यह पूरी घटना पति पत्नि दोनो ने मिलकर किया आत्महत्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डॉक्टर द्वारा जांच करने पर दोनों मृत पाए गए, मृतक का नाम है मनोज कुमार तक़रीबन उम्र 28 एंव मंजू देवी उम्र 26 थी । उक्त प्रकरण पर एडिशनल एसपी विशाल पाण्डेय की प्रेस कांफ्रेस आ चुकी हैँ। BIGBREKING न्यूज़ :- जनपद बलरामपुर तहसील उतरौला अन्तर्गत ग्राम पंचायत बासूपुर की यह पूरी घटना पति पत्नि दोनो ने मिलकर किया आत्महत्या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डॉक्टर द्वारा जांच करने पर दोनों मृत पाए गए, मृतक का नाम है मनोज कुमार तक़रीबन उम्र 28 एंव मंजू देवी उम्र 26 थी । उक्त प्रकरण पर एडिशनल एसपी विशाल पाण्डेय की प्रेस कांफ्रेस आ चुकी हैँ।2
- जिला अस्पताल में अव्यवस्था पर CMO नाराज, अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों से मांगा स्पष्टीकरण श्रावस्ती। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भंगहा सहित विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में कई कमियां मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) दिवस का आयोजन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं पाया गया। निरीक्षण के समय कुछ स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने अनुपस्थित पाए गए एलटी सुरेश कुमार, एएनएम विजय लक्ष्मी और फार्मासिस्ट संजय पाठक से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। अस्पताल के मुख्य द्वार पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होने के कारण वाहन परिसर में बेतरतीब खड़े पाए गए, जिससे मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में परेशानी हो रही थी। इस पर सीएमओ ने सुरक्षा एवं पार्किंग व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएमओ ने प्रेरणा ऐप के माध्यम से प्राथमिक विद्यालय बुधई पुरवा, सती चौरा और कंपोजिट विद्यालय सिसवा का निरीक्षण कर WIFS (Weekly Iron and Folic Acid Supplementation) कार्यक्रम की समीक्षा की। विद्यालयों में बच्चों को नियमित रूप से आयरन एवं फोलिक एसिड की दवा खिलाए जाने की पुष्टि हुई तथा संबंधित रजिस्टर भी अद्यतन मिले। वहीं सीएचसी भंगहा के निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। यहां PMSMA दिवस नियमानुसार संचालित मिला और सभी स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर उपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य सेवाएं भी सुचारू रूप से संचालित होती मिलीं। सीएमओ ने अस्पताल में सात माह की गर्भवती महिला सरिता शर्मा निवासी भंगहा, जिसका हीमोग्लोबिन 8 ग्राम था, को आयरन सुक्रोज दिए जाने की जानकारी ली। उन्होंने महिला को समय से आयरन सुक्रोज की पांचों डोज पूर्ण कराने तथा सुरक्षित संस्थागत प्रसव अस्पताल में ही कराने की सलाह दी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करें।3
- अमरहवा में जलभराव से, ग्रामीण परेशान आवागमन में हो रही हैं परेशानी सिरसिया विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमरहवा में बारिश और राप्ती नहर के जलभराव की समस्या से ग्रामीण परेशान हैं। गांव के कई घरों तक पानी पहुंच गया है, जबकि मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न है। सबसे अधिक परेशानी कब्रिस्तान में पानी भरने से हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार वहां घुटनों से ऊपर तक पानी भरा हुआ है। जिस स्थान पर जनाजे की नमाज पढ़ी जाती थी, वहां भी घुटनों तक पानी जमा है। स्थानीय निवासी कहना है कि लगातार बारिश के साथ राप्ती नहर का पानी भी गांव की ओर आने से जलभराव बढ़ गया है। कई घरों के आसपास पानी जमा है। मुख्य मार्ग पर पानी अधिक होने के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और जरूरी काम के लिए भी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। हाफिज अफदाल अहमद ने बताया कि जलभराव के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। फरीद अहमद ने कहा कि बारिश और नहर के पानी की निकासी नहीं होने से घरों के आसपास पानी जमा है। असगर अली ने कब्रिस्तान में पानी भरने की समस्या बताई। उनके अनुसार पानी अधिक होने से वहां पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। तुलाराम वर्मा ने मुख्य मार्ग पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने की बात कही। खैराती ने बताया कि पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश और नहर दोनों का पानी जमा होने से स्थिति लगातार खराब हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक कब्रिस्तान में पानी भरा होने के कारण कब्र खोदना मुश्किल है। जनाजे की नमाज की जगह भी पानी में डूबी है। ऐसे में यदि गांव में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो जनाजे की नमाज पढ़ने के लिए जगह नहीं होगी और शव को दफनाने में भी परेशानी आएगी। ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरी में शव को घर में रखना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग को प्रार्थना पत्र देकर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि नहर विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति की जांच करें और बारिश तथा नहर के पानी की निकासी का उचित इंतजाम कराएं।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ बहराइच पयागपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ बहराइच के पयागपुर क्षेत्र से जुड़े सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल का सोमवार, 31 अगस्त 2026 को उनके पैतृक आवास पर हृदयाघात (हार्ट अटैक) के कारण निधन हो गया। वह सेना से सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) हुए थे, न कि सीमा पर किसी ऑपरेशन में शहीद। मानसिकता न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ बहराइच में किया गया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई: बहराइच के कुसभौना गाँव (पयागपुर) के रहने वाले ब्रिगेडियर त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल को सेना के जवानों ने अंतिम सलामी दी और 21 तोपों की सलामी के साथ विदा किया। शानदार सैन्य करियर: वह भारतीय सेना की प्रतिष्ठित राजपूत रेजिमेंट में ब्रिगेडियर के पद पर रहे और उन्होंने फर्रुखाबाद सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर देश की सुरक्षा की कमान संभाली थी। क्षेत्र में शोक की लहर: उनके अंतिम संस्कार में भारी संख्या में स्थानीय नागरिक, पूर्व सैनिक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।1
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