उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो बूथ दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले के सभी 76 नियोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जहाँ 82 चिकित्सकों और 266 पैरामेडिकल कर्मियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत जनपद में कुल 2,389 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान के दौरान निर्धारित 6,64,224 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,65,146 बच्चों को पोलियो की दवा दी गई, जो कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शेष बच्चों को आगामी घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवर किया जाए। मेले के दौरान कुल 1,654 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 713 पुरुष, 708 महिलाएं और 233 बच्चे शामिल रहे। साथ ही, 57 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। डॉ. वर्मा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार एवं कुन्दीगढ़ का निरीक्षण भी किया, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले और लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर 163 लोगों की जांच की गई, हालांकि किसी का भी एंटीजन टेस्ट नहीं किया गया। विभिन्न रोगों से संबंधित आंकड़ों में 22 लीवर रोगी, 134 श्वसन रोगी, 286 गैस्ट्रो रोगी, 300 मधुमेह रोगी, 177 त्वचा रोगी, 9 टीबी रोगी, 20 एनीमिया और 93 उच्च रक्तचाप के मरीज चिन्हित किए गए। इस दौरान कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसके अतिरिक्त, 76 गर्भवती महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया तथा 75 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। अन्य बीमारियों से संबंधित 686 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 93 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। विशेषज्ञ सेवाओं के तहत 43 मरीजों को मेडिसिन, 28 को जनरल सर्जरी, 1 को नेत्र रोग, 2 को स्त्री एवं प्रसूति रोग, 1 को ईएनटी तथा 18 मरीजों को अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एवं पल्स पोलियो अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आगामी घर-घर पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित कर प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो बूथ दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले के सभी 76 नियोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जहाँ 82 चिकित्सकों और 266 पैरामेडिकल कर्मियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत जनपद में कुल 2,389 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान के दौरान निर्धारित 6,64,224 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,65,146 बच्चों को पोलियो की दवा दी गई, जो कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शेष बच्चों को आगामी घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवर किया जाए। मेले के दौरान कुल 1,654 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 713 पुरुष, 708 महिलाएं और 233 बच्चे शामिल रहे। साथ ही, 57 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। डॉ. वर्मा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार एवं कुन्दीगढ़ का निरीक्षण भी किया, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले और लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर 163 लोगों की जांच की गई, हालांकि किसी का भी एंटीजन टेस्ट नहीं किया गया। विभिन्न रोगों से संबंधित आंकड़ों में 22 लीवर रोगी, 134 श्वसन रोगी, 286 गैस्ट्रो रोगी, 300 मधुमेह रोगी, 177 त्वचा रोगी, 9 टीबी रोगी, 20 एनीमिया और 93 उच्च रक्तचाप के मरीज चिन्हित किए गए। इस दौरान कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसके अतिरिक्त, 76 गर्भवती महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया तथा 75 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। अन्य बीमारियों से संबंधित 686 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 93 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। विशेषज्ञ सेवाओं के तहत 43 मरीजों को मेडिसिन, 28 को जनरल सर्जरी, 1 को नेत्र रोग, 2 को स्त्री एवं प्रसूति रोग, 1 को ईएनटी तथा 18 मरीजों को अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एवं पल्स पोलियो अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आगामी घर-घर पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित कर प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जनपद में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला और पल्स पोलियो बूथ दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा ने जानकारी दी कि जिले के सभी 76 नियोजित आरोग्य मेलों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं, जहाँ 82 चिकित्सकों और 266 पैरामेडिकल कर्मियों ने सहभागिता करते हुए लोगों को उपचार एवं परामर्श प्रदान किया। पल्स पोलियो अभियान के तहत जनपद में कुल 2,389 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इस अभियान के दौरान निर्धारित 6,64,224 बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 3,65,146 बच्चों को पोलियो की दवा दी गई, जो कुल लक्ष्य का 55 प्रतिशत है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि शेष बच्चों को आगामी घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान शत-प्रतिशत कवर किया जाए। मेले के दौरान कुल 1,654 मरीजों का पंजीकरण किया गया, जिनमें 713 पुरुष, 708 महिलाएं और 233 बच्चे शामिल रहे। साथ ही, 57 आयुष्मान गोल्डन कार्ड भी बनाए गए। डॉ. वर्मा ने नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दलसिंगार एवं कुन्दीगढ़ का निरीक्षण भी किया, जहाँ स्वास्थ्यकर्मी मौजूद मिले और लाभार्थियों को निर्धारित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य जांच के लिए कोविड हेल्प डेस्क पर 163 लोगों की जांच की गई, हालांकि किसी का भी एंटीजन टेस्ट नहीं किया गया। विभिन्न रोगों से संबंधित आंकड़ों में 22 लीवर रोगी, 134 श्वसन रोगी, 286 गैस्ट्रो रोगी, 300 मधुमेह रोगी, 177 त्वचा रोगी, 9 टीबी रोगी, 20 एनीमिया और 93 उच्च रक्तचाप के मरीज चिन्हित किए गए। इस दौरान कैंसर का कोई नया मामला सामने नहीं आया। इसके अतिरिक्त, 76 गर्भवती महिलाओं का एएनसी परीक्षण किया गया तथा 75 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं सेवाएं प्रदान की गईं। अन्य बीमारियों से संबंधित 686 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 93 मरीजों को उच्चतर चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर किया गया। विशेषज्ञ सेवाओं के तहत 43 मरीजों को मेडिसिन, 28 को जनरल सर्जरी, 1 को नेत्र रोग, 2 को स्त्री एवं प्रसूति रोग, 1 को ईएनटी तथा 18 मरीजों को अन्य विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला एवं पल्स पोलियो अभियान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों, विशेषकर बच्चों एवं माताओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने आगामी घर-घर पोलियो अभियान को पूरी गंभीरता के साथ संचालित कर प्रत्येक बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।1
- आजमगढ़ पुलिस के PRB 112 द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस के PRB 112 इकाई के अभद्र आचरण को दर्शाया गया है।1
- Post by SONI DEVI1
- Post by Ajit Kumar1
- मऊ जनपद में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए एक पल्स पोलियो अभियान शुरू किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान के तहत कुल 3 लाख 25 हजार बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 28 जून को बूथ दिवस के अवसर पर जिले भर के निर्धारित पोलियो बूथों पर पात्र बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाई गई। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की यह जीवनरक्षक दो बूंद अवश्य पिलाएं, ताकि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं। उन्होंने पोलियो उन्मूलन के लिए सभी अभिभावकों का सहयोग बेहद आवश्यक बताया और कहा कि प्रत्येक पात्र बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य दिलाई जानी चाहिए।1
- आजमगढ़ मंडलायुक्त विवेक ने शनिवार देर शाम मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्माणाधीन परियोजनाओं, राजस्व कार्यों और नगरीय निकायों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य शासनादेशों और वित्तीय नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएँ। एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए, मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि जिनकी समयसीमा बढ़ाई गई है, उन्हें हर हाल में निर्धारित अवधि के भीतर पूरा किया जाए। साथ ही, 90 प्रतिशत से अधिक पूर्ण परियोजनाओं को तत्काल पूरा कर हैंडओवर की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया। बलिया में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) द्वारा एक ठेकेदार को डिबार किए जाने के बावजूद उससे कार्य कराए जाने पर मंडलायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजने के निर्देश दिए। वहीं, आवास विकास परिषद और यूपी सिडको की कुछ परियोजनाओं में देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की पाँच परियोजनाएँ ठेकेदारों की वजह से प्रभावित मिलने पर, मंडलायुक्त ने ऐसे ठेकेदारों की पहचान करने और भविष्य में उन्हें काम आवंटित न करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार द्वारा एक परियोजना में तकनीकी कमी की जानकारी दिए जाने पर, मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त (प्रशासन) को विशेषज्ञ टीम के साथ निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। राजस्व एवं कर वसूली की समीक्षा में, मंडलायुक्त ने आबकारी विभाग को मंडल में किसी भी स्थिति में अवैध शराब की बिक्री न होने देने का निर्देश दिया। उन्होंने लगातार प्रवर्तन कार्रवाई चलाकर कच्ची शराब पर प्रभावी रोक लगाने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर 'बी', 'सी' और 'डी' ग्रेड वाली योजनाओं की समीक्षा करते हुए, उद्योग विभाग को बलिया और मऊ को अगले माह तक 'ए' ग्रेड में लाने का लक्ष्य दिया गया। पीएम स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति पर बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग की समीक्षा में मऊ में ट्रेड सर्टिफिकेट का एक आवेदन लंबित मिलने और संभागीय परिवहन अधिकारी के बैठक में अनुपस्थित रहने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी जताते हुए उनका वेतन रोकने और स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया। नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान, मंडलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों को वित्तीय नियमावली का पालन करने, खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और ई-टेंडर प्रणाली को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, बरसात को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान, नालों की सफाई, पेयजल व्यवस्था और डेंगू नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। अपर आयुक्त (प्रशासन) प्रमोद कुमार पाण्डेय ने निकायों को सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों के लंबित कार्य शीघ्र पूरा कराने, प्लास्टिक जब्ती अभियान तेज करने और मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी सफाई वाहनों पर जीपीएस लगाने और नियमित फॉगिंग कराने पर भी जोर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें डायल-112 पर तैनात एक पुलिसकर्मी एक युवक को थप्पड़ मारते हुए कैमरे में कैद हो गया है। इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं कि यह पुलिस की दबंगई थी या किसी मजबूरी का परिणाम।1