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एक मुद्दे को लेकर पिछले चार वर्षों से कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यह स्थिति आज तक बनी हुई है।
Manish Thakur—6
एक मुद्दे को लेकर पिछले चार वर्षों से कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यह स्थिति आज तक बनी हुई है।
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- बबेरू में लवरूद्र ललित कला फाउंडेशन द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का तीसरा दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष दिन, बच्चों को योग और जूडो-कराटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।1
- एक मुद्दे को लेकर पिछले चार वर्षों से कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यह स्थिति आज तक बनी हुई है।3
- बांदा जिले के बिसंडा ब्लॉक अंतर्गत दफ्तरा गांव में रामपाल s/o बाबूलाल की सब्जी की पूरी फसल बर्बाद हो गई है। रामपाल ने इंद्रपाल s/o बोडा पटेल के खेत में सब्जी की फसल लगाई थी, जिसमें अब फल भी आने लगे थे। आरोप है कि इंद्रपाल के कहने पर प्रकाश s/o बोडा पटेल ने अपनी चार भैंसें खेत में छोड़ दीं, जिससे पूरी फसल नष्ट हो गई। रामपाल का कहना है कि उनकी छह महीने की कड़ी मेहनत बर्बाद हो गई है। इसके अलावा, इंद्रपाल की पत्नी मीरा w/o इंद्रपाल ने घर आकर बची-खुची फसल को भी नष्ट करवा देने की धमकी दी है, जिससे किसान और भी परेशान हैं।1
- बांदा में बुंदेलखंड इंसाफ संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.एस. नोमानी ने 1 जून 2026 से अशोक लाट चौराहे पर भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नोमानी का यह अनशन अवैध खनन, बढ़ते वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी और निरंतर घटते जंगलों के कारण प्रकृति के अस्तित्व को बचाने की एक मौन पुकार है। यह केवल एक व्यक्ति का विरोध न होकर प्रकृति की उस पीड़ा को व्यक्त करने का प्रयास है, जो वर्षों से इन गंभीर चुनौतियों से जूझ रही है। नोमानी ने जोर देकर कहा है कि जब नीतियां कमजोर पड़ जाती हैं और प्रकृति की वेदना अनसुनी की जाती है, तब लोकतंत्र में अहिंसक प्रतिरोध ही अंतिम मार्ग बचता है। उन्होंने केन नदी के सिकुड़ते प्रवाह, पहाड़ों के कटते सीने और जंगलों के उजड़ते विस्तार को केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर मंडराता खतरा बताया। उनका यह अनशन एक सवाल और एक चेतावनी दोनों है कि क्या विकास की अंधी दौड़ में समाज अपनी नदियों, जंगलों और प्राकृतिक धरोहरों को खोने के लिए तैयार है। नोमानी का मानना है कि यदि आज भी प्रकृति की इस पुकार को नहीं सुना गया, तो इतिहास यह दर्ज करेगा कि इंसान ने अपने जीवन के मूल आधारों को नष्ट होते देखा, लेकिन फिर भी मौन बना रहा। यह भूख हड़ताल इसी मौन को तोड़ने का एक प्रयास है, क्योंकि जब नदियां कराहती हैं, जंगल सिमटते हैं और पहाड़ घायल होते हैं, तब प्रतिरोध भी एक तपस्या का रूप ले लेता है।1
- फतेहपुर जिले के हथगाम थाने में बुधवार को एक जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने स्वयं फरियादियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। इस जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, पारिवारिक कलह, अवैध शराब बिक्री, रास्ते के विवाद और सामाजिक मामलों से जुड़ी लगभग तीन दर्जन शिकायतें सामने आईं, जिन पर कई मामलों में कार्रवाई की धीमी प्रगति को लेकर पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी भी जताई। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि विवाद, खेती-बाड़ी संबंधी मुद्दे, पारिवारिक कलह, पति-पत्नी विवाद और रास्ते की समस्या जैसे सामाजिक मामले शामिल थे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।2
- चित्रकूट के पहाड़ी ब्लॉक में पानी की भीषण किल्लत से आक्रोशित ग्रामीणों ने पहाड़ी ब्लॉक परिसर पर धरना प्रदर्शन किया। लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को लेकर लोगों ने ब्लॉक परिसर के गेट को जाम कर दिया और चेतावनी दी कि अगर पानी नहीं मिला तो वे वोट नहीं देंगे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, मोहल्ले में पानी की समस्या लंबे समय से चली आ रही है, जिसकी जानकारी जल विभाग को कई बार दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। भीषण गर्मी के कारण यह समस्या और भी गंभीर हो गई है, जिससे लोग पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर होने को मजबूर हैं।1
- फतेहपुर जिले में राष्ट्रवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की बदहाल सड़कों, गंभीर पेयजल संकट, लगातार हो रही बिजली कटौती और अधूरे विकास कार्यों पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया। राष्ट्रवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामकिशोर सिंह और अयाह शाह प्रभारी जय प्रकाश लोधी ने विशेष रूप से अयाहशाह विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों में सड़कों की जर्जर स्थिति का उल्लेख किया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अयाह बाजार, भगवानपुर, पहाड़पुर, कोर्राकनक, मैनाही का डेरा, भोलिया का डेरा, चन्द्रगण लखनहा, सेमरई, बनकटा और उसरैना सहित कई गांवों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइपलाइन बिछाई गई, लेकिन आज तक पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी, और कई स्थानों पर पानी की टंकियां अधूरी पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, कई गांवों में नाली और खरंजे जर्जर होने से लोगों का निकलना भी मुश्किल हो गया है। ज्ञापन में बिजली आपूर्ति की समस्या को भी उठाया गया, जिसमें कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी में लंबी बिजली कटौती से आमजन की परेशानी बताते हुए शहर और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष रामकिशोर सिंह ने प्रशासन से 15 दिन के भीतर सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की, चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन करने को बाध्य होगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जयप्रकाश सिंह, शिवचरण सिंह, ललित कुमार, गजोधर, रघुराज, रामसनेही, कंचन सिंह, मंजू देवी, कुंती देवी, शिवभोला, अर्जुन सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।3
- एक हाई टेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से मवेशियों की मौत हो गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।1