ट्रेड यूनियनों का बिलासपुर में जोरदार प्रदर्शन, डीसी कार्यालय तक निकाली रैली जिला मुख्यालय बिलासपुर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बैनर तले श्रमिकों ने केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर से चेतना चौक होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी की गई। रैली की अगुवाई ट्रेड यूनियन नेता प्रमिला बसु, प्रवेश चंदेल और लखनपाल ने की। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और श्रमिक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग लगातार प्रभावित हो रहा है। श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और बढ़ती महंगाई के कारण मजदूरों और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। रैली शहर के मुख्य बाजार , गुरद्वारा चौक और चेतना चौक से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बाद में ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौजूदगी से शहर में कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा।
ट्रेड यूनियनों का बिलासपुर में जोरदार प्रदर्शन, डीसी कार्यालय तक निकाली रैली जिला मुख्यालय बिलासपुर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बैनर तले श्रमिकों ने केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर से चेतना चौक होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी की गई। रैली की अगुवाई ट्रेड यूनियन नेता प्रमिला बसु, प्रवेश चंदेल और लखनपाल ने की। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और श्रमिक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग लगातार प्रभावित हो रहा है। श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और बढ़ती महंगाई के कारण मजदूरों और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। रैली शहर के मुख्य बाजार , गुरद्वारा चौक और चेतना चौक से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बाद में ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौजूदगी से शहर में कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा।
- जिला मुख्यालय बिलासपुर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों के बैनर तले श्रमिकों ने केंद्र सरकार की कथित मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लक्ष्मी नारायण मंदिर से चेतना चौक होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक रोष रैली निकाली गई और जमकर नारेबाजी की गई। रैली की अगुवाई ट्रेड यूनियन नेता प्रमिला बसु, प्रवेश चंदेल और लखनपाल ने की। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिक, कर्मचारी और यूनियन पदाधिकारी रैली में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और श्रमिक हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। ट्रेड यूनियन नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों से मजदूर वर्ग लगातार प्रभावित हो रहा है। श्रम कानूनों में बदलाव, निजीकरण और बढ़ती महंगाई के कारण मजदूरों और कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, ठेका प्रथा समाप्त करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग उठाई। रैली शहर के मुख्य बाजार , गुरद्वारा चौक और चेतना चौक से होती हुई उपायुक्त कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। बाद में ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों ने उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजकर मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग की। ट्रेड यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिकों की मौजूदगी से शहर में कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा।1
- भगवान शिव परिवार से जुड़ी दिव्य कथाओं को सुन कर भक्ति रस से सराबोर हुआ पंडाल1
- har har Mahadev 🙏🙏1
- विद्यालयों में हुआ राजयोग एवं नैतिक शिक्षा का विशेष कार्यक्रम बंगाणा,ब्रह्माकुमारीज़ दुलेहर द्वारा संचालित शिव संदेश रथयात्रा के सातवें दिन, गुरुवार दिनांक 12 फ़रवरी 2026 को रथयात्रा दुलेहर तथा उसके आसपास के ग्रामों में पहुँची। इस अवसर पर ग्रामवासियों के मध्य आध्यात्मिक ज्ञान का प्रकाश फैलाते हुए परमपिता परमात्मा शिव का शांति, प्रेम एवं सद्भाव का संदेश दिया गया। रथयात्रा के दौरान मार्ग में आने वाले विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में भी विशेष रूप से विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए ध्यान सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छेत्रा तथा राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक कॉलेज, दुलेहर में कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को नैतिक मूल्यों की शिक्षा प्रदान की गई तथा राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया। बीके बबीता बहन ने बताया कि राजयोग के नियमित अभ्यास से एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं सकारात्मक सोच का विकास होता है, जिससे विद्यार्थी न केवल शिक्षा में बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, छेत्रा के प्रधानाचार्य श्री प्रमोद द्विवेदी जी ने ब्रह्माकुमारीज़ का हृदय से धन्यवाद व्यक्त करते हुए भविष्य में भी विद्यार्थियों के लिए ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित करने का निवेदन किया। वहीं राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक कॉलेज, दुलेहर की प्रधानाचार्या श्रीमती रुचिता शर्मा ने भी ब्रह्माकुमारीज़ की सेवाओं की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण हेतु अत्यंत उपयोगी बताया। ब्रह्माकुमारीज़ ऊना द्वारा आयोजित यह शिव संदेश रथयात्रा निरंतर ग्राम-ग्राम और शिक्षण संस्थानों तक पहुँचकर आध्यात्मिक जागरूकता एवं नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य कर रही है।1
- हमीरपुर हमीरपुर में मानव तस्करी का मामला सामने आया है जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो संयुक्त आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जनता से पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार हमीरपुर शहर के समय भी झारखंड से लाए हुए दो नाबालिक बच्चों से मजदूरी का काम करवाया जा रहा था जिसकी शिकायत चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास की गई थी और इसी के चलते आप पुलिस ने भी कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि इस सारे गिरोह का मास्टरमाइंड दिल्ली में है और वहीं से यह सारा मानव तस्करी का धंधा किया जा रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपी को हमीरपुर के अदालत में पेश किया है जहां पर 16 फरवरी तक दोनों आरोपियों को पुलिस निर्माण दिया गया है। महिला पुलिस थाना के तहत मानव तस्करी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आशंका है कि दो नाबालिग बच्चों को झारखंड से बाल मजदूरी के इरादे से लाया गया था। दोनों ही बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया। आरोपी महिला की पहचान दुलारी देवी निवासी झारखंड के रूप में हुई है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर से मामले की शिकायत मिली थी। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक नाबालिग बच्चे को कुल्लू व दूसरे को हमीरपुर से सुरक्षित रेस्क्यू किया है। पुलिस के अनुसार दुलारी देवी झारखंड से पांच नाबालिग बच्चों को हिमाचल के एक व्यक्ति के कहने पर लाई थी। इस मामले में पुलिस की ओर से पैसों के लेनदेन की भी जांच की जा रही है। डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष मनीष राणा ने बताया कि दुलारी देवी महिला के द्वारा झारखंड से बच्चों को यहां पर मजदूरी करवाया जा रहा था और इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई थी जिस पर पुलिस ने भी कार्रवाई की है और दो और लोगो को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि दोनों नाबालिक बच्चों को झारखंड में अपने परिवार से मिलवाया जा रहा है और इस बाबत विभाग के द्वारा पूरी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक बलवीर सिंह ठाकुर ने बताया कि बाल श्रम और मानव तस्करी के मामले में जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि महिला से पूछताछ की जा रही है। कितने व्यक्ति इस मामले में जुड़े हैं, हर पहलू पर जांच की जा रही है। एसपी ने बताया कि दो पकड़े गए आरोपियों को फरवरी तक पुलिस रिमांड में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में दिल्ली राज्य से भी कनेक्शन होने की संभावना लग रही है इसलिए पुलिस हर पहलू की जनता से पड़ताल कर रही है।2
- चार नए लेबर कोड के विरोध में CITU ने शिमला में सरकार के खिलाफ विरोध रैली निकाली. इस विरोध प्रदर्शन में 10 ट्रेड यूनियन शामिल हुए. रैली में चार नए लेबर कोड का विरोध जताते हुए प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला. सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए पंचायत भवन से डीसी ऑफिस तक विरोध मार्च किया गया. VO -- CITU के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सरकार मजदूरों को बंधुआ मजदूरी की तरफ़ धकेलने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि यह मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई है. देश में पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाने का काम हो रहा है. विरोध रैली में आउट सोर्स और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए नीति बनाने की मांग की गई. मनरेगा ख़त्म करने का भी विरोध किया गया. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. उन्होंने कहा कि सरकार को मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए. विजेंद्र मेहरा ने कहा कि सरकार को अपनी नीतियों में बदलाव करना होगा. उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अपनी नीतियों में बदलाव नहीं करती, तब तक वे विरोध ज़ारी रखेंगे. बाइट -- विजेंद्र मेहरा, राज्य अध्यक्ष CITU2
- कल सूखा था हैंडपंप, आज बहने लगा पानी – प्रशासन की त्वरित कार्रवाई! वीडियो हुआ वायरल और अगले ही दिन मिला समाधान! गांव की आवाज़ बनी ताकत – एक दिन में पानी की समस्या खत्म! सोशल मीडिया की त"कल तक गांव में पानी की बड़ी समस्या थी 💧 हैंडपंप सूखा पड़ा था। वीडियो डालते ही अगले दिन समाधान हो गया 🙏 धन्यवाद उन सभी को जिन्होंने साथ दिया। आवाज़ उठाइए, बदलाव ज़रूर आता है!"#BreakingNews #GoodNews #GaonKiJeet #PaniKaSamadhan #SocialMediaPower #VillageUpdate #PositiveNews #AwazKiTakat #GraminVikas1
- राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान पर बरमाना स्थित बीडीटीएस परिसर में ट्रांसपोर्टरों, चालकों और मजदूरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। यह हड़ताल मजदूरों के खिलाफ थोपे जा रहे चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में आयोजित की गई। इस अवसर पर प्रधान नीलम चंदेल, चेयरमैन एवं एटक के प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय एटक के समन्वयक सदस्य लेखराम वर्मा तथा ट्रेड यूनियनिस्ट विजय शर्मा , ट्रेड यूनियनिस्ट जय कृष्ण शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टरों, चालकों और मजदूरों ने भाग लिया। ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल को सफल बनाने के लिए एक दिन तक डिमांड (परिवहन कार्य) बंद रखने का निर्णय लिया। वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूर, कर्मचारी, किसान और आम जनता विरोधी नीतियां थोपने का आरोप लगाया और कहा कि ये नीतियां श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी और गुलामी की ओर धकेलने वाली हैं। मुख्य मांगें में मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताएं (लेबर कोड) तत्काल समाप्त की जाएं। सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह लागू किया जाए। आंगनबाड़ी, आशा और मिड डे मील कर्मियों को श्रमिक का दर्जा देते हुए न्यूनतम मजदूरी, ग्रेच्युटी और पेंशन का लाभ दिया जाए। मनरेगा का बजट बढ़ाया जाए तथा 120 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए। मनरेगा व निर्माण मजदूरों का श्रमिक कल्याण बोर्ड में पंजीकरण सरल और नियमित किया जाए तथा रुके हुए आर्थिक लाभ बहाल किए जाएं। अनुबंध, आउटसोर्स, ठेका, फिक्स टर्म, कैजुअल, टेम्परेरी और मल्टी टास्क श्रमिकों को नौकरी की सुरक्षा, समान वेतन और अन्य लाभ दिए जाएं।1