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महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन। महिला पत्रकारों की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं - इरशाद कुरैशी छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र। रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट। महिला पत्रकारों शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® मराठवाड़ा, महाराष्ट्र की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और मारपीट को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर हमला बताते हुए संगठन ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम डिविजनल कमिश्नर, छत्रपति संभाजीनगर के माध्यम से सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा समाचार कवरेज में बाधा डालना केवल किसी पत्रकार के अधिकारों का हनन नहीं है, बल्कि जनता के जानने के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने मांग की कि शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच को प्रभावित करने की किसी भी संभावना को समाप्त करते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। संगठन ने महिला पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, समाचार कवरेज, प्रदर्शन, धरना, घटनास्थल, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन में पत्रकारों पर हमला, धमकी, जबरन रोकने, कैमरा अथवा अन्य उपकरण छीनने, समाचार कवरेज में बाधा डालने या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन ने पत्रकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक अथवा दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज किए जाने वाले कथित झूठे मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाने तथा जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों पर हमले, धमकी, उत्पीड़न और दबाव की घटनाओं पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना अत्यंत चिंताजनक है। पत्रकार अपना कार्य किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और जनता तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी घटना की रिपोर्टिंग करता है तो वह समाज के सामने सच्चाई रखने का दायित्व निभाता है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वह निर्भीक होकर जनता की समस्याओं और शासन-प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को कैसे सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि देशभर में पत्रकारों को विभिन्न प्रकार के दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। कई बार पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकने, धमकाने अथवा उनके उपकरण छीनने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को गंभीरता से लेने की अपील की। जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के सवाल पर संगठन किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून को समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक बताया। एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल ने कहा कि घटनास्थल पर पत्रकार अक्सर जोखिम उठाकर समाचार और तस्वीरें जुटाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पत्रकारों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकना या उनके काम में अनावश्यक बाधा डालना लोकतांत्रिक पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की। लोकमत के पत्रकार सलमान खान ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता तक तथ्य और सच्चाई पहुंचाना है। यदि पत्रकारों को धमकाया जाएगा या उनके खिलाफ दबाव बनाया जाएगा तो इसका सीधा असर जनता तक पहुंचने वाली सूचनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण देना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने स्पष्ट किया कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से देशभर के पत्रकारों को एकजुट कर चरणबद्ध आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना है। इस दौरान पत्रकारों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान को न्याय, सुरक्षा एवं सम्मान दिलाने तथा पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी, प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश, प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी, औरंगाबाद टाइम्स के जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन, एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल, लोकमत के सलमान खान, जिला संगठन सचिव सैय्यद जाकिर अहमद, जिला महासचिव अजीम खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

1 hr ago
user_Imtiyaj A Fonwel
Imtiyaj A Fonwel
हिसुआ, नवादा, बिहार•
1 hr ago

महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन। महिला पत्रकारों की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं - इरशाद कुरैशी छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र। रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट। महिला पत्रकारों शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® मराठवाड़ा, महाराष्ट्र की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और मारपीट को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर हमला बताते हुए संगठन ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम डिविजनल कमिश्नर, छत्रपति संभाजीनगर के माध्यम से सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा समाचार कवरेज में बाधा डालना केवल किसी पत्रकार के अधिकारों का हनन नहीं है, बल्कि जनता के जानने के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने मांग की कि शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच को प्रभावित करने की किसी भी संभावना को समाप्त करते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। संगठन ने महिला पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, समाचार कवरेज, प्रदर्शन, धरना, घटनास्थल, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन में पत्रकारों पर हमला, धमकी, जबरन रोकने, कैमरा अथवा अन्य उपकरण छीनने, समाचार कवरेज में बाधा डालने या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन ने पत्रकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक अथवा दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज किए जाने वाले कथित झूठे मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाने तथा जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों पर हमले, धमकी, उत्पीड़न और दबाव की घटनाओं पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना अत्यंत चिंताजनक है। पत्रकार अपना कार्य किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और जनता तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास

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है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी घटना की रिपोर्टिंग करता है तो वह समाज के सामने सच्चाई रखने का दायित्व निभाता है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वह निर्भीक होकर जनता की समस्याओं और शासन-प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को कैसे सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि देशभर में पत्रकारों को विभिन्न प्रकार के दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। कई बार पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकने, धमकाने अथवा उनके उपकरण छीनने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को गंभीरता से लेने की अपील की। जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के सवाल पर संगठन किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून को समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक बताया। एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल ने कहा कि घटनास्थल पर पत्रकार अक्सर जोखिम उठाकर समाचार और तस्वीरें जुटाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पत्रकारों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकना या उनके काम में अनावश्यक बाधा डालना लोकतांत्रिक पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की। लोकमत के पत्रकार सलमान खान ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता तक तथ्य और सच्चाई पहुंचाना है। यदि पत्रकारों को धमकाया जाएगा या उनके खिलाफ दबाव बनाया जाएगा तो इसका सीधा असर जनता तक पहुंचने वाली सूचनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण देना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने स्पष्ट किया कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से देशभर के पत्रकारों को एकजुट कर चरणबद्ध आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना है। इस दौरान पत्रकारों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान को न्याय, सुरक्षा एवं सम्मान दिलाने तथा पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी, प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश, प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी, औरंगाबाद टाइम्स के जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन, एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल, लोकमत के सलमान खान, जिला संगठन सचिव सैय्यद जाकिर अहमद, जिला महासचिव अजीम खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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  • महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन। महिला पत्रकारों की गरिमा से समझौता बर्दाश्त नहीं - इरशाद कुरैशी छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र। रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट। महिला पत्रकारों शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® मराठवाड़ा, महाराष्ट्र की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और मारपीट को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर हमला बताते हुए संगठन ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम डिविजनल कमिश्नर, छत्रपति संभाजीनगर के माध्यम से सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा समाचार कवरेज में बाधा डालना केवल किसी पत्रकार के अधिकारों का हनन नहीं है, बल्कि जनता के जानने के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने मांग की कि शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच को प्रभावित करने की किसी भी संभावना को समाप्त करते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। संगठन ने महिला पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, समाचार कवरेज, प्रदर्शन, धरना, घटनास्थल, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन में पत्रकारों पर हमला, धमकी, जबरन रोकने, कैमरा अथवा अन्य उपकरण छीनने, समाचार कवरेज में बाधा डालने या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन ने पत्रकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक अथवा दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज किए जाने वाले कथित झूठे मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाने तथा जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों पर हमले, धमकी, उत्पीड़न और दबाव की घटनाओं पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था समय की आवश्यकता है। दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना अत्यंत चिंताजनक है। पत्रकार अपना कार्य किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और जनता तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी घटना की रिपोर्टिंग करता है तो वह समाज के सामने सच्चाई रखने का दायित्व निभाता है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वह निर्भीक होकर जनता की समस्याओं और शासन-प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को कैसे सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि देशभर में पत्रकारों को विभिन्न प्रकार के दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। कई बार पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकने, धमकाने अथवा उनके उपकरण छीनने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को गंभीरता से लेने की अपील की। जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के सवाल पर संगठन किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून को समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक बताया। एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल ने कहा कि घटनास्थल पर पत्रकार अक्सर जोखिम उठाकर समाचार और तस्वीरें जुटाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पत्रकारों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकना या उनके काम में अनावश्यक बाधा डालना लोकतांत्रिक पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की। लोकमत के पत्रकार सलमान खान ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता तक तथ्य और सच्चाई पहुंचाना है। यदि पत्रकारों को धमकाया जाएगा या उनके खिलाफ दबाव बनाया जाएगा तो इसका सीधा असर जनता तक पहुंचने वाली सूचनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण देना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने स्पष्ट किया कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से देशभर के पत्रकारों को एकजुट कर चरणबद्ध आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना है। इस दौरान पत्रकारों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान को न्याय, सुरक्षा एवं सम्मान दिलाने तथा पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प लिया। कार्यक्रम में दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी, प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश, प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी, औरंगाबाद टाइम्स के जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन, एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल, लोकमत के सलमान खान, जिला संगठन सचिव सैय्यद जाकिर अहमद, जिला महासचिव अजीम खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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    महिला पत्रकारों की निर्मम मारपीट के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन। 
महिला पत्रकारों की गरिमा से समझौता 
बर्दाश्त नहीं - इरशाद कुरैशी 
छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद), महाराष्ट्र।
रिपोर्टर इम्तियाज फोनवेल की खास रिपोर्ट।
महिला पत्रकारों शाहीन खान (4 पीएम न्यूज नेटवर्क) एवं नफीसा खान (स्वतंत्र पत्रकार) के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से की गई मारपीट की घटना को लेकर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® मराठवाड़ा, महाराष्ट्र की ओर से कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अभद्रता और मारपीट को लोकतांत्रिक मूल्यों तथा स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर हमला बताते हुए संगठन ने माननीय राष्ट्रपति महोदया के नाम डिविजनल कमिश्नर, छत्रपति संभाजीनगर के माध्यम से सात सूत्रीय मांग-पत्र सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं। पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा समाचार कवरेज में बाधा डालना केवल किसी पत्रकार के अधिकारों का हनन नहीं है, बल्कि जनता के जानने के अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला गंभीर विषय है।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने मांग की कि शाहीन खान एवं नफीसा खान के साथ हुई कथित मारपीट की घटना की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जांच को प्रभावित करने की किसी भी संभावना को समाप्त करते हुए दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। संगठन ने महिला पत्रकारों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने, समाचार कवरेज, प्रदर्शन, धरना, घटनास्थल, सरकारी कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थानों पर पत्रकारों को निर्भीक होकर कार्य करने के लिए स्पष्ट सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने की भी मांग की। ज्ञापन में पत्रकारों पर हमला, धमकी, जबरन रोकने, कैमरा अथवा अन्य उपकरण छीनने, समाचार कवरेज में बाधा डालने या उत्पीड़न की शिकायत मिलने पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। एसोसिएशन ने पत्रकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण, प्रतिशोधात्मक अथवा दबाव बनाने के उद्देश्य से दर्ज किए जाने वाले कथित झूठे मुकदमों की उच्चस्तरीय समीक्षा के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाने तथा जरूरत पड़ने पर पत्रकारों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। संगठन ने केंद्र सरकार से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी एवं व्यावहारिक पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि पत्रकारों पर हमले, धमकी, उत्पीड़न और दबाव की घटनाओं पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए मजबूत कानूनी व्यवस्था समय की आवश्यकता है।
दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी ने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ कथित मारपीट की घटना अत्यंत चिंताजनक है। पत्रकार अपना कार्य किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि समाज और जनता तक वास्तविक जानकारी पहुंचाने के लिए करते हैं। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की गरिमा, सुरक्षा और सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश ने कहा कि पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकार जब किसी घटना की रिपोर्टिंग करता है तो वह समाज के सामने सच्चाई रखने का दायित्व निभाता है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो वह निर्भीक होकर जनता की समस्याओं और शासन-प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को कैसे सामने लाएगा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई होना आवश्यक है।
प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि देशभर में पत्रकारों को विभिन्न प्रकार के दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। कई बार पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकने, धमकाने अथवा उनके उपकरण छीनने जैसी शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून होना बेहद जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग को गंभीरता से लेने की अपील की।
जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन ने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान के सवाल पर संगठन किसी भी स्तर पर पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए देशभर के पत्रकारों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी होगी। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून को समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकताओं में से एक बताया।
एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल ने कहा कि घटनास्थल पर पत्रकार अक्सर जोखिम उठाकर समाचार और तस्वीरें जुटाते हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि पत्रकारों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को समाचार कवरेज से रोकना या उनके काम में अनावश्यक बाधा डालना लोकतांत्रिक पत्रकारिता के लिए गंभीर चुनौती है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की।
लोकमत के पत्रकार सलमान खान ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता तक तथ्य और सच्चाई पहुंचाना है। यदि पत्रकारों को धमकाया जाएगा या उनके खिलाफ दबाव बनाया जाएगा तो इसका सीधा असर जनता तक पहुंचने वाली सूचनाओं पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण देना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ® ने स्पष्ट किया कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से देशभर के पत्रकारों को एकजुट कर चरणबद्ध आंदोलनात्मक कार्यक्रम चलाने के लिए बाध्य होगा। संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति का विरोध करना नहीं, बल्कि पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करना है।
इस दौरान पत्रकारों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने महिला पत्रकारों शाहीन खान और नफीसा खान को न्याय, सुरक्षा एवं सम्मान दिलाने तथा पत्रकारिता की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एकजुटता का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में दैनिक औरंगाबाद सिटीजन्स के संपादक एवं प्रदेश संरक्षक मराठवाड़ा इरशाद कुरैशी, प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा मोहम्मद ताबिश, प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी, औरंगाबाद टाइम्स के जिला अध्यक्ष कलीमुद्दीन, एडीएन न्यूज के हुसैन पटेल, लोकमत के सलमान खान, जिला संगठन सचिव सैय्यद जाकिर अहमद, जिला महासचिव अजीम खान सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Imtiyaj A Fonwel
    Imtiyaj A Fonwel
    हिसुआ, नवादा, बिहार•
    1 hr ago
  • अकबरपुर प्रखंड की कुलाना पंचायत के भुमई गांव में विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर। मुख्य सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीणों, छात्रों और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह समस्या पंचायत मुखिया के अपने गांव में है। आखिर कब होगी स्थायी कार्रवाई और कब मिलेगी ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत? #Nawada #Akbarpur #BiharNews #NawadaNews अकबरपुर प्रखंड की कुलाना पंचायत के भुमई गांव में विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर। मुख्य सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीणों, छात्रों और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह समस्या पंचायत मुखिया के अपने गांव में है। आखिर कब होगी स्थायी कार्रवाई और कब मिलेगी ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत? #Nawada #Akbarpur #BiharNews #NawadaNews
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    अकबरपुर प्रखंड की कुलाना पंचायत के भुमई गांव में विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर। मुख्य सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीणों, छात्रों और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह समस्या पंचायत मुखिया के अपने गांव में है। आखिर कब होगी स्थायी कार्रवाई और कब मिलेगी ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत?
#Nawada #Akbarpur #BiharNews #NawadaNews
अकबरपुर प्रखंड की कुलाना पंचायत के भुमई गांव में विकास के दावों की पोल खोलती यह तस्वीर। मुख्य सड़क पर जलजमाव और कीचड़ से ग्रामीणों, छात्रों और राहगीरों का चलना मुश्किल हो गया है। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह समस्या पंचायत मुखिया के अपने गांव में है। आखिर कब होगी स्थायी कार्रवाई और कब मिलेगी ग्रामीणों को इस परेशानी से राहत?
#Nawada #Akbarpur #BiharNews #NawadaNews
    user_Raushan Kumar
    Raushan Kumar
    Local News Reporter नवादा, नवादा, बिहार•
    10 hrs ago
  • *जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, हिसुआ में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, छात्रों ने दिया रंगारंग प्रस्तुति* हिसुआ (नवादा) : जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, हिसुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन से हुआ। विद्यालय के शिक्षक एवं पुरोहित पंडित राम नारायण पाण्डेय ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. आर. पी. साहू एवं निदेशिका रश्मि गुप्ता मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे। पूजन के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रणव ग्रुप द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणपति नृत्य से हुई। इसके पश्चात लवली ग्रुप, नरसिंह अवतार नाट्य प्रस्तुति, आराध्या एवं सुरुचि, मानवी ग्रुप, अनन्या, प्रियांशी राज ग्रुप का कॉमेडी डांस तथा प्रतीक एवं शिवाय ग्रुप ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे विद्यालय परिसर को जन्माष्टमी के अवसर पर आकर्षक रूप से सजाया गया था। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा में नृत्य, भजन, गीत एवं लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की जीवंत झलक पेश की। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन छात्रा कृति एवं तश्किया ने किया। उनकी प्रभावशाली एंकरिंग ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद साहू, निदेशिका रश्मि गुप्ता, प्राचार्या अनुराधा कुमारी एवं उप-प्राचार्य अमित कुमार मिश्रा का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकगण राम नारायण पाण्डेय, चंदन कुमार पाण्डेय, अमित मिश्रा, राकेश कुमार, गौतम सिंह, संजीत कुमार, शुभम सिंह, दीपक सिंह एवं कृति मैडम की सक्रिय भूमिका रही। विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। अंत में विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अतिथियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ।
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    *जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, हिसुआ में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव, छात्रों ने दिया रंगारंग प्रस्तुति*
हिसुआ (नवादा) : जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल, हिसुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्रीकृष्ण के पूजन-अर्चन से हुआ। विद्यालय के शिक्षक एवं पुरोहित पंडित राम नारायण पाण्डेय ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. आर. पी. साहू एवं निदेशिका  रश्मि गुप्ता मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित रहे।
पूजन के उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आरंभ हुई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रणव ग्रुप द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणपति नृत्य से हुई। इसके पश्चात लवली ग्रुप, नरसिंह अवतार नाट्य प्रस्तुति, आराध्या एवं सुरुचि, मानवी ग्रुप, अनन्या, प्रियांशी राज ग्रुप का कॉमेडी डांस तथा प्रतीक एवं शिवाय ग्रुप ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूरे विद्यालय परिसर को जन्माष्टमी के अवसर पर आकर्षक रूप से सजाया गया था। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने राधा-कृष्ण की मनमोहक वेशभूषा में नृत्य, भजन, गीत एवं लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कर भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों की जीवंत झलक पेश की।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन छात्रा कृति एवं तश्किया ने किया। उनकी प्रभावशाली एंकरिंग ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
इस अवसर पर प्रबंध निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद साहू, निदेशिका  रश्मि गुप्ता, प्राचार्या अनुराधा कुमारी एवं उप-प्राचार्य अमित कुमार मिश्रा का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षकगण राम नारायण पाण्डेय, चंदन कुमार पाण्डेय, अमित मिश्रा, राकेश कुमार, गौतम सिंह, संजीत कुमार, शुभम सिंह, दीपक सिंह एवं कृति मैडम की सक्रिय भूमिका रही।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागी बच्चों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
अंत में विद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं अतिथियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ।
    user_Sanjay Verma
    Sanjay Verma
    बिजनेस के साथ साथ पत्रकारिता नवादा, नवादा, बिहार•
    23 hrs ago
  • सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव लोगों को हो रही परेशानी सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव से लोगों की बढ़ी परेशानी हुलासगंज, निज संवाददाता। हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र के सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। कई दिनों तक पानी जमा रहने से सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को भी आने-जाने में कठिनाई हो रही है।इस समस्या से केवल सुकियावा गांव के लोग ही नहीं त्रस्त हैं बल्कि बैंककी शाखा स्थित होने के कारण इलाके के लोगों का आना-जाना होता है तथा इस समस्या से लोग त्राहिमाम की स्थिति में हैं। प्रायः लोगों को किचड़ में फिसल कर गिरने की घटनाएं होती है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जलजमाव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। लंबे समय से बनी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क किनारे नाला निर्माण अथवा पानी की निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। अभिषेक राज समेत गांव के लोगों ने बताया कि समस्या का हल के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई गई है लेकिन समस्या जब की तब बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से सड़क का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
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    सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव लोगों को हो रही परेशानी 
सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव से लोगों की बढ़ी परेशानी
हुलासगंज, निज संवाददाता। हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र के सुकियावा गांव में सड़क पर जलजमाव होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से राहगीरों और वाहन चालकों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। कई दिनों तक पानी जमा रहने से सड़क पर कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे पैदल चलने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी होती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को भी आने-जाने में कठिनाई हो रही है।इस समस्या से केवल सुकियावा गांव के लोग ही नहीं त्रस्त हैं बल्कि बैंककी शाखा स्थित होने के कारण इलाके के लोगों का आना-जाना होता है तथा इस समस्या से लोग त्राहिमाम की स्थिति में हैं। प्रायः लोगों को किचड़ में फिसल कर गिरने की घटनाएं होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जलजमाव के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। लंबे समय से बनी इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए सड़क किनारे नाला निर्माण अथवा पानी की निकासी की उचित व्यवस्था जरूरी है। अभिषेक राज समेत गांव के लोगों ने बताया कि समस्या का हल के लिए स्थानीय प्रतिनिधियों से भी गुहार लगाई गई है लेकिन समस्या जब की तब बनी हुई है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से सड़क का निरीक्षण कर जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने तथा जलजमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
    user_मनोज कुमार
    मनोज कुमार
    पत्रकार हुलासगंज, जहानाबाद, बिहार•
    3 hrs ago
  • 🚨 ससुराल में रहने की मांग को लेकर धरने पर बैठी महिला . 🚨 ससुराल में रहने की मांग को लेकर धरने पर बैठी महिला बिहार के कैमूर के मोहनिया से एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ससुराल में रहने की मांग को लेकर घर के बाहर धरने पर बैठ गई। बताया जा रहा है कि तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है, जबकि पति साथ रखने के लिए तैयार नहीं बताया जा रहा। मौके पर भीड़ जुटने के बाद पति के भावुक होने का VIDEO भी सामने आया। ⚠️ मामला कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। दोनों पक्षों की पूरी बात सामने आना जरूरी है। 🎥 देखिए VIDEO और जानिए पूरा मामला। 👇 आप इस मामले को कैसे देखते हैं? कमेंट करें। 🔥 ऐसी बड़ी खबरों के लिए FOLLOW करें! #bihar #kaimur #mohania #biharnews #viralvideo #viralnews #breakingnews #news #reels #trending
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    🚨 ससुराल में रहने की मांग को लेकर धरने पर बैठी महिला          . 
🚨 ससुराल में रहने की मांग को लेकर धरने पर बैठी महिला
बिहार के कैमूर के मोहनिया से एक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ससुराल में रहने की मांग को लेकर घर के बाहर धरने पर बैठ गई।
बताया जा रहा है कि तलाक का मामला कोर्ट में चल रहा है, जबकि पति साथ रखने के लिए तैयार नहीं बताया जा रहा। मौके पर भीड़ जुटने के बाद पति के भावुक होने का VIDEO भी सामने आया।
⚠️ मामला कोर्ट में विचाराधीन बताया जा रहा है। दोनों पक्षों की पूरी बात सामने आना जरूरी है।
🎥 देखिए VIDEO और जानिए पूरा मामला।
👇 आप इस मामले को कैसे देखते हैं? कमेंट करें।
🔥 ऐसी बड़ी खबरों के लिए FOLLOW करें!
#bihar #kaimur #mohania #biharnews #viralvideo #viralnews #breakingnews #news #reels #trending
    user_Bihar Sharif Times
    Bihar Sharif Times
    News Anchor बिहार, नालंदा, बिहार•
    8 hrs ago
  • श्री श्री 108❤ ऊं नमः शिवाय ❤ हर हर महादेव जी हर हर ❤ सबका जीवन मंगलमय हो सबके जीवन में खुशियों कि बरसात हो ❤ जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-718🚩🌅⛲🪷❤👋
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    श्री श्री 108❤ ऊं नमः शिवाय ❤ हर हर महादेव जी हर हर ❤ सबका जीवन मंगलमय हो सबके जीवन में खुशियों कि बरसात हो ❤ जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-718🚩🌅⛲🪷❤👋
    user_Garibnath Sahani
    Garibnath Sahani
    Singer Bihar•
    14 hrs ago
  • सलोनी जी का आगमन गया जी के बेलागंज प्रखंड के नीमचक गांव में हो ने वाला है 08।09।2026
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    सलोनी जी का आगमन
गया जी के बेलागंज प्रखंड के नीमचक गांव में हो ने वाला है 
08।09।2026
    user_जन सेवक
    जन सेवक
    Doctor Gaya, Bihar•
    16 hrs ago
  • नवादा: बेटी के जन्म की खुशी बदली मातम में, सड़क हादसे में युवक की मौत😢 #NawadaNews #Nawada #BiharNews नवादा: बेटी के जन्म की खुशी बदली मातम में, सड़क हादसे में युवक की मौत😢 #NawadaNews #Nawada #BiharNews
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    नवादा: बेटी के जन्म की खुशी बदली मातम में, सड़क हादसे में युवक की मौत😢
#NawadaNews
#Nawada #BiharNews 
नवादा: बेटी के जन्म की खुशी बदली मातम में, सड़क हादसे में युवक की मौत😢
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    user_Raushan Kumar
    Raushan Kumar
    Local News Reporter नवादा, नवादा, बिहार•
    23 hrs ago
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