साहब, ये कैसी जनसुनवाई…? जहां पीड़ित अपनी फरियाद लेकर न्याय की उम्मीद में पहुंचता है, वहां अगर उसे ही सुरक्षाकर्मियों से धक्के दिलवाकर बाहर फिंकवा दिया जाए, तो सवाल उठना लाजमी हैये जनसुनवाई है या फिर गरीब की आवाज दबाने का तमाशा? मैहर के अल्ट्राटेक के रिवरा में आयोजित जनसुनवाई से सामने आई तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एक गरीब फरियादी के साथ सुरक्षाकर्मियों ने धक्का-मुक्की की और उसे बाहर कर दिया गया। जिस जमीन पर कारोबार करके उद्योग चल रहा है, उसी मैहर की जनता अगर अपनी समस्या लेकर दरवाजे तक पहुंचती है, तो क्या उसे सम्मान से अपनी बात रखने का अधिकार भी नहीं है? जनसुनवाई का मतलब जनता को सुनना होता है, उसे धक्के देकर बाहर निकालना नहीं। सवाल अब सिर्फ उस फरियादी का नहीं है… सवाल मैहर के हर उस नागरिक का है, जो अपनी बात रखने की उम्मीद लेकर किसी अधिकारी या संस्था के दरवाजे तक पहुंचता है। अगर गरीब की फरियाद सुनने के बजाय उसके साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो फिर जनसुनवाई का नाम बदलकर ‘तमाशाई’ कर देना चाहिए। मैहर की जनता सम्मान चाहती है, एहसान नहीं… और अपनी ही जमीन पर अपनी आवाज उठाने के लिए किसी की इजाजत की मोहताज नहीं है।
साहब, ये कैसी जनसुनवाई…? जहां पीड़ित अपनी फरियाद लेकर न्याय की उम्मीद में पहुंचता है, वहां अगर उसे ही सुरक्षाकर्मियों से धक्के दिलवाकर बाहर फिंकवा दिया जाए, तो सवाल उठना लाजमी हैये जनसुनवाई है या फिर गरीब की आवाज दबाने का तमाशा? मैहर के अल्ट्राटेक के रिवरा में आयोजित जनसुनवाई से सामने आई तस्वीरें व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। आरोप है कि अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एक गरीब फरियादी के साथ सुरक्षाकर्मियों ने धक्का-मुक्की की और उसे बाहर कर दिया गया। जिस जमीन पर कारोबार करके उद्योग चल रहा है, उसी मैहर की जनता अगर अपनी समस्या लेकर दरवाजे तक पहुंचती है, तो क्या उसे सम्मान से अपनी बात रखने का अधिकार भी नहीं है? जनसुनवाई का मतलब जनता को सुनना होता है, उसे धक्के देकर बाहर निकालना नहीं। सवाल अब सिर्फ उस फरियादी का नहीं है… सवाल मैहर के हर उस नागरिक का है, जो अपनी बात रखने की उम्मीद लेकर किसी अधिकारी या संस्था के दरवाजे तक पहुंचता है। अगर गरीब की फरियाद सुनने के बजाय उसके साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो फिर जनसुनवाई का नाम बदलकर ‘तमाशाई’ कर देना चाहिए। मैहर की जनता सम्मान चाहती है, एहसान नहीं… और अपनी ही जमीन पर अपनी आवाज उठाने के लिए किसी की इजाजत की मोहताज नहीं है।
- Post by Abhay TV News2
- लोकेशन रीवा। आयुष्मान अस्पताल में कलेक्टर-एसपी की दबिश! रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी को लेकर जिला प्रशासन एक्शन मोड में नजर आया। आयुष्मान योजना से संबद्ध एक निजी अस्पताल में कलेक्टर और एसपी के अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रबंधन में हलचल मच गई। कलेक्टर ने कार्रवाई को रूटीन निरीक्षण बताया है, लेकिन एक साथ जिला प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों के अस्पताल पहुंचने को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। अचानक अस्पताल पहुंचे कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार, दस्तावेजों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि प्रशासन की ओर से इसे रूटीन जांच बताया गया है। अब सवाल यह है कि निरीक्षण में प्रशासन ने किन बिंदुओं की जांच की? क्या अस्पताल से संबंधित कोई शिकायत या प्रशासनिक इनपुट पहले से मिला था? और निरीक्षण के दौरान कौन-कौन से दस्तावेज अथवा व्यवस्थाएं जांच के दायरे में रहीं? फिलहाल किसी अनियमितता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। कलेक्टर-एसपी की अचानक संयुक्त मौजूदगी ने स्वास्थ्य महकमे और निजी अस्पतालों की निगरानी को लेकर जरूर संदेश दिया है। अब निगाह इस बात पर है कि निरीक्षण की रिपोर्ट में क्या सामने आता है।1
- गाँव प्रतापपुर जिला सतना (म, प्र) गाँव प्रतापपुर में रोड़ की बहुत ही समीक्षा हैं और ये रोड़ बनवाने की सरकार से निवेदन है कि रोड़ बनवा दे रोड़ शासकीय हाई स्कूल प्रतापपुर1
- शुभ बुधवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज के दर्शन शुभ बुधवार।। मिनी वृंदावन धाम पन्ना भगवान जुगल किशोर महाराज जी के दर्शन प्राप्त करें।1
- चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। गनीवा गौशाला की बदहाली से किसान परेशान, खेतों में खुलेआम घूम रहे अन्ना मवेशी—धान की फसल पर मंडरा रहा संकट चित्रकूट। विकासखंड पहाड़ी अंतर्गत ग्राम पंचायत गनीवा में गौशाला की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला की उचित व्यवस्था न होने के कारण बड़ी संख्या में अन्ना मवेशी खुले में घूम रहे हैं और किसानों के खेतों तक पहुंचकर खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। 🌾 महीनों की मेहनत पर अन्ना मवेशियों का संकट इस समय किसानों के खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है। किसान दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल को बचाने में जुटे हैं, लेकिन खुले में घूम रहे मवेशियों के झुंड किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसानों को रात में भी खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। 📸 खेतों में पहुंच रहे मवेशी, तस्वीरों में दिखी स्थिति स्थानीय स्तर पर सामने आई तस्वीरों में भी मवेशी खेतों में दिखाई दे रहे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों के सामने अन्ना मवेशियों की समस्या कितनी गंभीर बनी हुई है। ❓ गौशाला होने के बावजूद अन्ना मवेशी सड़कों और खेतों में क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि ग्राम पंचायत में गौशाला की व्यवस्था है, तो बड़ी संख्या में मवेशी खुले में क्यों घूम रहे हैं? क्या गौशाला में पर्याप्त जगह, चारा, पानी और सुरक्षा की व्यवस्था उपलब्ध है? क्या गौशाला की नियमित निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी ठीक से निभाई जा रही है? ⚠️ किसानों के सामने दोहरी परेशानी एक ओर किसान प्राकृतिक परिस्थितियों और बढ़ती लागत के बीच खेती कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्ना मवेशियों से फसल बचाना उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो तैयार हो रही धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। 📢 प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और किसानों ने संबंधित अधिकारियों से गनीवा गौशाला का स्थलीय निरीक्षण कराने, वहां की वास्तविक व्यवस्थाओं की जांच करने तथा खुले में घूम रहे अन्ना मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था कराने की मांग की है। साथ ही ग्रामीणों का सवाल है कि गनीवा की गौशाला की वर्तमान स्थिति क्या है और यदि गौशाला की व्यवस्था में कोई बदलाव या उसे हटाने की कार्रवाई हुई है तो उसका कारण क्या है? प्रशासन को इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। 👉 अब देखने वाली बात होगी कि किसानों की इस गंभीर समस्या पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक संज्ञान लेते हैं और गनीवा के किसानों को अन्ना मवेशियों से राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। @highlight Shankar Yadav DM Chitrakoot चित्रकूट धाम SDM Rajapur Chitrakoot CDO Chitrakoot BDO pahari #ganeeva #lodhauara_bujurg #पहाड़ी #ग्रामीण #ग्रामीण_क्षेत्र1
- बेलवा में शर्म कर देने वाला मामला सामने आया बैकुंठपुर के पास विगत कई वर्षों से विजय शंकर द्विवेदी पूर्व भोले द्विवेदी रास्ता को लेकर दर भटक रहे आज तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई1
- कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने की अपील. सतना नगरवासियों एवं श्रद्धालुओं से अपील है कि..गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए केवल निर्धारित विसर्जन स्थलों..का ही उपयोग करें..किसी अन्य स्थल पर प्रतिमा विसर्जन न करें...1
- बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त। बांदा में गणेश मूर्ति विसर्जन धूमधाम से हुआ संपन्न ,200 गणेश प्रतिमा का हुआ विसर्जन, गणपति बप्पा मोरिया जयकारे लगाते रहे भक्त।1
- *यमुना एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा: चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 की मौत* यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर थाना क्षेत्र के दयानतपुर गांव के पास बुधवार देर रात एक डबल डेकर स्लीपर बस में भीषण आग लग गई. दिल्ली से महोबा जा रही इस खचाखच भरी बस में जब आग लगी, तब अधिकांश यात्री सो रहे थे. इस हादसे में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं. कुछ यात्रियों ने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई। यह डबल डेकर स्लीपर बस दिल्ली/नोएडा से महोबा (उत्तर प्रदेश) जा रही थी।1