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थाना अखण्डनगर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मोबाइल टावर के उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी रेकी कर और गाड़ियों के नंबर बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध असलहे, चोरी के माल से प्राप्त 2 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है और वे कई अन्य जनपदों में भी वांछित थे। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उक्त कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम ने जानकारी दी।
भारत समाचार 72
थाना अखण्डनगर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मोबाइल टावर के उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी रेकी कर और गाड़ियों के नंबर बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध असलहे, चोरी के माल से प्राप्त 2 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है और वे कई अन्य जनपदों में भी वांछित थे। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उक्त कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम ने जानकारी दी।
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- थाना अखण्डनगर पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने मोबाइल टावर के उपकरण चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके तहत गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। ये अपराधी रेकी कर और गाड़ियों के नंबर बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध असलहे, चोरी के माल से प्राप्त 2 लाख रुपये और घटना में इस्तेमाल की गई एक वैगनआर कार बरामद की है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है और वे कई अन्य जनपदों में भी वांछित थे। इस उल्लेखनीय सफलता के लिए पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उक्त कार्रवाई के संबंध में पुलिस अधीक्षक सुलतानपुर श्रीमती चारू निगम ने जानकारी दी।1
- सुल्तानपुर के लम्भुआ तहसील क्षेत्र स्थित उपनिबंधक कार्यालय पर इन दिनों भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लग रहे हैं। फरियादियों द्वारा शैलेन्द्र सिंह नामक एक व्यक्ति का नाम बार-बार लिया जा रहा है, जिस पर कई वर्षों से बैनामा लेखकों के साथ मिलकर क्रेताओं से निबंधन कार्यालय में 1% की जगह 2% जमीन की रकम वसूलने का आरोप है। कई भू-क्रेताओं ने भी इसकी पुष्टि की है कि उनसे निबंधन कार्यालय में तय रकम से अधिक पैसे लिए गए हैं। इसी क्रम में, इस व्यक्ति पर निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों से मिलकर स्टाम्प चोरी करने का भी आरोप है। बताया गया है कि वह क्रेता-विक्रेताओं को आबादी वाली या सड़क से दूर और पेड़ों से विकृत जमीन को मानक से कम मूल्य का दिखाकर राजस्व को भारी हानि पहुंचाते हुए व्यक्तिगत लाभ कमाता है। इस संबंध में कुछ शिकायतों पर जांच भी हुई है। स्थानीय लोगों और सूत्रों के हवाले से कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि एक ऐसा व्यक्ति वर्षों से कार्यालय में प्रभावशाली भूमिका में है, जो सरकारी कर्मचारी न होते हुए भी महत्वपूर्ण कार्यों में हस्तक्षेप करता है और उसकी सहमति के बिना कई कार्य आगे नहीं बढ़ते। यहाँ तक कि उस पर दस्तावेजों पर अनधिकृत हस्ताक्षर करने का भी आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और यह भी चर्चा है कि उसकी पहुँच प्रभावशाली लोगों तक है, जिसके कारण उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। इन कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। स्थानीय नागरिकों ने उपजिलाधिकारी लम्भुआ, जिलाधिकारी सुलतानपुर, राजस्व परिषद, सतर्कता अधिष्ठान (एंटी करप्शन) या किसी अन्य सक्षम एजेंसी से मामले की जांच कराने की अपील की है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो सके। यदि आरोप निराधार हैं, तो स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग है। इस बीच, हमारी टीम ने उपरोक्त व्यक्ति और कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर एक स्टिंग ऑपरेशन किया है, जिसमें बिना किसी पद के उस व्यक्ति को रोजाना कार्यालय में बैठते और हस्ताक्षर करते तथा अन्य अधिकारियों द्वारा भी घूस लेते हुए देखा गया है। इस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन और अन्य संगठन उच्चस्तरीय जांच कराने और वर्तमान के साथ-साथ पूर्व के निबंधकों, उनके परिवार की आय-व्यय तथा आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए शासन से मांग करते हुए हाईकोर्ट जाने की तैयारी में हैं।1
- जनपद सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने हाल ही में ट्रांसफार्मर कार्यशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यशाला में हो रहे कार्यों की गुणवत्ता का गहराई से अवलोकन किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासियों को बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और बिजली आपूर्ति की व्यवस्थाओं पर कोई सवाल न उठे।3
- सुल्तानपुर की अमहट मंडी में रोड पर अवैध कब्जे का खेल लगातार जारी है, जिसके कारण मंडी परिसर के गेट नंबर 2 से अंदर की ओर आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है। आरोप है कि कुछ आढ़ती पैसे लेकर अपनी दुकानों के सामने सड़क पर दुकानें लगवा रहे हैं, जिससे यह समस्या विकट हो गई है। स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों ने कई बार मंडी प्रशासन को इसकी सूचना दी है, लेकिन इस दैनिक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पा रहा है। जनता का आरोप है कि मंडी प्रशासन के अधिकारियों की मिलीभगत से ही आढ़ती रोड पर दोबारा कब्जा करवा रहे हैं और उनकी लापरवाही के कारण ही यह स्थिति बनी हुई है। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले मंडी डायरेक्टर इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर सदर एसडीएम द्वारा मंडी परिसर से अतिक्रमण हटाए गए थे, लेकिन अब मंडी प्रशासन के निर्देशों की अनदेखी और लापरवाही के चलते सड़क पर फिर से कब्जा किया जा रहा है। इस कारण प्रत्येक दिन मंडी में आने-जाने वाले लोगों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों को भारी परेशानी और ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनमें मंडी प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। जनता की मांग है कि अमहट मंडी में रोड कब्जे पर तुरंत कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया जाए और दोषी आढ़तियों व लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जाए, ताकि मंडी परिसर में सुगम आवागमन बहाल हो सके।1
- भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक हैट्रिक लगाकर बड़े-बड़े दिग्गजों की फेहरिस्त में अपनी एक अलग और अमिट लकीर खींच दी है। सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों तक पीएम मोदी की यह उपलब्धि इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जिसने राजनीति के पुराने सभी समीकरणों को ध्वस्त कर दिया है। यह जीत इस मायने में अभूतपूर्व है कि जहां पूर्व प्रधानमंत्रियों—पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और डॉ. मनमोहन सिंह—को राजनीतिक पृष्ठभूमि, मजबूत पारिवारिक विरासत या एक स्थापित सिस्टम का सहारा मिला था, वहीं नरेंद्र मोदी ने इस मिथक को तोड़ा है। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक गॉडफादर या पारिवारिक विरासत के, ज़मीन से उठकर देश के सर्वोच्च पद पर लगातार तीसरी बार पहुँचकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह केवल सत्ता में बने रहने की खबर नहीं, बल्कि देश की जनता द्वारा पीएम मोदी पर जताए गए 'अटूट जनविश्वास' का प्रमाण है। लगातार तीसरी बार सत्ता की कमान संभालना देश की बदलती राजनीतिक चेतना को दर्शाता है, जहाँ आमतौर पर सरकारों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) देखने को मिलती है, लेकिन इस बार जनता ने 'प्रो-इंकम्बेंसी' पर मुहर लगाई है। इसके पीछे गरीब, महिला, युवा और किसान (GYAN) को केंद्र में रखकर बनाई गई कल्याणकारी नीतियां मानी जा रही हैं, जिन्होंने जमीनी स्तर पर सीधा बदलाव दिखाया है। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत केवल एक पार्टी या नेता की नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि आधुनिक भारत में अब 'विरासत' नहीं, बल्कि 'विकास और कड़ा परिश्रम' ही जनता के दिल का रास्ता तय करता है। नरेंद्र मोदी का यह उभार भारतीय लोकतंत्र की उस ताकत को दिखाता है, जहाँ एक सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी सिर्फ और सिर्फ जनता के भरोसे देश का भाग्य विधाता बन सकता है।1
- बीते 8 जून को बाह क्षेत्र के कासगंज गांव में एक महिला के संकरे और 100 फीट गहरे कुएं में गिर जाने की घटना सामने आई थी। मौके पर पहुंची फायर टीम ने जांच के दौरान कुएं के अंदर मीथेन गैस की खतरनाक उपस्थिति का पता लगाया, जिससे बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। गैस के खतरे को कम करने के लिए टीम ने कई बार पानी की फुहारों का उपयोग किया। इसके बाद, फायरमैन अमरजीत चौधरी ने असाधारण साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए ब्रीदिंग अपरेटस की मदद से कुएं में प्रवेश किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। आज, आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार द्वारा इस अद्भुत साहसिक कार्य के लिए फायरमैन अमरजीत चौधरी को सम्मानित किया गया। उनके इस बहादुरी भरे कदम ने एक महिला की जान बचाई, जिसकी खूब सराहना की जा रही है।1
- माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम छेदवारी के पावन पवित्र धाम हनुमान मंदिर पर संपन्न हुआ, जहाँ सुंदरकांड का पाठ किया गया। इस अवसर पर माननीय जयसिंहपुर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय, पुजारी मिश्रा देवेंद्र सिंह और अनिल दुबे सहित कई लोग उपस्थित रहे। सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल पूर्ण होने के इस अवसर को सुंदरकांड पाठ के साथ हर्षोल्लास से मनाया।1
- भारतीय राजनीति के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का एक बेहद खास रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। नरेंद्र मोदी अब लोकतांत्रिक रूप से चुनकर लगातार सबसे ज्यादा दिनों तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं। यह रिकॉर्ड न सिर्फ भाजपा के लिए बल्कि भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में भी एक मील का पत्थर साबित होने वाला है। आँकड़ों के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू चुनाव जीतकर कुल 4398 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। वहीं, बतौर 'इलेक्टेड' प्रधानमंत्री आज नरेंद्र मोदी का 4399वाँ दिन है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे वे नेहरू के कार्यकाल से ठीक एक दिन आगे निकल गए हैं। इस रिकॉर्ड का गणित यह है कि अक्सर लोग जवाहरलाल नेहरू के कुल कार्यकाल को सबसे लंबा मानते हैं, जो कि 6131 दिन का बैठता है, जिसमें उनका 1947 से 1952 तक का वह शुरुआती कार्यकाल भी शामिल है जब आम चुनाव नहीं हुए थे। इस प्रकार, नेहरू उस अवधि में 'चुने हुए' (इलेक्टेड) प्रधानमंत्री नहीं थे, जबकि पीएम मोदी ने जनता द्वारा पूर्ण बहुमत से चुने गए प्रधानमंत्रियों की सूची में उन्हें पछाड़कर नंबर वन का स्थान हासिल कर लिया है। इस ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री मोदी के अब तक के सफर और उनके 12 सालों के कार्यकाल के दौरान किए गए बड़े फैसलों, रणनीतियों और बदलावों को '12 चैप्टर' के रूप में देखा जा रहा है, जिसने देश की राजनीति और दिशा को पूरी तरह बदल दिया है।1