आरोप–प्रत्यारोप तेज: विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरा सपोटरा. (करौली) . सपोटरा क्षेत्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधायक हंसराज मीणा और पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के बीच भ्रष्टाचार, भूमि आवंटन, मनरेगा कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर खुली बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से क्षेत्र में सियासी माहौल गरमा गया है। विधायक ने उठाए भूमि आवंटन और मनरेगा के मुद्दे विधायक हंसराज मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के पंचायत राज मंत्री रहते हुए सवा चार बीघा भूमि नियम विरुद्ध तरीके से अपने परिजनों के नाम आवंटित की गई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराया गया है। पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन बताई गई है। विधायक ने यह भी कहा कि नानपुर पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला उन्होंने स्वयं विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार जांच के आदेश जारी हो चुके हैं और विभागीय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि यदि क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है तो उसे सदन में उठाया जाए। हरिलाल मीणा प्रकरण पर दी सफाई हरिलाल मीणा की मृत्यु से जुड़े मामले में अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को विधायक ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की एफएसएल जांच की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी निर्दोष को जल्दबाजी में दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र के कार्यों पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में पंचायत समिति के माध्यम से राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से नगर पालिका क्षेत्र में कई कार्य स्वीकृत किए गए, लेकिन अनेक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, सीबीओ ऑफिस में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपये, उपखंड कार्यालय से रेंज कार्यालय तक 1.75 लाख रुपये, फुटपाथ निर्माण के लिए 1.54 लाख रुपये, राधा कृष्ण मंदिर से उपखंड कार्यालय तक रास्ता दुरुस्तीकरण के लिए 1.93 लाख रुपये तथा मुख्य सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोड लाइट के लिए 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी मरम्मत कार्य, पुराने पंचायत समिति भवन के हॉल एवं गुणवत्ता कक्षा के नवीनीकरण तथा पंचायत समिति क्वार्टर नंबर 5 की मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। विधायक का आरोप है कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री का तीखा पलटवार इधर पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “चोर चोरी करता है तो कहता नहीं है।” पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि विधायक हंसराज मीणा स्वयं को भ्रष्टाचार से मुक्त बताते हैं तो वे किसी भी प्रकार की जांच, यहां तक कि नारकोटिक्स जांच तक के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक माहौल गरमाया दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर विधायक पूर्व मंत्री के कार्यकाल के निर्णयों और स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व मंत्री विधायक पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। अब जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर संभावित जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
आरोप–प्रत्यारोप तेज: विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरा सपोटरा. (करौली) . सपोटरा क्षेत्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधायक हंसराज मीणा और पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के बीच भ्रष्टाचार, भूमि आवंटन, मनरेगा कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर खुली बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से क्षेत्र में सियासी माहौल गरमा गया है। विधायक ने उठाए भूमि आवंटन और मनरेगा के मुद्दे विधायक हंसराज मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के पंचायत राज मंत्री रहते हुए सवा चार बीघा भूमि नियम विरुद्ध तरीके से अपने परिजनों के नाम आवंटित की गई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराया गया है। पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन बताई गई है। विधायक ने यह भी कहा कि नानपुर पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला उन्होंने स्वयं विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार जांच के आदेश जारी हो चुके हैं और विभागीय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि यदि क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है तो उसे सदन में उठाया जाए। हरिलाल मीणा प्रकरण पर दी सफाई हरिलाल मीणा की मृत्यु से जुड़े मामले में अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को विधायक ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की एफएसएल जांच की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी निर्दोष को जल्दबाजी में दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र के कार्यों पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में पंचायत समिति
के माध्यम से राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से नगर पालिका क्षेत्र में कई कार्य स्वीकृत किए गए, लेकिन अनेक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, सीबीओ ऑफिस में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपये, उपखंड कार्यालय से रेंज कार्यालय तक 1.75 लाख रुपये, फुटपाथ निर्माण के लिए 1.54 लाख रुपये, राधा कृष्ण मंदिर से उपखंड कार्यालय तक रास्ता दुरुस्तीकरण के लिए 1.93 लाख रुपये तथा मुख्य सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोड लाइट के लिए 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी मरम्मत कार्य, पुराने पंचायत समिति भवन के हॉल एवं गुणवत्ता कक्षा के नवीनीकरण तथा पंचायत समिति क्वार्टर नंबर 5 की मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। विधायक का आरोप है कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री का तीखा पलटवार इधर पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “चोर चोरी करता है तो कहता नहीं है।” पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि विधायक हंसराज मीणा स्वयं को भ्रष्टाचार से मुक्त बताते हैं तो वे किसी भी प्रकार की जांच, यहां तक कि नारकोटिक्स जांच तक के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक माहौल गरमाया दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर विधायक पूर्व मंत्री के कार्यकाल के निर्णयों और स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व मंत्री विधायक पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। अब जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर संभावित जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर टिकी हुई है।
- आरोप–प्रत्यारोप तेज: विधायक हंसराज मीणा ने पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा को भ्रष्टाचार के मुद्दों पर घेरा सपोटरा. (करौली) . सपोटरा क्षेत्र की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। विधायक हंसराज मीणा और पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा के बीच भ्रष्टाचार, भूमि आवंटन, मनरेगा कार्यों और विकास योजनाओं को लेकर खुली बयानबाज़ी शुरू हो गई है। दोनों नेताओं के बयानों से क्षेत्र में सियासी माहौल गरमा गया है। विधायक ने उठाए भूमि आवंटन और मनरेगा के मुद्दे विधायक हंसराज मीणा ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के पंचायत राज मंत्री रहते हुए सवा चार बीघा भूमि नियम विरुद्ध तरीके से अपने परिजनों के नाम आवंटित की गई। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने मामले में संज्ञान लेते हुए संबंधित स्तर पर कार्रवाई की है। कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया तथा प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में दर्ज कराया गया है। पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई न्यायालय में विचाराधीन बताई गई है। विधायक ने यह भी कहा कि नानपुर पंचायत में मनरेगा कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का मामला उन्होंने स्वयं विधानसभा में उठाया था। उनके अनुसार जांच के आदेश जारी हो चुके हैं और विभागीय प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि यदि क्षेत्र में भ्रष्टाचार हो रहा है तो उसे सदन में उठाया जाए। हरिलाल मीणा प्रकरण पर दी सफाई हरिलाल मीणा की मृत्यु से जुड़े मामले में अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों को विधायक ने निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह दुखद घटना है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। स्टांप पेपर से जुड़े दस्तावेजों की एफएसएल जांच की मांग दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और किसी निर्दोष को जल्दबाजी में दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। नगर पालिका क्षेत्र के कार्यों पर सवाल विधायक ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के कार्यकाल में पंचायत समिति के माध्यम से राज्य वित्त आयोग एवं 15वें वित्त आयोग की राशि से नगर पालिका क्षेत्र में कई कार्य स्वीकृत किए गए, लेकिन अनेक कार्य धरातल पर दिखाई नहीं देते। उन्होंने बताया कि राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शौचालय निर्माण के लिए 2 लाख रुपये, सीबीओ ऑफिस में मरम्मत कार्य हेतु 2 लाख रुपये, उपखंड कार्यालय से रेंज कार्यालय तक 1.75 लाख रुपये, फुटपाथ निर्माण के लिए 1.54 लाख रुपये, राधा कृष्ण मंदिर से उपखंड कार्यालय तक रास्ता दुरुस्तीकरण के लिए 1.93 लाख रुपये तथा मुख्य सड़क मार्ग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोड लाइट के लिए 98 हजार रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति स्तर पर विकास अधिकारी मरम्मत कार्य, पुराने पंचायत समिति भवन के हॉल एवं गुणवत्ता कक्षा के नवीनीकरण तथा पंचायत समिति क्वार्टर नंबर 5 की मरम्मत के लिए दो-दो लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। विधायक का आरोप है कि इन कार्यों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। पूर्व मंत्री का तीखा पलटवार इधर पूर्व मंत्री रमेश चंद मीणा ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा, “चोर चोरी करता है तो कहता नहीं है।” पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि विधायक हंसराज मीणा स्वयं को भ्रष्टाचार से मुक्त बताते हैं तो वे किसी भी प्रकार की जांच, यहां तक कि नारकोटिक्स जांच तक के लिए तैयार रहें। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही सच्चाई सामने आएगी। राजनीतिक माहौल गरमाया दोनों नेताओं के बीच बयानबाज़ी के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर विधायक पूर्व मंत्री के कार्यकाल के निर्णयों और स्वीकृत कार्यों की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं पूर्व मंत्री विधायक पर सीधे सवाल उठा रहे हैं। अब जनता और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर संभावित जांच, प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक निष्कर्षों पर टिकी हुई है।2
- वजीरपुर।बीती रात हुई सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत के बाद रविवार सुबह हिंडौन–गंगापुर रोड पर वजीरपुर पुलिस थाने के सामने खंडीप गांव के ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। आक्रोशित परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, शनिवार देर रात हुई दुर्घटना में खंडीप निवासी एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना से नाराज ग्रामीण बड़ी संख्या में वजीरपुर थाने के बाहर एकत्रित हो गए और मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वे न तो जाम खोलेंगे और न ही शव लेंगे और न ही पोस्टमार्टम करवाने देंगे। उन्होंने कहा, “पहले मुलजिम को गिरफ्तार कर थाने लाया जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।” करीब कुछ समय तक चले जाम और प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से समझाइश की। अधिकारियों ने शाम तक कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने जाम खोल दिया, जिससे यातायात सुचारु हो सका। हालांकि, परिजनों ने यह भी कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, वे शव नहीं लेंगे और पोस्टमार्टम की अनुमति नहीं देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि वे शाम तक थाने में ही बैठे रहेंगे और गिरफ्तारी होने तक अपना धरना जारी रखेंगे। पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है और आरोपित की तलाश जारी है।2
- Post by Anil Kumar journalist1
- ⚠️ सावधान! कहीं आप तो नहीं हो रहे इन पेय पदार्थों के शिकार? गर्मी बढ़ते ही बाजार में ठंडे पेय पदार्थों की मांग तेज हो जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ जगहों पर ये पेय पदार्थ गंदे और दूषित पानी से बनाए जा रहे हैं? यह आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। 🚨 कैसे हो रही है लापरवाही? सड़क किनारे ठेले पर बिकने वाले शरबत, जूस और रंगीन ड्रिंक में नल या टंकी का अशुद्ध पानी मिलाया जा रहा है। बर्फ भी कई बार साफ पानी की नहीं होती। साफ-सफाई के नियमों का पालन नहीं किया जाता। विशेषज्ञों के अनुसार, दूषित पानी में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं, जो सीधे हमारे पाचन तंत्र पर असर डालते हैं। 👨⚕️ क्या कहती हैं स्वास्थ्य संस्थाएं? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनिया में हर साल लाखों लोग दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का शिकार होते हैं। साफ और उबला हुआ पानी ही सुरक्षित माना जाता है। ✅ कैसे बचें? हमेशा विश्वसनीय और ब्रांडेड पेय पदार्थ ही खरीदें। सड़क किनारे खुले में बिक रहे रंगीन पेय से बचें। बर्फ और पानी की गुणवत्ता जरूर पूछें। घर से निकलते समय अपनी पानी की बोतल साथ रखें। बच्चों को बाहर के अनजान पेय पदार्थ न दिलाएं। 📢 प्रशासन से मांग स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि समय-समय पर जांच अभियान चलाकर ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करे, जो गंदे पानी से पेय पदार्थ बना रहे हैं। सावधानी ही सुरक्षा है। थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।1
- गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी–सवाई माधोपुर सड़क मार्ग पर अमरगढ़ चौकी के पास गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार अध्यापक की मौत हो गई। जीप की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए अध्यापक को एंबुलेंस से गंगापुर सिटी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जानकारी के अनुसार मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के सैनीपुरा निवासी 31 वर्षीय मदनलाल सैनी पुत्र गोपाल सैनी बामनवास उपखंड के बड़ीला स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक पद पर कार्यरत थे। गुरुवार को वे अमरगढ़ चौकी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के बाद भोजन कर रात करीब आठ बजे वे बाइक से गंगापुर सिटी से बामनवास की ओर रवाना हुए। अमरगढ़ चौकी से कुछ दूरी आगे पहुंचते ही सामने से आ रही जीप ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि मदनलाल सैनी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए। राहगीरों और वाहन चालकों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची एंबुलेंस घायल को गंगापुर सिटी के सरकारी अस्पताल लेकर आई, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। घटना को लेकर परिजनों और ग्रामीणों में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जीप चालक की तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।1
- करौली में सुप्रसिद्ध जन जन के आराध्यदेव श्री राधा मदनमोहन मंदिर में फागोत्सव का आयोजन भक्तिभाव व हर्षा उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस दौरान स्थानीय व बाहर से आए कलाकारों की प्रस्तुतियों देने सहित फूलों की होली व सजीव झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों व प्रशासनिक अधिकारियों ने भी सहभागिता की। फाग उत्सव का शुभारंभ पूर्व विधायक रोहिणी देवी, नगर परिषद की पूर्व सभापति डॉ. राजरानी शर्मा, एसपी लोकेश सोनवाल व भाजपा नेता सुशील शर्मा ने मदनमोहनजी की फोटो पर फसल बरसाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों ने प्रेम, सौहार्द व भाईचारे के साथ पर्व मनाने का संदेश दिया। उत्सव में स्थानीय होली गायकों ने पारंपरिक होली व फाग गीतों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। आगरा से आई मंडली के साथ वृंदावन व मथुरा से पहुंचे कलाकारों ने श्रीकृष्ण, राधा व सखियों की सजीव झांकियां प्रस्तुत कर नृत्य किया और फूलों की होली खेली। जिससे सभी को मिनी वृंदावन की आलौकिकता का अहसास हुआ। फूलों की होली के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते-नाचते नजर आए। श्रोताओं ने एक-दूसरे पर पुष्प वर्षा कर फाग उत्सव की शुभकामनाएं दीं। वहि अतिथियों ने भी श्रोताओं पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साह बढ़ाया। इस कार्यक्रम का आयोजन श्री राधा मदन मोहन शयन भक्त मंडल द्वारा किया गया। होली सुनने व फाग उत्सव में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। आयोजकों शिवजी प्रसाद शास्त्री, जयंत शर्मा व खेमचंद ने बताया कि सोमवार को मंदिर में प्रसादी व ठंडाई का वितरण किया जाएगा।1
- Post by RK LIVE KARAULI1
- SP Sawaimadhopur गंगापुर सिटी के एसडीएम कोर्ट के मेन गेट पर मसाल का ज्वलनशील पदार्थ डाला और जमकर नारेबाजी की यूजीसी के खिलाफ स्वर्ण समाज द्वारा।1