कोटा में 9 जुलाई को आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड डे मिल वर्कर्स, राजीविका की संविदा कर्मचारी महिलाओं और अन्य कार्यों में लगी संविदा कर्मी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्थायी नियुक्ति दिलाने, सुरक्षा की गारंटी देने, पेंशन लागू करने और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू करवाने की जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटा को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व चंद्रा कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी दामन और पिंटू केवट ने किया। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों के इस आंदोलन को सीटू कार्यकर्ताओं और जे के मजदूरों का भी समर्थन मिला। सीटू के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची के नेतृत्व में सीटू के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहे जे के मजदूरों के धरना स्थल को आंगनबाड़ी यूनियन की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने सीटू के नेताओं से एकजुटता के साथ 'आरपार की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया। इस सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड पुष्पा खींची, आंगनबाड़ी की महिला मजदूर नेता ममता मीणा, रजनी दामन, पिंटू केवट, चंद्रा कुमारी चारण और मदन मोहन शर्मा कामरेड अशोक सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड मंगलसिंह, कामरेड शिशुपाल, कामरेड हनुमान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी कार्यकर्ता, सीटू की महिला मजदूर और जे के मजदूरों के परिजन, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आमजन मौजूद रहे।
कोटा में 9 जुलाई को आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड डे मिल वर्कर्स, राजीविका की संविदा कर्मचारी महिलाओं और अन्य कार्यों में लगी संविदा कर्मी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्थायी नियुक्ति दिलाने, सुरक्षा की गारंटी देने, पेंशन लागू करने और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू करवाने की जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटा को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व चंद्रा कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी दामन और पिंटू केवट ने किया। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों के इस आंदोलन को सीटू कार्यकर्ताओं और जे के मजदूरों का भी समर्थन मिला। सीटू के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची के नेतृत्व में सीटू के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल
हुए। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहे जे के मजदूरों के धरना स्थल को आंगनबाड़ी यूनियन की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने सीटू के नेताओं से एकजुटता के साथ 'आरपार की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया। इस सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड पुष्पा खींची, आंगनबाड़ी की महिला मजदूर नेता ममता मीणा, रजनी दामन, पिंटू केवट, चंद्रा कुमारी चारण और मदन मोहन शर्मा कामरेड अशोक सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड मंगलसिंह, कामरेड शिशुपाल, कामरेड हनुमान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी कार्यकर्ता, सीटू की महिला मजदूर और जे के मजदूरों के परिजन, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आमजन मौजूद रहे।
- कोटा में 9 जुलाई को आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों, आशा वर्कर, मिड डे मिल वर्कर्स, राजीविका की संविदा कर्मचारी महिलाओं और अन्य कार्यों में लगी संविदा कर्मी महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने एक विशाल प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार से स्थायी नियुक्ति दिलाने, सुरक्षा की गारंटी देने, पेंशन लागू करने और न्यूनतम वेतन 26000 रुपये लागू करवाने की जोरदार मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने अपनी इन मांगों को लेकर जिला कलेक्टर कोटा को एक ज्ञापन भी सौंपा। इस संघर्षपूर्ण प्रदर्शन का नेतृत्व चंद्रा कुमारी चारण, ममता मीणा, रजनी दामन और पिंटू केवट ने किया। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों के इस आंदोलन को सीटू कार्यकर्ताओं और जे के मजदूरों का भी समर्थन मिला। सीटू के नेताओं कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह और महिला मजदूर नेता कामरेड पुष्पा खींची के नेतृत्व में सीटू के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं ने इस दौरान जिला कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचकर बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहे जे के मजदूरों के धरना स्थल को आंगनबाड़ी यूनियन की तरफ से समर्थन दिया। उन्होंने सीटू के नेताओं से एकजुटता के साथ 'आरपार की लड़ाई' लड़ने का आह्वान किया। इस सभा को कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्रसिंह, कामरेड पुष्पा खींची, आंगनबाड़ी की महिला मजदूर नेता ममता मीणा, रजनी दामन, पिंटू केवट, चंद्रा कुमारी चारण और मदन मोहन शर्मा कामरेड अशोक सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस धरने और प्रदर्शन में कामरेड अली मोहम्मद, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड महावीर प्रसाद, कामरेड गुलाबशंकर, कामरेड मंगलसिंह, कामरेड शिशुपाल, कामरेड हनुमान सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी कार्यकर्ता, सीटू की महिला मजदूर और जे के मजदूरों के परिजन, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और आमजन मौजूद रहे।2
- श्योपुर शहर के बस स्टैंड पर बुधवार शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब इंदौर जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे पिता-पुत्र पर नकाबपोश युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने डंडों से दोनों के साथ जमकर मारपीट की, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बोहरा बाजार निवासी 75 वर्षीय मोहम्मद सज्जाद हुसैन, जो मुल्ला बदरूद्दीन के पुत्र हैं, अपने बेटे मुर्तजा दाऊदी के साथ बुधवार शाम करीब 7 बजे बस स्टैंड पर बैठे हुए थे। इसी दौरान दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे और बिना किसी विवाद के उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिसके कारण मुर्तजा दाऊदी के सिर में गंभीर चोट आई है। घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घायल की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है, साथ ही घटना के पीछे के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है।2
- मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में एक युवक के साथ चाकूबाजी की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद युवक ने सीधे कोतवाली थाने पहुंचकर संबंधित मामले में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- शिवपुरी जिले के खनियाधाना जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत जुंगीपुर की सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इन पर कपिलधारा योजना के तहत बनाए गए कुएं के निर्माण का भुगतान जारी कराने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। ग्राम पंचायत जुंगीपुर के हितग्राही राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में कपिलधारा योजना के तहत एक कुएं का निर्माण कराया था, जिसके भुगतान को स्वीकृत कराने के लिए सरपंच केशवती कोली और पति खेमचंद कोली ने 20 हजार रुपये की मांग की थी। इसकी शिकायत राहुल सिंह यादव ने 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर लोकायुक्त से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे जाल बिछाया। टीम ने उपजेल के पीछे स्थित सरपंच के निवास पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में लोकायुक्त की इस दबिश की खबर तेजी से फैल गई। हालांकि, टीम तुरंत आरोपियों और फरियादी को अपने साथ लेकर रवाना हो गई, जिससे लगभग तीन घंटे तक उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल सकी। इस दौरान कस्बे में यह अफवाह भी फैली कि कार्रवाई करने वाली टीम फर्जी थी। बाद में पता चला कि लोकायुक्त की टीम शेष वैधानिक कार्रवाई के लिए पिछोर थाना क्षेत्र से करीब 45 किलोमीटर दूर दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची, जहाँ पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे और निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया, जिसमें प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, प्रधान आरक्षक हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया, बलबीर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। आरोपी सरपंच और उनके पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- Post by Santosh Tagore1
- श्योपुर शहर के किला क्षेत्र में चाकूबाजी की एक घटना सामने आई है, जिसमें एक युवक घायल हो गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पंकज वैष्णव पर कृष्णा शर्मा द्वारा चाकू से हमला किए जाने का आरोप है। घटना के बाद यह मामला थाने तक पहुँच गया है, जहाँ पुलिस शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा स्थित टापुर ग्राम पंचायत के एचेर गांव में बदहाल सड़कों और नालियों के अभाव के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव की कई गलियों और मुख्य मार्गों पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से बरसात का पानी सड़कों पर ही जमा रहता है, जिससे चारों ओर कीचड़ फैल गया है और लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि इस स्थिति से स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, महिलाओं, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जलभराव के कारण राहगीरों के फिसलने की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। इसके अलावा, लगातार पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मौसमी बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। ग्रामवासियों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के बारे में कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल गांव में नालियों का निर्माण कराने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत करने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आमजन और विद्यार्थियों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1