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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मुहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बांदा के एडिशनल एसपी ने जानकारी दी कि जिले के हर थाना क्षेत्र में मुहर्रम के पारंपरिक अलम और जुलूस निकाले जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक छोटे-बड़े जुलूस के साथ क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधिकारियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने लोगों से त्योहार को शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है।
Shubham Singh
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मुहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बांदा के एडिशनल एसपी ने जानकारी दी कि जिले के हर थाना क्षेत्र में मुहर्रम के पारंपरिक अलम और जुलूस निकाले जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक छोटे-बड़े जुलूस के साथ क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधिकारियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने लोगों से त्योहार को शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है।
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- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मुहर्रम के त्योहार को शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बांदा के एडिशनल एसपी ने जानकारी दी कि जिले के हर थाना क्षेत्र में मुहर्रम के पारंपरिक अलम और जुलूस निकाले जा रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, सभी संवेदनशील और प्रमुख स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रत्येक छोटे-बड़े जुलूस के साथ क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधिकारियों की टीम लगातार गश्त कर रही है। प्रशासन ने लोगों से त्योहार को शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की है।4
- मंडल अधिवक्ता वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इसी अवसर पर बार संघ अध्यक्ष का भी स्वागत किया गया।1
- जनपद बांदा के गिरवा थाना क्षेत्र स्थित जरर बालू खदान में कथित तौर पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान बृजेश गुप्ता ने आरोप लगाया है कि खदान संचालक राजीव द्विवेदी के संरक्षण में उनके निजी खेत में बिना किसी अनुमति, पूर्व सूचना या सहमति के भारी मशीनों से खुदाई कर दी गई है, जिससे उनकी भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान बृजेश गुप्ता के अनुसार, जब उन्होंने इस अवैध खुदाई का विरोध किया, तो उन्हें लगातार धमकियां दी जाने लगीं और बालू खनन से जुड़े लोगों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जिलाधिकारी बांदा से मामले की शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। बृजेश गुप्ता ने मांग की है कि उनके खेत की पैमाइश कराकर हुए नुकसान का आकलन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका यह भी आरोप है कि जरर खदान में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन जारी है, लेकिन संबंधित विभाग के अधिकारी प्रभावी कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे बालू माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है, और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पीड़ित किसान बृजेश गुप्ता ने कहा, "मेरे खेत में बिना अनुमति के खुदाई कर दी गई। विरोध करने पर मुझे धमकियां दी जा रही हैं। मैंने जिलाधिकारी से शिकायत कर न्याय दिलाने की मांग की है।"4
- बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के टोल अनुबंध में बड़े राजस्व नुकसान का खुलासा हुआ है, जहाँ यूपीडा (यूपी एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण) और टोल ठेकेदार कंपनी ने मिलकर सरकार को ₹13.34 करोड़ की स्टांप चोरी का चूना लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब दातार सिक्योरिटी सर्विस ग्रुप इन कंसोर्टियम विद मेसर्स श्री साई इंटरप्राइजेज ने यूपीडा के साथ 10 अक्टूबर 2024 को दो साल के लिए ₹333 करोड़ 65 लाख का टोल कलेक्शन एग्रीमेंट मात्र ₹100 के स्टांप पेपर पर गुपचुप तरीके से कर लिया, जबकि किसी भी बड़े अनुबंध पर उसकी विधि कीमत के आधार पर एक निर्धारित स्टांप शुल्क देना अनिवार्य होता है। इस तरह, ठेकेदार कंपनी ने सरकार की आँखों में धूल झोंकने की कोशिश की और ₹13 करोड़ 34 लाख की स्टांप चोरी की। यह गंभीर धोखाधड़ी स्टांप एवं निबंधन विभाग की जांच में उजागर हुई, जिसके बाद संबंधित पक्षों के खिलाफ स्टांप चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया है। चित्रकूट धाम मंडल के डीआईजी निबंधक स्टांप, रईस अहमद खान ने बताया है कि भारतीय स्टांप अधिनियम के उल्लंघन के इस मामले में आरोपी कंपनी और यूपीडा सहित संबंधित पक्षों के खिलाफ नियमानुसार वसूली और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब अन्य बड़े अनुबंधों की भी जांच शुरू की गई है।4
- उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने 16 जून, 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि 25 जून से पठन-पाठन शुरू होने से पहले 22, 23 और 24 जून को सभी शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित होकर साफ-सफाई, स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, बिजली, पेयजल और शौचालयों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करें, ताकि बच्चों के विद्यालय पहुंचते ही पढ़ाई नियमित रूप से शुरू हो सके। हालांकि, जनपद बांदा के बड़ोखर ब्लॉक अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय ददरिया में इन निर्देशों के ठीक उलट तस्वीर सामने आई। ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार, 23 जून, 2026 को सुबह लगभग 10:46 बजे विद्यालय का मुख्य गेट लटकता मिला ताला, जबकि ठीक सामने स्थित यूपीएस ददरिया विद्यालय खुला था और वहां साफ-सफाई सहित अन्य तैयारियां चल रही थीं। ग्रामीणों का तो यहाँ तक कहना है कि प्राथमिक विद्यालय ददरिया 22 जून को भी बंद रहा था। इस स्थिति ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि जब शासन ने तीन दिनों तक अनिवार्य उपस्थिति के स्पष्ट आदेश दिए हैं, तो आखिर यह विद्यालय बंद क्यों रहा? क्या जिम्मेदार शिक्षक और कर्मचारी शासन के इन आदेशों को हल्के में ले रहे हैं, या फिर जमीनी निगरानी व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित है? इस संबंध में जब जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अव्यक्त राम तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामले में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अब सबसे बड़ा प्रश्न यही उठता है कि क्या यह पूरा मामला केवल नोटिस जारी करने तक सिमट जाएगा, या फिर शासन के आदेशों की सीधी अवहेलना करने वालों के खिलाफ कोई वास्तविक और ठोस कार्रवाई भी की जाएगी? क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में इस तरह की लापरवाही का सबसे बड़ा खामियाजा उन बच्चों को भुगतना पड़ता है, जिनके उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी इन्हीं विद्यालयों के कंधों पर होती है। यदि शासन के आदेश केवल फाइलों तक सीमित रह जाएं और विद्यालयों के ताले तय समय पर न खुलें, तो 'स्कूल चलो अभियान' और शिक्षा सुधार के बड़े-बड़े दावों की सार्थकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की अतर्रा तहसील में शाहपुर साहनी गांव स्थित सिंहपुर पोस्ट ऑफिस के अंतर्गत आने वाली एक सड़क की हालत पिछले 25-30 सालों से जर्जर है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस सड़क के निर्माण के लिए आज तक कोई नहीं आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि इतने सारे प्रधान होने के बावजूद, उनकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है और सड़क की दुर्दशा बनी हुई है।1
- देश के कई राज्यों में भूमि अभिलेखों को डिजिटल बनाने का कार्य तेज़ी से चल रहा है। इस महत्वपूर्ण पहल का मुख्य उद्देश्य रिकॉर्ड तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना, प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना और सरकारी सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है। भूमि अभिलेखों के ऑनलाइन उपलब्ध होने से अब नागरिकों के लिए दस्तावेज़ प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल हो जाएगी।1
- मोहर्रम के नवमी दिन, हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मातम मनाया गया। यह मातम उन शहीदों के बलिदान को स्मरण करने के लिए किया गया।1