*लोक सेवा गुरूकुल में 100 से अधिक छात्र प्रतिदिन ले रहे निःशुल्क कोचिंग* *शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ ने छात्रों को भारत एवं म.प्र. की जनजातियों के बारे में पढ़ाया* *सेंट्रल लाइब्रेरी से जल्द ही राष्ट्र स्तरीय कोचिंग जुड़ेगी, जिले के छात्रों को मिलेगा लाभ* नीति आयोग अंतर्गत सिंचाई कॉलोनी छतरपुर में स्थापित ग्रंथालय (सेंट्रल लाइब्रेरी) में जिला प्रशासन की पहल पर लोकसेवा गुरुकुल प्रतिदिन नि:शुल्क छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग प्रदान कर रहा है। अभी यहां प्रतिदिन 100 से अधिक छात्र छात्राएं लाभान्वित हो रहीं है। लाइब्रेरी में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने कोचिंग में बच्चों को भारत एवं मध्यप्रदेश की जनजातियों के बारे में पढ़ाया। उन्होंने बताया कि जल्द ही लाइब्रेरी से विश्वस्तरीय कोचिंग संस्थान जुड़ेंगे। जिससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अमूल्य लाभ मिलेगा। जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों को अध्ययन की प्रभावी रणनीति बताते हुए कहा कि किसी भी विषय को पढ़ने से पहले उसके सभी संभावित आयामों की रूपरेखा तैयार करें। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से उत्तर लेखन का अभ्यास करें। उन्होंने बताया कि विषय को उदाहरणों और व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़कर पढ़ने पर वह लंबे समय तक स्मरण रहता है। इस दौरान उन्होंने जनजाति विषय को पढ़ने की विधि समझाई तथा विद्यार्थियों को अभ्यास हेतु गृहकार्य भी दिया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित लोक सेवा गुरुकुल कोचिंग संस्थान में UPSC, MPPSC, SSC एवं ESB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कक्षाएँ 9 जुलाई 2026 से संचालित की जा रही हैं। कक्षाएँ प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को सायं 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होती हैं। संस्थान में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिनमें डॉ. पी.पी. शुक्ला (भूगोल)असिस्टेंट प्रोफेसर , विजय डेहरिया (संविधान)डिप्टी कलेक्टर , आयुष जैन (बायोलॉजी)डिप्टी कलेक्टर , आयशा अंसारी (कंप्यूटर)डिप्टी कलेक्टर , पीयूष दीक्षित (इतिहास)तहसीलदार , पुरुषोत्तम विश्वकर्मा (गणित) तथा नरेन्द्र पाण्डेय (अंग्रेज़ी) शामिल हैं।
*लोक सेवा गुरूकुल में 100 से अधिक छात्र प्रतिदिन ले रहे निःशुल्क कोचिंग* *शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ ने छात्रों को भारत एवं म.प्र. की जनजातियों के बारे में पढ़ाया* *सेंट्रल लाइब्रेरी से जल्द ही राष्ट्र स्तरीय कोचिंग जुड़ेगी, जिले के छात्रों को मिलेगा लाभ* नीति आयोग अंतर्गत सिंचाई कॉलोनी छतरपुर में स्थापित ग्रंथालय (सेंट्रल लाइब्रेरी) में जिला प्रशासन की पहल पर लोकसेवा गुरुकुल प्रतिदिन नि:शुल्क छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग प्रदान कर रहा है। अभी यहां प्रतिदिन 100 से अधिक छात्र
छात्राएं लाभान्वित हो रहीं है। लाइब्रेरी में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने कोचिंग में बच्चों को भारत एवं मध्यप्रदेश की जनजातियों के बारे में पढ़ाया। उन्होंने बताया कि जल्द ही लाइब्रेरी से विश्वस्तरीय कोचिंग संस्थान जुड़ेंगे। जिससे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अमूल्य लाभ मिलेगा। जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों को अध्ययन की प्रभावी रणनीति बताते हुए कहा कि किसी भी विषय को
पढ़ने से पहले उसके सभी संभावित आयामों की रूपरेखा तैयार करें। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से उत्तर लेखन का अभ्यास करें। उन्होंने बताया कि विषय को उदाहरणों और व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़कर पढ़ने पर वह लंबे समय तक स्मरण रहता है। इस दौरान उन्होंने जनजाति विषय को पढ़ने की विधि समझाई तथा विद्यार्थियों को अभ्यास हेतु गृहकार्य भी दिया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा संचालित लोक सेवा गुरुकुल कोचिंग संस्थान में UPSC, MPPSC, SSC एवं ESB जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की
तैयारी हेतु निःशुल्क कक्षाएँ 9 जुलाई 2026 से संचालित की जा रही हैं। कक्षाएँ प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार एवं रविवार को सायं 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित होती हैं। संस्थान में विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं, जिनमें डॉ. पी.पी. शुक्ला (भूगोल)असिस्टेंट प्रोफेसर , विजय डेहरिया (संविधान)डिप्टी कलेक्टर , आयुष जैन (बायोलॉजी)डिप्टी कलेक्टर , आयशा अंसारी (कंप्यूटर)डिप्टी कलेक्टर , पीयूष दीक्षित (इतिहास)तहसीलदार , पुरुषोत्तम विश्वकर्मा (गणित) तथा नरेन्द्र पाण्डेय (अंग्रेज़ी) शामिल हैं।
- नौगांव नगर पालिका के सीएमओ आर.एस. अवस्थी कलेक्ट्रेट अटैच, जांच पूरी होने तक बसंत चतुर्वेदी संभालेंगे प्रभार नौगांव नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आर.एस. अवस्थी को कर्मचारियों से जुड़े मामले की जांच पूरी होने तक अपर कलेक्टर विनय द्विवेदी के आदेश पर छतरपुर कलेक्ट्रेट अटैच कर दिया गया है ।1
- विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी। विदाई समारोह: 62 वर्ष की दीर्घायु और 31 वर्षों की बेदाग सेवा के बाद शिक्षक हाजी इकबाल हुए सेवानिवृत्त. पलेरा। स्थानीय शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में एक गरिमामय एवं भावुक माहौल में वरिष्ठ शिक्षक हाजी इकबाल साहब का विदाई सह सेवानिवृत्ति समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षा विभाग, सामाजिक संस्थाओं और नगर के गणमान्य नागरिकों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य व दीर्घायु की कामना की।10 जनवरी 1984 से शुरू हुआ था सफरहाजी इकबाल साहब का जन्म 15 जुलाई 1964 (दिन शुक्रवार) को हुआ था। उन्होंने शिक्षा विभाग में अपने शानदार सफर की शुरुआत 10 जनवरी 1984 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय बखतपुरा से की थी। इसके बाद वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलेरा में अपनी उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे थे। 62 वर्ष की इस आयु तक आते-आते उन्होंने अपने जीवन के बेशकीमती साल देश के भविष्य को संवारने में लगा दिए। संस्था के प्रति उनका समर्पण हमेशा हमारी स्मृतियों में जीवित रहेगा।धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में भी अग्रणीहाजी इकबाल साहब न केवल एक समर्पित शिक्षक रहे, बल्कि वे अपनी कर्तव्यनिष्ठा, परिश्रमशीलता और अमिट यादों के लिए जाने जाते हैं। अध्यापन के साथ-साथ वे धार्मिक और सामाजिक कार्यों में भी हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं। इसी धार्मिक निष्ठा के चलते उन्होंने अपनी अहलिया (पत्नी) के साथ पवित्र हज यात्रा भी संपन्न की थी।कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब, दी गई भावभीनी विदाईविदाई के इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री विनोद वर्मा, संकुल प्राचार्य पी.एल. अहिरवार, संदीपनी प्राचार्य महेश रावत, सदर अब्दुल वाहिद खान और पार्षद अभय जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने हाजी साहब के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे।इस भावुक क्षण में शिक्षक साथियों में त्रिपाठी जी, अयूब खान, राशिद हाशमी, खरे जी, गुप्ता जी सहित बड़ी संख्या में शिक्षा विभाग के कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और उनके परिवारजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने फूल-मालाओं और शॉल-श्रीफल से हाजी साहब का आत्मीय स्वागत कर उन्हें ससम्मान विदाई दी।4
- टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज घोष रंगे हाथ गिरफ्तार टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज घोष रंगे हाथ गिरफ्तार टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू (MPW) देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 10 हजार रुपये की पहली किस्त आरोपी को दी, टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र का भी नाम सामने आया है। उसका आरोप है कि आरोपी उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो होने की भी बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में जांच जारी है और लोकायुक्त पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है। फिलहाल लोकायुक्त पुलिस सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। दोष सिद्ध होना न्यायालय के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।1
- टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। टीकमगढ़ में लोकायुक्त का बड़ा ट्रैप: 10 हजार की रिश्वत लेते MPW देशराज रंगे हाथ गिरफ्तार.. टीकमगढ़। जिले में शुक्रवार को लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत से आरोपी ने कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 80 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस सागर ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही अरविंद राजपूत ने आरोपी को 10 हजार रुपये की पहली किस्त सौंपी, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष उससे पहले ही 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन का वीडियो भी सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच जारी है। फिलहाल लोकायुक्त सागर की टीम आरोपी से पूछताछ कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। नोट: आरोपी पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो से एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की नीयत से किसान मुकेश कुशवाहा का अपहरण कर उन्हें दो दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। परिजनों का कहना है कि डायल-112 की मदद से किसान को मुक्त कराया गया, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान की पत्नी राजाबाई ने न्याय की मांग करते हुए गंभीर चेतावनी दी है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला और सुनिए पीड़ित परिवार का पक्ष। नोट: इस वीडियो में बताए गए आरोप पीड़ित परिवार के दावों पर आधारित हैं। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो से एक गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि करोड़ों रुपये की जमीन हड़पने की नीयत से किसान मुकेश कुशवाहा का अपहरण कर उन्हें दो दिनों तक एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। परिजनों का कहना है कि डायल-112 की मदद से किसान को मुक्त कराया गया, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित किसान की पत्नी राजाबाई ने न्याय की मांग करते हुए गंभीर चेतावनी दी है। इस वीडियो में जानिए पूरा मामला और सुनिए पीड़ित परिवार का पक्ष। नोट: इस वीडियो में बताए गए आरोप पीड़ित परिवार के दावों पर आधारित हैं।1