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अबकी बार 500 वोटों से होगी जीत सरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह बोलखेड़ा

22 hrs ago
user_News 93
News 93
Court reporter Kaman, Bharatpur•
22 hrs ago

अबकी बार 500 वोटों से होगी जीत सरपंच प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह बोलखेड़ा

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  • Post by News 93
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    user_News 93
    News 93
    Court reporter Kaman, Bharatpur•
    22 hrs ago
  • मथुरा जनपद के बरसाना में लठमार होली पर होली देखने आए लाखों की संख्या में श्रद्धालु नंदगांव के हुरियारे पर बरसी जमकर प्रेम भरी लाठियां
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    मथुरा जनपद के बरसाना में लठमार होली पर होली देखने आए लाखों की संख्या में श्रद्धालु नंदगांव के हुरियारे पर बरसी जमकर प्रेम भरी लाठियां
    user_Lokesh Garg
    Lokesh Garg
    छाता, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    11 min ago
  • कर्म में नियम का ध्यान रखना होता है - पंडित मुरारी लाल पाराशर लक्ष्मण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस कृष्ण जन्म कथा का सुनाया वृतांत अमर दीप सेन डीग। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा शिवराम दास जी महाराज पान्हौरी वाले के सानिध्य में शहर के लक्ष्मण मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस की कथा में व्यास पीठ पर विराजमान मंदिर महंत पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भक्तिरस का समुद्र है। भक्ति स्वतंत्र है, ज्ञान की एक सुनिश्चित परिभाषा है। ज्ञान सत्य के संज्ञानकर का मार्ग अवश्य है, ज्ञान से मोक्ष प्राप्त हो सकता है। कर्म वैराग्य में व्यक्ति को पग पग पर नियम आदि का ध्यान करना होता है परंतु भक्ति की धारणा वस्तुत व्यक्ति को स्वतंत्रता की अनुभूति करती है। भक्ति में आप जिस संस्कार में, स्थिति में, देशकाल में स्थित है, उसी में भक्ति कर सकते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा 'भाव कुभाव अनख आलस ऊं 'नाम जपत मंगल दिस दशऊ, आप सोते उठते, भोजन करते, चलते फिरते, कार्य में निमग्न होते हुए भगवान का नाम ले सकते हैं। सती चरित्र पर बोलते हुए पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि सती जी राजा दक्ष की पुत्री है। राजा दक्ष प्रजापति भगवान शिव से द्रोह करते है। उन्होंने यज्ञ करने को लेकर सभी को निमंत्रण दिया परन्तु भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया। जब सती को समाचार मिला तो बिना निमंत्रण के ही पिता के यज्ञ में पहुंची। वहां सभी देवताओं का आसान लगा हुआ था परन्तु भगवान शंकर का स्थाना कहीं नहीं था। इसको देखकर सती जी बहुत क्रोधित हुई और विचारा करने लगी कि जब में भगवान शंकर के पास इस शरीर के साथ जाऊंगी तो वे मुझे दक्ष सुता कहकर संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस शरीर से भगवान के पास नहीं जाएंगी। उन्होंने अपने शरीर से योगाग्नि पैदा की और अपने शरीर को अग्नि में भस्म कर लिया। कृष्ण जन्म का हुआ आयोजन - इस दौरान कथा में पाराशर ने कृष्ण जन्म की कथा का वृतांत सुनाते हुए कहा कि भाद्रपद माह की अष्टमी को कृष्ण पक्ष में विष्णु जी के 8वें अवतार के रूप में श्री कृष्ण का जन्म हुआ।इस दौरान जैसे ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो समूचे मंदिर परिसर में झालर घंटों की ध्वनि से आरतीकी गई। और बधाई गायन के साथ में मिठाई, ट्रॉफी, खिलौने आदि की बौछार की गई। इस अवसर पर वैध नन्द किशोर गांधी,राकेश गोयल अराधना वाले,सुन्दर सरपंच, देवेंद्र बंसल,केदार सौखिया, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, गोविंद सौखिया,राजू काका,हरिओम पाराशर,शिवचरन शर्मा,धनीराम गुजरात वाले,आचार्य गणेश दत्त पाराशर,गोपाल दास,छीतरमल खण्डेलवाल,जुगला खण्डेलवाल,महेश अग्रवाल,गोकुल झालानी,राधे श्याम गर्ग जयपुर वाले,चन्द्रभान शर्मा चउआ सर, रमाकांत शर्मा नाहरौली वाले,हरेश बंसल,रमेश अरोड़ा,गोपाल बीड़ी वाले,सुगन फौजी,बंटी खण्डेलवाल ,ममता बंसल,सुनिता सौखिया,लता अरोड़ा,लक्ष्मी तमोलिया,गीता तमोलिया,लक्ष्मी सौनी,सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष भक्त उपस्थित थे।
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    कर्म में नियम का ध्यान रखना होता है - पंडित मुरारी लाल पाराशर 
लक्ष्मण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस कृष्ण जन्म कथा का सुनाया वृतांत 
अमर दीप सेन डीग। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा शिवराम दास जी महाराज पान्हौरी वाले के सानिध्य में शहर के लक्ष्मण मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस की कथा में व्यास पीठ पर विराजमान मंदिर महंत पूज्य पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भक्तिरस का समुद्र है। भक्ति स्वतंत्र है, ज्ञान की एक सुनिश्चित परिभाषा है। ज्ञान सत्य के संज्ञानकर का मार्ग अवश्य है, ज्ञान से मोक्ष प्राप्त हो सकता है। कर्म वैराग्य में व्यक्ति को पग पग पर नियम आदि का ध्यान करना होता है परंतु भक्ति की धारणा वस्तुत व्यक्ति को स्वतंत्रता की अनुभूति करती है। भक्ति में आप जिस संस्कार में, स्थिति में, देशकाल में स्थित है, उसी में भक्ति कर सकते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी ने कहा 'भाव कुभाव अनख आलस ऊं  'नाम जपत मंगल 
दिस दशऊ, आप सोते उठते, भोजन करते, चलते फिरते, कार्य में निमग्न होते हुए भगवान का नाम ले सकते हैं। सती चरित्र पर बोलते हुए पंडित मुरारी लाल पाराशर ने कहा कि सती जी राजा दक्ष की पुत्री 
है। राजा दक्ष प्रजापति भगवान शिव से द्रोह करते है। उन्होंने यज्ञ करने को लेकर सभी को निमंत्रण दिया परन्तु भगवान शिव को निमंत्रण नहीं दिया। जब सती को समाचार मिला तो बिना निमंत्रण के ही पिता के यज्ञ में पहुंची। वहां सभी देवताओं का आसान लगा हुआ था परन्तु भगवान शंकर का स्थाना कहीं नहीं था। इसको देखकर सती जी बहुत क्रोधित हुई और विचारा करने लगी कि जब में भगवान शंकर के पास इस शरीर के साथ जाऊंगी तो वे मुझे दक्ष सुता कहकर संबोधित करेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस शरीर से भगवान के पास नहीं जाएंगी। उन्होंने अपने शरीर से योगाग्नि पैदा की और अपने शरीर को अग्नि में भस्म कर लिया। 
कृष्ण जन्म का हुआ आयोजन - 
इस दौरान कथा में पाराशर ने कृष्ण जन्म की कथा का वृतांत सुनाते हुए कहा कि भाद्रपद माह की अष्टमी को कृष्ण पक्ष में विष्णु जी के 8वें अवतार के रूप में श्री कृष्ण का जन्म हुआ।इस दौरान जैसे ही भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो समूचे मंदिर परिसर में झालर घंटों  की ध्वनि से आरतीकी गई। और बधाई गायन के साथ में मिठाई, ट्रॉफी, खिलौने आदि की बौछार की गई। इस अवसर पर वैध नन्द किशोर गांधी,राकेश गोयल अराधना वाले,सुन्दर सरपंच, देवेंद्र बंसल,केदार सौखिया, पूर्व पार्षद महेंद्र शर्मा, गोविंद सौखिया,राजू काका,हरिओम पाराशर,शिवचरन शर्मा,धनीराम गुजरात वाले,आचार्य गणेश दत्त पाराशर,गोपाल दास,छीतरमल खण्डेलवाल,जुगला खण्डेलवाल,महेश अग्रवाल,गोकुल झालानी,राधे श्याम गर्ग जयपुर वाले,चन्द्रभान शर्मा चउआ सर, रमाकांत शर्मा नाहरौली वाले,हरेश बंसल,रमेश अरोड़ा,गोपाल बीड़ी वाले,सुगन फौजी,बंटी खण्डेलवाल 
,ममता बंसल,सुनिता सौखिया,लता अरोड़ा,लक्ष्मी तमोलिया,गीता तमोलिया,लक्ष्मी सौनी,सहित बड़ी संख्या में महिला पुरुष भक्त उपस्थित थे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    1 hr ago
  • राधा बल्लभ मन्दिर दर्शन
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    राधा बल्लभ मन्दिर दर्शन
    user_बलराम गौतम
    बलराम गौतम
    Video Creator मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • बाजना के पास एदलगढ़ी गांव सड़क बहुत टूटी हुई थी लोगो ने इस समस्या को विधायक सामने रखी लोगो ने बताया कि इस सड़क को विधायक राजेश चौधरी कहने पर निर्माण किया जा रहा है।
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    बाजना के पास एदलगढ़ी गांव सड़क बहुत टूटी हुई थी लोगो ने इस समस्या को विधायक सामने रखी लोगो ने बताया कि इस सड़क को विधायक राजेश चौधरी कहने पर निर्माण किया जा रहा है।
    user_Deepak Kumar MD news
    Deepak Kumar MD news
    Local News Reporter मांट, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by INDIA CIRCLE NEWS
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    Post by INDIA CIRCLE NEWS
    user_INDIA CIRCLE NEWS
    INDIA CIRCLE NEWS
    Media company Mathura, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • मथुरा के बरसाना में बुधवार को प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जा रही है। सुबह से ही बरसाना की गलियां भक्तों से भरी पड़ी हैं। हर तरफ अबीर-गुलाल दिखाई दे रहा। अबीर गुलाल से रंगे भक्त ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूम रहे हैं। होली के गीत गा रहे हैं। इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसवालों के साथ महिलाओं ने लट्ठमार होली खेली। नंदगांव से आए हुरियारों का पीली पोखर पर स्वागत किया गया। हुरियारे यहां से भगवान कृष्ण के स्वरूप का ध्वजा श्रीजी मंदिर ले जाएंगे। लट्ठमार होली देखने और खेलने के लिए 20 लाख श्रद्धालु बरसाना पहुंचे हैं। इनमें विदेशी टूरिस्ट भी शामिल हैं। प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से 4500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, PAC और एंटी रोमियो टीम तैनात की गई है। इससे पहले मंगलवार को राधारानी (लाड़लीजी) मंदिर में लड्डूमार होली खेली गई थी। लट्ठमार होली इसलिए खास बरसाना राधा रानी का जन्मस्थान है। नंदगांव यानी श्रीकृष्ण का जहां बचपन बीता, वहां के हुरियारे 8Km दूर बरसाना में लट्ठमार होली खेलने आते हैं। कुंज और रंगीली गलियों से होते हुए करीब 3Km तक पैदल चलते हैं। गलियों में दोनों तरफ खड़ी हुरियारने लाठियां मारती हैं। इनसे बचने के लिए हुरियारे ढाल का सहारा लेते हैं। ऐसी मनोरम और वर्ल्ड फेमस होली देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं।
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    मथुरा के बरसाना में बुधवार को प्रसिद्ध लट्ठमार होली खेली जा रही है। सुबह से ही बरसाना की गलियां भक्तों से भरी पड़ी हैं। हर तरफ अबीर-गुलाल दिखाई दे रहा। अबीर गुलाल से रंगे भक्त ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूम रहे हैं। होली के गीत गा रहे हैं।
इससे पहले सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसवालों के साथ महिलाओं ने लट्ठमार होली खेली। नंदगांव से आए हुरियारों का पीली पोखर पर स्वागत किया गया। हुरियारे यहां से भगवान कृष्ण के स्वरूप का ध्वजा श्रीजी मंदिर ले जाएंगे। लट्ठमार होली देखने और खेलने के लिए 20 लाख श्रद्धालु बरसाना पहुंचे हैं। इनमें विदेशी टूरिस्ट भी शामिल हैं।
प्रशासन के मुताबिक, सुरक्षा के लिहाज से 4500 से ज्यादा पुलिसकर्मी, PAC और एंटी रोमियो टीम तैनात की गई है। इससे पहले मंगलवार को राधारानी (लाड़लीजी) मंदिर में लड्डूमार होली खेली गई थी।
लट्ठमार होली इसलिए खास
बरसाना राधा रानी का जन्मस्थान है। नंदगांव यानी श्रीकृष्ण का जहां बचपन बीता, वहां के हुरियारे 8Km दूर बरसाना में लट्ठमार होली खेलने आते हैं। कुंज और रंगीली गलियों से होते हुए करीब 3Km तक पैदल चलते हैं।
गलियों में दोनों तरफ खड़ी हुरियारने लाठियां मारती हैं। इनसे बचने के लिए हुरियारे ढाल का सहारा लेते हैं। ऐसी मनोरम और वर्ल्ड फेमस होली देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में टूरिस्ट मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं।
    user_Murli Thakur Reporter
    Murli Thakur Reporter
    पत्रकार मथुरा, मथुरा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *आगामी होली पर्व के दृष्टिगत जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न: शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ त्योहार मनाने पर जोर*जिला कलेक्टर उत्सव कौशल डीग, 25 फरवरी। आगामी होली के पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पंचायत समिति सभागार डीग में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला कलक्टर उत्सव कौशल, जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना एवं शांति समिति के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के शुभारंभ में शांति समिति के सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया गया और उपस्थित जनों को होली के पावन महोत्सव की अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। जिला कलक्टर ने संबोधित करते हुए कहा कि डीग जिले की यह गौरवशाली परंपरा रही है कि यहाँ सभी पर्व और त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और आपसी प्रेम के साथ मनाए जाते हैं। विगत वर्षों में जिले के सभी त्योहार अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं, जो यहाँ की जनता की परिपक्वता, सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का परिचायक है। त्योहार के उल्लास को बनाए रखने और कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए सतर्कता और संवाद का महत्व साझा किया गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र में कोई भी ऐसा विषय या भ्रांति संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना प्रशासन को अविलंब दी जाए। त्वरित सूचना प्राप्त होने पर समय रहते संबंधित पक्षों से समझाइश करने और सकारात्मक हस्तक्षेप करने में सुविधा होती है। इससे किसी भी प्रकार की शंका या विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाता है और त्योहार का आनंद अक्षुण्ण रहता है। उन्होंने सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी विषय पर प्रशासन से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूर्ण रूप से मुस्तैद है। उन्होंने आमजन से शांति व्यवस्था बनाए रखने, भाईचारा बढ़ाने और त्योहार की गरिमा को बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। बैठक के अंत में शांति समिति के सभी सदस्यों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे होली का पर्व उल्लास, आपसी प्रेम और पूर्ण शांति के साथ मनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं तथा इस पुनीत कार्य में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे।
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    *आगामी होली पर्व के दृष्टिगत जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक संपन्न: शांति, सौहार्द और उल्लास के साथ त्योहार मनाने पर जोर*जिला कलेक्टर उत्सव कौशल
डीग, 25 फरवरी। आगामी होली के पावन पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के उद्देश्य से बुधवार को पंचायत समिति सभागार डीग में जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में जिला कलक्टर उत्सव कौशल, जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना एवं शांति समिति के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के शुभारंभ में शांति समिति के सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया गया और उपस्थित जनों को होली के पावन महोत्सव की अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित की गईं। जिला कलक्टर ने संबोधित करते हुए कहा कि डीग जिले की यह गौरवशाली परंपरा रही है कि यहाँ सभी पर्व और त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और आपसी प्रेम के साथ मनाए जाते हैं। विगत वर्षों में जिले के सभी त्योहार अत्यंत सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए हैं, जो यहाँ की जनता की परिपक्वता, सामाजिक समरसता और सकारात्मक सोच का परिचायक है। त्योहार के उल्लास को बनाए रखने और कानून व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए सतर्कता और संवाद का महत्व साझा किया गया। जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि क्षेत्र में कोई भी ऐसा विषय या भ्रांति संज्ञान में आती है, तो उसकी सूचना प्रशासन को अविलंब दी जाए। त्वरित सूचना प्राप्त होने पर समय रहते संबंधित पक्षों से समझाइश करने और सकारात्मक हस्तक्षेप करने में सुविधा होती है। इससे किसी भी प्रकार की शंका या विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाता है और त्योहार का आनंद अक्षुण्ण रहता है। उन्होंने सदस्यों को आश्वस्त किया कि वे किसी भी विषय पर प्रशासन से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश मीना ने पुलिस प्रशासन की तैयारियों से अवगत कराते हुए कहा कि पुलिस आमजन की सुरक्षा और सहयोग के लिए पूर्ण रूप से मुस्तैद है। उन्होंने आमजन से शांति व्यवस्था बनाए रखने, भाईचारा बढ़ाने और त्योहार की गरिमा को बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की अपील की। बैठक के अंत में शांति समिति के सभी सदस्यों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे होली का पर्व उल्लास, आपसी प्रेम और पूर्ण शांति के साथ मनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं तथा इस पुनीत कार्य में प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे।
    user_Amardeep sain ripoter
    Amardeep sain ripoter
    Advertising Photographer डीग, भरतपुर, राजस्थान•
    3 hrs ago
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