सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र की सहूरिया पूर्वी पंचायत के मोर्चा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 45 वर्षीय बबलू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मृतक बबलू यादव सौर बाजार स्थित एल.जी. चिमनी पर कई महीनों से मजदूरी कर रहे थे, और सोमवार की सुबह उनकी मौत चिमनी पर ही हो गई। घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, चिमनी पर कार्यरत कर्मियों ने बबलू यादव के निधन की सूचना परिजनों को दिए बिना ही उनके शव को सीएचसी सौर बाजार पहुंचा दिया, जिससे कई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सीएचसी सौर बाजार पहुँचे, जहाँ शव को देखते ही चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिजनों ने चिमनी मालिक पर साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को मौत का कारण बताया है, जबकि अन्य सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सौर बाजार थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ सीएचसी सौर बाजार पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया। पुलिस फिलहाल घटना के हर बिंदु पर जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक बबलू यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी एक शादीशुदा बेटी और दो अविवाहित बेटे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुख का कहर टूट पड़ा है।
सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र की सहूरिया पूर्वी पंचायत के मोर्चा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 45 वर्षीय बबलू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मृतक बबलू यादव सौर बाजार स्थित एल.जी. चिमनी पर कई महीनों से मजदूरी कर रहे थे, और सोमवार की सुबह उनकी मौत चिमनी पर ही हो गई। घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, चिमनी पर कार्यरत कर्मियों ने बबलू यादव के निधन की सूचना परिजनों को दिए बिना ही उनके शव को सीएचसी सौर बाजार पहुंचा दिया, जिससे कई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सीएचसी सौर बाजार पहुँचे, जहाँ शव को देखते ही चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिजनों ने चिमनी मालिक पर साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को मौत का कारण बताया है, जबकि अन्य सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सौर बाजार थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ सीएचसी सौर बाजार पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया। पुलिस फिलहाल घटना के हर बिंदु पर जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक बबलू यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी एक शादीशुदा बेटी और दो अविवाहित बेटे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुख का कहर टूट पड़ा है।
- सहरसा जिले में आज मूसलाधार बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते भीषण गर्मी से जूझ रहे आम लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- सुपौल जिले के आम्हा गांव और पिपरा बाजार में बिजली आपूर्ति सुबह से बाधित है, और शाम के 8:00 बजे तक भी बिजली बहाल नहीं हुई है। निवासियों ने इस गंभीर समस्या पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने और बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल करने की मांग की है। आम्हा सीरियल ठिकाना और पांच नंबर वार्ड से भी बिजली संबंधित कई शिकायतें मिली हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।2
- मधेपुरा जिले के लक्ष्मीपुर चंडी स्थान के मुस्लिम टोला वार्ड नंबर 6 में सड़क की स्थिति पिछले पांच सालों से बेहद खराब है। बारिश होते ही सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जानकारी के अनुसार, सड़क इतनी खस्ताहाल हो चुकी है कि यह बीच में धंस गई है।1
- बिहार के सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज में साल 2018 की 26 तारीख को मोहर्रम मेले का आयोजन किया गया था। जानकारी के अनुसार, इस महीने को काफी 'मस्त' बताया गया, और लोगों को इस आयोजन को देखने के लिए आमंत्रित किया गया था।1
- कुमारखंड प्रखंड की सभी 21 पंचायतों में रविवार को पंचायत विकास दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान, पंचायतों में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित होकर ग्राम पंचायत से संबंधित अपने विकास और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली और विचार साझा किए। उपस्थित अधिकारियों, पंचायत के मुखिया और पंचायत सेवकों ने पंचायत वासियों को उनके कल्याण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। पंचायत विकास दिवस का मुख्य विषय ग्राम पंचायत के महिला हितैषी कार्यों को आगे बढ़ाना और गांव के विकास के लिए योजनाओं को क्रियान्वित करना रहा, जिस पर विशेष रूप से चर्चा की गई। इस अवसर पर लोगों ने नशा मुक्ति का संकल्प भी लिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभिन्न पंचायतों के मुखियाओं ने की, जिनमें कुमारखंड से राजीव कुमार, बेलारी से डॉ. विश्वबंधु बादल, इसराइन बेला से राम अवतार ठाकुर, परमानंदपुर से रंभा देवी, लक्ष्मीपुर भगवती से गुंजन देवी, बैसाढ़ से अनिता देवी और रहटा से रमेश कुमार रमण सहित अन्य पंचायतों के मुखिया शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान गांव से गरीबी दूर करने, बाल कल्याण के उपाय, स्वस्थ पंचायत, हरित पंचायत, जल संचयन, आत्मनिर्भर पंचायत और सुशासन के साथ नशा मुक्त पंचायत बनाने जैसे अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई। बेलारी पंचायत के मुखिया डॉ. विश्वबंधु बादल ने बताया कि सभी पंचायत वासी एक साथ बैठकर अपने पंचायत के विकास कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं और भविष्य की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं, जिससे सही विकास संभव होगा। बीपीआरओ मनीषा कुमारी ने जानकारी दी कि सभी पंचायतों में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया और यह कार्यक्रम प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुखिया, वार्ड सदस्य, सरपंच, समिति सदस्य, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक, ग्राम कचहरी के सचिव, आशा सहित पंचायत के महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे।1
- स्थानीय प्रशासन ने रविवार को सौर बाजार मुख्य सड़क मार्ग को जाम से राहत दिलाने के लिए अतिक्रमण मुक्त करवाया। इस कदम से लोगों को आवागमन में सुविधा होने की उम्मीद है। इस संबंध में, एनएचएआई विभाग के जेई नीलकंठ प्रसाद सिंह ने बताया कि इस सड़क मार्ग को बैजनाथपुर-सहरसा मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना समेत अन्य शहरों से प्रतिदिन सैकड़ों व्यावसायिक और निजी वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं, जिसके कारण सड़क का चौड़ीकरण आवश्यक है। यह भी बताया जा रहा है कि सड़क के दोनों ओर 17-17 फुट क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा। दूसरी ओर, अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर कई दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन केवल सड़क मार्ग के एक तरफ से ही अतिक्रमण हटा रहा है, जबकि दूसरी तरफ अभी भी कई दुकानें सड़क के किनारे लगी हुई हैं।1
- सहरसा जिले के सौर बाजार थाना क्षेत्र की सहूरिया पूर्वी पंचायत के मोर्चा गांव में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 45 वर्षीय बबलू यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। मृतक बबलू यादव सौर बाजार स्थित एल.जी. चिमनी पर कई महीनों से मजदूरी कर रहे थे, और सोमवार की सुबह उनकी मौत चिमनी पर ही हो गई। घटना को लेकर मृतक के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, चिमनी पर कार्यरत कर्मियों ने बबलू यादव के निधन की सूचना परिजनों को दिए बिना ही उनके शव को सीएचसी सौर बाजार पहुंचा दिया, जिससे कई आशंकाएं पैदा हो रही हैं। परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत सीएचसी सौर बाजार पहुँचे, जहाँ शव को देखते ही चीख-पुकार मच गई। मृतक के परिजनों ने चिमनी मालिक पर साजिश रचकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ लोगों ने बिजली के शॉर्ट सर्किट को मौत का कारण बताया है, जबकि अन्य सीधे तौर पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सौर बाजार थाना पुलिस अपने दल-बल के साथ सीएचसी सौर बाजार पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा भेज दिया। पुलिस फिलहाल घटना के हर बिंदु पर जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिसके आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो पाएगा। मृतक बबलू यादव अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिनकी एक शादीशुदा बेटी और दो अविवाहित बेटे हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुख का कहर टूट पड़ा है।1