पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का महत्वपूर्ण संदेश देने के उद्देश्य से, जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा की पहल के बाद, गुरुवार को उचाना के एसडीएम रमित यादव भी ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह, जो उनका अस्थायी आवास है, से लगभग तीन किलोमीटर का सफर अपने स्टाफ के साथ ई-रिक्शा में तय किया। एसडीएम को इस तरह कार्यालय पहुँचते देख वहाँ मौजूद कर्मचारी और आमजन आश्चर्यचकित रह गए। इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत के संदेश से मिली प्रेरणा है। एसडीएम रमित यादव ने इस दौरान सभी कर्मचारियों और आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। रमित यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते सिर्फ नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर स्वयं अमल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन अपनाने से न केवल ईंधन की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है, बल्कि इससे आमजन को होने वाली परेशानियों और सड़क की वास्तविक स्थिति को समझने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के ई-रिक्शा उपयोग और उचाना के विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के लगातार बस में सफर करने जैसे उदाहरण भी साझा किए, जो सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं। एसडीएम ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर हरित भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का महत्वपूर्ण संदेश देने के उद्देश्य से, जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा की पहल के बाद, गुरुवार को उचाना के एसडीएम रमित यादव भी ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह, जो उनका अस्थायी आवास है, से लगभग तीन किलोमीटर का सफर अपने स्टाफ के साथ ई-रिक्शा में तय किया। एसडीएम को इस तरह कार्यालय पहुँचते देख वहाँ मौजूद कर्मचारी और आमजन आश्चर्यचकित रह गए। इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत के संदेश से मिली प्रेरणा है। एसडीएम रमित यादव ने इस दौरान सभी कर्मचारियों और आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। रमित यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते सिर्फ नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर स्वयं अमल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन अपनाने से न केवल ईंधन की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है, बल्कि इससे आमजन को होने वाली परेशानियों और सड़क की वास्तविक स्थिति को समझने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के ई-रिक्शा उपयोग और उचाना के विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के लगातार बस में सफर करने जैसे उदाहरण भी साझा किए, जो सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं। एसडीएम ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर हरित भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।
- पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत का महत्वपूर्ण संदेश देने के उद्देश्य से, जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा की पहल के बाद, गुरुवार को उचाना के एसडीएम रमित यादव भी ई-रिक्शा से अपने कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह, जो उनका अस्थायी आवास है, से लगभग तीन किलोमीटर का सफर अपने स्टाफ के साथ ई-रिक्शा में तय किया। एसडीएम को इस तरह कार्यालय पहुँचते देख वहाँ मौजूद कर्मचारी और आमजन आश्चर्यचकित रह गए। इस पहल के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए पर्यावरण संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत के संदेश से मिली प्रेरणा है। एसडीएम रमित यादव ने इस दौरान सभी कर्मचारियों और आमजन से अपील की कि वे अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों तथा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। रमित यादव ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारी होने के नाते सिर्फ नीतियां बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन पर स्वयं अमल करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन अपनाने से न केवल ईंधन की बचत होती है और प्रदूषण कम होता है, बल्कि इससे आमजन को होने वाली परेशानियों और सड़क की वास्तविक स्थिति को समझने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने जींद की डीसी डॉ. वैशाली शर्मा के ई-रिक्शा उपयोग और उचाना के विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री के लगातार बस में सफर करने जैसे उदाहरण भी साझा किए, जो सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं। एसडीएम ने अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर हरित भविष्य के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में वन विभाग ने एक नीलगाय का सफल रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया, जिससे आमजन को नीलगाय के आतंक से राहत मिली है। यह नीलगाय एक निजी स्कूल के आसपास घूमकर लोगों पर हमला करती थी, जिससे आम जनता में चिंता का माहौल था। राजाखेड़ा वन विभाग के कर्मचारी अमर तिवारी ने बताया कि एक निजी स्कूल स्टाफ ने उन्हें सूचित किया था कि नीलगाय स्कूल परिसर के पास घूमती है और लोगों को देखकर हमला करने के लिए दौड़ती है। स्कूल स्टाफ ने वन विभाग से नीलगाय को दूरदराज के जंगलों में छोड़ने का आग्रह किया था, ताकि स्कूल के बच्चों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। बुधवार को इसी नीलगाय के हमले में राजाखेड़ा में एक अधेड़ महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसे इलाज के लिए राजाखेड़ा के शहीद राघवेंद्र सिंह समुदाय स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। क्षेत्रीय वन अधिकारी राजाखेड़ा के निर्देशन में वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों की मदद से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नीलगाय को सफलतापूर्वक काबू में किया गया। इसके बाद वन विभाग की टीम ने नीलगाय को वाहन से धौलपुर स्थित केशर बाग सेंचुरी पहुंचाया और वहां सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया। वन विभाग के इस त्वरित और संवेदनशील प्रयास से क्षेत्र के निवासियों ने राहत की सांस ली है।1
- एक बेजुबान जीव ने पेरेंटिंग का सबसे महत्वपूर्ण सबक सिखाया है। यह अनुभव हर माता-पिता के लिए बेहद जरूरी बताया गया है, जिसे प्रत्येक माता-पिता को अवश्य देखना चाहिए।1
- हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में भिवानी में एक पत्रकार वार्ता की।1
- किसान सभा हरियाणा ने एक बड़ा ऐलान किया है, जिसके तहत उन्होंने सिंचाई मंत्री के कार्यालय का घेराव किया। इस कार्रवाई के बाद यह जानने का आह्वान किया गया है कि किसान सभा की प्रमुख मांगें क्या हैं।1
- DICCI हरियाणा के अध्यक्ष महाबीर सिंह ने किसी भी वर्ग की महिलाओं और अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) के युवाओं के लिए एक सुनहरे अवसर की घोषणा की है। उनके अनुसार, अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्ति और कोई भी महिला बिना किसी गारंटी के एक करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकती है। इस योजना में 25% तक की सब्सिडी का प्रावधान भी है। महाबीर सिंह ने युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय व्यवसायी बनने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि वे इस मौके का लाभ उठा सकें।1
- फतेहाबाद के एमएम कॉलेज गेट पर कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 24वें दिन भी प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान, उन्होंने अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए अपनी बात रखी। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे।1
- वेनेजुएला में आए भूकंप के कारण व्यापक विनाश हुआ है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस त्रासदी में 1 लाख लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी है, ताकि पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जा सके।1