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एक पुरुष द्वारा महिला को पीटने का कटा हुआ आधा-अधूरा वीडियो वायरल किया जा रहा है। जबकि ये रहा पूरा वीडियो। एक महिला प्लांड तरीके से बाइक से उतरती है, भरी भीड़ के सामने चप्पल उतारती है और उस व्यक्ति के ऊपर चप्पलों की बौछार करना शुरू कर देती है। जिसके बाद वो व्यक्ति भी मारपीट करता है। लेकिन शुरुआत महिला को तरफ़ से हुई। पुलिस को जाँच कर दोनों पर कार्रवाई करनी चाहिए। महिला होने के कारण ये लाइसेंस कतई नहीं मिल सकता कि आप किसी को कहीं भी उतारकर चप्पल मारने लगें, बाद में विक्टिम कार्ड खेलें। इसमें जितनी गलती पुरुष की है उतनी ही उस महिला की और उसके साथ में आए पुरुष की भी जिसने महिला को आगे करके ये खेल रचा। मामला MP के सीधी का।
MADHYA BHARAT NEWS
एक पुरुष द्वारा महिला को पीटने का कटा हुआ आधा-अधूरा वीडियो वायरल किया जा रहा है। जबकि ये रहा पूरा वीडियो। एक महिला प्लांड तरीके से बाइक से उतरती है, भरी भीड़ के सामने चप्पल उतारती है और उस व्यक्ति के ऊपर चप्पलों की बौछार करना शुरू कर देती है। जिसके बाद वो व्यक्ति भी मारपीट करता है। लेकिन शुरुआत महिला को तरफ़ से हुई। पुलिस को जाँच कर दोनों पर कार्रवाई करनी चाहिए। महिला होने के कारण ये लाइसेंस कतई नहीं मिल सकता कि आप किसी को कहीं भी उतारकर चप्पल मारने लगें, बाद में विक्टिम कार्ड खेलें। इसमें जितनी गलती पुरुष की है उतनी ही उस महिला की और उसके साथ में आए पुरुष की भी जिसने महिला को आगे करके ये खेल रचा। मामला MP के सीधी का।
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- सतना: कलेक्टर के आदेश बेअसर, बोर्ड परीक्षा के बीच 'शोर के सौदागरों' का तांडव सतना/बिरसिंहपुर: जिले में बोर्ड परीक्षाये शुरु हो चुकी है, लेकिन प्रशासन के शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। एक तरफ कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कड़े प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं, वहीं दूसरी ओर बिरसिंहपुर तहसील और सभापुर थाना क्षेत्र में इन नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कागजों तक सीमित 'साइलेंस जोन' कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का शोर या धरना-प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, म.प्र. कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 के तहत रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद, सभापुर क्षेत्र में देर रात तक बज रहे 'कान फोड़ू' डीजे छात्रों की एकाग्रता भंग कर रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल हैरानी की बात यह है कि आदेश का उल्लंघन करने पर धारा-223 (BNS) के तहत दंडात्मक कार्रवाई और डीजे जब्ती का प्रावधान है, फिर भी पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौन है। छात्रों का कहना है कि शोर के कारण वे ठीक से रिवीजन नहीं कर पा रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल आदेश जारी करने तक सीमित रहेगा या इन "शोर के सौदागरों" पर सख्त कार्रवाई कर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मुहैया कराएगा?2