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रायगढ़ जिले की खरसिया पुलिस ने ग्राम गुरदा में मिले एक किशोर बालक के शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के दिन चारों युवक ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार खेत गए थे, जहां शराब पीने के दौरान हुए विवाद में उन्होंने किशोर से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और शव को छिपाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मृतक की पहचान ग्राम बरभौना, थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई 2026 की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, जिसके बाद अगले दिन सुबह गुरदा के डोगरमुड़ा खार में शव मिला। मृतक के शरीर पर सीने, आंख और अन्य हिस्सों में गंभीर चोट और खरोंच के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। खरसिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की, जिसने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक को अपने साथियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग बालक के पास छोड़कर काम पर चला गया था। ऋषि डनसेना ने यह भी बताया कि बाद में जब उसने चंद्रशेखर को फोन किया, तो उसे फोन पर झगड़े, मारपीट और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं, और उसने फोन पर झगड़ा बंद करने को कहा था। पुलिस ने संदेहियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना के दिन सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए बताया कि वह खाना-पीना करके अपने घर चला गया है। खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया और उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर प्रकरण में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतारे, रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, अमित नट, सत्य नारायण सिदार और रमेश निषाद की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

8 hrs ago
user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
नरेश शर्मा जिला रायगढ़
रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

रायगढ़ जिले की खरसिया पुलिस ने ग्राम गुरदा में मिले एक किशोर बालक के शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के दिन चारों युवक ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार खेत गए थे, जहां शराब पीने के दौरान हुए विवाद में उन्होंने किशोर से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और शव को छिपाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मृतक की पहचान ग्राम बरभौना, थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई 2026 की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, जिसके बाद अगले दिन सुबह गुरदा के डोगरमुड़ा खार में शव मिला। मृतक के शरीर पर सीने, आंख और अन्य हिस्सों में गंभीर चोट और खरोंच के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। खरसिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की, जिसने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक को अपने साथियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग बालक के पास छोड़कर काम पर चला गया था। ऋषि डनसेना ने यह भी बताया कि बाद में जब उसने चंद्रशेखर को फोन किया, तो उसे फोन पर झगड़े, मारपीट और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं, और उसने फोन

पर झगड़ा बंद करने को कहा था। पुलिस ने संदेहियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना के दिन सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए बताया कि वह खाना-पीना करके अपने घर चला गया है। खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया और उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर प्रकरण में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतारे, रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, अमित नट, सत्य नारायण सिदार और रमेश निषाद की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कथित 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति और उसके परिवार पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के साथ-साथ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाते हुए महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय ले लिया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है। पीड़िता मूल रूप से कोरबा जिले की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि आरोपी पति वसीम खान रायगढ़ के इंदिरा नगर क्षेत्र का निवासी है। महिला ने आरोप लगाया है कि करीब पांच साल पहले वसीम खान ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे शादी की थी। शादी के बाद से ही उस पर लगातार इस्लाम कबूल करने और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा था। महिला ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि दो बच्चों के जन्म के बाद ससुराल पक्ष द्वारा उसकी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना काफी बढ़ गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके बच्चों से भी "पाकिस्तान जिंदाबाद" और "हिंदुस्तान मुर्दाबाद" जैसे नारे लगवाए जाते थे। पीड़िता अपने दोनों बच्चों के साथ महिला थाना पहुंची है और उसने अपनी सुरक्षा के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी वसीम खान को चार दिन पहले गांजा तस्करी से जुड़े एक मामले में जेल भेजा गया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कथित 'लव जिहाद' और जबरन धर्म परिवर्तन का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने पति और उसके परिवार पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना के साथ-साथ धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने का आरोप लगाते हुए महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई है। इस घटना ने क्षेत्र में चर्चा का विषय ले लिया है, जिससे राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज होने की संभावना है।

पीड़िता मूल रूप से कोरबा जिले की रहने वाली बताई जा रही है, जबकि आरोपी पति वसीम खान रायगढ़ के इंदिरा नगर क्षेत्र का निवासी है। महिला ने आरोप लगाया है कि करीब पांच साल पहले वसीम खान ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे शादी की थी। शादी के बाद से ही उस पर लगातार इस्लाम कबूल करने और कलमा पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा था।

महिला ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि दो बच्चों के जन्म के बाद ससुराल पक्ष द्वारा उसकी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना काफी बढ़ गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके बच्चों से भी "पाकिस्तान जिंदाबाद" और "हिंदुस्तान मुर्दाबाद" जैसे नारे लगवाए जाते थे।

पीड़िता अपने दोनों बच्चों के साथ महिला थाना पहुंची है और उसने अपनी सुरक्षा के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी वसीम खान को चार दिन पहले गांजा तस्करी से जुड़े एक मामले में जेल भेजा गया है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • सारंगढ़ में वन भूमि समतलीकरण के एक मामले में एक रेंजर मुश्किल में घिर गए हैं। यह घटना 16 मई की कार्रवाई से जुड़ी है, जिस पर वन विभाग ने 10 दिनों की देरी के बाद संज्ञान लिया है। विभाग की इस विलंबित प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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    सारंगढ़ में वन भूमि समतलीकरण के एक मामले में एक रेंजर मुश्किल में घिर गए हैं। यह घटना 16 मई की कार्रवाई से जुड़ी है, जिस पर वन विभाग ने 10 दिनों की देरी के बाद संज्ञान लिया है। विभाग की इस विलंबित प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
    user_Dev Kumar Jatwar
    Dev Kumar Jatwar
    सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • सक्ती पुलिस ने अवैध महुआ शराब के कारोबार पर एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने तीन अलग-अलग प्रकरणों में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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    सक्ती पुलिस ने अवैध महुआ शराब के कारोबार पर एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने तीन अलग-अलग प्रकरणों में कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • देवलापाठ में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अधिकारियों द्वारा सुना गया।
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    देवलापाठ में सुशासन तिहार शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान, ग्रामीणों द्वारा अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत किया गया, जिन्हें अधिकारियों द्वारा सुना गया।
    user_SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    SK Kashyapपत्रकार रींवापार
    Farmer बारपाली, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • एक वीडियो के माध्यम से इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि हार्ट अटैक से कैसे बचा जा सकता है। दर्शकों को इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
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    एक वीडियो के माध्यम से इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि हार्ट अटैक से कैसे बचा जा सकता है। दर्शकों को इस महत्वपूर्ण जानकारी के लिए वीडियो देखने का आग्रह किया गया है।
    user_Anuj avasthi
    Anuj avasthi
    Korba, Chhattisgarh•
    4 hrs ago
  • मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन हो गया है। उनके निधन पर छत्तीसगढ़ी फिल्म स्टार अनुज शर्मा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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    मशहूर शायर बशीर बद्र का निधन हो गया है। उनके निधन पर छत्तीसगढ़ी फिल्म स्टार अनुज शर्मा ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • रायगढ़ जिले की खरसिया पुलिस ने ग्राम गुरदा में मिले एक किशोर बालक के शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के दिन चारों युवक ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार खेत गए थे, जहां शराब पीने के दौरान हुए विवाद में उन्होंने किशोर से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और शव को छिपाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मृतक की पहचान ग्राम बरभौना, थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई 2026 की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, जिसके बाद अगले दिन सुबह गुरदा के डोगरमुड़ा खार में शव मिला। मृतक के शरीर पर सीने, आंख और अन्य हिस्सों में गंभीर चोट और खरोंच के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई। खरसिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की, जिसने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक को अपने साथियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग बालक के पास छोड़कर काम पर चला गया था। ऋषि डनसेना ने यह भी बताया कि बाद में जब उसने चंद्रशेखर को फोन किया, तो उसे फोन पर झगड़े, मारपीट और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं, और उसने फोन पर झगड़ा बंद करने को कहा था। पुलिस ने संदेहियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना के दिन सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए बताया कि वह खाना-पीना करके अपने घर चला गया है। खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया और उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर प्रकरण में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतारे, रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, अमित नट, सत्य नारायण सिदार और रमेश निषाद की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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    रायगढ़ जिले की खरसिया पुलिस ने ग्राम गुरदा में मिले एक किशोर बालक के शव के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने इस हत्या के आरोप में चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना के दिन चारों युवक ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार खेत गए थे, जहां शराब पीने के दौरान हुए विवाद में उन्होंने किशोर से मारपीट कर उसकी हत्या कर दी और शव को छिपाने का प्रयास किया।

घटना की जानकारी 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद के पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मृतक की पहचान ग्राम बरभौना, थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने बताया कि 24 मई 2026 की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल पर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की, जिसके बाद अगले दिन सुबह गुरदा के डोगरमुड़ा खार में शव मिला। मृतक के शरीर पर सीने, आंख और अन्य हिस्सों में गंभीर चोट और खरोंच के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई गई।

खरसिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना से पूछताछ की, जिसने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक को अपने साथियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह और एक नाबालिग बालक के पास छोड़कर काम पर चला गया था। ऋषि डनसेना ने यह भी बताया कि बाद में जब उसने चंद्रशेखर को फोन किया, तो उसे फोन पर झगड़े, मारपीट और चिल्लाने की आवाजें सुनाई दी थीं, और उसने फोन पर झगड़ा बंद करने को कहा था।

पुलिस ने संदेहियों चंद्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया और विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना के दिन सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर मृतक और चंद्रशेखर के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने के इरादे से शव को उठाकर बरगद के पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने की कोशिश की। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा, तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए बताया कि वह खाना-पीना करके अपने घर चला गया है। खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया और उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर प्रकरण में धारा 238 और 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। गिरफ्तार आरोपियों और विधि से संघर्षरत बालक को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

इस पूरे मामले का खुलासा करने में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर उप निरीक्षक संजय नाग, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतारे, रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक विशोप सिंह, प्रदीप तिवारी, अमित नट, सत्य नारायण सिदार और रमेश निषाद की अहम भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, और अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
    user_नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    नरेश शर्मा जिला रायगढ़
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • गुरुवार शाम धर्मजयगढ़ क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित भी हुआ। रायगढ़-धर्मजयगढ़ मुख्य मार्ग पर एक पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन बाधित हो गया, जिससे वाहन सड़क पर रुक गए। इसके अतिरिक्त, तेज हवा और बारिश के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से गिरे हुए पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। कुल मिलाकर, मौसम में इस अचानक बदलाव ने भले ही गर्मी से राहत दी, लेकिन तेज हवा ने जनजीवन को कुछ समय के लिए प्रभावित कर दिया।
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    गुरुवार शाम धर्मजयगढ़ क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ तेज हवा के साथ हल्की बारिश शुरू हो गई। इस बदलाव से लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली, लेकिन कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित भी हुआ।

रायगढ़-धर्मजयगढ़ मुख्य मार्ग पर एक पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन बाधित हो गया, जिससे वाहन सड़क पर रुक गए। इसके अतिरिक्त, तेज हवा और बारिश के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से गिरे हुए पेड़ को हटाने का काम शुरू किया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। कुल मिलाकर, मौसम में इस अचानक बदलाव ने भले ही गर्मी से राहत दी, लेकिन तेज हवा ने जनजीवन को कुछ समय के लिए प्रभावित कर दिया।
    user_Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    Reporter sheikh Aalam Sheikh aalam
    उदयपुर (धरमजयगढ़), रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
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