मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू रोकथाम व एनीमिक गर्भवती महिलाओं के इलाज पर जोर मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू रोकथाम व एनीमिक गर्भवती महिलाओं के इलाज पर जोर खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के साथ-साथ एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर इलाज सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा जलजमाव नहीं होने देने के लिए लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण के दौरान 26 अगस्त से 30 नवंबर तक चलने वाले 100 दिवसीय विशेष अभियान और एनसीडी कार्यक्रम के तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 91 दिनों तक होने वाले अभियान की भी जानकारी दी गई। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन, स्वास्थ्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार एवं बीसीएम सचिन कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू रोकथाम व एनीमिक गर्भवती महिलाओं के इलाज पर जोर मानसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डेंगू रोकथाम व एनीमिक गर्भवती महिलाओं के इलाज पर जोर खगड़िया जिले के मानसी प्रखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आशा कार्यकर्ताओं को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान डेंगू से बचाव एवं रोकथाम के उपायों के साथ-साथ एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका समय पर इलाज सुनिश्चित कराने पर विशेष जोर दिया गया। आशा कार्यकर्ताओं को अपने-अपने पोषक क्षेत्र में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने तथा संदिग्ध मरीजों की समय पर पहचान कर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने डेंगू से बचाव के लिए घरों और आसपास साफ-सफाई रखने तथा जलजमाव नहीं होने देने के लिए लोगों को जागरूक करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण के दौरान 26 अगस्त से 30 नवंबर तक चलने वाले 100 दिवसीय विशेष अभियान और एनसीडी कार्यक्रम के तहत 1 सितंबर से 30 नवंबर तक 91 दिनों तक होने वाले अभियान की भी जानकारी दी गई। चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन, स्वास्थ्य प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार एवं बीसीएम सचिन कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- नगर परिषद क्षेत्र जमालपुर बाजार में आवारा सांड ने जमकर मचाया हुडदंग दो-तीन लोग हुए घायल। गोगरी प्रखंड के जमालपुर बाजार में मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे एक आवारा सांड ने जमकर उत्पात मचाया। अचानक सांड के बाजार में पहुंचने और लोगों पर हमला करने से अफरा-तफरी मच गई। सांड से बचने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, आवारा सांड ने बाजार में दो-तीन लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद कुछ देर तक बाजार में भय और दहशत का माहौल बना रहा। दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने बताया कि यह आवारा सांड पहले भी लोगों को परेशान करता रहा है। इसके बावजूद आवारा पशुओं की समस्या पर संबंधित विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में आवारा पशुओं का इस तरह खुलेआम घूमना लोगों के लिए खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते इन पशुओं पर नियंत्रण नहीं किया गया तो कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। खासकर बाजार में आने-जाने वाले बुजुर्गों, बच्चों और बाइक सवारों के लिए ऐसे पशु गंभीर खतरा बन सकते हैं। मामले को लेकर गोगरी नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी सोनी कुमारी से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले इस घटना की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद संबंधित विभाग को सूचना दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग को सूचित कर आवारा सांड और अन्य आवारा पशुओं पर नियंत्रण की कार्रवाई कराई जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि बाजार क्षेत्र में घूम रहे आवारा पशुओं को जल्द हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को रोका जा सके।1
- Shri Shri 108 Balaji Bajrangbali Mandir Aadarsh Nagar chhoti Bala1
- गैस चूल्हा जलाते ही सिलेंडर में जोरदार धमाका, घर जलकर राख महिला झुलसी, तीन बच्चे बाल-बाल बचे; सिलेंडर फटने का वीडियो वायरल, गैस चूल्हा जलाते ही सिलेंडर में जोरदार धमाका, घर जलकर राख महिला झुलसी, तीन बच्चे बाल-बाल बचे; सिलेंडर फटने का वीडियो वायरल,1
- सावन मे नेपाल से बिहार आए मधेश प्रदेश प्रांत के कृषि मंत्री श्याम पटेल से बाढ़ के समस्या पर सीधी बात नेपाल में बाढ़ की त्रासदी कृषि मंत्री श्याम पटेल ने भारत के साथ मैत्री संबंध बढ़ाने को लेकर दिया जोर भारत और नेपाल के बीच बेटी रोटी के संबंध को अधिक मजबूत बनाने पर दिया जोर1
- किसानों को हुए फ़सल क्षति मुआवजे राशि में गरबरी को लेकर जिला प्रशासन से जांच की उठाया मांग सौर बाजार प्रखंड क्षेत्र के चंदौर पुर्वी पंचायत के जन प्रतिनिधि ने आपसी बैठक आयोजित कर बीते दिनों हुए फसल क्षति मुआवजे की मांग को लेकर जिला प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग किया है। इसको लेकर पंचायत के जन प्रतिनिधि का कहना है की जिस भी किसान का मक्का एवं गेहूं का फसल बीते कुछ माह पहले आंधी तूफान आने से बर्बाद हो गया था जिसमें सरकार द्वारा कुछ किसानों के खाते में फसल क्षति मुआवजे को लेकर राशि भी भेजी जा चुकी है मगर दर्जनों ऐसे किसान है जिसका सही मायने में फसल का नुकसान हुआ है लेकिन ऐसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जो घोर चिन्ता का विषय है। ऐसे स्थिति में जांच कर वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि मिलनी चाहिए जिसका नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है की किसान कॉर्डिनेटर के मनमानी रवैया से वैसे किसान को फसल क्षति मुआवजे की राशि नहीं मिली है जिसका सही मायने में नुकसान हुआ है।किसानो को हुए फ़सल1
- भागलपुर, 31 अगस्त 2026:- भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय ने आज जिले के गोराडीह प्रखंड में जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया। इसका संचालन चंदा दीदी द्वारा किया जाएगा। ज्योति जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंदा देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अंतर्गत जीविका सुधा बिक्री केंद्र उपलब्ध कराया गया है। इन्हें योजना के तहत इन्हें द्वितीय और तृतीय किस्त के रूप में 60 हजार रुपए के अनुदान राशि सुधा बिक्री के केंद्र हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुधा देवी ने बताया कि सुधा बिक्री केंद्र के रूप में इन्हें आजीविका का साधन उपलब्ध हुए हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सुधा एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में भागलपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ करेंगी। अब तक जिले की 200 से अधिक पंचायतों में जीविका दीदियों का चयन किया जा चुका है। इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर सुधा के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद ग्रामीण उपभोक्ताओं तक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलेगी वित्तीय सहायता:- जीविका-सुधा बिक्री केंद्र के लिए चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला को 15,000 रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा। इस प्रकार कुल 75 हजार रुपये की पूँजी का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक पूंजीगत व्ययों के लिए किया जाएगा, जिससे बिक्री केंद्र का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।पात्रता की प्रमुख शर्तें:- इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला के पास पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराये की दुकान होना आवश्यक है। दुकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 70 वर्ग फुट होना चाहिए। साथ ही दुकान में बिजली की समुचित व्यवस्था एवं सड़क संपर्क उपलब्ध होना अनिवार्य है, ताकि उत्पादों का भंडारण एवं ग्राहकों की आवाजाही सुगमता से हो सके।संकुल संघ स्तर पर होगा चयन - योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इच्छुक महिलाएं आवेदन करेंगी। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र महिला का चयन किया जाएगा।इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। साथ ही यह योजना महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी। भागलपुर, 31 अगस्त 2026:- भागलपुर की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पाण्डेय ने आज जिले के गोराडीह प्रखंड में जीविका सुधा बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया। इसका संचालन चंदा दीदी द्वारा किया जाएगा। ज्योति जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य चंदा देवी को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अंतर्गत जीविका सुधा बिक्री केंद्र उपलब्ध कराया गया है। इन्हें योजना के तहत इन्हें द्वितीय और तृतीय किस्त के रूप में 60 हजार रुपए के अनुदान राशि सुधा बिक्री के केंद्र हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुधा देवी ने बताया कि सुधा बिक्री केंद्र के रूप में इन्हें आजीविका का साधन उपलब्ध हुए हैं। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सुधा एवं जीविका के संयुक्त तत्वावधान में भागलपुर जिले की प्रत्येक पंचायत में जीविका-सुधा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन बिक्री केंद्रों का संचालन जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ करेंगी। अब तक जिले की 200 से अधिक पंचायतों में जीविका दीदियों का चयन किया जा चुका है। इस पहल से जहां एक ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, वहीं दूसरी ओर सुधा के दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद ग्रामीण उपभोक्ताओं तक आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत मिलेगी वित्तीय सहायता:- जीविका-सुधा बिक्री केंद्र के लिए चयनित महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 60,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त लाभार्थी महिला को 15,000 रुपये का अंशदान स्वयं करना होगा। इस प्रकार कुल 75 हजार रुपये की पूँजी का उपयोग डीप फ्रीजर, विजी कूलर, परिवहन सहायता सहित डेयरी उत्पादों की खरीद सहित अन्य आवश्यक पूंजीगत व्ययों के लिए किया जाएगा, जिससे बिक्री केंद्र का सफल संचालन सुनिश्चित हो सके।पात्रता की प्रमुख शर्तें:- इस योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक महिला के पास पंचायत क्षेत्र में स्वयं की अथवा किराये की दुकान होना आवश्यक है। दुकान का क्षेत्रफल न्यूनतम 70 वर्ग फुट होना चाहिए। साथ ही दुकान में बिजली की समुचित व्यवस्था एवं सड़क संपर्क उपलब्ध होना अनिवार्य है, ताकि उत्पादों का भंडारण एवं ग्राहकों की आवाजाही सुगमता से हो सके।संकुल संघ स्तर पर होगा चयन - योजना के अंतर्गत प्रत्येक पंचायत में जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी इच्छुक महिलाएं आवेदन करेंगी। प्राप्त आवेदनों के आधार पर संबंधित जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र महिला का चयन किया जाएगा।इस पहल से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। साथ ही यह योजना महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित होगी1
- कुम्भर बाबा महोत्सव में पहुंचे एमएलसी व विधायक, कुम्हार समाज को आगे बढ़ाने का दिया भरोसा कुम्भर बाबा महोत्सव में पहुंचे एमएलसी व विधायक, कुम्हार समाज को आगे बढ़ाने का दिया भरोसा सोमवार को राजकौशल रिसोर्ट में आयोजित बाबा कुम्भर महोत्सव सह सम्मान समारोह में एमएलसी शिवरानी प्रजापति, एमएलसी शीला पंडित, परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य एवं खगड़िया सदर विधायक बबलू मंडल सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे। कार्यक्रम की शुरुआत बाबा कुम्भर के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इस अवसर पर एमएलसी शिवरानी प्रजापति एवं एमएलसी शीला पंडित का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। कार्यक्रम में मानसी प्रखंड क्षेत्र से करीब 300 लोग शामिल हुए। वहीं दर्जनों प्रजापति समाज के लोगों को सम्मानित भी किया गया। मैट्रिक, इंटर एवं नीट परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। एमएलसी शिवरानी प्रजापति ने कहा कि कुम्हार-प्रजापति समाज को आगे बढ़ने के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि समाज की राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों के लिए निरंतर प्रयास किया जाएगा। एमएलसी शीला पंडित ने कहा कि वर्षों बाद समाज को राजनीतिक भागीदारी मिली है और महिलाओं को भी आगे आकर समाज के विकास में भूमिका निभानी चाहिए। परबत्ता विधायक बाबूलाल शौर्य ने कहा कि प्रजापति समाज मेहनतकश समाज है और समाज के हितों की बात को सदन के पटल पर मजबूती से रखने का काम किया जाएगा। वहीं सदर विधायक बबलू मंडल ने बाबा कुम्भर के आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। प्रदेश अध्यक्ष रुपेश कुमार उर्फ मंटू पंडित एवं प्रदेश महामंत्री पिंटू गुरु ने समाज में राजनीतिक चेतना बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति के कई पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधि एवं सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मंच संचालन वरीय उपाध्यक्ष सिकंदर आजाद ने किया।1
- गोगरी पंचायत के ब्राह्मण टोला वार्ड संख्या 4 में 6 माह में सातवीं बार हुई चोरी,पुलिस गशती पर उठे सवाल। गोगरी पंचायत के वार्ड संख्या चार ब्राह्मण टोला में लगातार चोरी की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले छह महीने के दौरान वार्ड में करीब सात बार चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही चोरी के बावजूद घटनाओं पर अंकुश नहीं लगने से ग्रामीणों ने पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। चोरी की लगातार घटनाओं से परेशान ग्रामीणों ने मामले को लेकर डीएसपी से मुलाकात कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और रात्रि गश्ती बढ़ाने की मांग की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाके में नियमित पुलिस गश्ती नहीं होने के कारण चोरों के हौसले बुलंद हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जहां टीम ने विभिन्न स्थानों पर जांच कर सुराग जुटाने का प्रयास किया। वहीं, लगातार चोरी की घटनाओं को लेकर डीएसपी ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) भी मांगा है। पुलिस की ओर से मामले की जांच और चोरों की पहचान के लिए कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द चोरी की घटनाओं का उद्भेदन कर आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है।3
- कुतलुपुर में लगातार कटाव, टीकारामपुर में आंगनबाड़ी केंद्र भी जलमग्न गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद दियारा क्षेत्र में संकट बरकरार, 28 बाढ़ प्रभावित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से जोड़ा गया मुंगेर। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद मुंगेर के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव का संकट कम नहीं हुआ है। कुतलुपुर पंचायत में लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वहीं टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी अब आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों तक पहुंच गया है। कई सड़कों के जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से करीब 17 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में कमी के बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 निवासी ने बताया कि घरों में पानी प्रवेश कर गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। इधर, टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच गया है। केंद्र परिसर में पानी जमा होने के कारण बच्चों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने जलनिकासी और राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। 28 बाढ़ प्रभावित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से जोड़ा बाढ़ के कारण प्रभावित 28 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित होने के बाद शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। इन विद्यालयों के बच्चों को नजदीकी दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट कर पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की गई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जाएंगे। कुतलुपुर में लगातार कटाव, टीकारामपुर में आंगनबाड़ी केंद्र भी जलमग्न गंगा का जलस्तर घटने के बावजूद दियारा क्षेत्र में संकट बरकरार, 28 बाढ़ प्रभावित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से जोड़ा गया मुंगेर। गंगा के जलस्तर में कमी आने के बावजूद मुंगेर के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ और कटाव का संकट कम नहीं हुआ है। कुतलुपुर पंचायत में लगातार हो रहे कटाव से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। वहीं टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी अब आंगनबाड़ी केंद्रों और घरों तक पहुंच गया है। कई सड़कों के जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार सोमवार सुबह गंगा का जलस्तर 38.50 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर 38.33 मीटर से करीब 17 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर में कमी के बावजूद निचले इलाकों में बाढ़ का पानी जमा रहने से लोगों की परेशानी बनी हुई है। कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या-3 निवासी ने बताया कि घरों में पानी प्रवेश कर गया है। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की जरूरत बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। इधर, टीकारामपुर गांव में बाढ़ का पानी घरों के साथ आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंच गया है। केंद्र परिसर में पानी जमा होने के कारण बच्चों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने जलनिकासी और राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। 28 बाढ़ प्रभावित स्कूलों को दूसरे विद्यालयों से जोड़ा बाढ़ के कारण प्रभावित 28 सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित होने के बाद शिक्षा विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। इन विद्यालयों के बच्चों को नजदीकी दूसरे विद्यालयों में शिफ्ट कर पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था की गई है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जाएंगे।1