डूंगरपुर जिले में दिनदहाड़े हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर सदर थाना क्षेत्र के सतीरामपुर के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने एक निजी टावर कंपनी के फील्ड सपोर्ट इंजीनियर पर चाकू से हमला कर उसका लैपटॉप से भरा बैग लूट लिया। चित्तौड़गढ़ जिले के भाटो का बमनिया निवासी रोशन पुत्र जगदीश भट्ट, जो डूंगरपुर में एक निजी टावर कंपनी में कार्यरत हैं, खेरवाड़ा क्षेत्र में टावर निरीक्षण का काम पूरा कर बाइक से डूंगरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान सतीरामपुर के निकट पावर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। जब रोशन ने इसका विरोध किया, तो एक बदमाश ने धारदार चाकू निकालकर उनकी कलाई पर लगातार तीन वार कर दिए। हमले से रोशन के हाथ से कंपनी के लैपटॉप वाला बैग छूट गया, जिसे लेकर बदमाश मौके से फरार हो गए। चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल रोशन करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे मदद की गुहार लगाते रहे। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई, लेकिन दुःखद रूप से, कोई भी व्यक्ति उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।
डूंगरपुर जिले में दिनदहाड़े हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने कानून-व्यवस्था और समाज की संवेदनहीनता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार दोपहर सदर थाना क्षेत्र के सतीरामपुर के पास तीन अज्ञात बदमाशों ने एक निजी टावर कंपनी के फील्ड सपोर्ट इंजीनियर पर चाकू से हमला कर उसका लैपटॉप से भरा बैग लूट लिया। चित्तौड़गढ़ जिले के भाटो का बमनिया निवासी रोशन पुत्र जगदीश भट्ट, जो डूंगरपुर में एक निजी टावर कंपनी में कार्यरत हैं, खेरवाड़ा क्षेत्र में टावर निरीक्षण का काम पूरा कर बाइक से डूंगरपुर लौट रहे थे। इसी दौरान सतीरामपुर के निकट पावर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक दी और बैग छीनने का प्रयास किया। जब रोशन ने इसका विरोध किया, तो एक बदमाश ने धारदार चाकू निकालकर उनकी कलाई पर लगातार तीन वार कर दिए। हमले से रोशन के हाथ से कंपनी के लैपटॉप वाला बैग छूट गया, जिसे लेकर बदमाश मौके से फरार हो गए। चाकू के हमले में गंभीर रूप से घायल रोशन करीब आधे घंटे तक सड़क किनारे मदद की गुहार लगाते रहे। इस दौरान वहां भीड़ जमा हो गई, लेकिन दुःखद रूप से, कोई भी व्यक्ति उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।
- बांसवाड़ा में PM Gold Jewellers के संचालक पर ₹5 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा है। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है, और पुलिस अब इसकी जांच कर रही है।1
- उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ धमकियों से तंग आकर एक दंपती ने जहर खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। उस पर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाने का आरोप है। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले आरोपी और उसके साथियों ने महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव से परेशान होकर दंपती ने रविवार को जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोप और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।2
- राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया। शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।3
- छोटी सादड़ी के नवनिर्मित श्याम मंदिर में श्याम मित्र मंडल और क्षेत्रीय निवासियों द्वारा ग्यारस (एकादशी) का उत्सव हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस शुभ अवसर पर गोमा ना और अन्य गांवों से निशान यात्रा भी मंदिर पहुंचेगी। आयोजन के दौरान भजन संध्या का कार्यक्रम रखा जाएगा और प्रसादी का वितरण भी किया जाएगा।3
- प्रतापगढ़ में 24 जून को मोहर्रम की 7वीं तारीख पर बारी दरवाजे से छड़ी का आलम निकाला गया। इस आयोजन में मुस्लिम समाज के कई लोगों ने भाग लिया और हर साल की तरह इस बार भी शांति और भाईचारे के साथ जुलूस निकाला गया। यह आलम बारी दरवाजा से शुरू होकर सालमपुरा, भटपुरा कुमारवाडा से गुजरते हुए बावड़ी मोहल्ले पहुंचा, जहाँ जलसा आयोजित किया गया। इस दौरान रतलाम से आए अल अब्बास अखाड़े के पहलवानों ने अपने-अपने करतबों का प्रदर्शन किया। पहलवानों ने आग से मोटरसाइकिल निकालने, मुंह से ट्यूबलाइट चबाने और आग में जलती हुई ट्यूबलाइटों के जंगलों के बीच से खुद को निकालने जैसे कई हैरतअंगेज कारनामे दिखाए। इन कला और संस्कृति के प्रदर्शनों को देखकर लोगों ने बड़ी धूमधाम से इमाम हुसैन के नारे लगाए और प्रतापगढ़ के लोगों ने पहलवानों की बहुत तारीफ की।1
- 🌹*लघु फिल्म - गौतमेश्वर महादेव दर्शन, अरनोद प्रतापगढ़ राजस्थान । ◆ सम्पादन - लक्ष्मी नारायण परमार चित्तौड़ ।।* 🚩🚩🙏🙏🚩🚩 🌹*लघु फिल्म - गौतमेश्वर महादेव दर्शन, अरनोद प्रतापगढ़ राजस्थान । ◆ सम्पादन - लक्ष्मी नारायण परमार चित्तौड़ ।।* 🚩🚩🙏🙏🚩🚩1
- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश महासचिव गौतम लाल जी पांड्या, जो पूर्व सेवादल जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं, और समाजसेवी दिनेश आहारी के बीच क्षेत्र एवं समाज के हित में विस्तृत और गहन चर्चा हुई।1
- राजस्थान के बांसवाड़ा में अड़ाईश्वर महादेव मंदिर के पास एक शेर देखा गया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने वन्यजीवों से जुड़ी खबरों में रुचि जगाई है।1
- उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।1