उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
- Kaihs MagvalGogunda, Udaipur🙏3 hrs ago
- उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ धमकियों से तंग आकर एक दंपती ने जहर खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। उस पर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाने का आरोप है। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले आरोपी और उसके साथियों ने महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव से परेशान होकर दंपती ने रविवार को जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोप और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।2
- आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।1
- राजस्थान के राजसमंद जिले में नांदोली स्थित जेके टायर में श्रीमान रतन लाल जी जाट साहब का सेवानिवृत्ति समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह की जानकारी न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से दी गई है।4
- राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत, आज राजसमंद जिले की ग्राम पंचायत सेवंत्री में एक ग्रामीण सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर प्रभारी अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी कुंभलगढ़ साक्षी पूरी, तहसीलदार गढ़बोर तोलाराम देवासी, अतिरिक्त विकास अधिकारी हीरालाल गोयल, और प्रशासक पुष्पा सेवक के सानिध्य में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान, भारत सरकार की स्वामित्व योजना के तहत, पंचायत क्षेत्र के गांवों में ड्रोन सर्वे के बाद अनुमोदित 53 परिवारों को प्रॉपर्टी पार्सल वितरित किए गए। इन प्रॉपर्टी पार्सल से आबादी में स्थित मकानों के भविष्य में किसी भी प्रकार की काट-छांट या माप परिवर्तन को रोका जा सकेगा, साथ ही लाभार्थियों को बैंक ऋण प्राप्त करने में भी कोई कठिनाई नहीं होगी। ग्रामीणों ने प्रॉपर्टी पार्सल मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया। विभिन्न विभागों द्वारा शिविर में महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान की गईं। राजस्व विभाग ने राजस्व अभिलेख खातों का शुद्धिकरण के 4 मामले, आपसी सहमति से खातों का विभाजन का 1 मामला, राजस्व रिकॉर्ड की मौके पर प्रति उपलब्ध कराने के 38 मामले, 14 नामांन्तकरण और सीमा ज्ञान के 1 आवेदन का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त, 4 मूल निवास प्रमाण पत्र और 4 फॉर्मर रजिस्ट्री भी की गईं। पंचायत राज विभाग ने 10 जन्म-मृत्यु पंजीकरण, 5 विवाह प्रमाण पत्र जारी किए, स्वच्छ भारत मिशन के तहत 6 पात्र व्यक्तियों के व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु आवेदन स्वीकृत किए, प्रधानमंत्री आवास के लिए 3 यूसी तैयार कीं, और पुराने मकानों के 12 पट्टे जारी किए। कृषि विभाग ने 5 तारबंदी, 1 कृषि यंत्र, और 3 सिंचाई पाइपलाइन के आवेदन ऑनलाइन किए, साथ ही उड़द-मूंग के 48 मिनी किट वितरित किए और 6 मृदा नमूनों की जांच की। शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग ने 20 बालकों को पालनहार योजना में अध्ययन प्रमाण पत्र जारी कर उनका नवीनीकरण किया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के 5 और मुख्यमंत्री मातृ वंदन योजना के 1 आवेदन स्वीकार किए। एक महिला की गोद भराई की रस्म भी संपन्न हुई, और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विजन के प्रचार-प्रसार के तहत नायब तहसीलदार गढबोर की उपस्थिति में खुशबू देवी की प्रथम बेटी के जन्म पर केक काटा गया। आयुर्वेद विभाग ने 65 लाभार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां वितरित कीं। ऊर्जा विभाग ने त्रुटिपूर्ण मीटर बिल संबंधित 3 समस्याओं का निस्तारण किया और एक ट्रांसफार्मर बदला। पशुपालन विभाग ने संक्रामक रोगों से बचाव हेतु 92 पशुओं का टीकाकरण किया और 112 रोगी पशुओं हेतु दवा वितरण की, साथ ही 112 पशुओं हेतु पशु शेड में कृमि नाशक दवा का छिड़काव किया। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने 62 रोगियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवाएं वितरित कीं, 5 टीकाकरण किए, 28 व्यक्तियों की बीपी-शुगर जांच की और एक पोषण किट वितरित किया। पीएचईडी (Phed) द्वारा 4 हैंडपंपों की मरम्मत करवाई गई। रोडवेज ने 60 वर्ष से अधिक आयु के 6 व्यक्तियों के लिए निःशुल्क यात्रा पास जारी किए, जबकि वन विभाग ने 70 पौधे वितरित किए। सहकारिता विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि के 27 लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन किया, और 6 किसान क्रेडिट कार्ड तैयार कर काश्तकारों को 3,80,587 रुपये के ऋण वितरित किए। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने रोडवेज बस सेवा पुनः शुरू करवाने की मांग भी रखी। इस अवसर पर नशे मुक्त भारत अभियान की शपथ भी दिलाई गई। इस सफल आयोजन में सहायक विकास अधिकारी बद्रीलाल गुर्जर, राजेश जोशी, ग्राम विकास अधिकारी भगवान सहाय बेरवा, रमेश सालवी, बंशीगोपाल गुर्जर, पुष्पा गोस्वामी, राजस्व निरीक्षक सुनील पालीवाल, पटवारी आवड़दान चारण, महेश जाट, दिव्या नंदनी कुमावत, जयपाल सिंह सोलंकी, सहायक अभियंता तिलक गुर्जर, विमल वर्मा, चिकित्सा अधिकारी आयुर्वेद डॉ. समंदर शर्मा, देवेंद्र शर्मा, चिकित्सा अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी कैलाश शर्मा, कृषि पर्यवेक्षक नारायण रेबारी, सहकारिता विभाग से महिपाल सिंह चुंडावत, चिकित्सा से परीक्षा मीणा, सोनू कुमावत, रेंजर झीलवाड़ा भेरू सिंह, आयोजना से कुलदीप सिंह, राजीविका से बीपीएम तनवीर आलम, डिंपल वैष्णव सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।2
- रेलमगरा में आकांक्षा दुबे ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) का पदभार ग्रहण कर लिया है। इससे पहले, वह सलूंबर जिले के सराड़ा उपखंड अधिकारी के रूप में कार्यरत थीं। पदभार संभालने के तुरंत बाद, एसडीएम दुबे ने सादड़ी ग्राम पंचायत में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने विभिन्न विभागों की गतिविधियों की समीक्षा की और जनसमस्याओं के निस्तारण का जायजा लिया। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और आमजन की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। एसडीएम दुबे ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविर में 22 विभागों के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर विभागों से संबंधित सभी कार्यों और प्राप्त शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण करने के निर्देश दिए, साथ ही आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखते हुए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्रदान करने पर बल दिया। आगामी मुहर्रम पर्व के मद्देनजर, एसडीएम दुबे ने कहा कि पूरे उपखंड क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी, जिसके लिए पुलिस और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। एसडीएम दुबे ने कहा कि इन क्षेत्रों की कमियों का आकलन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, ताकि संबंधित विभागों के माध्यम से सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के प्रयास किए जा सकें, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर सेवाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि प्रशासन विकास कार्यों की गति बढ़ाने, जनसुनवाई को प्रभावी बनाने और आमजन की समस्याओं के समयबद्ध समाधान के लिए पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करेगा।1
- राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया। शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।3
- उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- आरजे27 उदयपुर के पास देबारी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।1