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आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

2 hrs ago
user_Vishnu lohar
Vishnu lohar
Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
2 hrs ago

आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

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  • आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
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    आज, 24 जून 2026 को उदयपुर जिले के झाड़ोल स्थित ओगणा मंडल की ग्राम पंचायत काड़ा और चोखला बारा में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में राजस्थान सरकार के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया।

काड़ा शिविर का प्रभार तहसीलदार सीताराम खटीक ने संभाला, जबकि चोखला बारा शिविर के प्रभारी झाड़ोल के विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह राजावत रहे। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष तखत सिंह सोलंकी, मंडल प्रतिनिधि मदनलाल शर्मा, मंडल महामंत्री दिनेश गरासिया, सोशल मीडिया मंडल संयोजक एवं पूर्व महामंत्री मांगीलाल पटेल, मंडल उपाध्यक्ष तोलाराम मेघवाल, भोपाल सिंह सुआवत, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष एवं शिविर प्रभारी शेर सिंह सोलंकी, ओबीसी मोर्चा मंडल अध्यक्ष महावीर पुरबिया, युवा मोर्चा महामंत्री हरिसिंह, एसटी मोर्चा महामंत्री पिंटूलाल वडेरा, एससी मोर्चा कार्यकर्ता गणेश मेघवाल, काड़ा बूथ अध्यक्ष अर्जुन भाई कपाया, रामलाल वडेरा, सरपंच, सरपंच पति चतराराम वडेरा, पूर्व सरपंच पति विरमाराम डूंगरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान 5 नामांतरण, 7 शुद्धिकरण, 3 विभाजन, 23 मूल जाति प्रमाण पत्र, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 1 पेंशन प्रकरण का समाधान किया गया। साथ ही, परिवहन विभाग से संबंधित 21 पास भी जारी किए गए। ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निवारण सुनिश्चित किया गया और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
    user_Vishnu lohar
    Vishnu lohar
    Local News Reporter झाड़ोल, उदयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ धमकियों से तंग आकर एक दंपती ने जहर खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। उस पर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाने का आरोप है। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले आरोपी और उसके साथियों ने महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव से परेशान होकर दंपती ने रविवार को जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोप और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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    उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ धमकियों से तंग आकर एक दंपती ने जहर खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। उस पर अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाने का आरोप है। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले आरोपी और उसके साथियों ने महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे।

लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक तनाव से परेशान होकर दंपती ने रविवार को जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोप और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले आरोपियों के खिलाफ त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सरूपगंज थाना क्षेत्र के काछोली गाँव में, एक स्कूल के पास स्थित किराना दुकान में बीती देर रात नकाबपोश चोर ने चोरी का असफल प्रयास किया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चोर ने दुकान में घुसने की कोशिश करने से पहले मटके से पानी पिया और फिर शटर के ताले से छेड़छाड़ कर अंदर घुसने का प्रयास किया। अगली सुबह जब दुकान मालिक अपनी दुकान पर पहुँचे, तब उन्हें इस घटना का पता चला। इस घटना के बाद से गाँव के व्यापारियों में चिंता का माहौल है, और उनका कहना है कि चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना स्थल के पास एक तालाब से टूटा हुआ ताला भी बरामद हुआ है।
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    सरूपगंज थाना क्षेत्र के काछोली गाँव में, एक स्कूल के पास स्थित किराना दुकान में बीती देर रात नकाबपोश चोर ने चोरी का असफल प्रयास किया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। चोर ने दुकान में घुसने की कोशिश करने से पहले मटके से पानी पिया और फिर शटर के ताले से छेड़छाड़ कर अंदर घुसने का प्रयास किया। अगली सुबह जब दुकान मालिक अपनी दुकान पर पहुँचे, तब उन्हें इस घटना का पता चला। इस घटना के बाद से गाँव के व्यापारियों में चिंता का माहौल है, और उनका कहना है कि चोरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। घटना स्थल के पास एक तालाब से टूटा हुआ ताला भी बरामद हुआ है।
    user_Jitendra Agarwal
    Jitendra Agarwal
    Local News Reporter पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत माथुगामडा पाल के वार्ड नंबर 6 'हरियात फला' में ग्रामीण सालों से एक अदद श्मशान घाट और उस तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क की कमी से जूझ रहे हैं। करीब 550 से अधिक की आबादी वाली इस बस्ती की यह दर्दनाक हकीकत प्रशासन की घोर उदासीनता का परिणाम है, जिसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। हालात ऐसे हैं कि कागजों में श्मशान होते हुए भी, लोगों को अपनों की अर्थी पथरीले और दुर्गम रास्ते पर कंधों पर ले जाने को मजबूर होना पड़ता है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि श्मशान घाट और मार्ग निर्माण के प्रस्ताव पंचायत और प्रशासन के स्तर पर स्वीकृत हो चुके हैं, बावजूद इसके धरातल पर काम के नाम पर सिर्फ शून्य ही दिखाई देता है। ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के समय स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब श्मशान तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह फिसलन भरा हो जाता है। ऐसे में अर्थी को कंधे पर लेकर पहाड़ी दर्रों से गुजरना किसी बड़े खतरे से कम नहीं होता। हद तो तब हो जाती है जब किसी तरह ग्रामीण अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच भी जाएं, तो खुले आसमान के नीचे शेड न होने के कारण बारिश थमने का घंटों इंतजार करना पड़ता है। यह गंभीर सवाल उठता है कि डिजिटल इंडिया और चौतरफा विकास के दावों के बीच इस पंचायत की फाइलें आखिर कब तक विभागों के चक्कर काटती रहेंगी। ग्रामीणों को कब तक मरने के बाद भी एक सम्मानजनक अंतिम विदाई का अधिकार मिल पाएगा, इस पर प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है।
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    डूंगरपुर जिले की ग्राम पंचायत माथुगामडा पाल के वार्ड नंबर 6 'हरियात फला' में ग्रामीण सालों से एक अदद श्मशान घाट और उस तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क की कमी से जूझ रहे हैं। करीब 550 से अधिक की आबादी वाली इस बस्ती की यह दर्दनाक हकीकत प्रशासन की घोर उदासीनता का परिणाम है, जिसके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। हालात ऐसे हैं कि कागजों में श्मशान होते हुए भी, लोगों को अपनों की अर्थी पथरीले और दुर्गम रास्ते पर कंधों पर ले जाने को मजबूर होना पड़ता है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि श्मशान घाट और मार्ग निर्माण के प्रस्ताव पंचायत और प्रशासन के स्तर पर स्वीकृत हो चुके हैं, बावजूद इसके धरातल पर काम के नाम पर सिर्फ शून्य ही दिखाई देता है। ग्रामीणों के अनुसार, मानसून के समय स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जब श्मशान तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह फिसलन भरा हो जाता है। ऐसे में अर्थी को कंधे पर लेकर पहाड़ी दर्रों से गुजरना किसी बड़े खतरे से कम नहीं होता। हद तो तब हो जाती है जब किसी तरह ग्रामीण अंतिम संस्कार स्थल तक पहुंच भी जाएं, तो खुले आसमान के नीचे शेड न होने के कारण बारिश थमने का घंटों इंतजार करना पड़ता है।

यह गंभीर सवाल उठता है कि डिजिटल इंडिया और चौतरफा विकास के दावों के बीच इस पंचायत की फाइलें आखिर कब तक विभागों के चक्कर काटती रहेंगी। ग्रामीणों को कब तक मरने के बाद भी एक सम्मानजनक अंतिम विदाई का अधिकार मिल पाएगा, इस पर प्रशासन की चुप्पी चिंताजनक है।
    user_Bharat Pandya भरत पंड्या
    Bharat Pandya भरत पंड्या
    डूंगरपुर, डूंगरपुर, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया। शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
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    राज्य सरकार द्वारा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चिकारड़ा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर अपने अपेक्षित परिणाम देने में विफल रहा। शिविर में विभिन्न विभागों की उपस्थिति और समस्याओं के निराकरण के दावों के बावजूद, ग्रामीणों द्वारा उठाए गए कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे ही रह गए। प्रमुख समस्याओं में वर्षों से लंबित नालियों की सफाई, सड़क निर्माण, गंदगी और चारागाह व सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण शामिल थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा नालियों से अतिक्रमण हटाने और सफाई के दावे सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया और ग्राम विकास अधिकारी मनोज मेघवाल के मौके पर निरीक्षण करने पर झूठे पाए गए, जिससे अधिकारियों ने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी देने को गंभीरता से लिया।

शिविर में लगभग 35 से 40 आवेदन और प्रकरण पंजीकृत हुए, जिनमें से अधिकांश में केवल औपचारिक कार्रवाई ही हुई, जबकि कई मामले लंबित छोड़ दिए गए। पट्टों से संबंधित अधिकांश आवेदन भी लंबित रहे। सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि शिविर में कोई भी ऐसा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद नहीं था जो मौके पर ठोस निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान कर सके; उपखंड अधिकारी, तहसीलदार और विकास अधिकारी स्तर के अधिकारियों की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार भूपेंद्र वसी और सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया ने व्यवस्थाओं और कार्यवाही की जिम्मेदारी संभाली। सड़क जैसी मूलभूत समस्या से जुड़े मामलों के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का कोई अधिकारी या प्रतिनिधि शिविर में उपस्थित नहीं था, जो ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा, खासकर चिकारड़ा जैसे बड़े क्षेत्र में जहाँ सड़क, बिजली और पेयजल प्रमुख समस्याएँ हैं।

ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि जब ग्राम पंचायत आबादी क्षेत्र और चारागाह भूमि पर अतिक्रमण हटाने में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाती, तो यह व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। उनका कहना था कि जिन शिविरों में जिला कलक्टर स्वयं उपस्थित होती हैं, वहाँ अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहते हैं और समस्याओं का समाधान मौके पर ही होता है, जबकि अन्य शिविरों में कई विभागों के अधिकारी अपेक्षित गंभीरता और मुस्तैदी नहीं दिखाते, जिससे अनेक समस्याएँ लंबित रह जाती हैं। शिविर स्थल पर भीषण गर्मी के बावजूद पेयजल, कूलर और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था न होने से ग्रामीण बेहाल रहे; प्रचार-प्रसार की कमी के कारण भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों को जानकारी नहीं मिल पाई। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड का सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय वर्षों से बंद पड़े होने का मुद्दा भी उठाया गया, जबकि आयुर्वेद और एलोपैथिक विभाग के कार्मिकों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सक्रियता दिखाते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
    user_पवन अग्रवाल
    पवन अग्रवाल
    Local News Reporter डूंगला, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे। लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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    उदयपुर जिले के बाघपुरा थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। लगातार मिल रहे दबाव और धमकियों से परेशान होकर एक दंपती ने जहरीला पदार्थ खा लिया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक युवक लंबे समय से महिला को परेशान कर रहा था। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया है कि आरोपी शादी से पहले से ही उसका पीछा कर रहा था और शादी के बाद भी उसे फोन कॉल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा। आरोप है कि वह अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर महिला पर लगातार दबाव बना रहा था। परिजनों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महिला के पति के साथ मारपीट भी की थी। उस समय शिकायत के बावजूद कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले और बढ़ गए थे।

लगातार मिल रही धमकियों और बढ़ते मानसिक तनाव के कारण दंपती ने रविवार को यह कदम उठाया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि महिला के बयान, परिजनों के आरोपों और पूर्व शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना पर आक्रोशित ग्रामीणों ने महिलाओं और युवतियों को ब्लैकमेल करने वाले ऐसे आरोपियों के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Lake City News Rajasthan
    Lake City News Rajasthan
    Journalist बड़गाँव, उदयपुर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • आरजे27 उदयपुर के पास देबारी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।
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    आरजे27 उदयपुर के पास देबारी रोड पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ है।
    user_Pushkr Pushk r rawat
    Pushkr Pushk r rawat
    Farmer कुराबाद, उदयपुर, राजस्थान•
    13 hrs ago
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