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झुंझुनूं जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर मनाया 116वां कोरप्स डे, पूर्व सैनिकों ने शहीदों को किया याद
Amit Sharma
झुंझुनूं जिला मुख्यालय स्थित शहीद स्मारक पर मनाया 116वां कोरप्स डे, पूर्व सैनिकों ने शहीदों को किया याद
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- झुंझुनू में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, दिनभर चली पूजा-अर्चना झुंझुनू। महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर सोमवार को शहर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों की कतारों में खड़े नजर आए। दिनभर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा। शहर के प्रसिद्ध रानी सती मंदिर परिसर स्थित शिवालय सहित विभिन्न शिव मंदिरों में विशेष सजावट की गई। बावलियो बगीची, पांडे जी का मंदिर, जोशियो कुटिया सहित कई मंदिरों को फूल-मालाओं, रंग-बिरंगी रोशनी और ध्वज-पताकाओं से आकर्षक रूप दिया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि के अवसर पर कई मंदिरों में अखंड रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। महिलाओं और युवतियों ने व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की तथा परिवार की मंगलकामना की। मंदिरों में भजन-कीर्तन और शिव स्तुति का दौर देर रात तक चलता रहा। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन समितियों और स्थानीय प्रशासन ने व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए। कतारबद्ध दर्शन, पेयजल और सुरक्षा की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण और भीड़ नियंत्रण में सहयोग किया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर का धार्मिक वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर और रात्रि जागरण कर भगवान शिव की आराधना की तथा क्षेत्र में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। महाशिवरात्रि पर उमड़ी आस्था ने झुंझुनू में शिवभक्ति का अनूठा दृश्य प्रस्तुत किया।1
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- Post by Manoj kumar(Jangir satring)1
- नशा मुक्त चूरू अभियान को साकार कर रहा प्रदेश सरकार से अनुदानित जिला मुख्यालय पर संचालित शिवम् नशामुक्ति केन्द्र, बेहतरीन प्रबंधन के साथ विशेषज्ञ सेवाएं, अब तक 91 लोगों को नशे से मिली निजात* चूरू, 15 फरवरी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राजस्थान को नशामुक्त प्रदेश बनाने के लिए संकल्पित प्रयास कर रही है। इन्हीं प्रयासों के क्रम में जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में चूरू जिले को नशामुक्त बनाने के लिए 'नशामुक्त चूरू अभियान' चलाया जा रहा है। नशामुक्त चूरू अभियान को साकार करने की दिशा में प्रदेश सरकार से अनुदानित व जिला मुख्यालय पर एलएन मेमोरियल चेरिटेबल ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित शिवम् नशामुक्ति केन्द्र बेहतरीन प्रयास कर रहा है। केन्द्र में सुव्यवस्थित प्रबंधन, सकारात्मक वातावरण एवं निरंतर निगरानी के चलते अब तक 91 व्यक्तियों को नशे की गिरफ्त से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। *प्रदेश सरकार कर रही सहायता* नशा मुक्ति अभियान में प्रदेश सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से नशामुक्ति केन्द्रों को अनुदान दिया जा रहा है। शिवम् नशामुक्ति केन्द्र को प्रदेश सरकार की ओर से आवश्यक इन्फ्रा व मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए 03 लाख 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है तथा केन्द्र पर आने वाले मरीजों की देखभाल हेतु प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 120 रुपये की सहायता दी जा रही है। *बेहतरीन प्रबंधन के साथ विशेषज्ञ सेवाएं* केन्द्र पर चिकित्सा सुविधा, योग व ध्यान, शारीरिक व्यायाम, रहने व भोजन सहित बेहतरीन प्रबंधित सुविधाओं के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षित काउंसलर्स की सेवाओं के माध्यम से नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों का उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास किया जा रहा है। नशामुक्ति केन्द्र में अनुभवी चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार सुविधा, प्रशिक्षित काउंसलर्स द्वारा व्यक्तिगत एवं समूह परामर्श, सुरक्षित एवं स्वच्छ आवासीय व्यवस्था, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन की व्यवस्था, योग, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य सत्र, व्यवहार सुधार एवं व्यक्तित्व विकास गतिविधियां, पुनर्वास एवं फॉलो-अप परामर्श सुविधा सहित गुणवत्तापूर्ण भोजन व आवासीय सुविधा पूर्णतया नि: शुल्क उपलब्ध है। केन्द्र में महिलाओं व पुरूषों हेतु अलग— अलग शौचालय व आवास सुविधा उपलब्ध है। केन्द्र में उपचार के साथ-साथ मरीजों को मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया जाता है, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ नया जीवन प्रारंभ कर सकें। *उन्नत चिकित्सा सुविधाएं* डॉ महेश शर्मा ने बताया कि केन्द्र में नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों के समुचित उपचार हेतु व्यापक एवं व्यवस्थित चिकित्सा प्रबंधन उपलब्ध है। केन्द्र में आने वाले व्यक्तियों का प्रारंभिक मेडिकल स्क्रीनिंग कर भर्ती के समय सम्पूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण, रक्तचाप, शुगर, लीवर फंक्शन आदि की जांच की जाती है। इसके बाद चिकित्सकीय निगरानी में सुरक्षित रूप से शरीर से नशे के दुष्प्रभावों को समाप्त करने (डिटॉक्सिफिकेशन) की प्रक्रिया की जाती है। इसी के साथ 24x7 प्रशिक्षित स्टाफ व चिकित्सकीय निगरानी में निरंतर स्वास्थ्य मॉनीटरिंग की जाती है। मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य को देखते हुए मनोचिकित्सक एवं मनोवैज्ञानिक द्वारा तनाव, अवसाद, चिंता एवं व्यवहार संबंधी समस्याओं का उपचार किया जाता है और किसी भी जटिल स्थिति से निपटने के लिए त्वरित आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाती है। उपचार के बाद पुनः नशे की ओर वापसी रोकने हेतु व्यक्तिगत योजना एवं फॉलो-अप भी लिया जाता है। *उल्लेखनीय उपलब्धियां* सुव्यवस्थित चिकित्सा प्रबंधन, सकारात्मक वातावरण एवं पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से केन्द्र अब तक 91 व्यक्तियों को नशे की लत से मुक्त कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ चुका है। ट्रस्ट के सचिव सागर शर्मा ने बताया कि उपचार के दौरान मरीजों के शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। इन 91 व्यक्तियों में 89 पुरूष तथा 02 महिलाएं शामिल हैं। अधिकांश मरीज शराब, गुटखा व धूम्रपान से ग्रस्त थे। नशामुक्ति केंद्र से लाभान्वित चूरू के वार्ड नंबर 47 निवासी 25 वर्षीय राज ने केंद्र की व्यवस्थाओं के प्रति संतुष्टि जाहिर करते हुए प्रदेश सरकार के नशामुक्ति अभियान की सराहना की है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि उनके परिवार, परिवेश में नशे की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को नशामुक्ति केन्द्र तक पहुंचाकर उपचार का लाभ दिलाएं और चूरू को नशामुक्त बनाने के इस जन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।3
- Post by Vedprakash kalwa1
- Post by Pandit Munna Lal Bhargav1
- झुंझुनू में कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ, 21 फरवरी तक चलेगा महोत्सव झुंझुनू, 15 फरवरी। शहर के विवेक नगर क्षेत्र में रविवार को श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। विनोद कुमार पुजारी परिवार के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय कथा 15 से 21 फरवरी तक चलेगी। प्रथम दिवस पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाओं व भक्तों की उपस्थिति में धार्मिक वातावरण उत्साहपूर्ण बना रहा। आयोजकों के अनुसार कलश यात्रा का शुभारंभ श्रीहनुमान मंदिर (डिफेंस स्कूल के पीछे, न्यू कॉलोनी के पास) से किया गया, जो गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और प्रभातफेरी के साथ कथा स्थल विवेक नगर पहुंची। यात्रा में प्रभातफेरी परिवार के सदस्यों सहित सैकड़ों श्रद्धालु महिलाओं ने कलश धारण कर भाग लिया। मार्ग में भक्तों ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर श्रद्धा व्यक्त की। कथा के प्रथम दिवस पर व्यासपीठ से कथा वाचक संत श्री हरिशरण जी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने जीवन में धर्म, भक्ति और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बन गया। मुख्य आयोजक विनोद कुमार पुजारी ने बताया कि झुंझुनू शहर के अतिरिक्त दूर-दराज क्षेत्रों से आए भगवत प्रेमी, परिवारजन व रिश्तेदार कथा सत्संग का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन प्रातः 5 बजे संत हरिशरण जी महाराज के अमृत प्रवचन, प्रार्थना सभा तथा प्रभातफेरी का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भागीदारी देखी जा रही है। कथा सत्संग की व्यवस्था व सेवा कार्यों में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु सक्रिय सहयोग कर रहे हैं। इनमें दिनेश ढंढारिया, कुंदन सिंगडोदिया, कुंजबिहारी वशिष्ठ, सुमन वशिष्ठ, शशि वशिष्ठ, निर्मला ढंढारिया, परमेश्वर हलवाई, सुभाष जालान, निर्मल मोदी, श्रवण केजड़ीवाल, डॉ. डी.एन. तुलस्यान, प्रदीप पाटोदिया, रुपेश तुलस्यान, शिवचरण पुरोहित, सुरेंद्र कुमार शर्मा, गोपाल कृष्ण गुप्ता, आचार्य पं. विकेश शर्मा, भूपेंद्र शर्मा, गोविंद पुजारी, कपिल पुजारी, रोहित पुजारी, कलश कुमावत, लक्ष्मीकांत अग्रवाल, मुरारी जांगिड़, राजेंद्र शर्मा, सुनील शर्मा, मुकेश शर्मा, रामचंद्र पाटोदा, विजय कुमार शर्मा, विकास शर्मा, कुरड़ाराम, सुरेंद्र एडवोकेट, उदित शर्मा, जीतू जांगिड़, अनिल कटेवा, रामगोपाल शर्मा, लोकेश तेतरवाल, हेमंत सोनी सहित प्रभातफेरी परिवार के सदस्य शामिल हैं। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शेष दिनों में कथा महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें। सात दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के समापन पर विशेष पूजा-अर्चना एवं प्रसादी वितरण का भी कार्यक्रम निर्धारित है।1