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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता की झांसी पहुंचकर
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस वार्ता की झांसी पहुंचकर
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- #MP : दतिया जिले की सेवढ़ा विधानसभा आगमन और सिंध नदी सेतु उदघाटन पर क्या कुछ बोली आम पब्लिक? देखें पूरा वीडियो पूरे 5 साल लग एक पुल तैयार होने में , क्या है जनता की राय? देखें पूरा वीडियो #भाजपा #पब्लिक #जनता #datia #mohanyadav #विकास1
- वसूली मामले में फरार गिरफ्तारी वारन्टी को गोंदन पुलिस ने तेन्डोंत रोड हनुमान मंदिर के पास से किया गिरफ्तार, मेडीकल के लिए लाया गया भांडेर अस्पताल1
- दतिया ब्रेकिंग भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें। दतिया जिले में सामने से मामला न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह भावनात्मक कहानी सुनाकर लोगों की सहानुभूति का फायदा उठाया जा सकता है। क्या है पूरा मामला? इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक ने खुद को शिलांग (मेघालय) का सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताकर पुलिस और प्रशासन से आर्थिक मदद ली। युवक ने अपना नाम मोहित महाजन पुत्र अशोक महाजन बताया, लेकिन वह कभी खुद को पंजाब के गुरदासपुर का तो कभी शिलांग का निवासी बताता रहा। नींद की गोली और बैग चोरी की कहानी युवक ने पुलिस को बताया कि वह दतिया से इंदरगढ़ बस में बैठा था। रास्ते में उसने दवा खा ली, जिससे उसे नींद आ गई और इसी दौरान उसका बैग चोरी हो गया। बैग में लैपटॉप, मोबाइल, कपड़े, आधार कार्ड और एचडीएफसी व एसबीआई के एटीएम कार्ड होने की बात कही। उसने खुद को असहाय बताते हुए पैसों की मांग की। लेकिन जांच में सामने आया कि इससे पहले वह: एसपी कार्यालय पहुंच चुका था और एएसपी को ट्रेन में बैग गुम होने की कहानी सुना चुका था। तहसील कार्यालय में भी मदद मांग चुका था। कुछ वकीलों से भी पैसे ले चुका था। हर जगह कहानी लगभग एक जैसी थी, बस घटनास्थल कभी ट्रेन तो कभी बस बताया गया। पुलिस को ऐसे हुआ शक इंदरगढ़ थाना प्रभारी टीआई गौरव शर्मा को तहसील से फोन आया कि एक युवक मदद के लिए भेजा गया है, जो खुद को शिलांग का इंजीनियर बता रहा है। अलग-अलग जगहों पर एक जैसी कहानी सामने आने से पुलिस को शक हुआ और युवक को हिरासत में ले लिया गया। आधार जांच में भी नहीं मिली पहचान पहचान पुख्ता करने के लिए आधार सेंटर में फिंगरप्रिंट जांच कराई गई, लेकिन उंगलियों के निशान दर्ज नहीं हो पाए। आंखों की स्कैनिंग से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। युवक ने यह भी कहा कि उसे कम दिखाई देता है। भावनात्मक पृष्ठभूमि का सहारा पूछताछ में उसने बताया कि उसके पिता ने दो शादियां की थीं। मां और पिता की मृत्यु के बाद वह सौतेली मां से अलग रहता है। अविवाहित और अकेला होने की कहानी सुनाकर उसने सहानुभूति बटोरने की कोशिश की। अंत में उसने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसा न करने का आश्वासन दिया। आगे की कार्रवाई फिलहाल पुलिस ठोस दस्तावेज न मिलने के कारण उसे शिलांग भेजने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी बड़े ठगी गिरोह का हिस्सा है या अकेले ही इस तरह लोगों को झांसा देता रहा। यह मामला प्रशासन के लिए भी एक सीख है कि सहानुभूति के आधार पर मदद देने से पहले पहचान की पुख्ता जांच जरूरी है। वहीं आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि भावनात्मक कहानियों के जाल में फंसकर ठगी का शिकार न बनें।1
- विवादित फिल्म “यादव जी की लव स्टोरी” को लेकर यादव समाज में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार में समाज की छवि को आपत्तिजनक तरीके से पेश किए जाने के आरोप लगाते हुए अखिल भारतवर्षीय युवा यादव महासभा के बैनर तले यादव समाज ने शुक्रवार दोपहर साढ़े 12 बजे न्यू कलेक्ट्रेट पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर लोकेंद्र सरल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि, फिल्म का कंटेंट और उसका प्रचार यादव समाज को एक विशेष नजरिए में दिखाता है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। समाज के लोगों का कहना है कि यादव समाज का इतिहास राष्ट्रनिर्माण, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा रहा है।ऐसे में इस तरह की प्रस्तुति से समाज की गरिमा पर आंच आती है। युवा यादव महासभा के जिला अध्यक्ष सिंहरन यादव (सोनू) ने बताया कि समाज किसी तरह का टकराव नहीं चाहता, लेकिन सम्मान से कोई समझौता भी स्वीकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक लगाई जाए और पूरे मामले की गंभीरता से जांच हो, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे समाज में असंतोष और तनाव का माहौल बन सकता है। यादव समाज ने इस विषय को व्यापक स्तर पर उठाने और फिल्म पर राष्ट्रीय स्तर पर रोक लगाए जाने की मांग भी रखी। ज्ञापन सौंपने के दौरान यादव समाज के पदाधिकारी और समाजजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे। समाज ने साफ शब्दों में कहा कि वह रचनात्मक अभिव्यक्ति के खिलाफ नहीं है, लेकिन किसी भी समाज की पहचान और सम्मान के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- झांसी,, करगुंवा जैन मंदिर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार अखलेश यादव जी दर्शन कर पूर्व केंद्रीय मंत्री आदरणीय प्रदीप जैन आदित्य जी के पूज्य पिताजी मुनि श्री विष्णु सागर जी के समता पूर्वक समाधि मरण पर बिन्यांजली अर्पित की,,,,1
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