उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई, त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश गुमला:जिला समाहरणालय परिसर में आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्रखंड बिशुनपुर अंतर्गत ग्राम चिंगारी से आए टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के स्मारक स्थल के सुंदरीकरण एवं श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु अतिथि गेस्ट हाउस निर्माण की मांग प्रस्तुत की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में टाना भगत समुदाय द्वारा कृषि कार्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, ट्रॉली, सिंचाई पंपसेट तथा अन्य कृषि यंत्रों के वितरण से संबंधित मांग भी रखी गई। उपायुक्त ने कृषि विभाग को इस संबंध में योजनानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राजस्व, निबंध एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक आवेदन में आवेदक द्वारा पूर्व में निर्गत पत्र के आलोक में लंबित जांच/कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने एवं कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रखंड बिशुनपुर के ग्राम नरमा की उर्शिला कुमारी द्वारा राशन कार्ड में पुत्री का नाम जोड़ने में हो रही देरी के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। प्रखंड सिसई अंतर्गत ग्राम बानपुर पानीलता के सुरेश उराँव द्वारा आवास निर्माण हेतु भूमि पर अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड कामडारा के ग्राम कोटवो के आनंद मसीह तोपनो, अंजुल तोपनो एवं बिनोद तोपनो द्वारा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बसिया न्यायालय में लंबित S.A.R. वादों के निष्पादन में विलंब की समस्या रखी गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को वादों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन एवं आदेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अन्य आवेदकों द्वारा भी पेंशन, जन वितरण प्रणाली, राजस्व मामलों एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
उपायुक्त की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस आयोजित विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों की समस्याओं पर सुनवाई, त्वरित समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देश गुमला:जिला समाहरणालय परिसर में आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्रखंड बिशुनपुर अंतर्गत ग्राम चिंगारी से आए टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के स्मारक स्थल के सुंदरीकरण एवं श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु अतिथि गेस्ट हाउस निर्माण की मांग प्रस्तुत की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में टाना भगत समुदाय द्वारा कृषि कार्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, ट्रॉली, सिंचाई पंपसेट तथा अन्य कृषि यंत्रों के वितरण से संबंधित मांग भी रखी गई। उपायुक्त ने कृषि विभाग को इस संबंध में योजनानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राजस्व, निबंध एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक आवेदन में आवेदक द्वारा पूर्व में निर्गत पत्र के आलोक
में लंबित जांच/कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने एवं कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रखंड बिशुनपुर के ग्राम नरमा की उर्शिला कुमारी द्वारा राशन कार्ड में पुत्री का नाम जोड़ने में हो रही देरी के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। प्रखंड सिसई अंतर्गत ग्राम बानपुर पानीलता के सुरेश उराँव द्वारा आवास निर्माण हेतु भूमि पर अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड कामडारा के ग्राम कोटवो के आनंद मसीह तोपनो, अंजुल तोपनो एवं बिनोद तोपनो द्वारा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बसिया न्यायालय में लंबित S.A.R. वादों के निष्पादन में विलंब की समस्या रखी गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को वादों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन एवं आदेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अन्य आवेदकों द्वारा भी पेंशन, जन वितरण प्रणाली, राजस्व मामलों एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
- गुमला:जिला समाहरणालय परिसर में आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में साप्ताहिक जन शिकायत निवारण दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं दूर-दराज क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याओं एवं मांगों को उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया। उपायुक्त ने सभी आवेदनों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं न्यायसंगत समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। जन शिकायत निवारण दिवस के दौरान प्रखंड बिशुनपुर अंतर्गत ग्राम चिंगारी से आए टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधियों द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जतरा टाना भगत के स्मारक स्थल के सुंदरीकरण एवं श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु अतिथि गेस्ट हाउस निर्माण की मांग प्रस्तुत की गई। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को प्रस्ताव का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी क्रम में टाना भगत समुदाय द्वारा कृषि कार्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ट्रैक्टर, ट्रॉली, सिंचाई पंपसेट तथा अन्य कृषि यंत्रों के वितरण से संबंधित मांग भी रखी गई। उपायुक्त ने कृषि विभाग को इस संबंध में योजनानुसार परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राजस्व, निबंध एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित एक आवेदन में आवेदक द्वारा पूर्व में निर्गत पत्र के आलोक में लंबित जांच/कार्यवाही की अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभाग को शीघ्र अद्यतन स्थिति उपलब्ध कराने एवं कार्रवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया। प्रखंड बिशुनपुर के ग्राम नरमा की उर्शिला कुमारी द्वारा राशन कार्ड में पुत्री का नाम जोड़ने में हो रही देरी के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को मामले का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि लाभार्थी को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। प्रखंड सिसई अंतर्गत ग्राम बानपुर पानीलता के सुरेश उराँव द्वारा आवास निर्माण हेतु भूमि पर अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित अंचलाधिकारी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रखंड कामडारा के ग्राम कोटवो के आनंद मसीह तोपनो, अंजुल तोपनो एवं बिनोद तोपनो द्वारा भूमि सुधार उपसमाहर्ता, बसिया न्यायालय में लंबित S.A.R. वादों के निष्पादन में विलंब की समस्या रखी गई। उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारी को वादों की समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन एवं आदेश उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त अन्य आवेदकों द्वारा भी पेंशन, जन वितरण प्रणाली, राजस्व मामलों एवं आधारभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं प्रस्तुत की गईं, जिन पर उपायुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जन शिकायत निवारण दिवस के माध्यम से जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान हेतु एक प्रभावी एवं सुलभ मंच उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।2
- चैनपुर थाना क्षेत्र के रामपुर के समीप सोमवार शाम लगभग 6:00 बजे हुए एक सड़क हादसे ने स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही को उजागर कर दिया है। इस हादसे में ऑटो चालक वाल्टर रंजीत एक्का (62) की दर्दनाक मौत हो गई। हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल पहुंचने के बाद भी न तो उन्हें समय पर इलाज मिल सका और न ही उनकी मौत की पुष्टि के लिए कोई डॉक्टर मौजूद था।1
- सफी नदी पुल से नीचे गिरा ऑटो, चालक की मौके पर मौत तीन घायल, चैनपुर अस्पताल की व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल चैनपुर (गुमला) : चैनपुर मुख्यालय क्षेत्र स्थित सफी नदी पुल के समीप सोमवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में ऑटो चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ऑटो में सवार अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी यात्री चैनपुर से अपने घर की ओर ऑटो से जा रहे थे। जैसे ही वाहन सफी नदी पर बने पुल के पास पहुंचा, अचानक ऑटो का संतुलन बिगड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की गति अचानक तेज हो गई और चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया, जिससे ऑटो पुल से नीचे जा गिरा। दुर्घटना का दृश्य अत्यंत भयावह बताया जा रहा है। इस हादसे में ऑटो चालक रंजीत एक्का, पिता जवाकिम एक्का, उम्र लगभग पैंसठ वर्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं ऑटो में सवार ज्योति उरांव, पति मिलयानुष उरांव, निवासी डोका पाठ गंभीर रूप से घायल हो गईं। इसके अलावा अनूप टोप्पो, पिता राजेश टोप्पो तथा अणिमा एक्का, पिता स्वर्गीय विजय एक्का भी घायल हुए हैं। घायल ज्योति उरांव ने बताया कि सभी लोग सामान्य रूप से घर लौट रहे थे, तभी पुल के ऊपर अचानक ऑटो का हैंडल मुड़ गया और वाहन सीधे नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से मृतक एवं घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चैनपुर लाया गया, जहां घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही चैनपुर उप प्रमुख प्रमोद खलखो अस्पताल पहुंचे। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों की अनुपस्थिति देखकर उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना होने के बावजूद अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चालक की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी, तो उसकी आधिकारिक पुष्टि करने के लिए डॉक्टर उपलब्ध क्यों नहीं थे और मरीजों को तुरंत गुमला रेफर करने की स्थिति क्यों बनती है। उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने आरोप लगाया कि चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगभग तीन प्रखंडों की जनता निर्भर है, लेकिन यहां आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था कमजोर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में अधिकांश कार्य सीएचओ के भरोसे चल रहा है, जबकि गंभीर मामलों में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कागजी दावों और सोशल मीडिया प्रचार से स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत नहीं हो सकती, जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं दिखा है। ग्रामीणों के अनुसार मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें बाहर रेफर कर दिया जाता है, जिससे समय और जीवन दोनों पर खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में पूछे जाने पर चैनपुर चिकित्सा प्रभारी डॉ. दीपशिखा किंडो ने दूरभाष पर बताया कि उस दिन स्वास्थ्य विभाग का एक कार्यक्रम केरागनी क्षेत्र में संचालित हो रहा था, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मी वहां व्यस्त थे। हालांकि घटना के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।1
- चैनपुर : चैनपुर थाना क्षेत्र के साफी नदी (रामपुर) के पास आज एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित होकर एक ऑटो नदी के पुल के डिवाइडर में जा फंसा। इस भीषण टक्कर में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।1
- गुमला जिला के खोरा गांव की एक 13 वर्षीय बच्ची के 2018 से लापता मामले(वर्तमान आयु 21 वर्ष) पर कल हाईकोर्ट के द्वारा डीजीपी व गुमला एसपी से जांच रिपोर्ट की मांग की। वही पुलिस अनुसंधान में अभी तक बच्ची का पता नही चलने पर कोर्ट ने जांच की वर्तमान स्थिति पर सवाल उठाते हुए तेजी से परिणाम लाने का निर्देश दिया था। साथ ही दो सप्ताह के भीतर जांच में कोई ठोस प्रगति नही होने पर केस की जांच सीबीआई को सौंपने की बात कही। हाईकोर्ट के द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद आज राज्य की डीजीपी गुमला पहुंची और सर्किट हाउस में पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अभी तक किये गये अनुसंधानों की समीक्षा की। साथ ही लापता बच्ची के परिजनों को भी बुलाकर करीब 2 घंटे तक उनसे बंद कमरे में पूरी जानकारी ली गयी। डीजीपी ने कहा कि पुलिस के द्वारा लापता बच्ची के केश में काफी मेहनत की गई है। लंबे समय से लोग लगे है लेकिन अभी तक कोई खास जानकारी नही मिल पाई है। पुलिस के द्वारा फिर से पूरे केस का रिव्यू कराया जा रहा है। इससे पूर्व सर्किट हाउस पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बाइट, तदाशा मिश्रा, डीजीपी, झारखंड।2
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- गुमला: उपायुक्त गुमला दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता मे सोमवार को समाहरणालय सभागार में एक उच्च स्तरीय जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विगत वित्तीय वर्ष की लंबित योजनाओं/परियोजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति तथा चालू वित्तीय वर्ष के लिए प्रस्तावित विकासात्मक कार्यों के विस्तृत रोडमैप पर व्यापक समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विभागवार प्रगति प्रतिवेदन एवं लक्ष्य प्राप्ति की रणनीति पर भी चर्चा की गई। लगभग 5 घंटे की बैठक में उपायुक्त द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया एवं आगे की कार्य योजनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित रूप से पहुंचे। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जाकर योजनाओं का धरातलीय निरीक्षण करने तथा प्रखंडवार समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही प्रत्येक गांव की आवश्यकताओं का आकलन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। शिक्षा के क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने तथा बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को अपने अधीनस्थों के साथ नियमित बैठक कर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। आंगनवाड़ी केंद्रों में भी बच्चों की आधारभूत शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया गया। किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित करते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सामूहिक खेती एवं पशुपालन से जुड़े किसानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया गया। उद्यान विभाग को मशरूम उत्पादन हेतु इच्छुक किसानों को प्रोत्साहित करने तथा सहकारिता विभाग को लाह की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए। भूमि संरक्षण के अंतर्गत जरूरतमंद लाभुकों को तालाब निर्माण योजनाओं से जोड़ते हुए मत्स्य पालन को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद को शहरी क्षेत्र में सौंदर्यीकरण, फॉगिंग, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति तथा नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। डेली मार्केट क्षेत्र में पार्क निर्माण एवं टावर चौक के सौंदर्यीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। स्वास्थ्य क्षेत्र में सदर अस्पताल में सुधार कार्यों को निरंतर जारी रखने तथा आयुष्मान कार्ड निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने, जलमीनार निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने तथा जल स्रोतों की साफ-सफाई कराने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त विद्युत, लघु सिंचाई, आपूर्ति, पंचायती राज, परिवहन, खनन, जिला योजना एवं खेल विभाग सहित अन्य विभागों की भी विस्तृत समीक्षा की गई तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित अधिकारीगण: उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, निदेशक डीआरडीए, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी (गुमला, बसिया, चैनपुर), भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, राज्य कर आयुक्त, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, अवर निबंधक, जिला योजना पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, जिला नजारत उप-समाहर्त्ता सह जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, , कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कोषागार पदाधिकारी, अधीक्षक उत्पाद सहित विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।1