मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड की परसौनी दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिली है। पंचायत में अब एम्बुलेंस सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है, साथ ही एक नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि शाहिद हुसैन की पहल से यह संभव हो पाया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। इस महत्वपूर्ण पहल के कारण मरीजों को इलाज के लिए अब दूर-दराज के अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस सेवा भी तत्काल मुहैया होगी, जिससे लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाएगी। इस कदम को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड की परसौनी दक्षिणी पंचायत के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर एक बड़ी सौगात मिली है। पंचायत में अब एम्बुलेंस सेवा विधिवत शुरू कर दी गई है, साथ ही एक नए स्वास्थ्य उपकेंद्र का भी उद्घाटन किया गया है। मुखिया प्रतिनिधि शाहिद हुसैन की पहल से यह संभव हो पाया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं अपने ही पंचायत क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेंगी। इस महत्वपूर्ण पहल के कारण मरीजों को इलाज के लिए अब दूर-दराज के अस्पतालों तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में एम्बुलेंस सेवा भी तत्काल मुहैया होगी, जिससे लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल पाएगी। इस कदम को ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है, जो क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर, बाबूबरही विधानसभा क्षेत्र में एक सामूहिक योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में बाबू बरही के जिला पार्षद और भाजपा के वरिष्ठ नेता रणधीर खन्ना ने देवतुल्य जनता और कार्यकर्ताओं के साथ योग करने का सौभाग्य प्राप्त किया। रणधीर खन्ना ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस सामूहिक योग शिविर में भाग लेकर लोगों को योग के प्रति प्रेरित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योग केवल एक व्यायाम मात्र नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा को आपस में जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण विज्ञान है।3
- मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड अंतर्गत पतौना थाना क्षेत्र के परसौनी गांव में शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक लड़की लगभग 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस व प्रशासन को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम ने घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, लड़की ने यह गंभीर कदम पारिवारिक विवाद और डांट-फटकार से आहत होकर उठाया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और लड़की की उचित काउंसलिंग भी कराई जा रही है।1
- बिहार के मधुबनी जिले में बिस्फी थाना क्षेत्र के ईटहरवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मृतका के पति के कथित प्रेम संबंधों को भी इस हत्या की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।1
- दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।1
- यह जानकारी दी गई है कि पूरे बिहार राज्य में एक जैसी खराब स्थिति बनी हुई है। पोस्ट में लोगों से विशेष रूप से मधुबनी जिले के मौजूदा हालात पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जो इस बदहाली का एक स्पष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- कमलावाड़ी फिजिकल एकेडमी ने जयनगर के कमलाबारी में सेना एवं सुरक्षा बलों में चयनित युवाओं के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्तियों और समाजसेवियों ने भाग लिया। समारोह में भारतीय सुरक्षा बलों में चयनित हुए विजय कुमार, रविंद्र कुमार, शंभू कुमार और केशव किशोर को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मुख्य अतिथि के रूप में अजय सिंह, रामचंद्र मंडल, शिवकुमार यादव और संतोष कुमार शर्मा उपस्थित रहे, जिन्हें पारंपरिक पाक-दुपट्टा देकर सम्मानित किया गया। अकादमी के सहायक ट्रेनर गौड़ी कुमार, जितेंद्र कुमार और आयुष कुमार ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुख्य ट्रेनर मनीष कुमार, प्रवीण कुमार और सुरेश कुमार ने चयनित युवाओं की मेहनत और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और समर्पण से ही सफलता मिलती है। उपस्थित लोगों ने चयनित युवाओं का उत्साह बढ़ाया और अकादमी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के युवाओं को सेना एवं सुरक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम का माहौल उत्साह और गौरव से भरा रहा, जिसमें मुकेश, राकेश, मनोज सहित कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।4
- मधुबनी पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने नीट परीक्षा को लेकर पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं कि किसी भी स्थिति में कदाचार न हो। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि नीट परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम कर लिए गए हैं।1
- दरभंगा में मदरसा से चार नाबालिग छात्रों को बरामद किया गया है, जिसके बाद मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर के खिलाफ अशोक पेपर मिल थाना में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बहादुरपुर थाना के दारोगा अबुजर हुसैन अंसारी के आवेदन पर की गई। दारोगा ने बताया कि एपीएम थाना क्षेत्र के बलुआहा गांव के मदरसा में इन चारों नाबालिग छात्रों के पैरों में लोहे की जंजीरें ताला लगाकर बांधी गई थीं। ये छात्र मौका पाकर मदरसा से भाग निकले और बहादुरपुर थाना क्षेत्र के सिनुआड़ा गांव पहुंच गए, जहाँ स्थानीय लोगों ने उन्हें देखकर बहादुरपुर थाना को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस गांव पहुंची, बच्चों को अपने कब्जे में लिया, उनके पैरों से ताले और जंजीरें खोलीं, और फिर उन्हें बाल सुधार गृह में भेज दिया। बच्चों ने पूछताछ में बताया कि मदरसा के मौलवी मोहम्मद कादिर उन्हें बुरी तरह पीटते थे और तरह-तरह की यातनाएं देते थे। उनसे शौचालय सहित मदरसा के भवन की भी सफाई करवाई जाती थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सभी को प्रताड़ित भी किया जा रहा था, और उनके बाल मुड़वा दिए गए थे। बच्चों ने यह भी बताया कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ बंधक बनाकर रखा गया था। ये सभी बच्चे मधुबनी जिला के अररिया संग्राम के रहने वाले हैं। फिलहाल, बच्चों को सिमरी थाना क्षेत्र के भराठी गांव में स्थित बाल सुधार गृह में रखा गया है। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसुंजय कुमार ने इस पूरी जानकारी की पुष्टि की है।1