चैताडीह मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के SNCU में धुआं भरने से मची अफरातफरी,नवजातों को सुरक्षित निकाला गया ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका गिरिडीह जिला के चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) में शुक्रवार को करीब साढ़े 12 बजे अचानक धुआं भर जाने से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। SNCU में धुआं भरते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और केंद्र में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद पूरे SNCU हॉल में तेजी से धुआं भर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। धुआं भरने की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के दौरान SNCU में भर्ती बच्चों के परिजन भी घबरा गए। अचानक अस्पताल के अंदर से धुआं निकलता देख लोगों में कुछ देर के लिए दहशत की स्थिति बनी रही। कर्मियों की तत्परता के कारण नवजातों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मामले को लेकर डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि SNCU में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक बताई गई है, जबकि अन्य नवजात सुरक्षित हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही नवजात बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आग और धुएं से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में बिजली व्यवस्था और शॉर्ट सर्किट के कारणों की भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में अचानक आग और धुआं भरने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां गंभीर हालत में नवजात बच्चों को रखा जाता है, जिनमें कई बच्चे ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में समय रहते निकासी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल सबसे राहत की बात यह रही कि अस्पताल कर्मियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी नवजातों को SNCU से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ और हलचल बनी रही।
चैताडीह मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के SNCU में धुआं भरने से मची अफरातफरी,नवजातों को सुरक्षित निकाला गया ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका गिरिडीह जिला के चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) में शुक्रवार को करीब साढ़े 12 बजे अचानक धुआं भर जाने से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। SNCU में धुआं भरते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और केंद्र में भर्ती
सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद पूरे SNCU हॉल में तेजी से धुआं भर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। धुआं भरने की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के दौरान SNCU में भर्ती बच्चों के परिजन भी घबरा
गए। अचानक अस्पताल के अंदर से धुआं निकलता देख लोगों में कुछ देर के लिए दहशत की स्थिति बनी रही। कर्मियों की तत्परता के कारण नवजातों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मामले को लेकर डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि SNCU में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक बताई गई है, जबकि अन्य नवजात
सुरक्षित हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही नवजात बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आग और धुएं से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में बिजली व्यवस्था और शॉर्ट सर्किट के कारणों की भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में अचानक आग और धुआं भरने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी
सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां गंभीर हालत में नवजात बच्चों को रखा जाता है, जिनमें कई बच्चे ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में समय रहते निकासी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल सबसे राहत की बात यह रही कि अस्पताल कर्मियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी नवजातों को SNCU से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ और हलचल बनी रही।
- जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में धांधली के विरोध में भाजपा का आंदोलन सीबीआई जांच एवं छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग को लेकर डीसी कार्यालय का घेराव बाबूलाल मरांडी, डॉ रविन्द्र राय समेत कई दिग्गज हुए शामिल जेपीएससी एवं जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली की सीबीआई जांच कराने तथा पूरे राज्य में छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों एवं युवाओं पर दर्ज किए गए एफआईआर को अविलंब रद्द करने की मांग को लेकर भाजपा ने शनिवार को आक्रोशपूर्ण आंदोलन एवं उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया. कार्यक्रम की शुरुआत गिरिडीह स्टेडियम से हुई. मूसलाधार बारिश क़े बीच यहां से सैंकड़ों की संख्या में युवा, विद्यार्थी एवं भाजपा कार्यकर्ता आक्रोश मार्च के रूप में समाहरणालय पहुंच उपायुक्त कार्यालय का घेराव कर छात्र हित से जुड़ी मांगों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा. इस दौरान हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लिए भाजपा कार्यकर्ता जोरदार तरीके से नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। आंदोलन का नेतृत्व झारखंड प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री सह नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, डॉ रविन्द्र राय, विधायक नागेंद्र महतो, और डॉ मंजू देवी ने किया. घेराव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद जरूरी है। कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, आंदोलन करने वाले छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेकर उन्होंने राहत देने की मांग की. घेराव कार्यक्रम क़े बाद पार्टी का एक शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम का ज्ञापन सदर एसडीएम को सौंपा. मौक़े पर पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह, जिला परिषद क़े अध्यक्ष मुनिया देवी, पूर्व विधायक लक्ष्मण स्वर्णकार, महानगर जिलाध्यक्ष रंजीत राय, ग्रामीण जिलाध्यक्ष महेन्द्र वर्मा, प्रदेश कार्यकारणी सदस्य सुरेश साव, दिलीप वर्मा,चुन्नूकांत, महादेव दुबे , सुनील पासवान, प्रकाश सेठ, मिथुन चंद्रवंशी, संजीव सिंह गुड्डू, प्रोफेसर विनीता कुमारी , संगीता सेठ,समेत सैकड़ो नेता व कार्यकर्त्ता मौजूद थे.5
- jamtara News:कुंजबोना अस्पताल के पास अशोक लेलैंड वाहन पलटा, बड़ा हादसा टला BREAKING NEWS कुंजबोना अस्पताल के पास पलटा अशोक लेलैंड, खेल सामग्री लदा वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटा, गनीमत! हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं, ऊंचाई तक सामान लदे वाहन की लोडिंग पर उठे सवाल, कुंजबोना में बड़ा हादसा टला, बाल-बाल बचे लोग, बिंदापाथर थाना क्षेत्र में सड़क हादसा।1
- दुर्गापूजा से पहले हर मोहल्ले में सफाई और दूधिया रोशनी, 700 परिवारों को मिलेगा पीएम आवास जामताड़ा। नगर पंचायत जामताड़ा की अध्यक्ष आशा गुप्ता के आवासीय कार्यालय में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। अध्यक्ष आशा गुप्ता की अगुवाई में हुई प्रेस वार्ता में अगस्त माह में नगर पंचायत की ओर से किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इस दौरान उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षद, नगर पंचायत के कर्मी और समाजसेवी तरुण गुप्ता मौजूद रहे। दुर्गापूजा से पहले हर मोहल्ले में सफाई और दूधिया रोशनी, 700 परिवारों को मिलेगा पीएम आवास जामताड़ा। नगर पंचायत जामताड़ा की अध्यक्ष आशा गुप्ता के आवासीय कार्यालय में शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। अध्यक्ष आशा गुप्ता की अगुवाई में हुई प्रेस वार्ता में अगस्त माह में नगर पंचायत की ओर से किए गए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इस दौरान उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षद, नगर पंचायत के कर्मी और समाजसेवी तरुण गुप्ता मौजूद रहे।1
- नेहा झा नहीं शराब वेजरोगरी माफिया #viral#trending #sasmtipurbihar1
- धनबाद जावेद वकील की हत्या की योजना बना रहे अपराधी को हथियार के साथ पुलिस ने दबोचा* रामगढ़ जेल में बंद अपराधी के कहने पर रेकी कर हत्या करने की योजना थी, बैंक मोड़ और भुली पुलिस ने दबोचा। एंकर -धनबाद कोर्ट में कार्यरत झरिया निवासी जावेद वकील की हत्या की योजना बना रहे ईस्ट बसुरिया के आसिफ आलम नाम के अपराधी को पुलिस ने बीती रात भुली ओपी क्षेत्र से दबोच लिया। आसिफ अपने तीन और साथियों के साथ दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर घटना को अंजाम देने जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई में तीन अपराधी भागने में कामयाब रहे और आसिफ पकड़ा गया, जिसके पास से पुलिस ने एक देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस के साथ मोबाइल फोन भी बरामद किया है। जिसमें जावेद वकील के घर और उसकी तस्वीर के साथ-साथ रेकी कर पूरा विवरण जुटाया गया था। पकड़ा गया अपराधी पूर्व में कई मामलों में जेल जा चुका है। जेल में ही आसिफ की मुलाकात मुथूट फाइनेंस डकैती कांड में बंद अपराधी से हुई थी। जावेद वकील द्वारा मोटी रकम लेकर अपराधी की मदद नहीं करने को लेकर हत्या की योजना बनाई गई थी। फिलहाल पुलिस द्वारा जावेद वकील से भी मामले को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। बाइट - प्रकाश सोय, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, धनबाद2
- धनबाद जिला के कतरास थाना अंतर्गत छाताबद में बना गोफ , लोगो मे दहशत1
- कतरास के छाताबाद काजू बगान हदहदिया में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक जमीन के भीतर एक बड़ा गोफ बन गया। गोफ बनते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी।1
- चैताडीह मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के SNCU में धुआं भरने से मची अफरातफरी,नवजातों को सुरक्षित निकाला गया ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका गिरिडीह जिला के चैताडीह स्थित मातृत्व-शिशु स्वास्थ्य केंद्र के विशेष नवजात शिशु देखभाल केंद्र (SNCU) में शुक्रवार को करीब साढ़े 12 बजे अचानक धुआं भर जाने से अस्पताल परिसर में अफरातफरी मच गई। SNCU में धुआं भरते ही अस्पताल कर्मियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मियों ने तत्काल सक्रियता दिखाई और केंद्र में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आग लगने के बाद पूरे SNCU हॉल में तेजी से धुआं भर गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। धुआं भरने की जानकारी मिलते ही अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और बिना समय गंवाए नवजातों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के दौरान SNCU में भर्ती बच्चों के परिजन भी घबरा गए। अचानक अस्पताल के अंदर से धुआं निकलता देख लोगों में कुछ देर के लिए दहशत की स्थिति बनी रही। कर्मियों की तत्परता के कारण नवजातों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मामले को लेकर डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। उन्होंने बताया कि SNCU में भर्ती सभी नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हालांकि ऑक्सीजन सपोर्ट पर रह रहे दो नवजातों की स्थिति नाजुक बताई गई है, जबकि अन्य नवजात सुरक्षित हैं। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल आवश्यक कदम उठाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। साथ ही नवजात बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया। अस्पताल प्रबंधन की ओर से आग और धुएं से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में बिजली व्यवस्था और शॉर्ट सर्किट के कारणों की भी जांच की जरूरत महसूस की जा रही है। SNCU जैसे संवेदनशील वार्ड में अचानक आग और धुआं भरने की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां गंभीर हालत में नवजात बच्चों को रखा जाता है, जिनमें कई बच्चे ऑक्सीजन और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में समय रहते निकासी और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। फिलहाल सबसे राहत की बात यह रही कि अस्पताल कर्मियों ने समय रहते कार्रवाई करते हुए सभी नवजातों को SNCU से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक लोगों की भीड़ और हलचल बनी रही।5