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उत्तर प्रदेश के मौदहा नगर में दस दिवसीय मोहर्रम आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसके बाद देर रात कर्बला में नम आंखों से ताजिए सुपुर्द-ए-आब किए गए। नगर के सभी ताजिए देर रात तक कर्बला पहुंचे, जहां फातिहा के बाद उन्हें पानी में विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा मौदहा नगर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा। इस भावपूर्ण अवसर पर हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की याद में नम आंखों से ताजिए को विदा किया। आयोजकों द्वारा जगह-जगह लंगर, शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।
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उत्तर प्रदेश के मौदहा नगर में दस दिवसीय मोहर्रम आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसके बाद देर रात कर्बला में नम आंखों से ताजिए सुपुर्द-ए-आब किए गए। नगर के सभी ताजिए देर रात तक कर्बला पहुंचे, जहां फातिहा के बाद उन्हें पानी में विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा मौदहा नगर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा। इस भावपूर्ण अवसर पर हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की याद में नम आंखों से ताजिए को विदा किया। आयोजकों द्वारा जगह-जगह लंगर, शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।
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- उत्तर प्रदेश के मौदहा नगर में दस दिवसीय मोहर्रम आयोजन शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुआ, जिसके बाद देर रात कर्बला में नम आंखों से ताजिए सुपुर्द-ए-आब किए गए। नगर के सभी ताजिए देर रात तक कर्बला पहुंचे, जहां फातिहा के बाद उन्हें पानी में विसर्जित किया गया। इस दौरान पूरा मौदहा नगर 'या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठा। इस भावपूर्ण अवसर पर हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे, जिन्होंने इमाम हुसैन की याद में नम आंखों से ताजिए को विदा किया। आयोजकों द्वारा जगह-जगह लंगर, शरबत और पेयजल की व्यवस्था की गई थी। साथ ही, पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।1
- ताजिया और मोहर्रम के नाम पर की जा रही 'खुराफात' पर एक संदेश में सीधे 'मोमिनों' और 'ईमान वालों' से सवाल किया गया है। इसमें पूछा गया है कि यह किस तरह की खुराफात है।1
- बांदा के तिंदवारी थाना क्षेत्र के सिंहपुर गांव के निवासी दिव्यांग धर्मेंद्र ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, 14 महीने पहले हुई मारपीट और मोबाइल तोड़े जाने की एक घटना में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। जब वे डीआईजी के निर्देश पर इंसाफ़ की उम्मीद में थाने पहुंचे, तो उन्हें कथित तौर पर अपमान, मारपीट और धमकियों का सामना करना पड़ा और उन्हें बिना न्याय के लौटना पड़ा। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह केवल एक व्यक्ति का दर्द नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी पीड़ित की रक्षा करना है। दूसरी ओर, थानाध्यक्ष संदीप पटेल ने इन सभी आरोपों को सिरे से निराधार बताते हुए इसे ₹6000 के लेन-देन से जुड़ा एक विवाद बताया है। इस स्थिति में, असली सवाल यह नहीं है कि कौन क्या कह रहा है, बल्कि यह है कि सच आखिर कहाँ दबा पड़ा है। लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि लोकतंत्र में न्याय केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि एक निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के माध्यम से स्थापित होता है। सबसे पीड़ादायक पहलू यह है कि यह दिव्यांग व्यक्ति अब अपने परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी देने को मजबूर होने की बात कह रहा है। यदि किसी नागरिक को अपनी फरियाद सुनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने की चेतावनी देनी पड़ती है, तो यह केवल उसकी बेबसी नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक तीखा कटाक्ष है। अब प्रशासन के सामने चुनौती केवल इन आरोपों का जवाब देना ही नहीं है, बल्कि यह साबित करना भी है कि कानून की चौखट पर न्याय बिकता नहीं, बल्कि मिलता भी है, और वर्दी का सम्मान उसके अधिकार से नहीं, बल्कि उसके आचरण से तय होता है।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में भीषण गर्मी के कारण विद्युत ट्रांसफार्मरों में आग लगने से बीते रात घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इमिलिया के वार्ड संख्या 9 और डाक बंगला के समीप हुई इन घटनाओं के चलते स्थानीय निवासियों को गर्मी और उमस के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। विद्युत विभाग के अवर अभियंता कार्तिकेय त्रिपाठी ने इस बात की पुष्टि की कि बीती रात दो विद्युत ट्रांसफार्मरों की केबलों में आग लग गई थी, जिससे आपूर्ति बाधित हुई। उन्होंने बताया कि यह समस्या अत्यधिक गर्मी के कारण ट्रांसफार्मरों के गर्म होने से पैदा हो रही है और ऐसे मामले कई अन्य जगहों पर भी सामने आ रहे हैं। विद्युत कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त किया और आपूर्ति बहाल की, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।1
- दस मोहर्रम यौमे आशूरा के अवसर पर पूरे जनपद में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके 72 साथियों को अश्कबार आँखों से ख़िराज-ए-अकीदत पेश की गई।1
- बांदा जिले में तेज रफ्तार ट्रक के कहर के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मटौध थाना क्षेत्र के गौरहार रोड स्थित चमरहा पुलिया के पास हुई, जहाँ दोनों युवक अपनी भांजी की शादी का सामान लेने जा रहे थे। इस हृदयविदारक दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों में गहरा कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, जिसने शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश में जुट गई है।4
- मौदहा नगर में नवमी मोहर्रम के अवसर पर मरहूम हाजी हकीमुद्दीन के बड़े इमामबाड़ा से कदीमी ताजिया जुलूस निकाला गया। इस दौरान पूरा नगर 'या हुसैन' के नारों से गूंज उठा, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और मातमी धुनों के बीच गम का इजहार किया। निजामी जामा मस्जिद पहुंचने के बाद अलाव कूदने की परंपरा निभाई गई। कर्बला के शहीदों की याद में छोटे-बड़े, बुजुर्ग और बच्चों ने आग का मातम किया। इस आयोजन को देखने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी, एडीएम, एसडीएम, सीओ, कोतवाली प्रभारी सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा।1
- हमीरपुर जिले के सुमेरपुर कस्बे में भीषण गर्मी और बिजली के बढ़ते लोड के कारण बस स्टैंड के पास लगे एक ट्रांसफॉर्मर में अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट इतना तीव्र था कि ट्रांसफॉर्मर से काफी देर तक चिंगारियां निकलती रहीं और आतिशबाजी जैसा नजारा बन गया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में भारी अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ब्लास्ट के बाद लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि यह हादसा भीषण गर्मी और ओवरलोड के कारण ट्रांसफॉर्मर में आई खराबी के चलते हुआ। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के भी हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था की नियमित जांच और ट्रांसफॉर्मरों के समय पर रखरखाव की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।1