पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट ट्रक चालक की हत्या: हाईवे पर लूट के लिए बेरहमी से पीटा, लाठियों-सरियों से सिर फोड़ दिया – अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गई जान मथुरा। भारतीय राजमार्ग अब सुरक्षित यात्रा का रास्ता नहीं, बल्कि लूट-खसोट और खूनखराबे का अड्डा बन चुका है। मथुरा के भरतपुर कट हाईवे पर एक बार फिर दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुड़गांव से बेंगलुरु माल लेकर जा रहे ट्रक चालक अनूप कुमार को लूटपाट के इरादे से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया। हमलावरों ने लाठियां, डंडे और सरिए से उसका सिर फोड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का विवरण बेहद खौफनाक है। अनूप कुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुंजलपुर, थाना जलेसर , जिला एटा, गुड़गांव से माल लदा ट्रक लेकर बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। मथुरा थाना हाईवे क्षेत्र के भरतपुर कट पर पीछे से एक बलैनो कार तेजी से आई और ट्रक को जबरन रोक दिया। कार से उतरे बदमाशों ने ट्रक को लूटने की कोशिश की। चालक अनूप ने विरोध जताया तो गुस्साए अपराधियों ने उसे ट्रक से उतारकर लाठियों, डंडों और सरियों से जमकर पीटना शुरू कर दिया। हमले इतना क्रूर था कि चालक खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। इसी बीच हाईवे पर अन्य ट्रक चालकों ने गाड़ियां रोकीं और घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख बदमाश घबरा गए और चालक को मरता-कूटता छोड़कर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अनूप को तुरंत मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें, खोपड़ी फटना और अंदरूनी रक्तस्राव जैसी बातें सामने आई हैं – साफ संकेत कि मारपीट जानलेवा थी।पुलिस अब तक असफल, बदमाश बेखौफ घूम रहेथाना हाईवे पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बलैनो कार और हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला। बदमाश पुलिस की पहुंच से दूर बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि हाईवे पर लूट की ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी खुलेआम वारदात अंजाम दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईवे अब ड्राइवरों के लिए कब्रिस्तान बन चुके हैं। लूट, मारपीट, हत्या – सब कुछ निर्भीक होकर हो रहा है। प्रशासन की नाकामी से हजारों ट्रक चालक रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं। सवाल यह है – कब तक चुप रहेंगे अधिकारी? कब तक हाईवे पर खून बहता रहेगा? अनूप कुमार की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे ट्रक चालक समुदाय की चीख है। न्याय हो, अपराधियों को फांसी की सजा मिले – तभी हाईवे सुरक्षित कहलाएंगे। (घटना के वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट)
पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट ट्रक चालक की हत्या: हाईवे पर लूट के लिए बेरहमी से पीटा, लाठियों-सरियों से सिर फोड़ दिया – अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गई जान मथुरा। भारतीय राजमार्ग अब सुरक्षित यात्रा का रास्ता नहीं, बल्कि लूट-खसोट और खूनखराबे का अड्डा बन चुका है। मथुरा के भरतपुर कट हाईवे पर एक बार फिर दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुड़गांव से बेंगलुरु माल लेकर जा रहे ट्रक चालक अनूप कुमार को लूटपाट के इरादे से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया। हमलावरों ने लाठियां, डंडे और सरिए से उसका सिर फोड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का विवरण बेहद खौफनाक है। अनूप कुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुंजलपुर, थाना जलेसर , जिला एटा, गुड़गांव से माल लदा ट्रक लेकर बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। मथुरा थाना हाईवे क्षेत्र के भरतपुर कट पर पीछे से एक बलैनो कार तेजी से आई और ट्रक को जबरन रोक दिया। कार से उतरे बदमाशों ने ट्रक को लूटने की कोशिश की। चालक अनूप ने विरोध जताया तो गुस्साए अपराधियों ने उसे ट्रक से उतारकर लाठियों, डंडों और सरियों से जमकर पीटना शुरू कर दिया। हमले इतना क्रूर था कि चालक खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। इसी बीच हाईवे पर अन्य ट्रक चालकों ने गाड़ियां रोकीं और घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख बदमाश घबरा गए और चालक को मरता-कूटता छोड़कर फरार हो गए। गंभीर रूप से
घायल अनूप को तुरंत मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें, खोपड़ी फटना और अंदरूनी रक्तस्राव जैसी बातें सामने आई हैं – साफ संकेत कि मारपीट जानलेवा थी।पुलिस अब तक असफल, बदमाश बेखौफ घूम रहेथाना हाईवे पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बलैनो कार और हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला। बदमाश पुलिस की पहुंच से दूर बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि हाईवे पर लूट की ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी खुलेआम वारदात अंजाम दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईवे अब ड्राइवरों के लिए कब्रिस्तान बन चुके हैं। लूट, मारपीट, हत्या – सब कुछ निर्भीक होकर हो रहा है। प्रशासन की नाकामी से हजारों ट्रक चालक रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं। सवाल यह है – कब तक चुप रहेंगे अधिकारी? कब तक हाईवे पर खून बहता रहेगा? अनूप कुमार की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे ट्रक चालक समुदाय की चीख है। न्याय हो, अपराधियों को फांसी की सजा मिले – तभी हाईवे सुरक्षित कहलाएंगे। (घटना के वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट)
- मैनपुरी में एकतरफा प्यार की सनक: छात्र का शिक्षिका पर हमला, CCTV में कैद वारदात #Mainpuri #Mainpurinews #hamarakasganj #voiceofkasganj #Ayushbhardwaj #CrimeAlert #cctv1
- पत्रकार योगेन्द्र प्रताप सिंह की खास रिपोर्ट ट्रक चालक की हत्या: हाईवे पर लूट के लिए बेरहमी से पीटा, लाठियों-सरियों से सिर फोड़ दिया – अस्पताल पहुंचते-पहुंचते गई जान मथुरा। भारतीय राजमार्ग अब सुरक्षित यात्रा का रास्ता नहीं, बल्कि लूट-खसोट और खूनखराबे का अड्डा बन चुका है। मथुरा के भरतपुर कट हाईवे पर एक बार फिर दर्दनाक वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुड़गांव से बेंगलुरु माल लेकर जा रहे ट्रक चालक अनूप कुमार को लूटपाट के इरादे से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला गया। हमलावरों ने लाठियां, डंडे और सरिए से उसका सिर फोड़ दिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना का विवरण बेहद खौफनाक है। अनूप कुमार पुत्र राकेश कुमार, निवासी कुंजलपुर, थाना जलेसर , जिला एटा, गुड़गांव से माल लदा ट्रक लेकर बेंगलुरु की ओर जा रहे थे। मथुरा थाना हाईवे क्षेत्र के भरतपुर कट पर पीछे से एक बलैनो कार तेजी से आई और ट्रक को जबरन रोक दिया। कार से उतरे बदमाशों ने ट्रक को लूटने की कोशिश की। चालक अनूप ने विरोध जताया तो गुस्साए अपराधियों ने उसे ट्रक से उतारकर लाठियों, डंडों और सरियों से जमकर पीटना शुरू कर दिया। हमले इतना क्रूर था कि चालक खून से लथपथ होकर बेहोश हो गया। इसी बीच हाईवे पर अन्य ट्रक चालकों ने गाड़ियां रोकीं और घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो बनता देख बदमाश घबरा गए और चालक को मरता-कूटता छोड़कर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल अनूप को तुरंत मथुरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोटें, खोपड़ी फटना और अंदरूनी रक्तस्राव जैसी बातें सामने आई हैं – साफ संकेत कि मारपीट जानलेवा थी।पुलिस अब तक असफल, बदमाश बेखौफ घूम रहेथाना हाईवे पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया है, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। बलैनो कार और हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला। बदमाश पुलिस की पहुंच से दूर बेखौफ घूम रहे हैं। ट्रक चालकों का कहना है कि हाईवे पर लूट की ऐसी घटनाएं रोज हो रही हैं, लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण अपराधी खुलेआम वारदात अंजाम दे रहे हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख हाईवे अब ड्राइवरों के लिए कब्रिस्तान बन चुके हैं। लूट, मारपीट, हत्या – सब कुछ निर्भीक होकर हो रहा है। प्रशासन की नाकामी से हजारों ट्रक चालक रोज मौत के मुंह में जा रहे हैं। सवाल यह है – कब तक चुप रहेंगे अधिकारी? कब तक हाईवे पर खून बहता रहेगा? अनूप कुमार की मौत सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि पूरे ट्रक चालक समुदाय की चीख है। न्याय हो, अपराधियों को फांसी की सजा मिले – तभी हाईवे सुरक्षित कहलाएंगे। (घटना के वीडियो और गवाहों के बयानों के आधार पर रिपोर्ट)2
- उत्तर प्रदेश के एटा का जलेसर में बना पटना पक्षी विहार अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि, यानी रामसर साइट में चयनित हुआ है। इसके साथ ही पटना पक्षी विहार उत्तर प्रदेश का 11वां रामसर स्थल बन गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी साझा की। रामसर सूची में शामिल होने से न केवल प्रदेश की जैव विविधता को नई पहचान मिली है, बल्कि देश के पर्यावरण संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिली है। पटना पक्षी विहार अब तक 178 पक्षी प्रजातियों और 252 से ज्यादा वनस्पति प्रजातियों का आश्रय स्थल है। जलीय पक्षियों के संरक्षण के लिहाज़ से इसके महत्व को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्था बर्ड लाइफ इंटरनेशनल ने इसे महत्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र — यानी आईबीए के रूप में भी घोषित किया है। ये इलाका पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है। विहार परिसर में प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। खजूर के घने वन और झील के किनारे पक्षियों का कलरव पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। अक्टूबर के अंत से यहां प्रवासी पक्षियों का आगमन शुरू हो जाता है। इनमें राजहंस, बार-हेडेड गूज, नीलसर, पिटेल, किंगफिशर, ब्रह्मणी डक, स्नेक बर्ड, कॉमन टील सहित कई देशी-विदेशी प्रजातियां शामिल हैं। पटना पक्षी विहार की स्थापना 1990 में हुई थी। लगभग 108 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले इस विहार को बड़ी संख्या में प्रवासी और स्थानीय पक्षियों के कारण अभयारण्य घोषित किया गया था। इसका नाम जलेसर तहसील के गांव पटना के नाम पर रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस उपलब्धि पर जनपदवासियों को बधाई दी है। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पटना पक्षी विहार का रामसर सूची में शामिल होना पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने इसे पूरे एटा जनपद के लिए गौरव का क्षण बताते हुए सभी नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। पटना पक्षी विहार की ये अंतरराष्ट्रीय मान्यता एटा को पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण के मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की ओर एक बड़ा कदम है। #etah#patnapakshibihar4
- जलेसर वीर नगर इस लड़की का वीडियो हुआ वायरल1
- सिकंदरा राव थाना क्षेत्र के फरीदाबाद गांव के निकट एक सड़क हादसा हो गया है जिसमें 30 वर्षीय भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया है आपको बता दे आज दिनांक 5 फरवरी दिन गुरुवार को भूपेंद्र पुत्र अशोक कुमार उम्र 30 वर्ष निवासी नावली अपनी मोटरसाइकिल से सिकंदरा राव से गांव की ओर जा रहा था वही पीछे से एक ऑटो जा रहा था बताया जाता है कि जैसे बाइक फरीदाबाद गांव के निकट पहुंची तो ऑटो चालक की लापरवाही से ओवरटेक करते समय उसको टक्कर मार दी, टक्कर के बाद भूपेंद्र लहूलुआन होकर वही मौके पर गिर गया यह मंजर देख लोगों की भिड़े मौके पर एकत्रित हो गई और तत्काल घायल व्यक्ति को ई रिक्शा के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जो डॉक्टरों ने घायल व्यक्ति की स्थिति देखते हुए तुरंत उपचार चालू कर दिया है1
- आगरा के थाना पिनाहट क्षेत्र के अन्तर्गत गांव अतैयापुरा में एक मासूम की कुत्ते के काटने के बाद रैबीज होने से मौत हो गई। कुत्ते ने घर के बाहर खेलते समय बच्चे के सिर और चेहरे पर काट लिया था। परिजनों ने बच्चे को एंटी रैबीज वैक्सीन भी लगवाई थी, लेकिन इसके बाद भी बच्चे में रेबीज फैल गया। दिल्ली में उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। गांव अतैयापुरा निवासी कुंवर सिंह के छह वर्षीय पुत्र अनुस उर्फ छोटू को 9 जनवरी की शाम घर के बाहर खेलते समय एक आवारा कुत्ते ने सिर में काट लिया था। परिजनो तत्काल उसे सीएचसी पिनाहट लेकर गए, लेकिन वहां पर कोई नहीं मिला। इसके बाद निजी क्लीनिक पर ले जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई। उन्होंने बच्चे को तीनों डोज लगवाई थीं। लेकिन इसके बावजूद हालत बिगड़ती चली गई। 26 जनवरी को अनुस उर्फ छोटू को तेज बुखार हुआ तो परिवार ने स्थानीय डॉक्टर को दिखाया, पर रात होते-होते बच्चे की तबियत अचानक बेहद खराब होने लगी और वह कुत्तों जैसी हरकतें करने लगा। घबराए परिजन उसे आगरा के कई अस्पतालों में ले गए, मगर उपचार से सभी ने हाथ खड़े कर दिए। आखिरकार परिवार उसे दिल्ली स्थित सफदरगंज अस्पताल लेकर पहुँचा, जहां एक फरवरी की सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अनुज की मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। लोगों ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और ग्रामीण इलाकों में समय पर बेहतर उपचार की कमी पर गहरा आक्रोश जताया है। रविवार को गमगीन माहौल में मासूम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।1
- Post by Rinku Rinku Samar1
- मैनपुरी में एकतरफा प्यार की सनक: छात्र का शिक्षिका पर हमला, CCTV में कैद वारदात #Mainpuri #Mainpurinews #hamarakasganj #voiceofkasganj #Ayushbhardwaj #CrimeAlert #cctv1